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बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल के निर्माण के लिए पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का 8 देशों का दौरा, जुटाएंगे फंड

छतरपुर   बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण तेजी से चल रहा है. निर्माण कार्य और हॉस्पिटल के लिए संसाधन जुटाने के लिए बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लगातार प्रयास में जुटे हैं. फंड इकट्ठा करने और डॉक्टर्स की तैनाती के मकसद से पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देश के कोने-कोने में कथाएं कर रहे हैं. इस दौरान कई उद्योगपति फंड देने की घोषणा कर रहे हैं. अस्पताल बनाने के लिए फंड की व्यवस्था कथा से मिलने वाली राशि और दानदाताओं के सहयोग से की जा रही है. मुंबई में बाबा बागेश्वर की कथा के दौरान मशहूर उद्योगपति रुइया ने भरोसा दिया है कि हॉस्पिटल बनाने की जिम्मेदारी उनका ग्रुप उठाएगा. फंड जुटाने के लिए कई देशों का दौरा करेंगे बाबा बागेश्वर हॉस्पिटल के लिए फंड जमा करने के लिए अब बाबा बागेश्वर कई देशों के दौरे पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया "मैं बागेश्वर में हमारे बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल के डेवलपमेंट में मदद करने के लिए 7 या 8 देशों के ट्रिप पर जा रहा हूं. हम अपने कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं देने की पूरी कोशिश करेंगे. इस मकसद के लिए, हम उन अलग-अलग डॉक्टरों से बात करेंगे जो इस नेक काम के लिए अपनी सर्विस देने को तैयार हैं." बुंदेलखंड का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल बनाने का काम जोरों पर चल रहा है. हॉस्पिटल का शिलान्यास बीते साल 23 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. योजना के अनुसार प्रारंभ में 100 बेड का कैंसर अस्पताल शुरू होगा. इसे 25 एकड़ में बनाया जाएगा. इसका काम 4 चरणों में चलाने की योजना है. यहां गरीबों का फ्री इलाज होगा, दवाएं भी फ्री मिलेंगी. शुरुआत में हॉस्पिटल बनने की लागत करीब 200 करोड़ रुपये रखी गई है. इसका संचालन बागेश्वर धाम सेवा समिति के साथ ही मेदांता ग्रुप करेगा. बागेश्वर के कैंसर हॉस्पिटल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी योजना के अनुसार बागेश्वर धाम में बनने वाले मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल में फूड कोर्ट, धर्मशाला, एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स, फॉर्मेसी एंड शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सोलर पार्किंग, यज्ञशाला, एंट्रेंस गेट आदि बनाए जाएंगे. हॉस्पिटल में मरीजों को एम्बुलेटरी केयर एरिया, जनरल वार्ड, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, रेडियोथैरेपी एंड कीमोथैरेपी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू आदि की सुविधाएं मिलेंगी. मरीजों और अटेंडर के लिए खाने से लेकर रहने तक की सभी सुविधाएं रहेंगी. जर्मन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल ने डेरा डाला खास बात ये है कि हॉस्पिटल के निर्माण में जर्मन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल की तकनीकी सहायता कर रहे हैं. इसके अलावा और भी कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों सहयोग करने में जुटे हैं. योजना के अनुसार कैंसर हॉस्पिटल में पैरामेडिकल स्टाफ जैसे- रेडियोलॉजी समेत अन्य स्पेशलाइजेशन के लिए धाम के बच्चों को अलग-अलग मेडिकल इंस्टीट्यूट में एडमिशन दिलाया जाएगा. किसी को सर्जरी, किसी को कीमो तो किसी को रेडियोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी. 

बदल गया बागेश्वर धाम का शेड्यूल: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताई 7 दिन की खास दिनचर्या

छतरपुर बागेश्वर धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को यह जानने के लिए उत्सुकता रहती थी कि कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार कब लगेगा। कब उनके दर्शन हो सकेंगे। तो आपको बता दें कि धाम पर अब सात दिन में पांच दिन दरबार लगाया जाएगा। जिसमें नई अर्जी, पुरानी पेशी सहित प्रेतराज का दरबार शामिल हैं। इसे लेकर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नई व्यवस्था को लेकर सात दिन की नियमावली बताई है। धीरेंद्र शास्त्री ने शेयर किया वीडियो इस नियमावली के अनुसार ही धाम पर दरबार लगाया जाएगा और अन्य कार्य किए जाएंगे। इस लेकर शास्त्री जी ने एक वीडियो जारी किया है और उस वीडियो में उन्होंने सात दिन की नियमावली बनाई है। आपको बता दें कि धाम पर देशभर से श्रद्धालु रोजाना पहुंचते हैं और शनिवार मंगलवार को तो अत्यधिक भीड़ होती है। अब लोगों को यह जानकारी रहेगी कि वह कब कौन सा दरबार लगाएंगे। रविवार को वह किसी से नहीं मिलेंगे। इस दिन वह धाम की व्यवस्थाओं पर ध्यान देंगे।   यह है धाम की सात दिन की नियमावली सोमवार- नई अर्जी का दरबार लगाया जाएगा। मंगलवार- पुरानी पेशी का दरबार लगाया। बुधवार- नई अर्जी का दरबार लगेगा। जिनके पर्चा नहीं बने उनका दरबार लगेगा। गुरुवार- हर गुरुवार को बागेश्वर धाम पर रहेंगे और श्रद्धालुओं से मिलेंगे। शुक्रवार- नई अर्जी का दरबार लगाया जाएगा। लोगों की समस्याएं बालाजी तक पहुंच सकेंगी। शनिवार- प्रेतराज सरकार का दरबार लगाया जाएगा। रविवार- धाम की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा। अन्नपूर्णा की व्यवस्था और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर ध्यान देंगे। इस दिन किसी से नहीं मिलेंगे।