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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामुहिक विवाह में वर्चुअल रूप से जुड़कर नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।          सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है।  इस अवसर पर  कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू,  मोतीराम चंद्रवंशी,  अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  अनिल ठाकुर,  नितेश अग्रवाल,  मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  संतोष पटेल,  विदेशी राम धुर्वे, सभापति मती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा मती सुषमा बघेल, बोड़ला मती बालका वर्मा, पडरिया मती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा मती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति  राज कुमार मरावी, मती पूर्णिमा साहू, मती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य मती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत  रोशन दुबे, मती राजकुमारी साहू, मती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कार  मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक  सियाराम साहू,  नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया।  बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागत छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण शहर की आपाधापी, धूल और शोर-शराबे से दूर, बस्तरवासियों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और अनमोल ठिकाना मिल गया। बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपरा और नैसर्गिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कुम्हड़ाकोट में निर्मित 'जनजातीय गौरव वाटिका' का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित कर दी गई है, जो न केवल पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है। शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण देव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  निवास मद्दी, सीसीएफ  आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी, संचालक कांगेर वैली सहित अन्य प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। लोकार्पण के पश्चात उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने वाटिका का अवलोकन किया। वन मंडलाधिकारी  उत्तम कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अतिथियों को अवगत कराया कि करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में एक हेल्थ पार्क के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसे बाद में एक भव्य वाटिका का रूप दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने यहाँ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए बनाए गए 1700 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा ज़ोन और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में बनाए गए 'गपशप ज़ोन' और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित पाँच सुंदर पगोड़ा को भी देखा, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। वाटिका भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने यहाँ की 'इको-फ्रेंडली' नीति और 'प्लास्टिक फ्री ज़ोन' के नियम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वाटिका के बीच में निर्मित तालाब और आइलैंड ने सभी का मन मोह लिया। आगंतुकों की सुविधाओं के लिए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है। वन विभाग द्वारा भविष्य में यहाँ ट्री-हाउस बनाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उपमुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा किए गए इस लोकार्पण के साथ ही अब 'जनजातीय गौरव वाटिका' बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल के रूप में अंकित हो गई है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राशि के चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से शासन ने वनांचल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और वन आश्रित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने 'वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि' के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। इसमें सबसे बड़ी राशि बकावण्ड के 'मां धारणी करणी स्व-सहायता समूह' को प्रदान की गई, जिन्हें काजू प्रसंस्करण और विपणन जैसे बड़े कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसी कड़ी में, आसना के 'गोधन स्व-सहायता समूह' को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके अतिरिक्त,  शर्मा ने घोटिया और भानपुरी के समूहों को इमली संग्रहण व प्रसंस्करण के लिए क्रमशः 13.13 लाख और 13 लाख रुपये तथा कोलेंग की समिति को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि वितरित कर स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित किया।   कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल भी प्रदान किया। उन्होंने 'राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना' के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि उनकी पत्नी स्वर्गीय भारती नाग के आकस्मिक निधन के पश्चात स्वीकृत की गई थी। उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह वितरण न केवल लाभार्थियों के लिए आर्थिक मदद है, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इस दौरान उपस्थित महिला समूहों के सदस्यों से इमली, काजू के प्रोसेसिंग की गतिविधियों का संज्ञान लेकर बाजार की उपलब्धता एवं मार्केटिंग की व्यवस्था के संबंध चर्चा किए ।

