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12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा छत्तीसगढ़ में रद्द, शिक्षा मंत्री ने दी नई तारीख और वजह

रायपुर   छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा रद्द कर दी है. 14 मार्च को हुई परीक्षा का पेपर एक दिन पहले लीक होने की शिकायत के बाद मामला गरमाया, छात्रों‑अभिभावकों में बेचैनी बढ़ी और एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया. शिक्षा विभाग ने त्वरित जांच समिति बनाई और उसकी रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. बोर्ड ने अब नई तारीख जारी कर दी है और सुरक्षा उपाय कड़े करने की बात कही है. 10 अप्रैल को होगा हिंदी का पेपर पेपर लीक की शिकायतों और जांच के बाद बोर्ड ने 12वीं हिंदी की परीक्षा को 10 अप्रैल को फिर से कराने की घोषणा की है. कुछ छात्रों ने दोबारा परीक्षा से निराशा जताई, जबकि कई ने इसे निष्पक्षता के लिए सही कदम बताया. बोर्ड का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए पेपर सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा बना रहे. ‘पेपर लीक नहीं, संवेदनशीलता में रद्द' शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार को पेपर लीक का पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है. उनके मुताबिक, एक व्हाट्सएप ग्रुप में हाथ से लिखा एक पर्चा शेयर हुआ था, जिस पर संदेह पैदा हुआ. सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज कराई और माशिम (माध्यमिक शिक्षा मंडल) की समिति ने छात्रहित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच रिपोर्ट में यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रदर्शन और जांच: क्या हुआ अब तक शिकायतें सामने आने के बाद एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया और पेपर रद्द करने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई. शिक्षा विभाग ने जांच समिति गठित की, जिसने त्वरित रिपोर्ट सौंपी. इसी रिपोर्ट के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में पेपर वितरण, केंद्र सुरक्षा और डिजिटल निगरानी की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी.

UPTET 2026 का ऐलान: इस दिन से आवेदन, इस तारीख को होगी परीक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके। इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है। परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें। क्या है UP-TET परीक्षा? यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:- – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) योग्यता क्या होनी चाहिए? – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं: – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – हिंदी भाषा – गणित – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर) – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)

छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल पर बड़ा दंड, जुर्माना एक करोड़ तक, नकल करने पर 5 साल की सजा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने जा रही है। विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में जल्द ही सरकार "छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026" पेश करेगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस "गारंटी" को पूरा करने की दिशा में है, जिसमें उन्होंने परीक्षा सुधार का वादा किया था। नकल करते पकड़े जाने पर पांच साल जेल, पांच लाख जुर्माना नए कानून के तहत, भर्ती परीक्षाओं में नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को एक से पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, यदि कोई गिरोह या व्यक्ति पेपर लीक या नकल कराने में शामिल पाया जाता है तो उसे कठोर कारावास के साथ एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना होगा। कोचिंग संस्थानों पर भी लगेगी लगाम विधेयक में कोचिंग संस्थानों के लिए भी सख्त नियम बनाए जा रहे हैं। अब कोई भी संस्थान चयन की "सौ प्रतिशत गारंटी" देकर युवाओं को प्रलोभन नहीं दे सकेगा। भ्रामक प्रचार या सफलता के झूठे दावे करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर युवाओं का विश्वास बहाल करना है। CGPSC 2021–22 भर्ती घोटाले में हुआ था बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ ता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया था कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले।  

राजस्थान में 4 मार्च को 8वीं-12वीं का पेपर

जयपुर/नौगांवा. इस बार दो दिन के होली, धूलण्डी उत्सव ने न केवल आमजन को असमंजस में डाल रखा है, बल्कि हजारों छात्रों के लिए भी ये दोहरी चुनौती बन गया है। गौरतलब है कि चंद्र ग्रहण और पंचांग गणना के कारण कुछ लोग इस बार धुलंडी 4 मार्च को मना रहे हैं। जबकि होलिका दहन 2 मार्च को होगा। 4 मार्च को राजस्थान बोर्ड की कक्षा 8वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, जिसके कारण परीक्षा दे रहे हजारों छात्रों और अभिभावकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार ने 2 और 3 मार्च को होली/होलिका दहन के अवकाश घोषित किए हैं, लेकिन 4 मार्च को छुट्टी नहीं है। बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च तक चल रही हैं और 4 मार्च को सुबह की पारी में इतिहास, बिजनेस स्टडीज, एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री आदि विषयों के पेपर हैं। इसी दिन कक्षा 8वीं की तृतीय भाषा की भी परीक्षा है। ऐसे में धूलण्डी के दौरान बच्चे किस तर परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा देने पहुंचेंगे। अभिभावकों का कहना है कि धूलण्डी पर चौक, चौराहों पर लोग होली खेल रहे होंगे, ऐसे में परीक्षा देने वाले बच्चों को परीक्षा केन्द्र जाते समय कोई रंग लगा देगा, तो उसकी परीक्षा में व्यवधान पडे़गा। परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग इसे लेकर अभिभावकों और छात्रों में रोष है और विभाग से परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग कर रहे है। शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि त्योहार और बोर्ड परीक्षा के टकराव से छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा शेड्यूल विभाग ओर से तय किया गया है, ऐसे में कोई भी निर्देश विभाग की ओर से मिलेगा तो उसकी पालना की जाएगी। इनका कहना है निदेशालय ओर से परीक्षा कार्यक्रम पूर्व में ही तय किया जा चुका है। विभाग के उच्चाधिकारियों के जो निर्देश होंगे उनकी पालना की जाएगी। ओमप्रकाश, प्राचार्य डाइट अलवर बोर्ड ओर से निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा तिथि में कोई बदलाव के निर्देष उच्चाधिकारियों के मिलेगें तो उसकी पालना की जाएगी। महेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी अलवर

