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भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क चार्जशीट दाखिल, दरिंदगी से रोंगटे खड़े हो जाएंगे

भोपाल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अगली तारीख 22 जुलाई तय की गई है. इस केस में मुख्य आरोपी फरहान और उसके साथी अली समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िताओं के बयान, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान पेश किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी फरहान दोनों बहनों के साथ लंबे समय से संबंध में था. वह पहले प्यार और शादी का झांसा देता रहा, फिर ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करता रहा. फरहान ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्‍हें वायरल करने की धमकी देकर वह उनसे गलत काम करा रहा था. मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर  भोपाल में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग केस का मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर कहता था कि तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। दरअसल, इस केस में अब तक तीन चालान पेश हो चुके हैं। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पीड़िता ने सबसे पहले फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसे फरहान ने कहा था कि वह पुलिस से शिकायत न करे। फरहान उसे एक एफिडेविट देने को तैयार था। इसमें वो लिखने वाला था कि आगे से उसके साथ रेप नहीं करेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को एक युवती ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर 6 आरोपी गिरफ्तार हुए। इस मामले में अबतक 5 लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच से लेकर गवाहों के बयान, डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट तक, पुलिस की चार्जशीट में फरहान ही मुख्य आरोपी है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मटन-चिकन खिलाया गया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डाला गया. शनिवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. इस केस में पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि फरहान ने उसे अली नाम के युवक से मिलवाया. अली ने उसे बाहर घूमने के बहाने घर बुलाया और वहां दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया. इसके बाद वह भी धर्मांतरण और निकाह का दबाव बनाने लगा. पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक और धार्मिक दबाव की रणनीति अपनाई गई थी. कई लड़कियों ने शिकायत नहीं की  आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी), 295-A (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), पॉक्सो एक्ट की धाराएं और धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरा गैंग बनाकर टारगेट करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसाया गया था. इन दो बहनों ने पुलिस को शिकायत की और बयान दिए, लेकिन कई लड़कियों ने शिकायत करने से मना कर दिया. कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे लोकलाज से सामने नहीं आ रही है. बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलू संजीव श्रृंगऋषि और विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय करने को लेकर बहस चली. कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है. वहीं, बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी सबूत तकनीकी तौर पर सुरक्षित किए गए हैं ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून से बच न सकें. हालांकि इसी मामले में एक पुलिस अफसर को लाइन हाजिर किया गया था. उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप थे. भोपाल पुलिस पर ऐसे मामलों में विश्‍वसनीय कार्रवाई कर पाने की चुनौती है. रेप कर बोला- फिर नहीं मिली तो बदनाम कर दूंगा बागसेवनिया थाने में ही सबसे पहले दो सगी बहनों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक महीने की जांच के बाद 11 जून को मुख्य आरोपी फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ चालान पेश किया। 57 गवाहों की लिस्ट के साथ 240 पेज का ये चालान विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीलम मिश्रा की अदालत में पेश हुआ। इस चालान के साथ पुलिस ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट और अहम दस्तावेज भी पेश किए। दोनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इस चालान में पुलिस ने बताया कि फरहान ने दोनों बहनों को धमकाकर उनके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम बनने के लिए कई बार दबाव डाला था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अप्रैल 2023 में फरहान मुझे बाहर घुमाने के बहाने अपने अशोका गार्डन स्थित घर ले गया। यहां उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद मारपीट कर बोला- कि अगर आगे मुलाकात नहीं की तो बदनाम कर दूंगा। धमकी दी थी कि पापा और भाई को मार डालेगा पीड़िता ने बताया कि उसकी फरहान से मुलाकात बहन के कॉलेज में हुई थी। यहां उसने जबरदस्ती दोस्ती की। उसने जब पहली बार रेप किया तो धमकी दी थी कि अगर अगली बार शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो पापा और भाई को मार डालेगा। वह मोबाइल में दूसरी लड़कियों के रेप वीडियो दिखाकर कहता था- तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। पीड़िता के मुताबिक जब वह इंदौर चली गई तब भी उसने पीछा नहीं छोड़ा। अप्रैल महीने में वह इंदौर आया और मुझे कॉल कर बोला कि तुझसे माफी मांगना है। मैं उससे मिलने के लिए तैयार हो गई। वह मेरे घर आया तब मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी। उसने चाकू दिखाकर मुझसे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मैंने जब ये बात अपने दोस्त और बुआ के बेटे को बताई तो वे मुझे भोपाल लेकर आए। यहां सभी ने मुझसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा। मैं डर … Read more

