बेअदबी के तीन मामलों में बड़ा फैसला: पंजाब सरकार ने बदली SIT, DIG हरजीत सिंह बने प्रमुख
चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने वर्ष 2015 के तीन आपस में जुड़े बेअदबी मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का पुनर्गठन कर दिया है।सरकार ने बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह को नई एसआईटी का चेयरमैन नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि सरकार इन संवेदनशील मामलों की जांच को तेज गति से आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा 1 जून को जारी आदेशों के अनुसार, मलैरकोटला के एसएसपी गुरमीत सिंह, अमृतसर के एडीसीपी (स्पेशल ब्रांच) हरपाल सिंह और संगरूर (ग्रामीण) के डीएसपी दलबीर सिंह को भी एसआईटी में सदस्य बनाया गया है। आदेश में टीम को जांच जल्द से जल्द पूरी करने और लंबित बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब हरजीत सिंह को हाल ही में अक्टूबर 2015 के बहबल कलां पुलिस फायरिंग मामलों की जांच कर रही अलग एसआईटी में भी सदस्य नियुक्त किया गया है। इससे साफ है कि राज्य सरकार 2015 से जुड़े चर्चित मामलों की जांच में अनुभवी अधिकारियों पर भरोसा जता रही है। 10 जून को फायरिंग मामले की जांच टीम से जुड़ने के एक दिन बाद हरजीत सिंह ने पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह का बयान दर्ज किया था। यह बयान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा “गुनाह कबूलने” से जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में लिया गया। गौरतलब है कि सुखबीर सिंह बादल 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए थे और पार्टी व अपनी सरकार से हुई “सभी गलतियों” के लिए बिना शर्त माफी मांगी थी। अब पुनर्गठित एसआईटी की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।