samacharsecretary.com

पटना में तेजी से फैल रहा डेंगू, रोज मिल रहे 9-12 मरीज; प्लेटलेट्स गिरने से बढ़ी चिंता

पटना बिहार की राजधानी पटना में डेंगू तेजी से बढ़ने लगा है। सितंबर के 23 दिनों में डेंगू के 140 नए मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफे से हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को नौ नए मरीज सामने आए। हर दिन नौ से 12 मरीज डेंगू से संक्रमित पाए जा रहे हैं। इस साल अब तक पटना में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 307 हो गई है। इस बार डेंगू में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर होने पर प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हैं। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। पीएमसीएच के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस सीजन में अब तक 55 डेंगू मरीजों को भर्ती किया गया है। डेंगू मरीजों के लिए 20 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। वहीं, आईजीआईएमएस में डेंगू के 79 मरीजों को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। आईजीआईएमएस में डेंगू मरीजों के लिए पांच समर्पित बेड रखे गए हैं। पटना के सिविल सर्जन डॉ.योगेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि यदि लगातार तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण हों तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर डेंगू की जांच कराएं। घर और आसपास हीं भी पानी जमा नहीं होने दें। यहां बढ़ रहे डेंगू के मरीज कंकड़बाग, हनुमान नगर, भागवत नगर, पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर, भूतनाथ रोड, बाजार समिति, मुसल्लहपुर हाट, सुलतानगंज, संदलपुर, कदमकुआं, महेंद्रू, भिखनापहाड़ी, पाटलिपुत्र, बोरिंग रोड, राजाबाजार, इंद्रपुरी, आशियाना, दीघा, एजी कॉलोनी, एसकेपुरी, तारामंडल, सिपारा, मीठापुर, अगमकुआं, बजरंगपुरी, गुलजारबाग, आलमगंज, खाजेकलां, मालसलामी, गर्दनीबाग, राजीवनगर, शास्त्रीनगर, फुलवारीशरीफ, मैनपुरा, महेंद्रू और ट्रांसपोर्ट नगर

डेंगू के बढ़ते खतरे से अमृतसर में चिंता, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी

अमृतसर. बरसाती मौसम से पहले ही अमृतसर में डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सिविल सर्जन डॉ. सतिंदरजीत सिंह बजाज द्वारा “हर शुक्रवार डेंगू ते वार” मुहिम की शुरूआत करते हुए टीमों को शहर के विभिन्न हाट-स्पॉट क्षेत्रों की ओर रवाना किया गया। ये टीमें शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी लारवा गतिविधियों, फॉगिंग, स्प्रे के साथ-साथ लोगो को जागरूक भी करेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जून माह में डेंगू का डंक गंभीर रूप धारण कर सकता है इसलिए मई माह से ही तैयारियां तेज कर ली गई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान पानी जमा होना आम बात है लेकिन यही स्थान मच्छरों के पनपने के केंद्र बन जाते हैं। यदि लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो हालात बिगड़ सकते हैं। इसलिए हर घर की जिम्मेदारी बनती है कि कूलरों, टंकियों, गमलों और छतों पर पड़े बेकार सामान में पानी जमा न होने दिया जाए। डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इलाज करवाएं : डॉ. हरजोत कौर जिला एपिडैमियोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर ने बताया कि डेंगू एक वायरल बुखार है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टियां तथा नाक या मसूड़ों से खून आना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज करवाना चाहिए। पिछले वर्ष जिले में आए थे डेंगू के 69 मामले पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 69 मामले सामने आए थे और 11 स्थानों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इससे पहले आशा वर्करों और पैरामैडीकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि जमीनी स्तर पर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। डेंगू से बचाव के लिए क्या करें? – कूलर, टंकी और गमलों में पानी जमा न होने दें। – सप्ताह में एक दिन पानी वाले बर्तनों की सफाई करें। – पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें। – मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।