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रुद्राक्ष महोत्सव: कुबेरेश्वर धाम में मंच साझा करेंगे प्रदीप मिश्रा–धीरेंद्र शास्त्री, जानें वितरण होगा या नहीं

सीहोर  कुबेरेश्वर धाम 17 फरवरी को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक गौरव का साक्षी बनने जा रहा है। धाम पर आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के अवसर पर बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन होगा। विट्ठलेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव महादेव की भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को समर्पित है। इस साल महोत्सव का स्वरूप दिव्य होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में लाखों भक्त एक साथ महादेव का पूजन और अभिषेक करेंगे। विट्ठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने बागेश्वर धाम पर पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की और रुद्राक्ष महोत्सव पर चर्चा की। पंडित शास्त्री ने कहा कि 17 फरवरी को कुबेश्वरधाम पर होने वाले भव्य महोत्सव में वह शामिल रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक लाख 80 हजार वर्ग फीट में विशाल पंडाल तैयार किया गया है। इसके अलावा लगभग 10 एकड़ भूमि पर भोजनशाला का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रुद्राक्ष से शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित किए जाएंगे। मंदिर परिसर में लाखों रुद्राक्ष से एक भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसका श्रद्धालुओं के बीच नियमित अभिषेक किया जाएगा। विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में विशेष महत्व रखेगा, जब दोनों प्रमुख कथावाचक एक मंच पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा और पूरा आयोजन महादेव की आराधना तथा संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। 80 हजार स्क्वायर फीट में बन रहा पंडाल: सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते हैं। आयोजन के लिए एक लाख 80 हजार स्क्वायर फीट का भव्य पंडाल बनाया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री होंगे शामिल विट्ठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला समेत अन्य ने बागेश्वर धाम पर पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट कर आगामी ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर चर्चा की। वहीं पंडित शास्त्री ने कहा कि आगामी 17 फरवरी को कुबेरेश्वर धाम पर होने वाले भव्य महोत्सव में वह शामिल रहेंगे। गौरतलब है कि बीते कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है। शिव महापुराण एवं सत्संग महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा। विशाल धार्मिक समागम यह आयोजन देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनेगा। दो महान विभूतियों का महामिलन विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति की ओर से आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।

धीरेंद्र शास्त्री बोले – “अगर ‘आई लव मोहम्मद’ से कोई दिक्कत नहीं, तो ‘आई लव महादेव’ से क्यों होनी चाहिए?”

 मुरैना  बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा कस्बे में आयोजित आशीर्वचन कार्यक्रम में कहा कि "हमें ‘आई लव मोहम्मद’ से कोई तकलीफ़ नहीं है, लेकिन जब ‘आई लव महादेव’ गूंजे तो किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि लोग हमें भड़काऊ कहते हैं, लेकिन हम किसी मुस्लिम या ईसाई के खिलाफ नहीं हैं। “हम कट्टर सनातनी हैं। दुख इस बात का है कि तमिलनाडु में भगवान राम का पोस्टर जलाया गया और देश में किसी ने आवाज़ तक नहीं उठाई। ऐसा करने वाले रावण के वंशज हैं और इन्हें फांसी होनी चाहिए।” "हमें सरकारी कागज़ों में नहीं, हर हिंदू के दिल में हिंदू राष्ट्र चाहिए" पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदू अब डरने वाला नहीं रहा। “हमें सरकार के कागजों में हिंदू राष्ट्र नहीं चाहिए, बल्कि हर सनातनी के दिल में हिंदू राष्ट्र की भावना चाहिए। उन्होंने जात-पात और क्षेत्रवाद पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो हालात कश्मीर जैसे हो जाएंगे। “अपने बच्चों को कार-व्यापार नहीं, संस्कार देकर जाओ। तभी धर्मविरोधी ताकतें हमारे बच्चों का मतांतरण नहीं करवा पाएंगी।” "33 करोड़ देवता हैं, नया भगवान बना लो लेकिन" उन्होंने कहा “हमारे पास 33 करोड़ देवता हैं। कम पड़ें तो नया भगवान बना लो, लेकिन किसी मजार पर चादर चढ़ाने मत जाओ।” सफाई कर्मियों से कराई आरती, 7 नवंबर से पदयात्रा प्रवचन से पहले उन्होंने जौरा नगर पालिका के 13 सफाई कर्मचारियों से हनुमानजी की आरती करवाई। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायिनी मंदिर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाली जाएगी, जो 16 नवंबर को वृंदावन में पूर्ण होगी।  