मुख्यमंत्री से मिले गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा, खेल विकास पर हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं छूएंगी आकाश, आधुनिक तकनीक से होंगे खिलाड़ी पारंगत छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के लिए होगा कार्य रायपुर,  छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। चर्चा के दौरान बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की। श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री साय को बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री को बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है। इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।    

‘महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र’: RSS प्रमुख ने पुरानी सोच पर उठाए सवाल

नागपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है और उन्हें पुरानी व पिछड़ी सोच वाली परंपराओं से मुक्त किया जाना चाहिए। वे महाराष्ट्र के सोलापुर में उद्योगवर्धिनी नाम के एक गैर-सरकारी संगठन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा' मोहन भागवत ने कहा, 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। पुरुष जीवनभर काम करता है, महिला भी जीवनभर काम करती है, लेकिन उससे आगे जाकर वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। बच्चों के मन और संस्कार मां के स्नेह में ही विकसित होते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए अनिवार्य है। मोहन भागवत ने कहा, 'ईश्वर ने महिलाओं को एक अतिरिक्त विशेषता दी है, जिससे वे वह सब कर सकती हैं जो पुरुष नहीं कर पाते। साथ ही, उन्हें पुरुषों के जैसे सभी गुण भी दिए हैं। इसलिए वे पुरुषों के बराबर हर काम कर सकती हैं।' राष्ट्रीय विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण- भागवत उन्होंने कहा, “एक पुरुष अपनी मृत्यु तक काम करता है और एक महिला भी अंत तक काम करती है, लेकिन वह उससे भी आगे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है. एक महिला के प्यार और स्नेह के तले बच्चे बढ़ते है, परिपक्व होते हैं और उनका विकास होता है.' इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख ने कहा, “राष्ट्रीय विकास के लिए भी महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण है.” ईश्वर ने महिलाओं को दिए हैं अतिरिक्त गुण- भागवत उन्होंने कहा, “ईश्वर ने पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कुछ अतिरिक्त गुण दिए हैं, जिससे महिलाएं वह सभी काम कर सकती हैं, जो सामान्य रूप से पुरुष नहीं कर सकते है. इसके साथ ही, ईश्वर ने महिलाओं को वे सभी गुण दिए हैं, जो उन्होंने पुरुषों को दिए हैं, जिसके कारण वे वह सब कुछ भी कर सकती हैं, जो पुरुष कर सकते हैं.” महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं- भागवत भागवत ने कहा, “इसलिए पुरुषों का यह दावा करना मूर्खता है कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे.” उन्होंने कहा, “इस तरह के अहंकार का कोई आधार नहीं है. महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं. बस उन्हें सशक्त बनाएं और उन्हें रूढिवादी रीति-रिवाजों और परंपराओं से मुक्त करें.” उन्होंने कहा, “जब एक महिला खुद का उत्थान करती है, तो वह पूरे समाज को ऊपर उठाती है.” वहीं, आरएसएस प्रमुख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को सशक्त और मजबूत बनाने में उद्योगवर्धिनी के योगदान की सराहना भी की. उन्होंने कहा- पुरुषों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे। ईश्वर ने महिलाओं को न केवल पुरुषों जैसी क्षमताएं दी हैं, बल्कि अतिरिक्त गुण भी दिए हैं जो उन्हें खास बनाते हैं। जिन शाखाओं में 100+ लोग, वहां पथ संचलन 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन विजया दशमी भी है। विजया दशमी के दिन संघ की स्थापना हुई थी। संघ ने 2 अक्टूबर को अपने नए-पुराने स्वयं सेवकों को शाखाओं में पहुंचने का आह्वान किया है। एक ओर रामधुन बजेगी, वहीं जिन शाखाओं में 100 से अधिक स्वयं सेवक हैं, वहां पथ संचलन होगा। 4-6 जुलाई तक दिल्ली में संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा की थी। घर-घर संपर्क अभियान संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि शताब्दी वर्ष में यूपी में संघ भीड़ जुटाने का कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा। आम लोगों से जुड़ने के लिए ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, ब्लॉक स्तर पर शाखाएं कार्यक्रम करेंगी। जिलों में चुनिंदा 100 से 200 लोगों की गोष्ठियां होगी। छोटी गोष्ठियां शाखा स्तर पर भी होंगी। ग्रामीण में मंडल व शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलन होंगे। संघ ‘गृह संपर्क’ का अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाएगा। इसमें स्वयंसेवक 25 से 30 घरों में जाकर संघ के कार्यों की जानकारी देंगे। 'महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है' उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को यह सोचना कि वे महिलाओं को ऊपर उठाएंगे, यह एक अहंकार की बात है। 'ऐसा सोचने की कोई जरूरत नहीं है। महिलाओं को बस स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए, उन्हें पिछड़ी परंपराओं से मुक्त करना चाहिए और उन्हें खुद को विकसित करने देना चाहिए। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है।' इस कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने उद्योगवर्धिनी संस्था की तरफ से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की भी सराहना की। 

