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डॉ. इरफान अंसारी का मानवीय संदेश: ठंड में हजारों गरीबों को बांटे कंबल, कहा– मैं किसी का बुरा नहीं सोचता

रांची  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, इंसानियत की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। हर साल की तरह इस साल भी भीषण ठंड को देखते हुए हमने हजारों जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाया है, ताकि कोई भी ठंड से बीमार न पड़े। यह सेवा का संस्कार मैंने अपने पिता फुरकान अंसारी से सीखा है, जो हर पर्व, हर संकट में जनता के बीच जाकर उनकी मदद करते रहे हैं। "जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें" दरअसल, डॉ. अंसारी ने कड़ाके की ठंड को देखते जामताड़ा विधानसभा अंतर्गत पंचायत झिलुआ, पबिया, बाकुडीह, केन्दुआटांड़, बसपहाड़ी, पिपलाटांड़, उदयपुर, बगरूडीह और महेशपुर सहित कई गांवों में लगभग 8,000 कंबलों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा, कि ठंड में कोई भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति बीमार न पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से कहा है कि जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। विपक्ष की बातों में उलझने के बजाय जनता की आवाज सुनें और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहें। जनता आज उनके काम से खुश है और यही सबसे बड़ी पूंजी है।' "ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है" डॉ. अंसारी ने भावुक स्वर में कहा कि मैं विश्वास, मेहनत और लगन से जनता की सेवा कर रहा हूं। जब भी जनता को मेरी आवश्यकता होती है, मैं बिना बुलाए पहुंचता हूं। हजारों लोगों की दुआएं और आशीर्वाद ही मुझे भीतर से मजबूत बनाते हैं और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हैं। जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा-इस सिद्धांत पर मेरा पूरा विश्वास है। डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कुछ लोग कहते हैं कि मैं कंबल, साड़ी या वस्त्र बांटता हूं। मैं उनसे कहना चाहता हूं- ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है। जब कोई गरीब इस कंबल से ठंड से बच पाएगा और मेरे पिता फुरकान अंसारी का नाम लेगा, वही मेरी असली पूंजी है।'  

डॉ. इरफान अंसारी ने की स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियों की पुष्टि

रांची झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र के वितरण समारोह को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के लिए 'सबसे बड़ा दिन' बताया। डॉ अंसारी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ अंसारी ने कहा कि 'अब समय है कि डॉक्टरों को सम्मान मिले, उनका मनोबल बढ़े। मैंने पिछले सात महीनों में इस दिशा में एक लंबी लकीर खींची है। डॉक्टरों की प्रतिष्ठा बहाल करना हमारा उद्देश्य है।' डॉ. अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'हमारा प्रयास है कि हर गांव, हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था मौजूद है।' डॉ अंसारी ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रिम्स-2 की स्थापना के साथ-साथ छह नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे। जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनते, तब तक डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि 'एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है, ऐसे में 170 डॉक्टरों की नियुक्ति लाखों लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। वहीं डॉ अंसारी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।