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ड्रग फैक्ट्री की मास्टरमाइंड दिलावर की बेटी, पिता की दो पत्नियां, और याकूब का गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड होना

रतलाम   रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर  रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर बता दें कि आरोपी दिलावर पठान जावरा से सांसद चंद्रशेखर की पार्टी का सदस्य है। आरोपी दिलावर पठान 2023 में जावरा से भी विधान सभा चुनाव लड़ चुका है। जांच में सामने आया है कि दिलावर खान की बेटी बखमीना पति याकूब खान केमेस्ट्री की छात्रा रही है। पुलिस के अनुसार एमडी ड्रग बनाने के फॉर्मूले की मास्टरमाइंड वही है। ड्रग निर्माण से लेकर पूरे अवैध कारोबार में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है, जिसमें उसके पति और पिता भी शामिल थे। बताया गया है कि बखमीना राजस्थान के देवलजी में भी अपने पति के एमडी ड्रग के नेटवर्क को संभालती थी। उसका पति याकूब खान गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड फरार आरोपी बताया जा रहा है, जो लंबे समय से अपने ससुराल चिकलाना में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उसे घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सभी आरोपियों को आज (17 जनवरी) को कोर्ट में पेश करेगी। आरोपियों का पुलिस रिमांड मांगा जाएगा, ताकि इनसे आगे की पूछताछ हो सके। इनके लिंक कहां-कहां तक हैं, पुलिस ये पता करने की कोशिश करेगी। बता दें पुलिस ने गुरुवार (15 जनवरी) देर रात फैक्ट्री में छापा मारकर करीब दस करोड़ कीमती करीब 11 किलो एमडी ड्रग्स बरामद किया था। जानिए दिलावर खान ने कैसे खुद को बचाने की प्लानिंग कर रखी थी…? मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट दिलावर खान ने अपने मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट लगा रखी थीं। एक नेम प्लेट में उसने अपने नाम के साथ जय भीम, जय भारत लिखते हुए खुद को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज का संभाग अध्यक्ष बताया रखा था। वहीं दूसरी नेम प्लेट में उसने खुद को पत्रकार लिखा था। मकान में 4 अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मकान को इस तरह तैयार किया गया था कि उसमें चार अलग-अलग प्रवेश और निकासी के रास्ते थे। हर रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए, ताकि आने-जाने वालों पर लगातार नजर रखी जा सके। ग्रामीणों को पहले से ही जानकारी थी कि दिलावर खान अनैतिक गतिविधियों में लिप्त है, लेकिन उसका इतना भय था कि कोई खुलकर विरोध या शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया जा रहा था, तब गांव में लोगों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। रात ढाई बजे दबिश, महिलाओं ने किया विरोध पुलिस ने गुरुवार रात करीब ढाई बजे मकान की दीवारों पर सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान घर की महिलाओं ने विरोध किया और पुलिस के साथ झूमाझटकी तक की स्थिति बन गई। पुलिस ने इस मामले में दिलावर खान समेत उसकी पत्नी, बेटे, बहू और नौकर सहित कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ एमडी ड्रग निर्माण और अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस वर्दी और राइफल और आर्मी की आईडी मिली पुलिस की दबिश के दौरान दिलावर के घर से पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई, जिस पर दो स्टार लगे हुए हैं। इसके अलावा इंडियन आर्मी राइफल से संबंधित एक आईडी कार्ड भी मिला है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये वर्दी और पहचान पत्र किसके हैं और इन्हें किस मकसद से रखा गया था। ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश पुलिस ने बताया कि जब रात में मकान पर दबिश दी गई, उस वक्त एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को देखकर आरोपियों ने ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि पुलिस ने मौके से उस लिक्विड को भी जब्त कर लिया है। उसकी जांच कराई जा रही है। 1985-86 में दिलावर खान हत्या भी कर चुका है गांव के लोगों व पुलिस की मानें तो दिलावर के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक केस दर्ज है। हालांकि कई मामले में वह बरी हो चुका है। 1985-86 में दिलावर गांव के वरिष्ठ रुघनाथ धाकड़ की हत्या भी कर चुका है। परिवार की भी गांव में दबंगई है। पुलिस ने जिन 16 लोगों को आरोपी बनाया है उनमें सभी घर के सदस्य हैं। गांववाले बोले- दिलावर शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का चिकलाना के सरपंच प्रतिनिधि गड्‌डू सिंह चंद्रावत बताते है कि दिलावर खान शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। वह जुआ-सट्‌टा, समेत कई गतिविधियों में शामिल रहा। 2023 में गांव में भगवान देवनारायण के जुलूस को मस्जिद के बाहर से निकलने के दौरान इसने और इसके भतीजे इमरान ने रोका था। पत्थरबाजी भी की थी। ब्याज पर रकम देकर कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं गड्‌डू सिंह चंद्रावत कहते हैं, गांव में दिलावर का खौफ था। ब्याज से पैसा चलाता था। दस से 20 गुना वसूलने समेत कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं। इसमें पूरा परिवार शामिल है। एक बार पंचायत की ओर से इसे नोटिस दिया गया था। तब मेरे ऊपर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस ने कार्रवाई की है तो गांव के लोग खुशी मना रहे हैं। इससे प्रताड़ित होकर 10 से 20 लोग गांव छोड़कर भी जा चुके हैं। बड़ी-बड़ी गाड़ियां इसके यहां आती हैं। पहली पत्नी की उम्र 62 साल, दूसरी 25 साल की मुख्य आरोपी दिलावर खान (65) ने साल 2023 में जावरा विधानसभा सीट से आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था। दिलावर की दो शादियां सामने आई हैं। उसकी पहली पत्नी की उम्र करीब 62 साल बताई जा रही है, जबकि दूसरी पत्नी महज … Read more

ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, मुंबई में 12 गिरफ्तार और 12 हजार करोड़ का खुलासा

मुंबई  मुंबई से सटे मिरा-भायंदर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हैदराबाद में चल रही अब तक की सबसे बड़ी एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस फैक्ट्री से 32,000 लीटर ड्रग्स का कच्चा माल, खतरनाक केमिकल, और मशीनें भी जब्त की है। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा जब्त की गई इस खेप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 12 हजार करोड़ का माल बरामद पुलिस ने दावा किया है कि ड्रग्स का ये बड़ा नेटवर्क महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से ऑपरेट किया जा रहा था। इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने से देश भर में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तगड़ा झटका लगेगा। बता दें कि पुलिस मिरा रोड में दर्ज एक मामले की जांच में जुटी थी, महज 25 लाख कीमत के 200 ग्राम ड्रग्स की जड़ें जब खंगाली गई तो पुलिस इसके सुराग तलाशते हुए हैदराबाद की इस फैक्ट्री तक जा पहुंची और 32 हजार लीटर का कच्चा माल आदि बरामद किया। पुलिस ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 हजार करोड़ रुपए है। फल बेचने की आड़ में तस्‍करी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुछ दिनों पहले बांद्रा इलाके में केले बेचने की आड़ में ठेले पर एमडी ड्रग्स बेचने के आरोप में एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान 60 वर्ष के मोहम्मद अली अब्दुल गफ्फार शेख के रूप में हुई है और आरोपी के पास से 35 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है. इसके बाद मोहम्मद अली अब्दुल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लियागया था. नेवी को मिली थी बड़ी सफलता इस साल भारतीय नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आइएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2,500 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की थी. 31 मार्च को नौसेना को कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद अभियान चलाकर ये ड्रग्स जब्त किए गए थे. इस ड्रग्स में 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन था. यह सीलबंद पैकेटों में भरी हुई थी. पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का कनेक्शन अंडरवर्ल्ड के किसी गैंग या पड़ोसी मुल्क समेत किसी इंटरनेशनल माफिया से जुड़ा हो सकता है। इस जड़ें खंगाली जा रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। बता दें कि पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मुंबई भेजे जाते थे ड्रग्स यह ड्रग्स फैक्ट्री में तैयार किए जाते थे और फिर स्थानीय आरोपियों और एजेंट्स के द्वारा यह ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे। कैमिकल फैक्ट्री के नामपर इस जगह बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार हो रहा था। 1 महीने की निगरानी के बाद छापेमारी अनुमान के अनुसार, अब तक हजारों किलोग्राम मेफेड्रोन नामक ड्रग्स बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा चुके हैं। मुंबई पुलिस ने टिप के आधार पर मिया भयंदर पुलिस, वसाई विरार पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पिछले 1 महीने से इस पूरे प्रकरण पर नजर रखी थी। जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की। 12 लोग हिरासत में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का नाम फातिमा मुराद शेख अलियास मोल्लाह है, जिसकी उम्र 23 वर्ष के आसपास है। आरोपी महिला के पास 24 लाख रुपये के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। कौन है मुख्य आरोपी? वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी एक आईटी एक्सपर्ट है, जो कैमिकल फैक्ट्री के नाम पर इसका दुरुपयोग कर रहा था। इस ड्रग रैकेट में विदेशियों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। कैसे हुआ ड्रग फैक्ट्री का खुलासा पुलिस को पिछले कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि मीरा-भायंदर इलाके में बड़ी मात्रा में ड्रग्स तैयार की जा रही है. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाकर छापेमारी की. पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 12 लोगों को धर दबोचा. 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस को करीब 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स मिली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन ड्रग्स को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में बेचने की तैयारी की जा रही थी. बरामद ड्रग्स की कीमत करीब ₹12,000 करोड़ आंकी गई है. जोकि ड्रग्स बहुत बड़ी खेप है. मीरा-भायंदर पुलिस ने कहा कि यह हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाई है. ₹12,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त करना बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. ड्रग्स के खिलाफ सरकार सख्त पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र पुलिस और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने कई जगहों पर बड़ी ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है. महाराष्ट्र सरकार भी लगातार कह रही है कि ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. ये ड्रग्स माफिया अक्सर युवाओं को अपना शिकार बनाते है. जिसको लेकर सरकार लगातार एक्शन मोड में है. पहले भी पकड़ी जा चुकी है ड्रग्स की खेप बता दें बीते अप्रैल के महीने में साकीनाका पुलिस ने वसई की एमके ग्रीन फैक्ट्री में छापेमारी कर 8 करोड़ रुपये का 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी. इस मामले में 3 आरोपियों सादिक शेख, सिराज पंजवानी और सय्यद ईरानी की गिरफ्तारी हुई थी. वहीं बार्शी में भी ड्रग्स रैकेट पकड़ा गया था, जिसमें 7 लोगों को हिरासत में लिया गया था.  

