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निगम कमिश्नर की राशन-फल की सूची से परेशान कर्मचारी ने हाईकोर्ट की ली शरण

दुर्ग. नगर निगम कमिश्नर का कारनामा हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बन गया है। एक कर्मचारी ने दावा किया है कि कमिश्नर ने उससे धुरंधर मूवी का कार्नर वाला टिकट बुक कराने, लाल अंगूर जैसे फल, जवा फूल चावल से लेकर बंगले के वाई-फाई तक रिचार्ज कराए। फिर डिमांड पूरी नहीं कर सका तो उस कर्मचारी को सस्पेंड कर नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। परेशान कर्मचारी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस पीपी साहू ने कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। दरअसल, दुर्ग नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 भूपेंद्र गोइर ने एडवोकेट संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कर्मचारी ने याचिका के साथ वाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट हाईकोर्ट में पेश किए हैं। जिसमें निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने कर्मचारी से कई बार निजी फरमाइश की, इसमें लाल अंगूर, सेब, संतरा समेत कई फल, 10 किलो जवा फूल चावल, मूवी की कार्नर सीट की दो टिकट, गैस सिलेंडर, बंगले के लिए एसी समेत कई मांग की। इसके अलावा एमआईसी को स्थगित करने पर भी सवाल पूछे। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी के लिए लिखा कि उसे समझा देना, हटा दूंगा। एमआईसी की बैठक कैंसिल करने को लेकर भी कर्मचारी से सलाह मांगी। वहीं एक कर्मचारी के संबंध में लिखा गया कि उसको समझा देना, नहीं तो हटा दूंगा। याचिकाकर्ता कर्मचारी ने बताया कि उसकी नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी। फिर 2019 में प्रमोशन देकर उसे सहायक ग्रेड-3 बनाया गया। 31 जुलाई 2025 को कमिश्नर ने उसे कुछ नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया। उस पर आरोप है कि प्यून नम्रता रक्सेल और सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की नियुक्ति और सहायक लेखा अधिकारी रमेश कुमार शर्मा की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी। जिसका उसने जवाब दिया। इसके बाद 7 अगस्त 2025 को निलंबित कर दिया गया। जिसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को पेश जांच रिपोर्ट में उसे बर्खास्त करने की तैयारी कर ली गई थी।

पं. प्रदीप मिश्रा दुर्ग में सुनाएंगे शिव महापुराण कथा, श्रद्धालुओं के लिए जारी हुआ पूरा कार्यक्रम

दुर्ग  ग्राम नगपुरा में प्रस्तावित कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए यातायात पुलिस ने आवश्यक रूट डायवर्सन प्लान एवं – पृथक पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की है, जिससे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की यातायात असुविधा न हो. ये शिव महापुराण 17 दिसंबर से आयोजित होने वाली है. यातायात पुलिस ने बताया कि गनियारी बोरई मार्ग श्रीराम पान पैलेस के पास दुर्ग, पुलगांव की ओर से आने वाली भारी वाहनों को ग्राम बोरई, घुमका, ठेलका डीह, राजनांदगांव की ओर से भेजा जाएगा. हरिओम किराना स्टोर के पास ग्राम बोरई तिराहा की ओर से भारी वाहनों को डायवर्सन करेंगे. सृष्टि इंजीनियर के पास चौराहा पर भारी वाहनों को डायवर्सन किया जाएगा. शनि मंदिर अंजोरा मोड नगपुरा, जल बांधा, खैरागढ़ मार्ग की ओर से भारी वाहनों का आवागमन रखा जाएगा. चिखली चौक, धमधा रोड से कार्यक्रम की ओर किसी भी प्रकार की भारी वाहन को प्रतिबंधित रखा जाएगा. रावण भाठा चौक नगपुरा की ओर से भारी वाहनों को दुर्ग की ओर डायवर्सन करेंगे दुर्ग, कोटनी, भिलाई, रायपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु गण बाजार चौक से बिजली सब स्टेशन के आगे पार्किंग में अपनी वाहनों को खड़ा करेंगे. बाईपास महमरा, गनियारी, अंजोरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुगण नगपुरा पुलिस चौकी के बगल मैदान में वाहन पार्क करेंगे. खैरागढ़, जाल बांधा, धमधा की ओर से आने वाले श्रद्धालु गण नगपुरा चौकी के पहले दाएं बाएं और पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे.

