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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू में तबाही, अर्धकुवारी के पास यात्रा ट्रैक बंद

कटरा  जम्मू में लगातार तीसरे दिन बारिश से हालात बद्तर होते जा रहे हैं. डोडा में बादल फटने की घटना से भी भारी तबाही हुई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण 10 से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल है. इसी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित बता दें कि डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने से भारी तबाही हुई. गनीमत ये है कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित कर दिया गया. जम्मू की लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं. रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद आज सुबह एहतियात के तौर पर 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया. बारहमासी राजमार्ग पर रोकी गई आवाजाही देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही जम्मू के उधमपुर और कश्मीर के काजीगुंड में रोक दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि मोधोपुर बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है और लगातार बढ़ रहा है, जिससे कठुआ जिले में रावी नदी के किनारे कई निचले इलाकों में भारी बाढ़ आ गई है. कठुआ में तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद, सहार खाद, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर एक साथ बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है. तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि जम्मू में यह फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है. चेनाब नदी भी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है. 27 अगस्त तक के लिए अलर्ट मौसम पूर्वानुमान में 27 अगस्त तक जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की संभावना जताई गई है. हाईवे बहा, इमारतें-दुकानें ढहीं, फुट ब्रिज भी नदी में समाया… कुल्लू-मनाली में बारिश का रौद्र रूप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. व्यास नदी में आए उफान ने यहां के कई इलाकों को प्रभावित किया है. कुल्लू-मनाली एनएच3 का लगभग 3 किलोमीटर बड़ा हिस्सा बह गया है. नदी का रुख अब एनएच की तरफ मुड़ गया है, जिससे सड़क के साथ बने एक निजी होटल को भी खतरा पैदा हो गया है. मनाली के बाहंग क्षेत्र में एक और दो मंजिला इमारत पानी की भेंट चढ़ गई. लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति और बिगड़ती जा रही है. इससे पहले सुबह यहां 2 रेस्टोरेंट और 2 दुकानें भी गिर चुकी थीं. अब व्यास नदी के जलस्तर बढ़ने से एक और दो मंजिला इमारत धराशायी हो गई. दवाड़ा के पास ब्यास नदी पर बना फुट ब्रिज भी नदी की तेज लहरों में समा गया. यह पुल लारजी पावर हाउस के नदी के दूसरे छोर पर बने भवन तक जाने का साधन था. जल स्तर बढ़ने के कारण पानी पुल तक पहुंच गया और कुछ ही देर में पूरा फुट ब्रिज धराशायी हो गया. ब्यास नदी का पानी अब हाईवे तक आ पहुंचा है. दवाड़ा के पास नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया है. प्रशासन का कहना है कि नदी के जल स्तर में यह बढ़ोतरी लारजी पावर हाउस के लिए भी खतरा पैदा कर रही है. वर्ष 2023 में भी यहां कुछ ऐसे ही हालात बने थे, जब पावर हाउस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार भी खतरा बना हुआ है. पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए हैं. डैम से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होने के कारण बग्गी टनल के लिए जाने वाली सप्लाई को रोकना पड़ा है, जिससे विद्युत उत्पादन भी बंद हो गया है. बीबीएमबी ने बताया कि ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है, उसे सीधे नदी में ही छोड़ा जा रहा है. पानी के फ्लो को देखते हुए डैम की फ्लशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी और अन्य नदी-नालों के पास न जाएं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से 27 अगस्त सुबह तक पंडोह डैम की फ्लशिंग जारी रहेगी. इस दौरान लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है. लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और नदी के उफान से कुल्लू-मनाली क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन ब्यास नदी के तेज बहाव ने खतरा और बढ़ा दिया है.

