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मुजफ्फरपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज,पीएम किसान और सब्सिडी योजनाओं से जोड़ने की पहल

 मुजफ्फरपुर  कम जमीन वाले किसान भी हैं तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री (Bihar Farmer Registry 2026) कराएं। यह जरूरी नहीं है कि जिनके पास बीघा और एकड़ में जमीन है वही किसान है। किसी ने एक या दो कट्ठा भूमि भी खेती के लिए खरीदी है। अगर उनके नाम पर जमाबंदी है तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि उन्हें उर्वरक, धान अधिप्राप्ति, पीएम किसान सम्मान निधि योजना समेत सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उक्त बातें गुरुवार को डीएम सुब्रत कुमार सेन ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री अभियान, जनगणना और सहयोग शिविर के बारे में जानकारी दी और इसमें अधिक से अधिक लोगों को भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल दो लाख 74 हजार 321 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री के तहत निबंधन किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख 41 हजार 185 है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों की कुल संख्या चार लाख 16 हजार 805 है। वहीं, अब तक चार लाख 55 हजार 975 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। पीएम किसान योजना से जुड़े दो लाख 93 हजार 899 किसानों का ई-केवाईसी कार्य भी पूर्ण हो चुका है। सहयोग सेल का किया गया गठन डीएम ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-तीन योजना के अंतर्गत सबका सम्मान जीवन आसान के तहत सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। 19 मई से इसकी शुरुआत होगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है, जो निःशुल्क है। शिविरों की मानिटरिंग के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सहयोग सेल का गठन किया गया है। करीब सात लाख परिवारों तक पहुंचे प्रगणक डीएम ने जनगणना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक लाख नौ हजार 797 परिवारों ने स्वगणना किया। मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया एवं संबंधित सर्वेक्षण कार्य दो से 31 मई तक चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 9151 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक हैं। इनमें से 9015 एचएलबी में कार्य प्रगति पर है। अब तक जिले में कुल छह लाख 80 हजार 493 परिवारों को कवर किया गया है। वहीं, कुल 32 लाख 25 हजार 610 आबादी की गणना की जा चुकी है। जिला जनगणना कोषांग का गठन स्थानीय संयुक्त भवन में किया गया है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित अभियान में सक्रिय सहभागी बनें, सहयोग करें तथा सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

फार्मर रजिस्ट्री अभियान मिशन मोड में, सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे किसान

 मधुबनी  Agri Stack Project: जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को एक बार फिर मिशन मोड में चलाया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिया कि 12 मई से 30 जून 2026 तक अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाए। सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी नहीं बनने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री स्टैक परियोजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, बीडीओ, अंचल अधिकारियों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए लापरवाही पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व मुकेश रंजन को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है। 1.74 लाख किसानों की बनी आईडी कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में अब तक 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। फार्मर आईडी के लिए पहले कृषि विभाग की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जमाबंदी प्रविष्टि का सत्यापन किया जाता है। किसान खुद करा सकते रजिस्ट्री जिलाधिकारी ने बताया कि किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से स्वयं भी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। पीएम किसान योजना से लाभान्वित और जमाबंदीधारी किसान शिविर में पहुंचकर आसानी से अपना फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। जिन किसानों के नाम से जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उन्हें पहले आवश्यक परिमार्जन कराने की सलाह दी गई है। क्या हैं इसके फायदे फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसमें आधार नंबर, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है। इसके जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलेगा। साथ ही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज वितरण और राहत राशि वितरण में पारदर्शिता आएगी। सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।  

अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से PM-Kisan के साथ KCC लोन मिलना भी होगा आसान