बालाघाट के जंगलों में गोलियां गूंजीं! सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़

 बालाघाट  बालाघाट से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों द्वारा एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों की टीम का सामना नक्सलियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। घटना की पुष्टि करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके पर अतिरिक्त बलों को रवाना किया गया है। फिलहाल, किसी प्रकार के हताहत या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और मुठभेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। बालाघाट जिले लांजी थाना अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झुलनापाठ के जंगल में शनिवार सुबह माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना आ रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये स्पष्ट किया है कि जंगल में मुठभेड़ हुई है और मौके पर हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान तैनात हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ शनिवार सुबह नौ बजे के आसपास शुरू हुई थी। दो-तीन घंटे के बाद मुठभेड़ रुक गई। फिलहाल सुरक्षा जवान इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मुठभेड़ में माओवादी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी माओवादी का शव नहीं मिला है। इसलिए मुठभेड़ में माओवादी मारे गए हैं या नहीं, ये शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा। 14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है। सर्चिंग पर निकले थे जवान जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए। छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।

इंदौर नगर निगम का बड़ा फैसला: 7,500 सफाई कर्मचारियों को मिलेगी स्वास्थ्य सहायता

 इंदौर  आठवें वर्ष इंदौर को स्वच्छता में सिरमौर बनाने वाले सफाईकर्मियों को वेतनवृद्धि का उपहार मिला है। स्वच्छता के लिए पसीना बहाने वाले सफाई मित्रों को हर माह एक हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। स्वच्छता की ट्राफी लेकर दिल्ली से इंदौर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह घोषणा की। नगर निगम इंदौर से जुड़े सभी 7500 सफाई कर्मियों को पुरस्कार के रूप में यह अतिरिक्त राशि वेतन के साथ दी जाएगी। स्वास्थ्य मद में राशि प्रदान की जाएगी ताकि शहर को साफ रखने वाले कर्मचारी स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए इस राशि को खर्च कर सकें। आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर घोषित होने के बाद शुक्रवार को नगर निगम की टीम इंदौर लौटी तो राजवाड़ा से छप्पन दुकान तक जश्न मनता दिखा। स्वच्छतम शहर के नववर्ष प्रवेश को यादगार बनाते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई मित्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा के रूप में वेतनवृद्धि का उपहार देने की घोषणा कर दी। जीत का साफा बांधे महापौर व जनप्रतिनिधियों ने राजवाड़ा पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर महापौर ने ऐलान किया कि निगम के सफाई मित्रों को एक हजार रुपये प्रति माह स्वास्थ्य मद में दिए