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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी ड्रोन से भेज रहा हथियार और ड्रग्स

जयपुर पंजाब के बाद अब राजस्थान को नशे के दलदल में धकेलने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश सामने आई है. पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ रहा आतंकी और गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी अब राजस्थान को 'उड़ता राजस्थान' बनाने के काले मंसूबे पाल रहा है. वह भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हथियारों और घातक ड्रग्स की तस्करी कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भट्टी सोशल मीडिया के जरिए पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नाबालिग लड़कों को बरगला कर उन्हें अपने स्लीपर सेल में तब्दील कर रहा है. स्थानीय गैंग्स से मिलाया हाथ भारत में अपने पैर जमाने के लिए शहज़ाद भट्टी को देश की स्थानीय आपराधिक गैंग्स का पूरा समर्थन मिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में पंजाब की बांबिया गैंग, बब्बर खालसा और राजस्थान की रोहित गोदारा गैंग ने भट्टी से हाथ मिला लिया है. पहले भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई एक साथ काम करते थे, लेकिन अब वे अलग हो चुके हैं. भट्टी भारत में लॉरेंस को अपने रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा मानता है और उसे खत्म करना चाहता है. यही वजह है कि उसने लॉरेंस के दुश्मन रोहित गोदारा से हाथ मिलाकर देश में अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया है. हाईप्रोफाइल लिक्विड ड्रग्स की सप्लाई शहज़ाद भट्टी वर्तमान में पाकिस्तान के श्रीगंगानगर बॉर्डर से सटे इलाके में छिपकर रह रहा है. वह भारत में रोहित गोदारा और बांबिया गैंग को एके-47, हथगोले और रॉकेट लॉन्चर जैसे खतरनाक हथियार मुहैया करवा रहा है. ड्रोन के जरिए वह अफगानिस्तान की हेरोइन, चाइना की एमडी ड्रग, लिक्विड ड्रग, चरस और स्मैक की भारी खेप भेज रहा है. लिक्विड एमडी एक बेहद हाईप्रोफाइल नशा है, जो युवाओं को तेजी से बर्बाद कर रहा है. भारत में पकड़े गए ड्रोन और ग्रेनेड पर 'मेड इन चाइना' लिखा मिला है, जबकि ड्रग्स के पैकेटों पर क्वालिटी दर्शाने वाले '999', '777', '444' और '222' जैसे खास कोड लिखे होते हैं. सीमावर्ती जिलों में एटीएस की बड़ी कार्रवाई भट्टी राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों जैसे श्रीगंगानगर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में कई बार ड्रोन से ड्रग्स गिरा चुका है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए देश की एटीएस (ATS), खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कमर कस ली है. हाल ही में राजस्थान सहित पूरे देश में भट्टी के मददगारों और स्लीपर सेल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई संदिग्धों को दबोचा गया है. पुलिस अब उन लोगों पर भी पैनी नजर रख रही है जो सोशल मीडिया पर भट्टी को फॉलो करते हैं.

मोहनलालगंज में मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़, 1.4 किलो अफीम के साथ आरोपी पकड़ा गया

लखनऊ लखनऊ में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1.426 किलोग्राम अफीम बरामद की है। आरोपी को मोहनलालगंज क्षेत्र में राधा स्वामी सत्संग आश्रम से लखनऊ की ओर माधवखेड़ा हनुमान मंदिर के पास पकड़ा गया। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। एसटीएफ लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के निर्देशन में टीम लगातार मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही थी। बुधवार को इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान बिहार के बेतिया निवासी शाहीम आलम के रूप में हुई है। आरोपी ने कई अहम खुलासे किए पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसका गिरोह लंबे समय से अफीम की खरीद-फरोख्त कर रहा था और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब तथा हरियाणा समेत कई राज्यों में इसकी सप्लाई करता था। आरोपी के अनुसार, गिरोह एक किलो अफीम की सप्लाई के बदले करीब 6 से 7 लाख रुपये तक लेता था। तस्करी के दौरान खरीदारों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती थी। तय स्थान पर पहुंचने के बाद संबंधित व्यक्ति खुद संपर्क कर भुगतान करता और माल लेकर चला जाता था। गिरोह सीमित संपर्क और गुप्त तरीकों से लेन-देन करता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। फिलहाल एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।  

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा कोडीन सिरप रैकेट, सोनभद्र एसआईटी की कार्रवाई

 प्रयागराज कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा को सोनभद्र एसआईटी ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रयागराज में ओम साईं फार्मास्यूटिकल के नाम से फर्म खोलकर कफ सिरप की तस्करी करते थे। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बनाए गए डिपो के जरिये बड़े पैमाने पर कफ सिरप बांग्लादेश बॉर्डर (अगरतला, त्रिपुरा) भेजे जाने की जानकारी मिली है।   सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के करीबी बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी ग्रुप से जुड़े थे दोनों एएसपी मुख्यालय अनिल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसका पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप हासिल करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था। सोनभद्र में पकड़ी गई थी 59,675 शीशियां एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियों की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया। अब तक ईडी नहीं कर सका कार्रवाई करीब 2000 करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। प्रदेश पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत अन्य की करीब 500 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया गया, जबकि ईडी जांच के बाद भी आगे की कार्रवाई नहीं कर पाई। सूत्रों की मानें तो तस्करी में लिप्त आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के बाद भी ईडी ने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। वहीं दवा कंपनियों से जवाब-तलब करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में कोडीनयुक्त कफ सिरप बनाने वाली एक दवा कंपनी के खिलाफ ईडी की जम्मू यूनिट ने संपत्तियों को जब्त किया, लेकिन यूपी में मामला ठंडा बस्ते में चला गया। ईडी के अधिकारियों ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की आलीशान कोठी को जब्त करने के दावे भी किए थे, लेकिन आलोक की पत्नी से पूछताछ के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा जांच अधिकारी का तबादला इस प्रकरण की जांच करने वाले ईडी के डिप्टी डायरेक्टर का बीते दिनों हैदराबाद तबादला हो गया। अभी तक किसी अन्य डिप्टी डायरेक्टर को जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ जोनल कार्यालय के नए ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश कुमार सुमन के पदभार ग्रहण करने के बाद ही किसी अन्य अधिकारी को इस प्रकरण की जांच सौंपी जाएगी। इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होने से विभाग में तमाम चर्चाएं हो रही हैं।