रेलवे की बड़ी पहल: दुर्ग से बंद पड़ी ट्रेनों को फिर शुरू करने पर मंथन

रायपुर रेलवे एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दुर्ग से चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को पिछले दिनों बंद कर दिया गया था, अब उसे फिर से चलाने की तैयारी है. ये ट्रेन कोई और नहीं बल्कि दुर्ग-जगलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस है. विशाल विशाखापट्टनम डिवीजन को दो हिस्से में कर नया रायगढ़ डिवीजन तैयार कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के बाद रायगड़ा डिवीजन अपनी आय बढ़ाने नई योजनाओं पर विचार कर रही है. इसके 5 वर्षों से बंद दुर्ग-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ जगदलपुर के बजाय किरंदुल से चलाने पर विचार किया जा रहा है. तर्क दिया जा रहा है कि जगदलपुर से किरंदुल के  मध्य रेल दोहरीकरण का कार्य इस वर्ष पूर्ण हो जाएगा. रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विशाखापट्टनम से अलग बनाया गया रायगढ़ डिवीजन अपनी आय बढ़ाने हर संभव विचार कर रही है. उसका पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है. सूत्रों ने बताया कि हालांकि रायगढ़ डिवीजन का सारा कार्य फिलहाल विशाखापट्टनम से हो रहा है किंतु नया डिवीजन बनाए जाने के बाद इस डिवीजन का अपना रिकॉर्ड अलग होगा इसलिए रायगढ़ डिवीजन का पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है. पूरा ध्यान बस्तर की ओर बचेली किरंदुल लौह अयस्क परियोजनाएं अब रायगड़ा डिविजन अंतर्गत आ गई है और यह परियोजनाएं ही इस डिवीजन की आय का मुख्य स्रोत है. रेल सुविधाओं को तरस रहे बस्तरवासियों को यह डिविजन शांत रखना चाहती है. लौह अयस्क की दुलाई से आशातीश राजस्व प्राप्त करने के अलावा रेलवे बस्तर वालों की सुविधाओं का भी ख्याल रखना चाहती है. चूंकि बैलाडीला प्रक्षेत्र से अब दो निजी कंपनियां भी लौह अयस्क उत्खनन करने जा रही है. दोहरीकरण पूर्ण होने का इंतजार सूत्रों ने बताया कि अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही नया डिवीजन 5 साल से बंद जगदलपुर-दुर्ग इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से चालू करने गंभीर से विचार कर रही है. यह तर्क दिया जा रहा है कि बचेली, किरंदुल, भांसी, दंतेवाड़ा गीदम क्षेत्र के लोगों को ट्रेन में यात्रा करने के लिए जगदलपुर स्टेशन आना पड़ता है. दुर्ग एक्सप्रेस को किरंदुल से शुरू करने पर इस एक्सप्रेस को पर्याप्त पैसेंजर मिलेंगे. इस तर्क के साथ ही दुर्ग एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ किरंदुल से शुरू करने व्यापक चर्चा चल रही है. बताया गया कि कामलूर से बचेली के मध्य करीब 40 किमी रेल दोहरीकरण कार्य 2025 के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके पूर्ण होते ही दुर्ग एक्सप्रेस को चलाने गंभीरता की चर्चा हो रही है.