जाएंगे। स्वच्छता के लिए जोखिम, इसलिए ईनाम स्वच्छता के लिए जुटने वाले निगम के सफाई कर्मी सीवेज, ड्रेनेज से लेकर ठोस अपशिष्ट के बीच काम करते हैं। ऐसे में शहर को सफाई देने वाले इन कर्मचारियों को हमेशा संक्रमण और बीमारियों के जोखिम के बीच काम करना पड़ता है। इससे पहले इंदौर ने जब भी स्वच्छता के पुरस्कार को हासिल किया तो सफाईकर्मियों को बोनस देने जैसी घोषणाएं हुईं। अब जब इंदौर स्वच्छता सुपरलीग का चैंपियन बना तो पहली बार उनके स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए प्रति माह वेतन के साथ स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अतिरिक्त राशि देने की पहल नगर निगम ने की है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जल्द से जल्द सफाई मित्रों को उनके वेतन के साथ स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अतिरिक्त रूप से यह राशि मिलने लगेगी, घोषणा कर दी है तो इसमें किसी तरह का संशय नहीं है। अतिरिक्त भुगतान को लेकर नगर निगम और शासन स्तर पर औपचारिकताएं और आवश्यक प्रक्रिया जल्द ही कर ली जाएंगी। प्रतिस्पर्धा कठिन थी, इस बार थे 4,775 निकाय शुक्रवार सुबह दिल्ली से स्वच्छता का पुरस्कार लेकर लौटे महापौर के साथ निगमायुक्त शिवम वर्मा का विमानतल पर ही स्वागत हुआ। विमानतल के बाहर महिला सफाई मित्र ढोल की थाप पर झूमती नजर आईं। विजय रथ में सवार होकर महापौर ने स्वच्छता की सुनहरी ट्राफी थामी और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ स्वच्छता का काफिला राजवाड़ा पर पहुंचा। यहां आयोजित समारोह की अग्रिम पंक्ति में सफाई मित्रों को बैठाया गया। महापौर भार्गव ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के शुरुआती वर्ष में 77 नगरीय निकायों ने प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था। अब स्पर्धा में शामिल निकायों की संख्या बढ़कर 4775 के पार पहुंच गई। ऐसे में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और प्रतियोगिता कड़ी हो गई थी। इसमें न केवल इंदौर ने परचम लहराया बल्कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के साथ प्रदेश के आठ शहर सर्वेक्षण में उच्च स्थान पर आए। वाराणसी में सफाई की जिम्मेदारी उठाएगा इंदौर इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा के साथ पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, निगम सभापति मुन्नालाल यादव व महापौर परिषद के सदस्यों ने भी अहिल्या प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सांसद लालवानी ने इंदौर को बधाई दी तो भाजपा अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि इंदौर अपने शहर के साथ ही अब वाराणसी जैसी पवित्र नगरी की भी सफाई की जिम्मेदारी उठाएगा। यह हमारे लिए गौरव की बात है। आयुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि निगम के सफाई मित्रों व स्वच्छता टीम के प्रयासों से इंदौर ने सफलता हासिल की है। देर शाम स्वच्छ शहर का उल्लास छप्पन दुकान पर भी नजर आया। महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छप्पन पर जमकर आतिशबाजी की गई। स्वच्छता मुहिम में आगे बढ़कर डिस्पोजेबल फ्री बनने वाले छप्पन दुकान के व्यापारी-दुकानदारों ने भी स्वच्छता के जश्न में मिठाई बांटकर भागीदारी की।