धीरेंद्र शास्त्री बोले—भक्ति और राष्ट्रवाद अंधविश्वास नहीं, देश छोड़ दें जो ऐसा मानते हैं

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में धर्म परिवर्तन कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक है और इसके खिलाफ सनातन धर्म एवं हिंदू परंपरा के सभी अनुयायी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के तीन मुख्य कारण अशिक्षा, अंधविश्वास और आर्थिक तंगी हैं। इन तीनों कारणों को दूर करने की जिम्मेदारी समाज के समृद्ध और जागरूक वर्ग की है, ताकि हिंदू समाज को मजबूत किया जा सके छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं। देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं था। अब पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, वे नेता नहीं हैं, इसलिए आमतौर पर राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करना, हनुमान भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास नहीं है। दरअसल, भिलाई के जयंती स्टेडियम में कथावाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक होगी। गुरुवार को कथा से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया है। राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करता, लेकिन… धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे कोई नेता नहीं हैं और सामान्यतः राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करते. लेकिन इस विषय पर अपनी बात रखना जरूरी समझा. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को मजबूत करना, हनुमान जी की भक्ति फैलाना और राष्ट्रवाद की जागृति लाना किसी भी तरह अंधविश्वास नहीं है. लव जिहाद और जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जनसांख्यिकीय बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समुदाय की आबादी प्रतिशत में बढ़ी है, जबकि हिंदुओं की हिस्सेदारी कम हुई है. उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो खतरा साफ नजर आएगा. लव जिहाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब बहन-बेटियां प्रभावित होंगी, तब लोगों को वास्तविक खतरे का अहसास होगा. कई क्षेत्रों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं, इसलिए अब सनातन एकता पर जोर देना जरूरी है. जशपुर-सरगुजा में चर्च के सामने लगेगा मंच धर्मांतरण के मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागृत हो रहा है. वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं और भविष्य में सरगुजा-जशपुर क्षेत्र में कथा आयोजित करेंगे, जहां बड़े चर्च के सामने ही मंच स्थापित किया जाएगा. उन्होंने धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण बताए. पहला अशिक्षा, जिसके लिए शिक्षा जागरण जरूरी है. दूसरा आर्थिक कमजोरी, जिसके समाधान के लिए समर्थ हिंदू समाज को गरीबों की मदद करनी चाहिए और गांवों को गोद लेना चाहिए. तीसरा अंधविश्वास, जिसके निवारण के लिए वे दिव्य दरबार आयोजित करते रहेंगे, ताकि हनुमान जी में लोगों का विश्वास और मजबूत हो.  अंधविश्वास में फंस जाते हैं लोग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अशिक्षा के कारण लोग जागरूक नहीं हो पाते और अंधविश्वास में फंस जाते हैं, जबकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग लालच में आकर धर्म परिवर्तन की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूजा-पाठ के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पूजा-पाठ के नाम पर कराए जा रहे धर्म परिवर्तन का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि समाज को संगठित होकर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना होगा। बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध, भारत में भी हो सकती है ऐसी स्थिति बांग्लादेश के हालात पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, दो दिन पहले वहां एक हिंदू को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया, क्योंकि वह हिंदू था। आज बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध बन गया है। भारत के सनातनी हिंदुओं से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह दिन दूर नहीं, जब भारत में भी हिंदू होना अपराध बन सकता है। यही सही समय है हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र की बात करने का। हम 9 राज्यों में हो गए अल्पसंख्यक, वे 6 से बढ़कर हो गए 28% पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक वर्ग 6% से बढ़कर 28% हो गया, जबकि हिंदू 90% से घटकर 80% रह गए। अगर अब भी खतरा महसूस नहीं हो रहा, तो शायद बांग्लादेश का नक्शा देखकर ही समझ आएगा। उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि, जब बहन-बेटियां इसमें फंसेंगी, तब खतरा महसूस होगा। देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। अब हर हिंदू को सनातन एकता पर जोर देना होगा। धर्मांतरण पर बोले- गरीब हिंदुओं को लेना होगा गोद धर्मांतरण के मुद्दे पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागने लगा है। वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं। आने वाले समय में सरगुजा-जशपुर में कथा करेंगे, जहां एशिया की सबसे बड़ी चर्च के सामने ही मंच लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के 3 मुख्य कारण हैं। अशिक्षा: इसके लिए शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। आर्थिक तंगी: समृद्ध हिंदुओं को गरीब हिंदुओं और गांवों को गोद लेकर उनकी मदद करनी चाहिए। अंधविश्वास: इसके लिए वे दरबार लगाते रहेंगे, जब तक भगवान हनुमान पर लोगों का भरोसा मजबूत नहीं हो जाता। दरबार में होगी घर वापसी, स्वेच्छा से आने निमंत्रण घर वापसी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्वेच्छा से फॉर्म भरकर 27 दिसंबर को संदेश दिया गया है। उस दिन दिव्य दरबार लगेगा और जो स्वभाव से सनातन को समझता है, वह वापस लौट सकता है। इसके लिए वे आयोजक से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, आने वाले दिनों में वे छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, मुस्लिम समाज की तरफ से किए गए स्वागत पर उन्होंने कहा कि, यह अच्छी बात है। इसके लिए वे धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाले सभी लोग सनातनी हैं और सब हिंदू हैं। संविधान … Read more