डीआरआई की छापेमारी में बड़ा खुलासा, भोपाल की मेफेड्रोन फैक्ट्री के धंधे में अंडरवर्ल्ड की एंट्री

भोपाल  डीआरआइ के छापे के बाद सुर्खियों में आई राजधानी के जगदीशपुर स्थित मेफेड्रोन फैक्ट्री की जांच अब एनआइए की टीम भी करेगी। इस फैक्ट्री के संचालकों का अंडरवल्र्ड से कनेक्शन मिलने के बाद एऩआइए ने मामले की जांच की तैयारी कर ली है। फैक्ट्री लगाने में अंडरवर्ल्ड ड्रग तस्कर सलीम डोला का नाम सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि वही तुर्किए से बैठकर इसका संचालन कर रहा था। सलीम डोला को मुंबई के भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम का करीबी माना जाता है। उसके अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स स्मगलिंग गिरोह से भी संबंध होने की बात सामने आ रही है। मामले के अंडरवल्र्ड और विदेश से जुड़ा होने के कारण एनआइए भी इस केस की जांच करेगी। गुजरात में बनी थी राजधानी में प्लांट बनाने की योजना सलीम डोला ने गुजरात के अंकलेश्वर की फार्मा कंपनी में काम कर रहे अशोकनगर निवासी फैसल कुरैशी को इस काम के लिए चुना। फैसल के पास फार्मेसी डिप्लोमा होने से उसे केमिकल की जानकारी थी। इसके बाद सलीम के गुर्गों ने उसे गुजरात में ही कुछ दिन मेफेड्रोन बनाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद फैसलमध्यप्रदेशआया और गंजबासौदा निवासी रज्जाक खान से मिला। रज्जाक डिप्लोमा होल्डर है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दोनों ने इसके लिए भोपाल के आसपास ही जगह तलाशी, ताकि कच्चा माल आसानी से लाया जा सके। इन्हें जगदीशपुर में मौके की जगह मिली तो पांच लाख अधिक देकर मकान का सौदा कर लिया और एक लाख रिश्वत देकर बिजली कनेक्शन लगवाकर मेफेड्रोन बनाना शुरू कर दिया। फैसल ने मेफ्रेडोन बनाने की तकनीक रज्जाक को भी सिखाई। बाद में डीआरआई ने 16 अगस्त को मकान नंबर-11 पर रेड मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 61.20 किलो मेफ्रेडोन जब्त किया, बाजार में इसकी कीमत 92 करोड़ रुपए थी। साथ ही 541.53 किलो कच्चा माल भी मिला, जिससे मेफेड्रोन बनाया जाना था। महिला तस्कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में महिला तस्कर सहित सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात की महिला तस्कर के बारे में डीआरआइ को नई जानकारी मिली है। वह गुजरात की राज्य स्तर की पहलवान है और राष्ट्रीय खेलों में भी भाग ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार गैंग के सरगना इस महिला और गरीब आरोपियों का इस्तेमाल कर रहे थे। 1800 करोड़ के ड्रग्स केस से जुड़ा था सलीम, 1 लाख का इनाम घोषित भोपाल के बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया से दस माह पहले पकड़ाई फैक्ट्री का कनेक्शन सलीम डोला से था। नारकोटिक्स टीम ने जांच के बाद जो आरोप पत्र भोपाल स्पेशल कोर्ट में पेश किया था, उसके अनुसार फैक्ट्री का कर्ताधर्ता सलीम ही था। डोला पर एनसीबी ने दो माह पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से इंटरपोल उसकी तलाश कर रही थी। एनसीबी ने डोला पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है। बगरौदा फैक्ट्री से जो केमिकल मिले वैसे ही जगदीशपुर फैक्ट्री से मिले बगरौदा स्थित फैक्ट्री से जो केमिकल जब्त हुए हैं, ठीक वैसे ही केमिकल जगदीशपुर में भी मिले हैं। इंटेलिजेंस के अनुसार फिलहाल सलीम डोला ने तुर्किए के इस्तांबुल में ठिकाना बना रखा है। राजधानी के जगदीशपुरा में मेफेड्रोन ड्रग्स फैक्ट्री का काम उसका भतीजा मुस्तफा कुब्बावाला देख रहा था। सलीम पहले दाउद के खास इकबाल मिर्ची का सहयोगी रह चुका है।