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कोटा को मिली 100 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 250 युवाओं को मिलेगा रोजगार

कोटा शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। आने वाले कुछ दिनों में कोटा की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शहर को कुल 100 ई-बसें मिलने जा रही हैं, जिनकी पहली खेप जुलाई के पहले सप्ताह तक कोटा पहुंचने की संभावना है। इन बसों के शुरू होने से न सिर्फ शहर के लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों को भी पहली बार नियमित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। शहर के साथ गांव भी होंगे सीधे जुड़े अब तक शहर से दूर बसे कई गांवों के लोगों को निजी वाहनों या महंगे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नई ई-बस सेवा इस तस्वीर को बदलने जा रही है। नगर निगम और कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड ने ऐसे 20 रूट तय किए हैं, जिनके जरिए शहर के साथ-साथ निगम सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को रोजाना आने-जाने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 20 रूट पर चलेगी नई इलेक्ट्रिक बस सेवा योजना के तहत रेलवे स्टेशन से बंधा धर्मपुरा, मुकुन्दरा विहार और कोलीपुरा गांव तक बसें संचालित होंगी। न्यू बस स्टैंड से बोराबास, एरोड्राम, डीसीएम, भामाशाह मंडी और कॉमर्स कॉलेज तक कनेक्टिविटी मिलेगी। एरोड्राम से रानपुर, सोगरिया, धनेश्वर और दरा जंक्शन, रायपुरा से भदाना और सोगरिया स्टेशन, झालीपुरा से अरण्डखेड़ा, बड़गांव से सीमलिया, चंद्रेसल से आरके पुरम, सोगरिया स्टेशन से अनंतपुरा, बड़ तिराहे से शंभुपुरा एयरपोर्ट, नयापुरा से तालेड़ा और रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-4 से जीएडी सर्किल तक के रूट भी इस योजना में शामिल किए गए हैं। 100 बसों में 95 होंगी 9 मीटर लंबी कोटा को मिलने वाली 100 ई-बसों में अधिकांश 9 मीटर लंबी होंगी, जबकि पांच बसें 12 मीटर श्रेणी की रहेंगी। इन बसों को यात्रियों की संख्या और विभिन्न मार्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सभी बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देंगी। सुभाष नगर में तैयार हुआ चार्जिंग स्टेशन बसों के संचालन से पहले जरूरी तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सुभाष नगर में बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार बसों की देखरेख, मरम्मत और ड्राइवर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बस सप्लाई करने वाली कंपनी के पास रहेगी। इससे संचालन व्यवस्था को बेहतर और नियमित बनाए रखने में मदद मिलेगी। 250 लोगों को मिलेगा रोजगार ई-बस परियोजना केवल परिवहन व्यवस्था ही नहीं बदलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगी। स्थानीय स्तर पर कंडक्टर, लिपिकीय स्टाफ और अन्य कर्मचारियों सहित करीब 250 लोगों की नियुक्ति संविदा फर्म के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए टेंडर जुलाई के पहले सप्ताह में खोले जाने की तैयारी है। इतना होगा बस का किराया नगर निगम ने यात्रियों को राहत देने के लिए किराया भी किफायती रखा है। पहले तीन किलोमीटर तक का किराया 10 रुपये होगा। तीन से छह किलोमीटर तक 15 रुपये, छह से दस किलोमीटर तक 20 रुपये और अधिकतम किराया 60 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे आम लोगों को कम खर्च में सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा। बदलेगी शहर की परिवहन व्यवस्था ई-बसों के संचालन के साथ कोटा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक नए दौर में प्रवेश करेगी। प्रदूषण कम करने, ट्रैफिक का दबाव घटाने और शहर के साथ ग्रामीण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सब कुछ तय समय के अनुसार हुआ तो जुलाई के पहले सप्ताह से कोटा के लोग आधुनिक, स्वच्छ और सुविधाजनक ई-बस सेवा का लाभ उठाना शुरू कर देंगे।

पीएम ई-बस योजना के तहत आईएसबीटी से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तय

पटना  राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जिले में जल्द ही 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और बस संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत होगा संचालन बैठक में योजना के क्रियान्वयन और बस परिचालन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य सतत और आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना से राजधानी के लोगों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। आईएसबीटी से शुरू होगा बसों का परिचालन जिलाधिकारी ने बताया कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया (आईएसबीटी) से 200 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे पटना और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बसों के परिचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक को सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। यात्रियों को मिलेगी स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा जिलाधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। लाखों यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रदूषण घटेगा, हरित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। बैठक में बस परिचालन से जुड़ी आधारभूत संरचना, यात्री सुविधाओं और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।  

यूपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू

नोएडा सीएम योगी ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी को नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी। इसके साथ ही पहली बार यूपी में हाइड्रोजन बसों के संचालन का भी शुभारंभ हुआ है। यमुना अथारिटी में तीन हाईड्रोजन बसें चलेंगी। सीएम योगी ने लखनऊ स्थित अपने आवास से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 45 बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी में चलेंगी। इन बसों के चलने से जेवर एयरपोर्ट जाना-आना आसान हो जाएगा। सीएम योगी ने हाईड्रोजन बसों के बारे बताते हुए कहा कि तीन हाईड्रोजन बसें यमुना अथारिटी को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया है। कहा कि अब ग्रीन हाईड्रोजन मोबिलिटी नई धारणा बन चुकी है। एक प्रक्रिया के बाद पानी से हाईड्रोजन निकालकर इन बसों का संचालन होगा। पानी में दो हाईड्रोजन और एक ऑक्सीजन होता है। पानी से इन दोनों को अलग किया जाएगा। पानी भी ग्राउंड वाटर या सरफेस वाटर नहीं बल्कि सीवर का लिया जाएगा। सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करके इस्तेमाल किया जाएगा। इसी पानी में से ऑक्सीजन को निकालकर वायुमंडल में भेजा जाएगा और हाईड्रोजन को कंप्रेस करके सिलेंडर में भरकर बसों को चलाया जाएगा। इन बसों का संचालन जेवर एयरपोर्ट के पास होने जा रहा है। इससे वहां पर वायु प्रदूषण भी कम होगा। जहरीले वातारण से समाज को बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि 15 जून से नोएडा में सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू हो रहा है। तब तक बसों की संख्या 110 कर दी जाएगी। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। जिले के तीनों प्राधिकरण एरिया में पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए इन इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है। एयरपोर्ट तक मेट्रो शुरू होने तक बसें लोगों की राह आसान करेंगी। आने वाले समय में मेट्रो भी एयरपोर्ट तक जाएगी। पिछली सरकारों पर हमला शुभारंभ के मौके पर सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में टूटी सड़कों और अराजकता का माहौल था। लोगों के सामने पहचान तक का संकट था। यहां पर लोग निवेश से घबराते थे। आज वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी के कारण विकास को रफ्तार मिली हुई है। डबल इंजन की सरकार में 4 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क बनकर है। यूपी के पास आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या आए थे लेकिन एयरपोर्ट के लिए वहां के लोग तरस रहे थे।आजादी के इतने साल बाद तक अयोध्या अपमानित हो रही थी। आज वहां पर महर्षि वाल्मिकी के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।

हरियाणा में परिवहन क्षेत्र में बदलाव, निगम खरीदेगा 375 ई-बसें

हरियाणा  हरियाणा में अगले दो महीने में सिटी बस सेवा का और विस्तार होगा। अभी तक 9 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। अब इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया है। अक्तूबर तक राज्य परिवहन निगम की इन 10 शहरों में 5-5 और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना है। वहीं बताया जा रहा है कि पिछले करीब 18 महीने से इन शहरों में बस अड्डों के अंदर नए चार्जिंग सेंटर का निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है।   मिली जानकारी के अनुसार अब 10-10 बसों के संचालन के लिए संबंधित बस अड्डों पर एक-एक के बजाय दो-दो चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी है। अगले साल तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 50-50 और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 8-8 करने की योजना बनाई गई है।   आपको बता दें कि प्रदेश के पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में 5-5 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है जबकि अंबाला में सिटी बसों की संख्या 10 है। फिलहाल सभी 9 जिलों के बस अड्डों में एक-एक चार्जिंग सेंटर है। यमुनानगर व पानीपत में चार्जिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए काम जारी है। यहां चार्जिंग सेंटरों की संख्या 8-8 होगी।   बताया जा रहा है कि कुरुक्षेत्र को सिटी बस सेवा योजना में शामिल करने के साथ ही यहां पहले चरण में बस अड्डे के अंदर ही दो चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के आदेश मुख्यालय ने दे दिए हैं। कुरुक्षेत्र में इलेक्टि्रक बसों का संचालन भी अक्तूबर तक करने की योजना है। कुल 10 शहरों के लिए 500 इलेक्टि्रक बसों की आवश्यकता होगी। हरियाणा परिवहन निगम की 375 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए योजना तैयार हो चुकी है और सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश के 10 शहरों में चरणवार इन बसों के पहुंचते ही संचालन शुरू हो जाएगा।