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धान खरीदी सीज़न की शुरुआत: अरुण साव ने की व्यवस्था सुदृढ़ होने की बात, पहले दिन 20 हजार क्विंटल खरीदी

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से सुचारु रूप से धान खरीदी प्रारंभ हुई है. और पहले ही दिन अलग-अलग सहकारी सोसायटी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के किसान पूरी तरह से निश्चिंत रहे, सरकार ने धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से दिक्कत ना हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारी पूरी तत्परता से व्यवस्था संचालन में जुटे है. साव ने कांग्रेस के खरीदी केंद्रों के निगरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है, वो क्या निगरानी करेंगे. दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल के सरकार में नहीं दिया. चार किस्त में देते थे, और चौथी किस्त में कटौती करते थे. छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेसियों की नियत अच्छी तरह से जानते है. बिहार में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं के प्रचार वाले विधानसभा सीटों में हार पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की विश्वनीयता समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी विशेष रूप से जनता से बार-बार नकारे गए हैं. ऐसे में दूसरे राज्य की जनता इन पर कैसे भरोसा करेगी. जबकि छत्तीसगढ़ के हम भाजपा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता वहां के संगठन के लोगों के साथ मिलकर उनके सहयोग से प्रचार में गए और ऐतिहासिक परिणाम बिहार में आया है. बिहार की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है. उप मुख्यमंत्री साव ने सुकमा में तीन नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने पर सुरक्षाबलों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है. हमारे सुरक्षा बल के जवान लगातार जंगलों में ऑपरेशन चला रहे है. और निश्चित रूप से मार्च 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को बधाई देता हूं. वे दुर्गम इलाकों में जाकर नक्सल उन्मूलन का काम कर रहे हैं.

उप मुख्यमंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से किया संवाद भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कन्या महाविद्यालय रीवा परिसर में गोकुलदास एक्सपोर्ट द्वारा दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप सब प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर उपलब्ध कराया जाए। सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में निर्धन वर्ग की लड़कियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियाँ अतंर्राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को बताया गया कि अभी तक केन्द्र से 30 प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाओं को बैंगलोर में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रीवा से बैंगलोर जाना आसान हो जाएगा। आगामी 22 दिसम्बर से रीवा से इंदौर के लिए वायु सेवा प्रारंभ हो जाएगी और इंदौर से लोगों को सीधे बैंगलोर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगी तो गोकुलदास कंपनी की इकाई रीवा में स्थापित करने के प्रयास होंगे। प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षणार्थियों को आवास व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी के कपड़े पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं, जहाँ रीवा से प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 लड़कियों को रोजगार के अवसर मिले हैं। निरीक्षण के समय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, गौसंवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, केके गर्ग सहित प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने रोडवेज भर्ती विस्तार को लेकर उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखाकर राजस्थान रोडवेज में चालक-परिचालक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग उठाई। बाड़मेर जिले शिव से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) में परिचालक भर्ती के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखा है। विधायक भाटी ने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले 12 वर्षों में राजस्थान रोडवेज में भर्ती प्रक्रियाएं लगभग ठप रहीं। जिससे विभाग की कार्यक्षमता और सेवा प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ा है। भाटी ने लिखा है कि वर्ष 2013 के बाद से नियमित भर्ती न होने के कारण विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 11 हजार पद रिक्त हैं, जबकि हाल ही में घोषित भर्ती केवल 500 पदों तक सीमित हैं। इस स्थिति से यात्रियों की सुरक्षा, सेवा समयबद्धता और राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोडवेज में चालक और परिचालकों की कमी के चलते बसों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार रोडवेज का घाटा अब 45 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। विधायक भाटी ने कहा कि विभाग ने पिछले पांच वर्षों में मात्र 722 नियुक्तियां की हैं, जो अपर्याप्त हैं। उन्होंने मांग की कि परिचालक भर्ती के पदों की संख्या 500 से बढ़ाकर उपयुक्त स्तर तक की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाए। भाटी ने कहा कि यह कदम न केवल रोडवेज के घाटे को कम करेगा, बल्कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी लिखा कि नियमित भर्ती से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

विशेष शिक्षकों का फूटा गुस्सा, BRP संघ ने डिप्टी सीएम साव को सौंपी संविलियन की मांग