उज्जैन में सामूहिक हनुमान चालीसा: धीरेन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में 1.5 लाख पाठ का आयोजन

उज्जैन उज्जैन शहर में सीताराम आगामी 20 दिसंबर को उज्जैन में श्री बागेश्वर धाम पीठ श्री गुरुदेव धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा सनातन धर्म के नए आगम और नए रिकॉर्ड के साथ एक साथ डेढ़ लाख जन एक साथ हनुमान चालीसा पाठ का रिकॉर्ड बनाने को तैयार है मुख्य अतिथि आदरणीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संरक्षक में इंजीनियरिंग कॉलेज सुबह 9 बजे से से इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया, अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी सहित अनेक संत, महंत, महामंडलेश्वर, शिक्षाविद, चिकित्सक और विभिन्न समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मंदिरों के ध्वजों की महाआरती होगी सोशल वेलफेयर सोसाइटी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी शर्मा एवं आयोजन समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चावड़ा ने बताया कि इस अवसर पर 1008 हनुमान मंदिरों के ध्वजों की महाआरती भी की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम धुन से होगी, जिसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन में प्रमुख मार्गदर्शन पूर्व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी भावना जोशी तथा पुणे (महाराष्ट्र) से श्रीराम धुन प्रस्तुति दल का रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।

हरियाणवी रैपर का बयान: धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित टिप्पणी के बाद कहा, ‘पाखंडियों पर विचार कायम’

