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कैंसर का अनदेखा कारण: शराब – हार्वर्ड के एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों मॉडरेट ड्रिंकिंग भी सुरक्षित नहीं

नई दिल्ली  शराब पीने वाले अक्सर पीने का बहाना खोजते हैं। इतना ही नहीं उन्हें समझाना भी मुश्किल होता है। पीने वाले अक्सर यह लॉजिक देते हैं कि वह थोड़ी पीते हैं या ओकेजनल ड्रिंकर हैं। अब हार्वर्ड ट्रेन्ड गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट ने बताया है कि शराब पीने का शरीर पर क्या असर होता है। उन्होंने बताया कि रोजाना शराब पीने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तक हो सकती है। महीने में एक बार पीने वालों पर खतरा हार्वर्ड और एम्स ट्रेंड गेस्ट्रो डॉक्टर सौरभ सेठी अपने इंस्टाग्राम पर लोगों को अवेयर करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि शराब पीने के कैसे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है, जो लोक कभी-कभी पीते हैं उनको भी। डॉक्टर ने बताया, जो लोग महीने में एक बार पीते हैं उनकी नींद की क्वॉलिटी खराब हो जाएगी। डिहाइड्रेशन होगा। वीकली पीने वालों पर असर हफ्ते में एक बार पीने से लीवर में दिक्कतें शुरू हो जाएंगी। नींद की क्वॉलिटी खराब हो जाएगी। जबरदस्त डिहाइड्रेशन होगा। हफ्ते में तीन-चार बार हफ्ते में तीन से चार बार पीने से स्ट्रेस हॉरमोन कॉर्टिसॉल बढ़ेगा। इंसुलिन रेजिस्टेंस के लक्षण बढ़ेंगे यानी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाएगा। मेटाबॉलिजम धीमा पड़ेगा यानी पेट निकलेगा। चर्बी और मोटापा बढ़ने लगेगा और मेटाबॉलिजम से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाएंगी। रोजाना पीने वालों पर असर रोजाना पीने वालों का लीवर डैमज होगा। यहां तक कि लीवर फेल भी हो सकता है। मेटाबॉलिजम पूरी तरह से बिगड़ जाएगा। लीवर, पैंक्रिआज और ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाएगी। एक बूंद से ही शुरू होता खतरा लैंसेट पब्लिक हेल्थ में WHO की रिपोर्ट में भी पहले यह बात छप चुकी है कि शराब की कोई भी मात्रा सेफ नहीं होती। आप कम मात्रा में पिएं या लंबे गैप पर यह आपके शरीर पर खराब असर डालती है। एल्कोहल कितना भी महंगा या कितने भी अमाउंट में हो यह कैंसर का खतरा बढ़ाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि शराब की एक बूंद से खतरा शुरू हो जाता है। जितनी ज्यादा मात्रा होगी खतरा उतना बढ़ जाएगा। कई तरह के कैंसर के अलावा शराब पीने से डायबिटीज और हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है।

मंडला का नया कदम: शराब पीने पर भारी जुर्माना, शिकायतकर्ता को मिलेगा इनाम; नशा मुक्ति अभियान को मिली नई ताकत

मंडला मंडला जिले में नशा मुक्ति अभियान (Nasha Mukti Abhiyan) अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मोहगांव के ग्राम पंचायत कौआडोंगरी के पोषक ग्राम सकरी एवं खैरी रैयत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर संपूर्ण ग्राम को नशा मुक्त बनाने की ठानी है। गांव में ग्रामवासियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में शराब बनाने व पीने वालों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब बनाने या पीने वालों की जानकारी देने वाले को 5 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में रैली भी निकाली। महिलाओं की दिखी अधिक भागीदारी ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। इस दौरान महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी करते हुए स्पष्ट कहा कि नशे से परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए अब गांव में किसी भी कीमत पर शराब नहीं बनने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। कहीं तोड़ रहे शराब भट्टी तो कहीं लगा रहे जुर्माना ग्राम पंचायत सिंहपुर, नैनपुर, बीजाडांडी क्षेत्र के कई गांवों में भी इसी प्रकार ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर शराबबंदी का निर्णय लिया है। कुछ गांवों में तो महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए शराब की भट्टियों को तोड़कर नष्ट किया था। वहीं कई पंचायतों में यह नियम बनाया गया है कि अगर कोई शराब बेचते या बनाते पाया गया तो उस पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशा ही गरीबी, घरेलू हिंसा और बीमारियों की जड़ है। यदि इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए तो गांवों का विकास तेजी से हो सकता है। नशा मुक्ति के इस सामूहिक प्रयास से अब जिले के कई गांव आदर्श ग्राम की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शराबबंदी होने से जहां खुशहाली आएगी वहीं यहां बच्चे शिक्षा की ओर आगे बढ़ेंगे।  शराब न बेचने को लेकर समाज से ली सहमति जिला मुख्यालय से 15-20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम लफरा में विगत लंबे समय से कच्ची पक्की शराब बड़े पैमाने पर बेची जा रही थी। जिससे ग्रामीण महिलाओं ने विरोध शुरु किया तो समाज के लोग भी समर्थन में कर रहे हैं। गांव के नंदा समाज और केवट समाज ने अपनी सहमति से शराब न बेचने का निर्णय लिया है। यहां क्षेत्रीय जनपद सदस्य जानकी पुष्पकार, सरपंच विमला मरावी के साथ ही उपसरपंच, वाडाँ पंच भी शराब बंदी का समर्थन करते हुए समय समय पर जागरूकता रैली व पुलिस के सहयोग से कार्रवाई भी करा रहे हैं। मोहगांव के ग्राम कुम्हरों में भी मई माह में बैठक कर ग्रामीणों ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। शराब बनाने पर 20 हजार रुपए, उपयोग करने वालों पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम शोधन पिपरिया में भी शराब बनाने और पीने पर प्रतिबंधित करते हुए जुर्माना भी निर्धारित किया गया है।