हिजाब को लेकर बोर्ड परीक्षा में बवाल, टीचर ने छात्राओं के नंबर काटने की दी धमकी, शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण

इंदौर जिले के सिरपुर इलाके में एक निजी स्कूल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब 8वीं बोर्ड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक महिला टीचर ने न सिर्फ छात्राओं के सिर से कपड़ा हटाने को कहा, बल्कि विरोध करने पर उनके 20 नंबर काटने की धमकी तक दे डाली। जब यह मामला सामने आया, तो स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हिजाब नहीं उतारने पर नंबर काटने की धमकी यह पूरी घटना 25 फरवरी की है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा हॉल में बैठी छात्राओं को टीचर ने टोकते हुए कहा कि वे सिर ढककर पेपर नहीं दे सकतीं। जब बच्चियों ने मना किया, तो उन्हें डराया गया कि उनके रिजल्ट से नंबर कम कर दिए जाएंगे। जैसे ही यह बात बच्चों को छोड़ने आए परिजनों तक पहुंची, उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और पूछा कि आखिर किस नियम के तहत यह पाबंदी लगाई गई है? नकल का डर या अपनी मनमानी? हंगामा बढ़ता देख ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र तंवर जांच के लिए सेंटर पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित टीचर से पूछताछ की, तो अजीबोगरीब दलील सामने आई। टीचर का कहना था कि उन्होंने यह निर्देश इसलिए दिया ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर रोक लगाने का ऐसा कोई भी लिखित आदेश उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मांगी सफाई संस्थाओं का कहना है कि स्कूल अपनी मर्जी से ऐसे नियम नहीं थोप सकता जो सरकारी निर्देशों में ही न हों। फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल से इस पूरे मामले पर लिखित सफाई मांगी है। इस घटना के बाद से सेंटर पर तनाव का माहौल है और परिजनों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाए।  

हरियाणा में पिछली बार नकल में शामिल 35 परीक्षा केंद्रों में नहीं होंगी परीक्षाएं

चंडीगढ़/भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के खेल को समाप्त करने के लिए इस बार बोर्ड प्रशासन सख्त है। पिछले वर्ष नकल में संलिप्त प्रदेशभर के 35 परीक्षा केंद्रों को इस बार ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इस बार कुछ नए केंद्र बनाए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी अनिवार्य है। वहीं केंद्रों के खिड़की-दरवाजे दुरुस्त हों और केंद्र की चहारदीवारी होनी जरूरी की गई है। बोर्ड ने इस बार 1431 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां करीब पांच लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 12वीं के पेपर से होगी शुरुआत : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इनमें 25 से 12वीं कक्षा और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। 10वीं, 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में दो लाख 96 हजार 593 लड़के और दो लाख 69 हजार 818 लड़कियां परीक्षार्थी हैं। इसके अतिरिक्त डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में 5356 छात्र-अध्यापक परीक्षा देंगे। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक्स सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। बिना प्रवेश-पत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए 320 उड़नदस्तों का गठन किया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-163 लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के निकट फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर भी बंद रहेंगे। नकल रहित परीक्षा की अपील बोर्ड अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों से परीक्षा के नकल रहित व सुचारू रूप से संचालन मे सहयोग देने की अपील की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षाओं को नकल रहित कराने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकतर परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहेंगे। चुनौती यह भी  ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कई खिड़कियां टूटी हुई हैं इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। यहां से बाहरी हस्तक्षेप रोकना बड़ी चुनौती है।

गणित परीक्षा में गड़बड़ी! CBSE बोर्ड की कमी से तीन शिफ्ट में परीक्षा लेने की नौबत आई