बस्तर के दुर्गम इलाकों में सालों से अधूरी 41 महत्वपूर्ण सड़कें अब हुई पूर्ण

रायपुर. ग्राम सचिवालय को पुनः प्रांरभ कर पंचायतों को किया जाएगा सशक्त उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं की तेजी से निराकरण के लिए पुनः ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे तेज गति से पीएम आवास बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां प्रतिदिन सर्वाधिक पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण अंचलों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रथम केबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। इन आवासों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताई। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले हमने संघर्ष किया था, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी, जिसमें वर्षों से अधूरे, प्रतिक्षा सूची में शेष, आवास प्लस में शामिल एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ आवासहीनों बल्कि 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास प्रदान किये गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को पीएम जनमन तथा नियद नेल्ला नार के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। राज्य में आवास निर्माण को गति देने में स्वसहायता समूह की दीदीयों ने भी अहम भूमिका  निभाई है, आवास निर्माण के लिए गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के लिए कहीं डीलर दीदी बनीं तो कहीं सेंट्रिंग प्लेट निर्माण कर गांव में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण सामाग्री की आपूर्ति के लिए 8000 से अधिक डीलर दीदी एवं घर बनाने के लिए आरसेटी द्वारा एवं प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से 5000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के समय गांव-गांव मंे वित्तीय लेनदेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा किया था, आज प्रदेश में दो चरणों में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रूपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। अब लोगों को अपना पैसा निकालने और बैंकिंग कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है।  इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थ पंचायत पोर्टल के द्वारा पंचायत करों का संग्रहण ऑनलाईन के माध्यम से भी प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है जहां पर टैक्स का संग्रहण यूपीआई द्वारा किया गया। इस संबंध में विगत दिनों केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय के सचिव के द्वारा भी इसकी सराहना करते हुए महराष्ट्र की पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही थी। अब बम्बई भी रायपुर से सीखेगा किस प्रकार प्रदेश के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति को अपनाया जा रहा है।       प्रदेश में परिसंपत्तियों का भी ऑनलाईन अभिलेखीकरण ग्राम सम्पदा मोबाईल एप द्वारा किया जा रहा है ताकि गांव में निर्मित अधोसंरचना की जानकारी ऑनलाईन प्राप्त हो एवं ग्राम विकास के लिए बेहतर योजना बनाई जा सके। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में नवीन आरक्षण प्रावधान को लागू कर त्रिस्तरीय पंचायतों का चुनाव समय पर कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है, जबकि महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में अब तक यह संभव नहीं हो पाया है।      राज्य में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए राज्य में 368 महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 137 महतारी सदन पूर्ण हो चुके है। सरकार ने घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए पंचायत सचिवों की नवीन वेतनमान के अंतर की एरियर्स राशि लगभग 49.30 करोड़ रूपए प्रदान किया है। पीएम जनमन सडकों के निर्माण में स्वच्छताग्रही दीदियों से प्राप्त वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर महासमुंद जिले में अमेटी से कमारडेरा, डूमरपाली से कमारडेरा, मामा भांचा से कमारडेरा, जोरातराई से कमारडेरा सड़के बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों 41 ऐसी सड़कें थी, जो कई वर्षों से नहीं बन पायी थी आज उनका निर्माण पूर्ण हो गया है। आठ साल से लंबित सुकमा जिले की ताड़मेटला के तुमड़ीपारा सड़क, दंतेवाड़ा की 20 सालों से अधूरी कटेकल्याण कापानार रोड़ से नडेनार को पूर्ण किया  गया है।    उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार विशेष पिछड़ी जनजाति की बसाहटों को जोड़ने के लिए पीएम जनमन द्वारा 807 सड़कें बनाई जा रहीे है। जशपुर के मनोरा विकासखंड स्थित दुर्गम पहाड़ी में बसे बंधकोना बी के पहाड़ी कोरवा एवं कवर्धा के शंभुपीपर में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बसाहटों तक सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय के चौथें चरण में लगभग 2500 कि.मी. से अधिक लंबाई की सड़कें राज्य में बनाई जाएगी। इन सड़कों के निर्माण की मॉनिटरिंग इसरो एवं जियो इमेजिंग के माध्यम से कराने हेतु योजना का निर्माण किया गया है जिससे मुख्यालय से ही राज्य में कहीं भी बन रही सड़कों की मॉनिटरिंग किसी भी समय की जा सकेगी।  उन्होंने बताया कि राज्य की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राज्य के महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ‘ का संचालन प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा हैै। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का मानकीकरण कर उनकी मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए ‘छत्तीसकला‘ ब्रांड बनाया गया है। बस्तर की महिलाएं गांव में होने वाले वनोपजों का प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग का कार्य भी स्वयं कर रही है। आने वाले समय में दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में भी ये महिलाएं अपने उत्पाद बेचती नजर आएंगी।  स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अतंर्गत राज्य में 1.86 लाख परिवारों के लिए शौचालय निर्माण पूर्ण … Read more

बीजापुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- नई ऊर्जा और रणनीति से विकास में जुटें अधिकारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियद नेल्ला नार योजनान्तर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि माओवाद के समूल उन्मूलन के बाद लोगों में विश्वास जगाना और विकास कार्यों में तीव्रता लाना आवश्यक होगा। अब समय बहुत कम है, इसलिए शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नई ऊर्जा, नई रणनीति और जनकल्याण की भावना के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंचेंगी, जिसमें जिला, विकासखण्ड और मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है, जहां शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि बीजापुर में अब शांति और सुरक्षा की स्थिति सुदृढ़ हो रही है, जिससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले की तुलना में अधिक सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण लगातार किया जा रहा है और बस्तर संभाग का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। कलेक्टर संबित मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, संचालक अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत

रायपुर : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत सिरपुर आकर गौरव की अनुभूति हो रही है-केंद्रीय मंत्री शेखावत रायपुर भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज जिला महासमुंद अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर के दौरे पर रहे। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल भी उनके साथ उपस्थित रहे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत का सिरपुर हेलीपैड पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभास कुमार एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।   केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री शेखावत ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला एवं स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। आनंद प्रभु कुटी विहार, सुरंग टीला, तिवरदेव विहार, लक्ष्मण देवालय स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे  पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यहां आकर गौरव की अनुभूति हो रही है। सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने का प्रयास जारी है। यहां की ऐतिहासिक, पुरातत्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारे समृद्ध संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है। इसके  संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा।  इस दौरान उन्होंने विभिन्न विहारों और मंदिरों के अवशेषों की वर्तमान स्थिति को सहजने और संरक्षित करने पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने  गंधेश्वर  मंदिर पहुंचकर  गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर देश के समृद्धि की कामना की।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य  बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार एवं राजस्व व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है, ताकि यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सके। आज भोरम देव कॉरिडोर का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी एवं विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु  महत्वपूर्ण सुझाव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संस्कृति एवं पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सिरपुर प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा महानदी के तट पर बसी एक प्राचीन नगरी है, जिसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक फैला हुआ है। यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है और यहां हिंदू, बौद्ध व जैन तीनों धर्मों के तीर्थ, मठ, मंदिर और विहारों का दुर्लभ संग्रह मिलता है। खुदाई में यहां 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बुद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं।  लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है। रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है। तिवरदेव विहार एक प्राचीन बौद्ध विहार है, जो 7वीं-8वीं सदी का बताया जाता है। यह बड़े पैमाने पर ईंटों का बना हुआ था और खुदाई में इसका अवशेष मिला है। बौद्ध संप्रदाय से जुड़ा यह विहार सिरपुर में बुद्ध के अनुयायियों द्वारा ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाओं के लिए उपयोग में लाया गया था। आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर का एक प्रमुख बौद्ध स्थल है, जिसे भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा स्थापित किया गया था। यह विहार 14 कमरे वाला एक बड़ा बौद्ध मठ है, जिसमें एक मुख्य प्रवेश द्वार और सुंदर नक्काशीदार स्तंभ पाए गए हैं। यहां बुद्ध की एक विशाल मूर्ति और अन्य बौद्ध प्रतिमाएँ मिलती हैं। सुरंग टीला सिरपुर का एक अनोखा पुरातात्विक स्थल है, जिसमें प्राचीन काल के मंदिर के अवशेष मिले हैं। यह 7वीं सदी का मंदिर था, जिसमें 5 गर्भगृह पाए गए हैं। इन गर्भगृहों में शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा स्थित है, जो इस धार्मिक स्थल की विविधता को दर्शाता है।

उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती– उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित उप मुख्यमंत्री ने की स्कूल भवन, सायकल स्टैंड, समतलीकरण, सीसी रोड, मुरमीकरण, मंच निर्माण की घोषणा  रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला आज शहर से लेकर गाँव तक चौमुखी विकास कर रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम कोको में 2 करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से 4.30 किमी लंबे मोहगांव–छांटा–कोको सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया।         यह सड़क केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। वर्षों से सड़क संपर्क के अभाव में रहे ग्रामीणों के लिए यह निर्माण नई उम्मीद, नया अवसर और नया भविष्य लेकर आएगा। ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री  शर्मा से आग्रह किया था, जिसे उन्होंने प्राथमिकता देते हुए मंजूरी प्रदान की। आज भूमि पूजन के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा करते हुए स्कूल परिसर के समतलीकरण के लिए 3.50 लाख रुपए, सी सी रोड के लिए 2.60 लाख रुपए, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मंच निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, सहकारी समिति पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड निर्माण, छांटा–कोको मार्ग के बीच मुरमीकरण के लिए 5 लाख रुपए,  विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।       उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है और यह परियोजना स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इस सड़क के बनने से मोहगांव–छांटा–कोको गांव के हजारों ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा। आवागमन में सुविधा होगी। बेहतर सड़कों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार के नए अवसर साकार होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों में बेहतर सड़कें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

रायपुर: कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने चिकित्सकों का किया आभार व्यक्त

रायपुर : कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों का सम्मान कर साथ किया रात्रि भोज जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को भी किया सम्मानित रायपुर कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए अपना योगदान देने वाले चिकित्सकों के सम्मान में समारोह का आयोजन उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवर्धा के जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ इस समारोह में शामिल हुए और सभी को साल फल भेंट कर सम्मानित कर सभी के साथ रात्रि भोज किया। उन्होंने सभी से कवर्धा में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को विशेष रूप से सम्मानित किया।        उन्होंने सभी को चिकित्सकों से कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सक आधे भगवान होते हैं किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं, यह काम सेवा भावना से ही किया जा सकता है। यहां कवर्धा के स्थानीय चिकित्सकों के साथ बाहर से आये चिकित्सकों ने भी कवर्धा को अपना कर यहां के लोगों की पूरे मन से सेवा की है जिसके लिए पूरा कवर्धा आपका आभारी है।         उन्होंने बताया कि कवर्धा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 50 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल हेतु 40 पद की स्वीकृति, जिला अस्पताल कबीरधाम में 16.63 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, सिटी स्कैन, अत्याधुनिक इंट्रीगेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, ओटी एवं हमर लैब में पॉवर बैकअप प्रणाली, जिला चिकित्सालय कबीरधाम की क्षमता 100 बिस्तर बढ़ाकर 220 बिस्तर करने एवं इसके लिए 258 नवीन पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेंगाखार को एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में सोनोग्राफी मशीन प्रदान किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में रहने हेतु शासकीय आवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहसपुर लोहारा में पब्लिक हेल्थ यूनिट का शुभारंभ किया गया है।उपस्वास्थ्य केन्द्र राजा नवागाँव को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तरेगाँव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया गया। सबसे अहम 318.27 करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माण की स्वीकृति मिली है जिससे अब कवर्धा मेडिकल हब बनने जा रहा है। यहां महानगरों जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।        उपमुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों को बताया कि आगामी 11 दिसम्बर को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के द्वारा कवर्धा मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित आधार शिला का शिलान्यास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए उन्होंने सभी को आमंत्रित किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात

रायपुर : निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास को मिलेगी गति– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नगर पंचायत पिपरिया को विकास की नई दिशा देते हुए कुल साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पिपरिया परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।  उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास तीनों को गति देने के लिए ये कार्य मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के साथ पिपरिया में शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और नगरीय विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह सौगात पिपरिया के आने वाले वर्षों को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया अध्यक्ष  घुरवाराम साहू जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र साहू,  मुकेश अग्रवाल,  निर्मल द्विवेदी, पार्षद कमल कांत नाविक,  सोम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।  पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 60 लाख 92 हजार रूपए की लागत से पीएम  स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, 14 लाख 83 हजार रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से जायसवाल सामुदायिक भवन, 3 करोड़ 31 लाख 90 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में चौरिया, घड़ी व अन्य चौक निर्माण – सौंदर्यीकरण, हाईमास्ट लाईट, आरसीसी नाली, सीसी रोड, बाउंड्री वाल, व्यायामशाला, सामुदायिक भवन एवं पाथवे निर्माण, 19 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में रासायनिक, प्री-विज्ञान व भौतिक प्रयोगशाला और 20 लाख रुपए की लागत से नवीन खाद्य गोदाम निर्माण का भूमिपूजन किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह सभी परियोजनाएँ पिपरिया को आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुदृढ़ नगरीय विकास की दिशा में नई गति देंगी। सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि से एक साथ  विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिपरिया अस्पताल का उन्नयन हो चुका है, वहीं सीएचसी निर्माण के लिए स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है तथा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पौने 3 करोड़ रुपए और अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीएम  स्कूल उन्नयन के लिए 1.60 करोड़ रुपए का भूमिपूजन, प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक शिक्षण मंच कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम  स्कूलों के उन्नयन के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास की व्यवस्था और विद्यार्थियों से इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा के 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने थ्री-डी तकनीक के माध्यम से विज्ञान विषय को पढ़ाने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे अत्यंत प्रतिभावान होते हैं और आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद नगर विकास कार्यों को नई गति मिली है और पिपरिया में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। स्वास्थ सुविधा में हो रहा तेजी से विस्तार उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी सौगात मिली और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों हेतु तैयारी की जा रही है और 60 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिपरिया एवं तरेगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु 52–52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। बच्चों के लिए 50-सीटर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर, तथा सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है। बोडला में सोनोग्राफी सेवा आरंभ की गई है। पिपरिया सहित दो स्थानों पर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। नया बस स्टैंड एवं मेडिकल कॉलेज को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए घोटिया रोड सहित गौरव पथ के दोनों मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है। जनसहभागिता से स्वच्छ और समृद्ध जिला का होगा  निर्माण उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भोरमदेव विद्यापीठ निःशुल्क कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया गया है। कवर्धा के प्राचीन बूढ़ा महादेव परिसर में कांवरिया श्रद्धालुओं हेतु सुविधाओं के निर्माण का कार्य किया जाएगा। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा में विकास कार्यों की गति निरंतर तेज हो रही है। रायपुर–बिलासपुर–राजनांदगांव मार्ग को फोरलेन में विकसित करते हुए कवर्धा प्रवेश मार्ग को उच्च स्तरीय स्वरूप देने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के सभी हिस्सों में संतुलित एवं व्यापक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वच्छता के क्षेत्र में जनसहयोग आवश्यक है। प्रत्येक वार्ड और हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए जनजागरण तथा सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया … Read more

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 को 7 करोड़ की विकास योजनाओं की मिली स्वीकृति

रायपुर जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य  कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : विश्व शौचालय दिवस विशेष : गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्प लें सरपंच – उपमुख्यमंत्री  शर्मा राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भ रायपुर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में परिवार का पूरा ध्यान घर की महिला ही करती हैं इसी प्रकार अब आपके गांव भी आपका परिवार हैं जिनके लिए कृतसंकल्पित होकर आपको कार्य करना है। व्यवस्था में परिवर्तन कर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदत ओर व्यवहार त्र में परिवर्तन लाना होगा। गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ सेवक बनकर कार्य करना होगा।        स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायुपर स्थित निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा में जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस शुभारंभ किया।  राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा        स्वच्छता लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान          उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि गांव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो कार्य करेंगे वो आपके और गांव के स्वजनों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा इसलिए हम सभी को गांव में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। लोगों के मनोभाव को बदलकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाना है।  उन्होंने सभी सरपंचों को हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित करने एवं सभी की मरम्मत करवाने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों को स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की। देश में पहली बार स्वच्छ पंचायत मानक निर्धारण हेतु बना टूल एवं डैशबोर्ड        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण हेतु नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा।  इस टूल और डैशबोर्ड में अपनी पंचायत की स्वछता एवं जल की स्थिति का आंकलन करेंगे, इससे ना केवल हमें पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चल सकेगा बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति जवाबदेही से भी अवगत होंगी। हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का शुभारंभ किया उपमुख्यमंत्री ने       ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालयों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का भी शुभारम्भ किया। इस अभियान में समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन हेतु निरंतर जनजागरूकता के लिए 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक स्वच्छ संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाएगा।         इस अवसर पर प्रमुख सचिव मती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक  अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वछता विशेषज्ञ  सुजोय मजुमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन  डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वछता विशेषज्ञ सु श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ  अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।