टेक्सटाइल निवेश पर बार्सिलोना में सीएम यादव की बड़ी पहल, निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ की राउंड टेबल बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में टेक्सटाइल कंपनियों संग की राउंड टेबल मीटिंग टेक्सटाइल निवेश पर बार्सिलोना में सीएम यादव की बड़ी पहल, निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश अनुकूल माहौल और नीतियों की दी जानकारी निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में विश्व की अग्रणी टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय राउंड टेबल बैठक की। बैठक का आयोजन मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने और यूरोपीय टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल माहौल और निवेशक अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल निवेश आकर्षित करने में भारत में अग्रणी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं, जैसे विशेष टेक्सटाइल पार्क, SEZ और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निवेशकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने पर जोर दिया जिससे उनकी जरूरतों के अनुरूप नीतियां और सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी आदर्श है। राज्य सरकार वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी कर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सस्टेनेबल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेक इन इंडिया और मेक इन एमपी के तहत निवेश का आहवान बैठक में यूरोपीय टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों को मध्यप्रदेश में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर आमंत्रित किया गया। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग हब की स्थापना, भारतीय और यूरोपीय कंपनियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, और नॉलेज एक्सचेंज की संभावनाओं पर चर्चा की गई। यह पहल मेक इन इंडिया और मेक इन एमपी के तहत विश्व स्तरीय टेक्सटाइल मशीनरी के उत्पादन को बढ़ावा देने और विशेष टेक्सटाइल पार्क व SEZ की स्थापना पर केंद्रित थी। वैश्विक टेक्सटाइल कंपनियों की भागीदारी बैठक में वैश्विक स्तर की टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी कंपनियों आर्थर इमैनुएल, यूएस की अग्रणी टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी स्टार्टअप लॉन्च के फाउंडर, एनरिक सिला, जीनोलॉजिया के सीईओ और संस्थापक, जे जामिन्टरनेशनल, इटली की प्रीमियम वीविंग और स्पिनिंग मशीनरी निर्माता कंपनी,ग्राज़ियानो मैकटेक, इटली की फाइबर प्रोसेसिंग और यार्न प्रोडक्शन में विशेषज्ञता वाली कंपनी,जोसे मारिया ब्रोंको, इटली के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ, शामिल थे। मध्यप्रदेश से प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों बेस्ट कॉर्प, प्रतिभा सिंटेक्स, श्रीजी पॉलिमर्स, और डीबी ग्रुप ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।  

वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीता डॉ. यादव ने, वन-टू-वन संवाद रहा अहम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वन-टू-वन बैठकों से खुले वैश्विक निवेश के नए द्वार सीएम यादव की सीधी बातचीत ने खोले विदेशी निवेश के नए रास्ते वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीता डॉ. यादव ने, वन-टू-वन संवाद रहा अहम टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल से लेकर औद्योगिक ट्रांसफॉर्मेशन पर हुई निवेश वार्ता विश्वस्तरीय कंपनियों ने जताई मध्यप्रदेश में निवेश की गहरी रुचि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बार्सिलोना प्रवास के तीसरे दिन विश्व की अग्रणी कंपनियों के शीर्ष पदाधिकारियों से वन-टू-वन मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के नए अवसरों को लेकर विस्तृत चर्चा की। सेनेटरीवेयर, वस्त्र, स्वास्थ्य सेवाएं, डाटा सेंटर, एनीमेशन, ब्रांडिंग और मीडिया नीति जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी वैश्विक कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेशकों की संभावनाओं को लेकर गंभीर रुचि प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले स्पेन की अग्रणी सेनेटरीवेयर कंपनी रॉका ग्रुप (Roca Group) के कॉर्पोरेट संचालन निदेशक पाउ अबेलो से भेंट की। इस दौरान देवास स्थित कंपनी की इकाई ‘रॉका बाथरूम प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Roca Bathroom Products Pvt. Ltd.) द्वारा किए गए ₹164.03 करोड़ के निवेश और 445 लोगों को दिए गए रोजगार पर संतोष व्यक्त किया गया। कंपनी ने मध्यप्रदेश में अपनी इकाई के विस्तार और विविधीकरण की योजना भी साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वस्त्र क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हेलोटेक्स ग्रुप (Helotex Group) के मालिक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोर्डी बोनारो ट्रियोलार्ट से भेंट हुई। कंपनी पहले से ही इंदौर स्थित ‘प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड’ (Pratibha Syntex Ltd.) के साथ साझेदारी में कार्यरत है। बैठक में वस्त्र उद्योग के विस्तार और निवेश प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने पर चर्चा हुई। अमेक (Association Multisectorial de AMEC) के निदेशक एलेजांद्रो गैलेगो अल्काइडे से मुलाकात में राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग, मीडिया एनालिटिक्स, एआई आधारित संचार रणनीतियों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश की पहचान को सशक्त करने की दिशा में सहयोग की सहमति बनी। एसएसएल-कोटिंग्स (पावर सॉइल) के प्रतिनिधि जीफ विशेप के साथ हुई बैठक में टिकाऊ सड़क निर्माण तकनीक “टेरा-3000” के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जो विशेष रूप से ग्रामीण सड़कों, नींव और सख्त मिट्टी में उपयोगी है। इस समाधान के माध्यम से पारंपरिक निर्माण सामग्रियों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। सोगो समूह के सतीश रायसिंघानी के साथ बातचीत में भारत और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में एसओजीओ ब्रांड के उत्पादों के विस्तार की संभावनाएं तलाशी गईं। एसओजीओ घरेलू उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स का एक मजबूत यूरोपीय ब्रांड है, जो भारतीय उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों की पहुँच बढ़ाना चाहता है। सर्विटाइज के सीईओ मार्क विंटर के साथ बैठक में औद्योगिक परामर्श, डिजिटल परिवर्तन और ग्राहक अनुभव आधारित समाधानों पर चर्चा हुई। यह कंपनी सेवा-आधारित व्यापार मॉडल के जरिये उद्यमों की दक्षता बढ़ाने में विशेषज्ञता रखती है और मध्यप्रदेश में MSME सेक्टर को स्मार्ट मॉडल से जोड़ने में रुचि रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नॉर्सेक ग्लोबल के निवेशकों के साथ भी सार्थक चर्चा हुई। स्पोर्ट्सफन टीवी एस.एल. के सह-संस्थापक सिद्धार्थ तिवारी से हुई बैठक में मध्यप्रदेश में फुटबॉल खेल के विकास हेतु प्रतिभा खोज, प्रशिक्षण शिविरों और अकादमियों की स्थापना के माध्यम से सहयोग की संभावनाएँ तलाशी गईं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी झारखंड सरकार के साथ पहले से इस दिशा में कार्यरत है और अब मध्यप्रदेश में भी इसी तरह की पहल को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के समक्ष राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए आवश्यक भूमि, जल, ऊर्जा और मजबूत आधारभूत संरचना सहज रूप से उपलब्ध है। उन्होंने राज्य की उत्कृष्ट लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, दक्ष मानव संसाधन, सुगम और पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में हासिल उल्लेखनीय उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और समर्थ राज्य है, जो वैश्विक कंपनियों के लिए दीर्घकालिक सहयोग के द्वार खोलता है।  

जशपुर में 74,000 परिवारों को मिला पक्का घर, PM आवास योजना से आई खुशहाली

जशपुर  छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ अंचलों के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है और हितग्राही अपने खुद के मकान में सुकून से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिला पंचायत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले में 74 हजार 346 मकान पूर्ण हो चुके हैं। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहां शासन की तीन योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है।  74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार सुरेशराम की पत्नी सुमित्रा बाई बताती हैं पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात सांप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी3 घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।  उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं। उन्होंने आगे बताया कि मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे जरूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।