दरभंगा. किसानों के लिए खेती-बाड़ी से जुड़ी सुविधाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों के लिए बनाई जा रही 'फार्मर रजिस्ट्री' पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त दिलाने में मदद करेगी। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने और उसके नवीनीकरण (Renewal) में भी मील का पत्थर साबित होगी। KCC के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर सरकार की तैयार की जा रही इस डिजिटल रजिस्ट्री का सबसे बड़ा फायदा KCC धारकों को मिलेगा। अब तक किसानों को KCC लोन के लिए विभिन्न जगहों पर चक्कर काटने और जमीन के दस्तावेज (फर्द/जमाबंदी) जमा करने में काफी समय लगता था। लेकिन अब बैंकों के पास किसान का पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा, जिससे पेपरलेस लोन बिना किसी लंबी कागजी कार्यवाही के लोन मंजूर हो सकेगा। तुरंत वेरिफिकेशन, सही लोन की सीमा और एक आईडी बैंक एक क्लिक पर किसान की जमीन और फसल का रिकॉर्ड देख सकेंगे। किसान कौन सी फसल उगा रहा है, उसके आधार पर लोन की राशि तय की जाएगी। इस रजिस्ट्री को एक 'यूनिक फार्मर आईडी' के रूप में देखा जा रहा है। इसका मकसद किसानों को बिचौलियों से बचाना और सीधे लाभ पहुंचाना है। फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसानों को निम्नलिखित फायदे भी मिलेंगे। PM-Kisan की किस्तें बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आएंगी। नुकसान होने पर बीमा क्लेम का पैसा जल्द और पारदर्शिता के साथ मिलेगा। मंडी में अनाज बेचते समय अलग से वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि से रही परेशानी बिहार के दरभंगा में किसानों को जमीन की जमाबंदी रसीद पर खाता-खसरा गायब होने, लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि होने, पूर्वजों के नाम पर जमीन का रसीद होने और भूमि का दाखिल-खारिज न होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटियों और आधार में नाम की अशुद्धि होने के कारण कई किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विशेष अभियान चलाकर समस्या को हल करने की कोशिश सरकार ने विशेष अभियान चलाकर इस समस्या को हल करने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला रहा है। सरकार किसानों का डिजिटल पहचान पत्र बनवा रही है। यह किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि योजनाओं का लाभ देने की योजना है। सरकार का दावा है कि इससे सभी योजनाओं तक किसानों की आसान और पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा। फार्मर आईडी बनाना जरूरी दरभंगा के जिला कृषि पदाधिकारी डां.सिद्धार्थ ने बताया कि फार्मर आईडी बनाने को लेकर तृतीय चरण का कार्य 2 फरवरी से शुरू है। पीएम किसान सम्मान निधि लाभ के लिए फार्मर आईडी बनाना जरूरी है। जमाबंदी स्वंय का होना अनिवार्य है। कई जगहों से जमीन में नाम में अशुद्धि, खाता-खेसरा शून्य, रकवा शून्य आदि की समस्या देखने को मिल रहा है। हल्का कर्मचारी छोटी-मोटी अशुद्धि शिविर में तत्काल शुद्ध कर देते है।

फार्मर रजिस्ट्री में बस्ती, गाजियाबाद और रामपुर पहले तीन स्थानों पर

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान तेज सीतापुर, फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, बिजनौर, जौनपुर, पीलीभीत व औरैया भी टॉप-10 में शीर्ष तीनों जनपदों में 80 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्ट्रेशन   लखनऊ, उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री (किसान पंजीकरण) को लेकर बड़ा अभियान जारी है। प्रदेश में कुल 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अब तक 60 प्रतिशत से अधिक 1,75,30,760 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इसमें बस्ती जिला सबसे आगे है, जहां 81.49 प्रतिशत रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। इसके बाद गाजियाबाद (80.34), रामपुर (80.32), सीतापुर (79.73), फिरोजाबाद (79.59), प्रतापगढ़ (75.65), बिजनौर (74.98), जौनपुर (72.84), पीलीभीत (72.04) तथा औरैया (71.45) टॉप-10 जनपद शामिल हैं। 90 दिनों में शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्यमंत्री के निर्देश पर आगामी 90 दिनों के भीतर प्रदेश भर में शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि पीएम किसान योजना के शत-प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से बनवाई जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि फार्मर आईडी बनाने का कार्य और अधिक सघनता से किया जाए। इस कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए कार्ययोजना बनाकर प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। इस अभियान के तहत जिलाधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर प्रतिदिन समीक्षा भी करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना में सत्यापन अभियान को बड़ी सफलता दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसके तहत राज्य में कुल 2,48,30,499 पीएम किसान लाभार्थी सत्यापित किए जा चुके हैं। सत्यापन प्रक्रिया में अम्बेडकर नगर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, बागपत, महराजगंज, मिर्जापुर, हरदोई, अयोध्या, बलिया, भदोही, सिद्धार्थनगर सहित कई जिलों में जिला स्तरीय वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं। इस अभियान से पात्र किसानों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करने में प्रशासन को सफलता मिली है।