विश्रामपुर मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिससे परीक्षा तीन चरणों में करानी पड़ी। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के 132 और साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर के 51 परीक्षार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय था। पैकेट खोलते ही सामने आई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, बैंक से प्राप्त सीलबंद बंडल खोलने पर पाया गया कि गणित (बेसिक) कोर्स के पैकेट में अधिकांश प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के थे। स्थिति गंभीर होने पर केंद्र प्रभारी विधु शर्मा ने बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया। निर्देश मिलने के बाद अन्य परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने से परीक्षार्थियों को कक्ष में इंतजार करना पड़ा। तीन अलग-अलग चरणों में परीक्षा अंततः प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण सुबह 10:30 बजे, दूसरा 11:15 बजे और तीसरा 12:35 बजे शुरू हुआ। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

बिहार में मैट्रिक परीक्षा देने कड़ी सुरक्षा के बीच सेंटरों में पहुंचे छात्र

पटना. बिहार में आज मैट्रिक की परीक्षा हो रही है। इसके लिए छात्र अपने-अपने सेंटर्स में पहुंच रहे हैं। जहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां छात्राओं का फूल और चंदन से स्वागत किया गया। परीक्षा समिति ने कहा कि विद्यार्थियों को जूता-मोजा पहनकर आना वर्जित है। विद्यार्थी चप्पल पहनकर परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्र पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। बोर्ड ने ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका जमा कराने का भी समय निर्धारित किया है, ताकि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। बिहार बोर्ड ने सभी जिलों के डीएम, एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा संचालन में सख्ती से निर्देशों का पालन कराने को कहा है।

मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

CBSE की 10वीं और 12वीं की कल से होंगी बोर्ड परीक्षाएं

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड के मुताबिक दोनों क्लासेज में देश-विदेश से करीब 46 लाख स्टूडेंट्स अपीयर होने जा रहे हैं। परीक्षा को सुरक्षित, अनुशासित और स्ट्रैस फ्री बनाने के लिए सी.बी.एस.ई. ने छात्रों के लिए विशेष 'क्या करें और क्या न करें' की एक लिस्ट जारी की है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित न होना पड़े। सी.बी.एस.ई. ने समय की पाबंदी पर सबसे अधिक जोर दिया है। परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू होगी लेकिन विद्यार्थियों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने सलाह दी है कि ट्रैफिक और दूरी को देखते हुए विद्यार्थी सुबह 9 या 9.30 बजे तक केंद्र पर पहुंच जाएं। पहले से करें यात्रा की योजना – बोर्ड ने विद्यार्थियों और पेरैंट्स से कहा है कि वे परीक्षा के दिनों में लोकल ट्रैफिक, दूरी, मौसम और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। छात्रों को परीक्षा से पहले एक बार अपने केंद्र का दौरा करने की भी सलाह दी गई है ताकि रास्ता, समय और दूरी का सही अंदाजा लगाया जा सके। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें और उन्हें समय प्रबंधन तथा परीक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। यह परीक्षा केवल छात्रों की तैयारी ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की सजगता, जिम्मेदारी और निर्णय क्षमता की भी परीक्षा है, इसलिए सभी को नियमों, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इन बिंदुओं पर भी करें गौर – बिना एडमिट कार्ड विद्यार्थी को सैंटर में नहीं मिलेगी एंट्री एडमिट कार्ड पर पेरैंट्स और स्कूल प्रिंसीपल के सिग्नेचर जरूर हों एडमिट कार्ड को लैमिनेट न करें, क्योंकि इस पर इनविजिलेटर के सिग्नेचर होने जरूरी हैं रैगुलर विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य प्राइवेट परीक्षार्थी साधारण कपड़े पहन सकते हैं विद्यार्थी ट्रांसपेरैंट पाऊच में नीला या काला पैन, पैंसिल, रबर, कटर और स्केल ले जा सकते है पानी के लिए केवल ट्रांसपेरैंट बोतल की अनुमति, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटुथ डिवाइस, कैल्कुलेटर, लॉग टेबल, इलैक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह वर्जित किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री या कागज के टुकड़े ले जाना यू.एफ.एम. माना जाएगा एग्जाम सैंटर में ध्यान रखने वाली बातें – विद्यार्थी अपनी सीट पर बैठने से पहले आस-पास जांच लें कि कोई कागज तो नहीं गिरा है। आंसर-शीट मिलने पर उसके पन्नों की जांच करें और ओ.एम.आर. शीट पर अपना रोल नंबर, विषय कोड और अन्य डिटेल्स सावधानी से भरें। सी.बी.एस.ई. ने चेतावनी दी है कि नकल करते हुए या वर्जित सामान के साथ पकड़े जाने पर छात्र को परीक्षा से निकाला जा सकता है और भविष्य के लिए डिबार किया जा सकता है।