बिहार के बाद अब मध्य प्रदेश में मखाना क्रांति, किसानों को मिलेगा नया विकल्प

नर्मदापुरम  गेहूं, चना, धान के साथ नर्मदापुरम जिले में मखाने की खेती (makhana cultivation) करने का प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग सब्सिडी देकर किसानों को इस खेती के लाभ बता रहा है। अभी तक 150 किसानों ने अपनी सहमति दे दी हैं। उन्हें मखाने उत्पादन का दरभंगा में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यानिकी फसलों में विस्तार करते हुए मखाने को भी जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में जिलेभर में लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाने लगाए जाएंगे। मखाने की खेती पहली बार की जाएगी। इसे लेकर किसान असमंजस में हैं। इसलिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उन्हें मखाने के उत्पादन से लेकर लाभ तक की जानकारी दे रहे हैं। किसानों की बढ़ेगी आय बाजार में 2 हजार रुपए क्विंटल बिकने वाले मखाने की खेती होने वाली अतिरिक्त आय के बारे में बताया जा रहा है। किसान को बताया जा रहा है कि इसमें खेत का उपयोग नहीं करना है। किसान अपने तालाब में सिंघड़ा की खेती की तरह ही मखाने की फसल लगा सकता है। अभी तक 150 किसानों को चिह्नित किया गया है। इन किसानों को दरभंगा रिसर्च सेंटर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जल्दी ही एक दल रवाना होगा।  किसानों को शासन करेगा मदद मखाना की खेती (makhana cultivation) के लिए शासन किसानों को सब्सिडी देगा, इसमें कितनी राशि होगी। इसका निर्धारण होना अभी की स्थिति में बाकी है। इसके लिए शासन स्तर से योजना की नीति आने वाली है। इसके हिसाब से जिले में मखाना खेती की योजना संचालित होगी। उद्यानिकी अधिकारी भी जाएंगे दरभंगा किसानों की तरह उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी मखाने लगाने की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए अधिकारियों की टीम दरभंगा जाएगी। यह टीम वहां मखाने की खेती में तकनीक का उपयोग कैसे किया जाता है, इसका प्रशिक्षण लेगी। प्रयोग किया जा रहा है जिले में पहली बार मखाने की खेती करने का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए अभी तक 150 किसान ने सहमति दी है। जल्द ही इन्हें दरभंगा में खेती करने को प्रशिक्षण दिलाएंगे। अधिकारियों को भी प्रशिक्षण मिलेगा।- रीता उईके, उप संचालक उद्यानिकी नर्मदापुरम

शिवभक्ति का नया अध्याय: 23 जुलाई को पार्थिव शिवलिंग निर्माण का विश्व रिकॉर्ड, शिवरात्रि पर होगा रुद्राभिषेक

सीहोर  सावन मास में आगामी 23 जुलाई को पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की शाम 7 से 8 बजे  हर घर में पूजा-अर्चना की गूंज सुनाई देगी। देश-विदेश में बसे श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित शिव महापुराण के माध्यम से यह संदेश दिया है कि सावन मास की इस पावन शिवरात्रि पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर सामूहिक रूप से उनका अभिषेक किया जाए। मान्यता है कि सामूहिक पूजा से आराध्य देवता शीघ्र प्रसन्न होते हैं। पिछले छह वर्षों से पंडित मिश्रा के आह्वान पर देश-विदेश में करोड़ों शिव भक्तों द्वारा पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर पूजन किया जा रहा है। इस बार श्रद्धालुओं में पहले से दोगुना उत्साह देखा जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पहुंच रहे हैं। वहां नियमित रूप से नि:शुल्क प्रसादी, पेयजल, नाश्ता और फलाहारी की व्यवस्था की गई है। 23 जुलाई को शिवभक्तों का दिव्य अनुष्ठान इस वर्ष का आयोजन 23 जुलाई बुधवार को शाम 7 से रात 8 बजे तक किया जाएगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर ‘हर-हर महादेव, घर-घर महादेव’ के संकल्प के साथ देश-विदेश में बसे भक्त अपने-अपने घरों पर पार्थिव शिवलिंग बनाएंगे और विधिपूर्वक जलाभिषेक करेंगे। यह आयोजन यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव प्रसारित किया जाएगा। पंडित मिश्रा ने अपने वीडियो संदेश में भक्तों से अपील की है कि वे पूजन के लिए ब्राह्मणों और संतों को आमंत्रित करें। यदि यह संभव न हो, तो श्रद्धालु टीवी या ऑनलाइन माध्यम से पूजा-अर्चना में भाग ले सकते हैं। मासिक शिवरात्रि का महत्व समिति के मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने बताया कि महाशिवरात्रि शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे। यह वह क्षण था जब ब्रह्मा और विष्णु ने पहली बार शिवलिंग का पूजन किया। प्रत्येक वर्ष एक महाशिवरात्रि और 11 मासिक शिवरात्रियां होती हैं। मासिक शिवरात्रि हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने इस व्रत को कर शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे।