samacharsecretary.com

पातरा अंडरपास बंद होने की आशंका के बीच राहत, दिसंबर तक चालू होगा ऐशबाग 90-डिग्री ब्रिज

भोपाल

भोपाल शहर में पातरा अंडरपास को 3 अक्टूबर से बंद किए जाने की संभावनाओं के बीच ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज को जल्द शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। पात्रा अंडरपास बंद करने की सूचना पर रहवासियों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद ट्रैफिक विभाग ने रेलवे को अंडरपास बंद करने की अनुमति नहीं दी। हालांकि रेलवे की ओर से इस हिस्से में प्लेटफार्म नंबर-1 के लिए ट्रैक का काम किया जाना है। ऐसे में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार होने के बाद अंडरपास को बंद किया जाना प्रस्तावित है। लोगों कहना है कि बोगदा पुल मार्ग पहले ही मेट्रो लाइन निर्माण के चलते बंद है, बरखेड़ी फाटक बंद हो चुका है। ऐशबाग, बाग उमराव दूल्हा, महामाई बाग, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नवीन नगर, पुष्पा नगर, आदि की करीब एक लाख की आबादी निर्भर है, वर्तमान में मंडी रोड और अंडर बाइपास रोड ही एक विकल्प है।

अंडरपास बंद होने से बढ़ता दबाव
पातरा अंडरपास शहर के इस हिस्से में आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसे बंद करने पर बरखेड़ी फाटक, बोगदापुल और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इससे भारत टॉकीज ब्रिज पर वाहनों को लोड बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो जाता।

सुधार के जो तकनीकी दिक्कतें थी, उन्हे हल कर लिया गया है। ऐशबाग ब्रिज जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है।-एआर मोरे, इंजी, ब्रिज, पीडब्ल्यूडी

यातायात की इस संभावित समस्या को देखते हुए ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज को शुरू करने की दिशा में दोबारा काम शुरू किया गया है। ब्रिज के सुधार और शेष निर्माण कार्य के तहत दो पिलर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा जरूरी तकनीकी काम भी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक इसका काम पूरा कर इसे यातायात के लिए शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

एक बंद, दूसरे को शुरू करने की चुनौती
पात्रा अंडरपास को रेलवे के ट्रैक और प्लेटफार्म विस्तार के कारण बंद किया जाना है, लेकिन उससे पहले वैकल्पिक मार्ग तैयार करना जरूरी है। ऐसे में 90 डिग्री ब्रिज को जल्द शुरू करना यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here