छत्तीसगढ़: रायपुर-फर्जी राशन कार्ड की रेस में आगे, दुर्ग भी पीछे नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें रायपुर राजधानी 19,574 फर्जी राशन कार्ड के साथ पहले और दुर्ग 18,112 के साथ दूसरे नंबर पर है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत तैयार आंकड़ों की जांच में पता चला कि 46 लाख से अधिक सदस्य संदिग्ध हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों की है, जिन्होंने डुप्लीकेट आधार कार्ड, मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी दस्तावेजों से राशन कार्ड में सदस्य जोड़ रखे थे। खाद्य विभाग की ओर से शुरू किए गए भौतिक सत्यापन अभियान में अब तक 1 लाख 93 हजार 67 फर्जी सदस्य चिन्हांकित कर उनके नाम काट दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि यह कार्रवाई राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बेहद अहम है। जिलावार तस्वीर, रायपुर टॉप पर रायपुर में सबसे ज्यादा में 19,574 फर्जी सदस्य उजागर हुए हैं। दुर्ग में 18,112, जांजगीर-चांपा में 17,529, राजनांदगांव में 17,327 और कोरबा में 16,064 भी गड़बड़ी वाले शीर्ष जिलों में शामिल हैं। सरगुजा में 15,626, बलौदाबाजार में 13,833, महासमुंद में 13,308, धमतरी में 10,937 और कवर्धा में 9,987 में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए। दूसरी ओर गरियाबंद में 7,027 और कांकेर में 7,669 ऐसे जिले रहे, जहां अपेक्षाकृत कम फर्जी सदस्य मिले। जशपुर में 9,727, बालोद 8,925 और बेमेतरा 8,641 में भी गड़बड़ी सामने आई। सबसे ज्यादा फर्जी सदस्य     रायपुर -19,574     दुर्ग – 18,112     जांजगीर-चांपा – 17,529     राजनांदगांव -17,327     कोरबा -16,064 अभी और हटेंगे 53 हजार नाम जांच टीम के मुताबिक अभी करीब 53 हजार संदिग्ध सदस्यों की जांच बाकी है। इनमें मृतक, पलायन कर चुके लोग और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। इनके सत्यापन के बाद नाम निरस्त कर दिए जाएंगे। सबसे कम फर्जी सदस्य     गरियाबंद -7,027     कांकेर -7,669     बेमेतरा -8,641     बालोद -8,925     जशपुर -9,727 कैसे हो रही जांच खाद्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिन परिवारों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनका घर-घर भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके लिए पटवारी, पंचायत सचिव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई सदस्य गलत या अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम तत्काल हटाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक सभी जिलों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए।  

जल विभाग का ऐलान: दुर्ग में कल शाम से नहीं आएगा पानी, आज ही भर लें स्टोर

दुर्ग मंगलवार की शाम को शहर के आधे हिस्से में पानी की आपूर्ति नहीं होगी. क्योंकि मालवीय नगर चौक में मेन राइजिंग पाइपलाइन के बड़े लीकेज के लिए 24 एमएलडी इंटकवेल को शटडाउन में लिया गया है. रिपेयर के बाद बुधवार से जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है. मालवीय नगर चौक में दिस मेन राइजिंग पाइप लाइन जिसका डाया 600 एमएम हैं वह लंबे समय से लीकेज है. रिपेयर करने में हो रही देरी की वजह से लीकेज की साइज लगातार बढ़ती जा रही है. इस वजह से उस पाइपलाइन से जुड़े दो और पाइप से दूसरे इलाके की टंकियां भी नहीं भर पा रही है. जिसका असर घरों में की जाने वाली जलापूर्ति पर पड़ रहा है.  निगम प्रशासन ने 2 सितंबर को उसे रिपेयर करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 24 एमएलडी से फिल्टर प्लांट तक पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी. इस वजह से पद्मनाभपुर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, गिरधारी नगर, शंकर नगर, शनिचरी बाजार पानी टंकी से जुड़े एरिया में मंगलवार की सुबह तो नलों में पानी आएगा लेकिन शाम को जलापूर्ति नहीं होगी. जल विभाग की एमआईसी मेंबर लीना दिनेश देवांगन के मुताबिक प्रभावित इलाके के – लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है. बता दें कि बारिश के सीजन की शुरुआत से ही दुर्ग की जनता को अनेक बार लीकेज व अन्य दिक्कतों के कारण पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है.