रायपुर उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन कराने छत्तीसगढ़ प्रदेश स्पेशल एजुकेटर संघ ने डिप्टी सीएम अरुण साव एवं शिक्षा सचिव से मुलाकात की। शासन के रवैये से नाराज होकर BRP विशेष शिक्षक संघ ने संविलियन करने की मांग की है। साथ ही तत्काल भर्ती प्रकिया पर रोक लगाते हुए 20 वर्षों से कार्यरत संविदा विशेष शिक्षकों के पक्ष में निर्णय लेने की बात कही। संघ के सदस्य सुदीप जांगड़े ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ में BRP को संविलियन का लाभ नहीं मिला। ना ही इनके लिए कोई विचार किया गया है। इस सबंध में अपनी मांग रखा है। इस दौरान प्रमुख रुप से संदीप जांगडे (संरक्षक), श्याम नारायण पाण्डेय, पूर्णिमा खोब्रागडे, कमलेश खोब्रागडे, प्रवीण चौधरी, प्रिया यादव आदि सदस्य उपस्थित रहे। संघ ने कहा, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एक कानूनी अधिकार है। जो भारत सरकार के संविधान और विभिन्न कानूनों द्वारा संरक्षित है। शिक्षा को अनुच्छेद 21ए के तहत मौलिक अधिकार (शिक्षा का अधिकार (RTE) एवं अधिनियम 2009 के तहत भी सभी विकलांग बच्चे जो 6 से 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने प्रावधानित किया गया है। इसे पूरे देश में पालन कराने भारत सरकार ने समावेशी शिक्षा नीतियां तैयार कर सभी राज्यों में भारतीय पुनर्वास परिषद एक्ट 1992 द्वारा पंजीकृत विशेष शिक्षकों की भर्ती की गई है। संघ ने बताया, छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसी नीति का पालन करते हुए शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा पहली से 12वीं तक के लगभग 78410 दिव्यांग बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण एवं बाधारहित वातावरण प्रदान करने 162 विशेष शिक्षक पद नाम (BRP) की संविदा नियुक्ति कर विगत 20 वर्षों से छत्तीसगढ़ शसन सेवा ले रही है। संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों के विनियमितिकरण / समान्य शिक्षकों के सामान वेतनमान अनुमनय कराये जाने के संबंध में रजनीश कुमार पाण्डेय व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका को उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि प्रदेश में कार्यरत संविदा विशेष शिक्षकों की स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर पद समायोजन करे एवं नए पदों की भर्ती समय सीमा में करते हुए उक्त कार्यवाही का हलफनामा प्रस्तुत करे। इसका पालन महाराष्ट्र, मणिपुर, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार आन्ध्र प्रदेश ने किया, परंतु छत्तीसगढ़ सरकार ने उक्त आदेश का पालन न करते हुए उच्च्तम न्यायालय को श्रृटिपूर्ण हलफनाम देकर प्रदेश में विशेष शिक्षकों का संविलियन नहीं किया एवं विशेष शिक्षकों की 848 पद सृजित कर 100 पदों की भर्ती विज्ञापन जारी किया है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- हिनौती गौधाम में संरक्षित शत प्रतिशत गौवंश का पंजीयन करायें

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये कि हिनौती गौधाम में संरक्षित शत प्रतिशत गौवंश का आगामी तीन दिनों में पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होंने लगभग 1200 से अधिक गौवंश की गणना कर पंजीयन कराने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने न्यू सर्किट हाउस राजनिवास में आयोजित बैठक में हिनौती गौधाम में निर्णाणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रशासनिक भवन सहित सुरभि, कपिला व कामधेनु कूल गौशेड के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के लिये प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है उनमें शीघ्र राशि जारी करें जिससे कार्य में विलंब न हो। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में प्राकृतिक खेती को प्रारंभ कराया जाय। हिनौती गौधाम में गत दिनों कराये गये वृक्षारोपण की स्थिति तथा फेंसिंग कार्य की भी जानकारी उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करें तथा गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाय। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, एसडीएम अनुराग तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री ने आचार्य आश्रम नयागांव में किया छात्रावास भवन का शिलान्यास

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने चित्रकूट में नयागांव आचार्य आश्रम में श्री बलराम दैसिक संस्कृत विद्यालय द्वारा संचालित छात्रावास के नवीन भवन का शिलान्यास किया। प्रियंबदा बिरला वैदिक एवं संस्कृत विद्यापीठ द्वारा संचालित छात्रावास के निर्माण के लिए लगभग 1 करोड रूपये से अधिक राशि का सहयोग बिरला कार्पोरेशन और विंध्या टेली लिमिटेड द्वारा किया गया है। इस अवसर पर चित्रकूट आचार्य आश्रम के श्री बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज, प्रयागराज के श्रीराम सुमनदास जी महाराज, पूर्व विधायक सेमरिया केपी त्रिपाठी, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, बालेन्द्र गौतम, प्रबल राव श्रीवास्तव, बीटीएल के रमेश सिंह, प्रधानाचार्य वेद विद्यालय सुनील शास्त्री भी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आचार्य आश्रम परिसर में स्थापित प्रियबंदा बिरला वैदिक एवं संस्कृत विद्यापीठ के छात्रावास का विधि-विधान से भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में मानव जीवन के पावन कर्तव्यों को पूरा करने में मार्गदर्शन देने के लिए संत और ऋषि परंपरा प्राचीन काल से रही है। उन्होंने कहा कि रीवा में रामानुज संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रयास किये गये हैं। ताकि विंध्य क्षेत्र के संस्कृत विद्यालयों से निकलने वाले 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की शिक्षा ग्रहण कर सके। उन्होंने बिडला और बीटीएल को क्षेत्र में औद्योगिक क्रान्ति के साथ आध्यात्मिक और धर्म के कार्यो में सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया। आचार्य आश्रम श्रीबद्री प्रपन्नाचार्य ने अपने आर्शीवचनों में कहा कि पूर्व काल से ही चित्रकूट अत्रि मुनि की तपस्या स्थली रही है। जहां भगवान श्रीराम ने अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आयु अवधि चित्रकूट में बिताई। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से चरित्र का पाठ सीखने की लालसा लेकर लोग चित्रकूट आते हैं।  

