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लोकमाता अहिल्याबाई ने राष्ट्रवासियों को आत्मसम्मान से जीना और लड़ना सिखाया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के गांधी हाल में पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्म जयंती उत्सव कार्यक्रम में सहभागिता की। भव्य जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई को सुशासन, लोकसेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अद्वितीय प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि लोकमाता का शासन-प्रशासन हम सबको राम राज्य की याद दिलाता है। उस समय की बड़ी-बड़ी राजसत्ताओं के सामने देवी अहिल्याबाई ने अपने राज कौशल से सुशासन के नए प्रतिमान गढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा भारत जिस नए सांस्कृतिक और धार्मिक जनजागरण का साक्षी बन रहा है, उसकी नींव लोकमाता ने लगभग तीन शताब्दी पहले ही रख दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने न केवल एक कुशल शासक के रूप में, वरन् धर्म, समाज और संस्कृति की ममतामयी संरक्षक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कर भारतीय आस्था और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने आस्था और अर्चना के प्रतीक हमारे मंदिरों की पुनर्स्थापना कर धर्म की रक्षा की तथा लोककल्याण को शासन का मूल आधार बनाया। उन्होंने भारतीयों को आत्मसम्मान के साथ जीना और इसके लिए लड़ना भी सिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर की दो विभूतियों म.प्र. उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति  आनंद सिंह बहरावत और न्यायमूर्ति  हिमांशु जोशी को 'अहिल्या गौरव सम्मान' से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने यहां फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता धर्म का मर्म समझती थीं। वे उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली दूरदर्शी शासक थीं। राजनीति, कूटनीति, वित्तीय प्रबंधन और अर्थव्यवस्था पर उनकी गहरी समझ थी। उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि महेश्वरी साड़ियां आज विश्वभर में भारत की समृद्ध एवं बेजोड़ परिधान कला और उद्यमिता का गौरव बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी लोकमाता द्वारा बताये गये लोकसेवा और जनकल्याण के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के समग्र सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इंदौर की पुलिस बटालियन नंबर-1 का नाम अहिल्याबाई बटालियन रखा है। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजबाड़ा में ही कैबिनेट बैठक की और भोपाल में वृहद महिला सम्मेलन भी आयोजित किया था। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में लोकमाता के योगदान का उल्लेख कर उन्हें कुशल प्रशासिका, सुशासन की अग्रदूत और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता की जन्म स्मृति में इस भव्य एवं सफल आयोजन के लिए नगर निगम इंदौर एवं सहयोगी संस्था अवोम भारत के पदाधिकारियों को बधाई दी। इंदौर के महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर लोकमाता की कर्मस्थली रहा है। उन्हीं के पुण्य प्रताप से इंदौर स्वच्छता के मामले में सुपर लीग में आ चुका है। क्लीन एयर इनीशियेटिव में भी इंदौर आगे है। इंदौर अब डिजिटल सिटी बनने जा रहा है। यहां हर दिशा में विकास कार्य हो रहे हैं। वर्ष 2029 तक इंदौर की जल क्षमता दुगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या उत्सव 2026 लोकमाता को सच्ची श्रद्धांजलि है। हम उन्हीं के बताए सद्मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। अहिल्या उत्सव 2026 कार्यक्रम के आरंभ में करीब 150 सदस्यों के एक आर्केस्ट्रा समूह द्वारा बांसुरी एवं अन्य वाद्य यंत्रों के सुमधुर वादन से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की आकर्षक संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इसके बाद  ब्रजेश ब्रज ने अपने समूह के साथ गणेश वंदना प्रस्तुति दी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद  शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सु उषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक  महेन्द्र हार्डिया, विधायिका  मालिनी गौड़, विधायक  मधु वर्मा, विधायक  राकेश गोलु शुक्ला,  प्रताप करोसिया,  सावन सोनकर,  गौरव रणदिवे, डॉ. निशांत खरे,  श्रवण चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा लोकमाता देवी अहिल्या बाई पर बनी फिल्म को दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में मिला सम्मान

भोपाल  देश की राजधानी दिल्ली में मध्यप्रदेश संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा देवी अहिल्या बाई की ३०० वीं जयंती के अवसर पर निर्मित फिल्म लोकमाता देवी अहिल्या बाई को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 के दौरान “सिनेमा के माध्यम से इतिहास संरक्षण में योगदान" से सम्मानित किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी)  तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री मती रेखा गुप्ता और कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  कपिल मिश्रा द्वारा “नाइट ऑफ ऑनर्स” समारोह में फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर को सम्मानित किया। आईएफएफडी, दिल्ली सरकार (NCT) की एक आधिकारिक सांस्कृतिक पहल है, जिसका आयोजन दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा किया जाता है। मध्यप्रदेश की संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक यह सम्मान : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला अपर मुख्य सचिव संस्कृति, गृह, जेल और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर पर आधारित फिल्म को मिले सम्मान को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर 7 मिनट की प्रभावशाली एनीमेशन फिल्म, उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप निर्मित की गई है। इसमें उनके सुशासन, धर्म संरक्षण, न्यायप्रियता और मंदिरों के पुनर्निर्माण की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर ने जताया आभार  जेवीडी एनीमेशन स्टूडियो की निदेशक एवं संस्थापक और फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर ने इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों का फिल्म निर्माण में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के निर्माण में प्राप्त मार्गदर्शन, सहयोग और विश्वास ने इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान न केवल पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणादायी इतिहास को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। फिल्म –JIO HOSTAR पर भी उपलब्ध लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर आधारित यह फिल्म उनके अद्वितीय जीवन, आदर्श शासन और जनकल्याणकारी कार्यों को केंद्र में रखती है। फिल्म में उनके न्यायप्रिय, संवेदनशील और दूरदर्शी शासन का सशक्त चित्रण किया गया है। धर्म, संस्कृति और समाज के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कार्य जैसे मंदिरों का पुनर्निर्माण और तीर्थस्थलों का विकास को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। साथ ही, यह फिल्म महिला सशक्तिकरण और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।फिल्म यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार अहिल्याबाई होलकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, नीति और सेवा भाव के साथ शासन करते हुए आदर्श नेतृत्व का परिचय दिया।यह केवल एक ऐतिहासिक कथा नहीं, बल्कि आज के समय में भी सुशासन, नारी शक्ति और सांस्कृतिक गौरव की प्रेरणा देने वाली एक सशक्त प्रस्तुति है। आर इस फिल्म को JIO HOSTAR पर देख सकते हैं।  आईएफएफडी-2026 में 30 हजार से अधिक दर्शकों ने कराया पंजीकरण आईएफएफडी-2026 में 30 हजार से अधिक दर्शकों ने पंजीकरण कराया था।सात दिनों तक चले इस महोत्सव में 100 से अधिक देशों से आई 2,187 फिल्मों की रिकॉर्ड प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें 1,372 अंतर्राष्ट्रीय और 815 भारतीय फिल्में शामिल थीं। राजधानी के 15 से अधिक स्थलों पर प्रदर्शित 125 से ज्यादा फिल्मों ने दर्शकों को विविधता और विषयवस्तु से परिचित कराया।