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पंजाब में बच्चों के लिए बड़ा फैसला, जन्म से 3 साल तक तैयार होगा डिजिटल डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 'निक्के कदम बड़ा विकास' अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत अब प्रदेश के हर नवजात और तीन साल तक के बच्चे का विस्तृत विकास रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास, पोषण स्तर और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की नियमित निगरानी की जाएगी। अभियान की शुरुआत शुक्रवार को चंडीगढ़ के होटल ललित में महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने की। डाॅ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख बच्चों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे की विकास संबंधी जानकारी आंगनबाड़ी वर्कर नियमित रूप से दर्ज करेंगी। इसके लिए पहले सभी आंगनबाड़ी वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों के विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर सकें और किसी भी प्रकार की समस्या की समय रहते पहचान कर सकें। अभिभावकों के बनेंगे व्हाट्स एप ग्रुप उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक क्षेत्र में बच्चों के अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इन ग्रुपों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावक किसी भी समय अपने बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा आवश्यक सलाह भी ले सकेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, मानसिक विकास में देरी, व्यवहार संबंधी समस्याओं या अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकारों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षणों में यह भी सामने आया है कि विकास संबंधी समस्याएं केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपन्न परिवारों के बच्चों में भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं। इसलिए यह अभियान सभी वर्गों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हर बच्चे तक योजना को पहुंचाना है लक्ष्य डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर गांव और शहर में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में 6,000 नई आंगनबाड़ी वर्करों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ एवं सशक्त पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।