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विशेषज्ञों का मानना: एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग से भारत की ई-गवर्नेंस बनेगी अधिक सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित

 जयपुर  29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 'डीप टेक एंड क्वांटम ड्रिवन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' विषय पर प्लेनरी सत्र आयोजित किया गया। सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकें भारत की डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था को अधिक सक्षम, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही उन्होंने तकनीक को अपनाने में आवश्यकता-आधारित दृष्टिकोण, कुशल मानव संसाधन, डेटा संप्रभुता और सतत विकास को समान महत्व देने पर बल दिया। सत्र का संचालन नैसकॉम की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुश्री संगीता गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि डीप टेक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुशासन की आधारशिला बनने जा रही है तथा सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों से इसका अधिकतम लाभ नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है। काइंड्रिल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट श्री परमिंदर काकरिया ने कहा कि किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसकी वास्तविक उपयोगिता और समस्या समाधान की क्षमता का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल तकनीक तैयार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यबल (वर्कफोर्स) की तैयारी, निरंतर कौशल विकास और विभागों के बीच समन्वित कार्य संस्कृति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने एआई आधारित क्षमता निर्माण तथा सरकारी अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया। शून्य लैब्स की संस्थापक सुश्री ऋतु मेहरोत्रा ने भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों के अनुरूप वॉयस आधारित एआई समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए बहुभाषी, सुरक्षित और डेटा संप्रभुता आधारित एआई प्लेटफॉर्म विकसित करना समय की आवश्यकता है, जिससे सीमित इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जा सकें। पीडब्ल्यूसी के पार्टनर श्री संतोष मिश्रा ने कहा कि राज्यों को केवल नई तकनीकों की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के बजाय अपनी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकों का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी डिजिटल परियोजना को शुरू करने के बाद उसे संस्थागत समर्थन के साथ उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक निवेश का अधिकतम लाभ नागरिकों को मिल सके। लॉयड्स टेक्नोलॉजी सेंटर इंडिया के डेटा एवं एआई आर्किटेक्चर लीड श्री रवि कप्पागंटु ने कहा कि वित्तीय सेवाओं में एआई केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं कर रहा, बल्कि विश्वास आधारित डिजिटल इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक सक्षम, सेवाएं अधिक पारदर्शी तथा नागरिक अनुभव अधिक सहज बन रहा है। आईबीएम क्वांटम इंडिया के कंट्री मैनेजर एवं आईआईटी मद्रास के एडजंक्ट प्रोफेसर डॉ. धिनाकरन विनायगमूर्ति ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई आने वाले वर्षों में शासन, उद्योग और अनुसंधान के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन लाएंगे। उन्होंने भविष्य की तकनीकों के अनुरूप अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने एआई अवसंरचना, डेटा सेंटर, ऊर्जा एवं जल संसाधनों के संतुलित उपयोग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार एआई के विभिन्न आयामों पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता को साथ लेकर चलना ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने का प्रभावी मार्ग होगा। यह भी रेखांकित किया गया कि डीप टेक का उपयोग केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में भी इसके व्यापक अवसर मौजूद हैं।  

नागरिक सेवाओं में सुधार का सम्मान: पंजाब को मिला डिजिटल एक्सीलेंस अवॉर्ड

चंडीगढ़ नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित “डिजिटल एक्सीलेंस” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवंत मान सरकार आपके द्वार” योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है। पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए विशेष सारंगल ने कहा, “हम इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेंगे। पंजाब की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में सेवा वितरण को और अधिक सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को एकीकृत किया जाएगा। हमारा लक्ष्य आय, निवास और जाति प्रमाण-पत्र सहित सभी प्रमुख सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह पुरस्कार लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों के लिए हर सरकारी सेवा को एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा।”