छतरपुर  बाबा बागेश्वर पर विवादित टिप्पणी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के हरियाणवी रैपर प्रवीण ढांडा उर्फ ढांडा न्योलीवाला ने सफाई दी है। अपने नए एल्बम पर शुरू हुई कन्ट्रोवर्सी के बीच सोशल मीडिया पर लाइव होकर सिंगर ने एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ से जुड़े विवाद पर बात की। ढांडा न्योलीवाला ने कहा- दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे। फाइल सब्मिट कर दी गई है और 24 से 48 घंटे में नया वर्जन सामने आ जाएगा। न्योलीवाला ने एल्बम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर ‘साले’ कहा। इसको लेकर सोशल मीडिया में विवाद काफी बढ़ गया था। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। गाने की लाइनें, जिस पर कंट्रोवर्सी बढ़ी… ढांडा न्योलीवाला के नए गाने की लाइनें हैं, "भगवा रंग जो मेरे राम ने नहीं पहरा होंदा, भगवान की कसम मैं फेक बाबे बहुत कूटता। बना बना पर्ची ये लाव साले अर्जी, प्राइवेट जेट लेके जावे जदे मर्जी।" इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने और बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगा ‘साले’ कहा, जिस पर विवाद खड़ा हो रहा है। कुछ परसेंट लोग हैं जो कुछ समझना नहीं चाहते बढ़ते हुए विवाद को लेकर ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जिस मुद्दे पर हम बातचीत करना चाह रहे हैं, वह आप सभी को पता होगा। पिछले दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर देख रहे होंगे कि नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ के गाने की एक लाइन को तोड़-मरोड़कर आपके सामने पेश किया जा रहा है। समझदार, सूझवान और पढ़े-लिखे लोगों को पता है कि सोसाइटी के किन इश्यूज पर हमने बातचीत की है, लेकिन कुछ परसेंट लोग ऐसे हैं जो कुछ भी समझना नहीं चाहते। 2021 के बाद मुद्दों से दूरी की वजह उन्होंने कहा कि 2021 में इन्हीं सोसाइटी के इश्यूज को लेकर उन्होंने आखिरी गाना अप टू यू किया था। अब साल 2025 आ चुका है और 4 साल गुजर चुके हैं। इसलिए इन मुद्दों को मैं नहीं छेड़ता हूं, क्योंकि हम अपनी बात रखेंगे तो समाज उसे एक्सेप्ट नहीं कर पाएगा। चाहते यह थे कि म्यूजिक के हवाले से अपने इर्द-गिर्द की सोसाइटी में जो अच्छे-बुरे काम हो रहे हैं, उन्हें यूथ और नई नस्ल के सामने रखा जाए और फिर कहीं जाकर कार्ल मार्क्स और कृष्णमूर्ति तक बात पहुंचे, लेकिन यहां जो हालात हैं, यहां कुछ भी बदलने वाला नहीं है। यूथ जाति-धर्म के नाम एनर्जी बर्बाद न करे ढांडा न्योलीवाला ने युवाओं से कहा कि एजुकेशन हासिल करो, अपनी क्राफ्ट और स्किल पर काम करो और अच्छा जीवन जीयो। जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई में अपनी एनर्जी और उम्र बर्बाद मत करो। अगर अपने घर में भी कोई गलत बोले, तो उसके खिलाफ खड़े होकर कहना कि यह गलत है। हरियाणवी आर्टिस्ट्स पर गन कल्चर के आरोप ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जब बड़े सीनियर और बुजुर्ग पॉडकास्ट में बैठते हैं और जब कोई जर्नलिस्ट या पॉडकास्ट वाला उनसे पूछता है कि हरियाणवी आर्टिस्ट के बारे में क्या कहना है, तो उनका तय डायलॉग यही होता है कि गन कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं और बदमाशी चल रही है।

पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई में पहली बार, 25 से 29 दिसंबर तक होगी कथा, तीसरे दिन विशेष दिव्य दरबार

भिलाई   इस्पात नगरी भिलाई पहली बार सनातन धर्म के ध्वजवाहक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य आगमन की साक्षी बनने जा रही है। 25 से 29 दिसंबर 2025 तक जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउंड, भिलाई में दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पंडित शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। जिसे लेकर श्री हनुमंत कथा के आयोजक एवं छत्तीसगढ़ स्वादी ग्राम उद्योग आयोग के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय द्वारा भिलाई के निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कथा के अंतर्गत 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। 5 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना: आयोजन को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. प्रतिदिन लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए विशाल डोम और पंडालों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.  राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि सेवा समर्पण समिति, दुर्ग द्वारा आयोजित इस भव्य कथा के लिए तैयारिया प्रारंभ हो गयी है, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, आयोजन समिति के अध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला के साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाजसेवी आयोजन के सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को लेकर कार्यरत हैं। इस भव्य आयोजन के लिए दुर्ग-भिलाई ही नहीं, बल्कि देश एवं पूरे छत्तीसगढ़ से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवा समर्पण समिति द्वारा विशाल एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की जा रही है-अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की क्षमता वाला भव्य डोमशेड सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग की व्यवस्था की आएगी ताकि आवागमन बाधित न हो सके। मेडिकल कैंप समेत बुजुर्गों के लिए भी कई सुविधा: आयोजक राकेश पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है. बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से ई–रिक्शा के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की सुविधा रहेगी. साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क भोजन, पेयजल एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था, सुरक्षा हेतु पूरे स्थल पर बेरीकेटिंग कथास्थल के समीप व्यवसाइयों को रियायती दरों पर स्टॉल आवंटित किए जाएंगे, जिसमें खाद्य सामग्री एवं धार्मिक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी श्रद्धालु से बाजार दर से अधिक राशि न ली जाए। इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, सिख समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, चंद्राकार समाज, देवांगन समाज, पूज्य सिंधी पंचायत चैंबर ऑफ कॉमर्स विभिन्न व्यापारिक संगठन सहित विभिन्न सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। राकेश पांडेय ने कहा कि भिलाई के पावन धरा पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन का यह पल हम सभी के लिए सौभाग्यशाली है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि देश एवं प्रदेश वासियों से दिव्य श्री हनुमंत कथा में अत्यधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर जीवन को सार्थक बनाने की अपील की है। आयोजित प्रेस वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पदम श्री अवार्ड से सम्मानित सतनामी समाज से उषा बारले, लोधी समाज से सुरेंद्र कौशिक, देवांगन समाज से पुरुषोत्तम देवांगन, कुर्मी समाज से चंद्रिका चंद्राकर, साहू समाज से खिलावन साहू, राजपूत समाज से सत्येंद्र सिंह, ताम्रकार समाज से नटवर ताम्रकार उपस्थित रहे। 5 दिन चलने वाले कथा की तैयारी शुरू सेवा समर्पण समिति यह आयोजन करा रही है। 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राकेश पांडेय ने तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय कथा में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशाल डोमशेड, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग बनाई जा रही है। 27 दिसंबर को होगा विशेष दिव्य दरबार कथा के तीसरे दिन 27 दिसंबर को पंडित धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे। इसमें वे श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं का समाधान और मार्गदर्शन देंगे। इस दिन भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारी की जा रही है। समिति के सदस्यों ने कहा कि भिलाई की पावन धरती पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य आगमन की साक्षी बनेगी। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की। बुजुर्गों के लिए ई-रिक्शा सुविधा, मेडिकल कैंप भी रहेगा समिति के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से भी भक्तों के आने की उम्मीद है। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक ई-रिक्शा से निशुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी। वहीं पूरे आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मेडिकल कैंप, प्राथमिक उपचार केंद्र और सुरक्षा प्रबंधन तैनात रहेगा। आयोजन समिति की ओर से रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क महाभंडारे की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल, शौचालय, सुरक्षा बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग–अलग टीमें काम कर रही हैं। सामाजिक संगठनों का सहयोग इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, सिख समाज, ताम्रकार समाज, देवांगन समाज, चंद्राकर समाज, पूज्य सिंधी पंचायत, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित अनेक सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है। पत्रकार वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पद्मश्री उषा बारले, सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, चंद्रिका चंद्राकर, खिलावन साहू और सत्येंद्र सिंह सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

धीरेंद्र शास्त्री की पहल: 300 लड़कियों के विवाह के लिए 1 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन, 15 फरवरी को होगा महोत्सव

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे अपनी कथाओं, बयानों, यात्रा सहित हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर एक अच्छी खबर दी है. जहां उन्होंने गरीब बेटियों की शादी कराने की घोषणा करते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बताई. बागेश्वर् बाबा ने इस आयोजन में जुड़ने की सभी से अपील की. धीरेंद्र शास्त्री कराएंगे 300 बेटियों का विवाह सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में हर साल शिवरात्रि के दिन सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस महोत्सव के माध्यम से उन गरीब बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाता है, जो बेसहारा, मातृ पितृहीन, अर्थहीन हैं. 15 फरवरी 2026 को होने वाले इस महोत्सव में 300 बेटियों को वैवाहिक बंधन में बांधा जाएगा. 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बेटियों के रजिस्ट्रेशन होंगे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के संबंध में बताया कि "इस साल 300 बेटियों का विवाह करने का निर्णय लिया गया है. विवाह के लिए 1 दिसंबर से शुरु है रजिस्ट्रेशन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच धाम के कार्यालय नंबर-5 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. इस महोत्सव में उन बेटियों के विवाह किए जाते हैं, जो बेसहारा, अत्यंत निर्धन परिवार, मातृ-पितृ हीन हैं. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में आने वाले दान से बेटियों का विवाह किया जाएगा. बागेश्वर बाबा ने कहा कि अगर देशभर के मंदिरों की दान पेटियों से बेटियों का घर बसने लगेगा, तो मानस मंदिर भी घर-घर बनने लगेगा है. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से इस आयोजन से जुड़ने की अपील की. लोगों से सही डॉक्यूमेंट्स लाने की अपील उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी रजिस्ट्रेशन कराने आएगा, वह पूरी तरह से सही दस्तावेज लेकर आए. बागेश्वर धाम की टीम घर-घर जाकर उनकी जांच करेगी. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचेगी, उतने ही जरुरतमंद की मदद होगी. 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में बड़ा महोत्सव होगा. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे.