उप मुख्यमंत्री ने किया मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत लग रहे शिविरों का लिया जायजा भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को सतना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत प्रदेश के सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लग रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के विभिन्न वार्डो, आपरेशन थियेटर, पैथालॉजी, प्रसूति वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों को दी जारी उपचार सेवायें, जांच सुविधाओं और साफ-सफाई का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां के ओपीडी, आयुष्मान कक्ष, चिकित्सक कक्ष, रसोई, प्रतीक्षा कक्ष, प्रसूति वार्ड, नेत्र परीक्षण कक्ष, जनरल भर्ती वार्ड, टू्र नॉट प्रयोगशाला में डीएन एक्सटेक्शन मशीन, पैथालॉजी में सैम्पलिंग और जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं और विकासखण्ड मझगवां की स्वास्थ्य केन्द्र संस्थाओं में दी जा रही सुविधाओं और उपचार सेवाओं की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लगाये जा रहे शिविरों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करे तथा इसका बेहतर प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ दिलायें। स्वास्थ्य मंत्री ने टेली मेडीसिन के संबंध में जानकारी ली और सेटअप जमा कर इसकी निगरानी भी करने के निर्देश दिये।  

डिप्टी सीएम साव, मंत्री केदार और मंत्री चौधरी ने राज्योत्सव व प्रधानमंत्री के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्योत्सव की तैयारियों में जुटे अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को संपूर्ण आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए पूरी क्षमता और योग्यता से समय पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाना है। इसके लिए तैयारियों में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान सभी कार्यक्रमों के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए तेजी से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मूर्त रूप दें। उप मुख्यमंत्री  साव तथा मंत्रीद्वय केदार कश्यप और ओ.पी. चौधरी ने राज्योत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम स्थल पर सेक्टर्स की स्थिति, बैठक क्षमता, परिक्रमा पथ के लोकेशन एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था व पेयजल व्यवस्था के साथ ही वीवीआईपी सेक्टर की क्षमता, सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग तथा सभी कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रुपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

धर्मांतरण और चंगाई पर कड़ा रुख, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया बड़ा ऐलान

रायपुर मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर चर्चा की गई, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ जल्द सख्त कानून आएगा, जो देश में सबसे सशक्त कानून होगा. चंगाई सभा बंद होना चाहिए, यह लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है. प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3-4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाई थी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने सभी एसपी को हिदायत दी है. जिनका परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है, उन्हें परफॉर्मेंस सुधारने का आखिरी मौका दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं होने पर निर्णय लिया जाएगा. कांग्रेस के बयान पर पलटवार बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं के जाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पदयात्रा का विषय अच्छा है और भाव भी अच्छा है, लेकिन कांग्रेस नेता को यह भी बताना चाहिए कि उनके नेता ने जो पदयात्रा की थी, उसका परिणाम क्या निकला. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे जाएंगे, यह कांग्रेस छोड़ दें. हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. सीटों का बंटवारा भी पूरी तरह से हो चुका है और हम पूरी ताकत के साथ एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि वे वहां जाकर वास्तव में लड़ाई करेंगे या टिकट बेचेंगे, उम्मीद है कि इस बार वे कुछ अच्छा करेंगे.

केंद्र से बिहार को 10,219 करोड़ का कर अंशदान, सम्राट चौधरी ने धन्यवाद किया व्यक्त

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य के अंशदान (टैक्स डिवॉल्यूशन) के तहत 10,219 करोड़ रुपए की राशि जारी की है, जो विकास कार्यों को नई गति देगी। चौधरी ने कहा, ‘‘ नवरात्र के शुरुआती दिन यानी 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले मॉल एवं सेवाकर (जीएसटी) में कर की दरें कम करके देशवासियों को बड़ा उपहार दिया और अब बिहार को 10,219 करोड़ रुपए की टैक्स डिवॉल्यूशन राशि प्रदान कर राज्य के करोड़ों लोगों का मनोबल बढ़ाया है। इसके लिए समस्त बिहारवासी उनकी ओर कृतज्ञता प्रकट करते हैं।'' उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह राशि राज्य के बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय करों से वर्ष 2025-26 में बिहार को करीब 1.38 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 15वें वित्त आयोग द्वारा तय किए गए फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस फॉर्मूले के तहत प्रत्येक राज्य को कर संग्रहण में उसकी आबादी, भौगोलिक स्थिति, आय-व्यय क्षमता तथा अन्य आर्थिक मानकों के अनुरूप हिस्सा आवंटित किया जाता है। डॉ. कुमार ने कहा कि अनुमानित कुल राशि को केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान 14 किश्तों में राज्यों को वितरित करती है। इससे राज्यों के विकास कार्यों और योजनाओं के लिए नियमित रूप से संसाधन उपलब्ध रहते हैं और वित्तीय स्थिरता बनी रहती है।