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पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा, कोर्ट से मिला प्रोडक्शन वारंट

चंडीगढ़. आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे पंजाब के निलंबित डाॅ. हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उनके खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में जांच शुरू कर दी है। ईडी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दायर कर भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश करने की मांग की थी। कोर्ट ने ईडी की अर्जी पर भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। अब उन्हें नौ अक्टूबर को सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। चंडीगढ़ की मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के लिए एक नया प्रोडक्शन वारंट जारी किया है और निर्देश दिया है कि उन्हें 9 अक्टूबर, 2026 को अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर एक आवेदन पर अदालत ने बुधवार को भुल्लर के लिए पेशी वारंट जारी किया था, जिसमें चंडीगढ़ के बुराइल स्थित मॉडल जेल के अधीक्षक को उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, शहर में एक वीवीआईपी के दौरे के कारण पुलिसकर्मियों की अनुपलब्धता के चलते भुल्लर को पेश नहीं किया जा सका। ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जब भुल्लर को सीबीआई द्वारा 16 अक्टूबर, 2025 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत दर्ज भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई की एफआईआर आकाश बट्टा की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भुल्लर, जो उस समय पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे, ने पुलिस स्टेशन सरहिंद में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल व्यवहार के बदले और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शिकायतकर्ता के व्यवसाय के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, एक निजी मध्यस्थ, कृषानु शारदा के माध्यम से अवैध रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया और कथित तौर पर 16 अक्टूबर, 2025 को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर मांगे गए 5 लाख रुपये लेते हुए शारदा को गिरफ्तार कर लिया। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को पंजीकृत ईसीआईआर के संबंध में भुल्लर का प्रोडक्शन वारंट मांगा। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता एसपीएस भुल्लर और एचएस धनोआ पेश हुए। अपने आदेश में, अदालत ने कहा कि भुल्लर, जो 16 अक्टूबर, 2025 की एफआईआर के संबंध में चंडीगढ़ की मॉडल जेल में बंद है, को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि ईडी मामले में उसे अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है। तदनुसार, अदालत ने निर्देश दिया कि भुल्लर को 9 अक्टूबर, 2026 को उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए और इस संबंध में एक नया पेशी वारंट जारी किया।

DIG ऑफिस के बाहर बदमाशों का आतंक, कार के शीशे तोड़े और हवा में चलाई गोलियां

लुधियाना. लुधियाना में पुलिस के आला अधिकारियों के दफ्तर के सामने ही गुंडागर्दी और दहशत फैलाने का मामला सामने आया है। डिवीजन नंबर आठ के अंतर्गत कैलाश चौकी क्षेत्र में डीआईजी कार्यालय के बाहर आपसी विवाद को लेकर कुछ युवकों ने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उसके साथ मारपीट की, फिर उसकी कार के शीशे तोड़ दिए और जाते समय हवा में गोलियां चलाकर फरार हो गए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावर और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार साफ दिखाई दे रही है। पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में पीड़ित संनी ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ डीआईजी कार्यालय आया था। उसने अपनी कार कार्यालय के बाहर खड़ी की और कुछ अकाउंटिंग स्लिप लेने के लिए अंदर चला गया। कुछ देर बाद जब वह बाहर आया तो वहां तीन सिख युवक और एक मोना युवक पहले से खड़े थे। आरोपितों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। मिस्त्रियों को हटाने को लेकर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, युवकों ने संनी से सवाल किया कि उसने मिस्त्रियों को वहां से क्यों हटाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवकों ने उसे जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद परमजीत सिंह और दो अज्ञात युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। एक युवक ने डंडे से उस पर हमला किया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उसकी कार को भी निशाना बनाया। उन्होंने कार के शीशे तोड़ दिए और उसे नुकसान पहुंचाया। इसके बाद आरोपित अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर इलाके में दहशत फैला दी। फिरोजपुर के व्यक्ति पर हमलावर भेजने का शक पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में फिरोजपुर के गांव घिनिवाला निवासी रणबीर सिंह पर भी गंभीर शक जताया है। उसका आरोप है कि रणबीर सिंह ने ही उसे जान से मारने के इरादे से हमलावरों को भेजा था। हालांकि इस आरोप की पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात वारदात के बाद सामने आई सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो रही है। फुटेज में तीन हमलावर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

24 सितंबर को खुलेगा DIG भुल्लर रिश्वत कांड का राज, शिकायतकर्ता पहली बार कोर्ट में आएंगे

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े आठ लाख रुपये रिश्वतकांड का पूरा सच अब 24 सितंबर को सामने आएगा। शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता पहली बार चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही देने पहुंचेंगे। अदालत ने बत्ता को समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद अब शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। सीबीआई के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। हाईकोर्ट और विशेष सीबीआई अदालत से पहले लग चुका है झटका भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 10 अगस्त के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले 10 अप्रैल को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। तब अदालत ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वे दोबारा हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर को जमानत देने से साफ मना कर दिया था। रोपड़ रेंज में तैनाती और पांच लाख रुपये की रिश्वत का आरोप यह विवाद पिछले साल अक्टूबर में सामने आई एक शिकायत से जुड़ा है। उस समय भुल्लर रोपड़ रेंज के डीआईजी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने सरहिंद पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में अनुकूल व्यवहार और राहत देने के बदले एक निजी बिचौलिए के जरिए घूस की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज कर पिछले साल 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया। इस कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को रिश्वत की तय रकम में से पांच लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया, जिसके चलते उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

मध्यप्रदेश के 7 अफसरों को बड़ा प्रमोशन, 1998 बैच को मिला 2016 का IPS कैडर वर्ष

भोपाल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 1998 बैच के 7 वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति का वर्ष (कैडर वर्ष) तय कर दिया है। 27 वर्षों के लंबे सेवाकाल के बाद इन सभी अधिकारियों को आईपीएस 2016 बैच आवंटित किया गया है। आईपीएस सीनिओरिटी रूल्स 1988 के तहत 27 साल से अधिक की सेवा पर अधिकतम 9 वर्ष का वेटेज दिया जाता है। इसी नियमावली के तहत गणना वर्ष (2025) में से 9 साल घटाकर इन अफसरों को 2016 का बैच मिला है। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, यह सभी अफसर 2016 बैच के प्रमोटेड आईपीएस राजेंद्र कुमार वर्मा के ठीक नीचे और 2017 बैच के सीनियर आईपीएस अंकित जायसवाल के ठीक ऊपर रहेंगे। प्रमोट हुए अधिकारियों के नाम निमिषा पांडे, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा। पदोन्नति का फायदा सर्विस लेंथ काउंट होने से इन अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक व सिलेक्शन ग्रेड मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे वे भविष्य में डीआईजी (DIG) पद की पात्रता भी हासिल कर लेंगे।