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।

पदयात्रा रोको, नहीं तो आंदोलन होगा’ — दामोदर यादव ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

छतरपुर  भीम आर्मी और दलित पिछड़ा समाज संगठन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है। दलित और पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री की 170 किलोमीटर की पदयात्रा को रोकने के लिए पांच दिन पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख चुके हैं। अब संगठन की लीगल टीम दो दिन बाद जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर यात्रा पर रोक की गुहार करेगी। धर्म की बातें करने वाले तोड़ रहे समाज बीते दिन पत्रकार वार्ता में यादव ने कहा देश में जातिवादी राजनीति बढ़ रही है। प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। दमोह, कटनी, छतरपुर, दतिया और भिंड में दलित, पिछड़ों के साथ जातिगत घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं में एससी एसटी एक्ट की धारा लगाई हैं। संगठन की मांग है आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर कटाक्ष करते हुए कहा हैरानी की बात है कि धर्म की बातें करने वाले ही समाज को तोड़ने में लगे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र विद्रोही ने कहा हम वर्ग संघर्ष नहीं संवैधानिक व्यवस्था चाहते हैं। जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर अंकुश जरूरी है। आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने कहा जहां भी सांप्रदायिकता फैलाई जाएगी भीम आर्मी उसे सफल नहीं होने देगी। यात्रा रोकी जाए, नहीं तो आंदोलन होगा यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू कर रहे हैं 170 किलोमीटर की यात्रा 16 नवंबर को वृदावंन में समाप्त होगी। इसके जरिए समाज में सांप्रदायिकता बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा को रोका जाना चाहिए इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख है। अब दो दिन बाद संगठन की लीगल टीम यात्रा पर रोक के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगी। अगर यात्रा नहीं रोकी गई तो संगठन आंदोलन करेगा।

दिवाली से पहले बड़ा अलर्ट: धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों को लेकर दिया खास बयान

छतरपुर छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली पर पटाखे चलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दिवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान देने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने रहा है कि दीवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान ना दिया जाए क्योंकि हम बकरीद और ताजिए पर ज्ञान नहीं देते। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, दिवाली को लेकर हमारा दूसरे मजहब के लोगों से अपील है कि पटाखों को लेकर अपना ज्ञान ना पेलें। क्योंकि ना तो हम आपकी बकरीद पर ज्ञान पेलते हैं और ना ताजिए पर। तो आप होली-दीवाली पर हमें ज्ञान ना दें। ये बात उन्होंने मुंबई में सिद्धि विनायक गणेश मंदिर के दर्शन करने के दौरान दिया। उन्होंने आगे कहा, यहां के दो अभिनेता है, उनसे भी हम यही बात कहेंगे कि दिवाली है, पटाखे कम चलाने चाहिए, ये बात सही है। प्रदूषण होता है, ये बात सही है, लेकिन केवल दिवाली पर अपना ज्ञान ना दें, ये हमारी प्रार्थना है क्योंकि हम तो पटाखे फोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा की घोषणा भी की। इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, आई लव मोहम्मद बुरा नहीं है लेकिन आई लव महादेव भी बुरा नहीं है। हालांकि सर तन से जुदा जैसे बयान बिल्कुल गलत हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के आगरा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार को कहा कि हिंदुओं को एक करने, हिंदू राष्ट्र बनाने और यमुना को बचाने के लिए पैदल यात्रा की जायेगी । बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इस यात्रा का आयोजन ब्रज क्षेत्र में सात से 16 नंवबर के बीच किया जायेगा। यमुना की शुद्धि के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के मुख्य मंत्रियों से कहेंगे । यमुना मईया को निर्मल कर दो ताकि जल ठाकुर जी को चढ़ने लगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसका ना आदि है और न अंत है वहीं सनातन है। तीन हजार साल पहले पृथ्वी पर सिर्फ सनातनी रहते थे। जितने भी मजहब के लोग रहते हैं और अगर अपने पूर्वज को खंगालें तो सनातनी निकलेंगे। असली मुसलमान दूसरे देशों में हैं यहां तो सभी कन्वर्टेड हैं।