पटना और गया से सीधे काठमांडू, सिंगापुर, बैंकॉक… बिहार सरकार का बड़ा ऐलान

बड़ी खबर : बिहार से दुनिया तक सीधी उड़ान का नया दौर शुरू, पूरब, पश्चिम, उत्‍तर और दक्षिण दुनिया से जुड़ेगा बिहार!  बिहार से दुनिया तक सीधी उड़ान! 5 इंटरनेशनल रूट्स पर जल्द उड़ान भरेंगी विमान सेवाएं पटना और गया से सीधे काठमांडू, सिंगापुर, बैंकॉक… बिहार सरकार का बड़ा ऐलान   बिहार में हवाई क्रांति! पहली बार इंटरनेशनल फ्लाइट्स को मिलेगा VGF सपोर्ट  अब बिहार से सीधे विदेश! पर्यटन और व्यापार को मिलेगा नया आयाम  गया–शारजाह और पटना–काठमांडू सहित 5 रूट्स पर उड़ान भरेंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स   पूरब, पश्चिम, उत्‍तर और दक्षिण दुनिया से जुड़ेगा बिहार! पटना राज्‍य सरकार की ओर बिहार को अंतरराष्‍ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने का बड़ा प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत वीजीएफ राशि की घोषणा की गई है। यह VGF इसलिए दी जा रही है ताकि बिहार से उड़ान भरने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट को प्रोत्‍सा‍हन दिया जा सके। अपर मुख्‍य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय, एस सिद्धार्थ ने बताया कि हमारी कोशिश बिहार को चारों दिशाओं में इंटरनेशनल कनेक्टिविटी से जोड़ने की है।  सभी एयर लाइंस कंपनियों को भेजा पत्र एस. सिद्धार्थ ने आज कैबिनेट की ब्रीफिंग के दौरान इस बात की जानकारी दी कि इंटरनेशलन एयरलाइंस सेवा शुरू करने के लिए सरकार की ओर से कदम उठा दिया गया है। सरकार की ओर से देश के सभी इयरलाइंस कंपनियों के बिड आमंत्रित करने के लिए पत्र भेज दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निविदा के माध्‍यम से पूरी की जाएगी।  चारों दिशाओं के देश से जुड़ेगा बिहार  उन्‍होंने इस बात पर उत्‍साह जताया कि बिहार सरकार चारों दिशाओं लिए नये अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की नीति’ को मंजूरी दे दी है। इसके जरिये बिहार उत्‍तर में नेपाल, दक्षिण में कोलंबो, पूर्व सिंगापुर और पश्चिम शारजाह से सीधे कनेक्‍ट हो जाएगा।  छोटा प्‍लेन नहीं ले जा सकते : एस सिद्धार्थ इस नीति के तहत एयरलाइंस कंपनियों को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) से वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वे नई अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानें शुरू कर सकें। अपरमुख्‍य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय ने जानकारी दी कि अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों के लिए वीजीएफ उन हवाई जहाजों के लिए होगी जिनकी सिटिग कैपेसिटी (यात्रियों के बैठने की क्षमता) कम से कम 150 होगी। उन्‍होंने कहा कि वीजीएफ के जरिए सहायता छोटे प्‍लेन के नहीं है।    एस सिद्धार्थ का कहना है कि जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की भौगोलिक स्थिति बिहार को अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल और ट्रेड का बड़ा केंद्र बना सकती है। अब हमें इंतजार है कि एयरलाइंस कंपनियां इन आकर्षक रूट्स पर कब से उड़ान भरना शुरू करती हैं। किन रूट पर कितनी मिलेगी वीजीएफ की फंडिंग पटना–काठमांडू : 5 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–शारजाह : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–बैंकॉक : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–कोलंबो : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–सिंगापुर : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप इस नीती से ये होगा लाभ  बिहार सरकार का मानना है कि इस कदम से बिहार की राष्ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में हिस्सेदारी बढ़ेगी। इसके अलावा पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। नई अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई मार्ग तैयार होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बिहार राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए और सुलभ बनेगा।

प्रदेश के सभी थानों में CCTNS की स्वीकृति, 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर अवकाश (Public Holiday) रहेगा। यह फैसला आज कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक में लिया गया। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी पर अवकाश रहेगा। मोहन यादव सरकार ने तय किया है कि अब थानों में दर्ज होने वाले केस की जांच के लिए पुलिस के जांच अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे, जो जीपीएस कनेक्ट रहेंगे। सरकार ने एक अन्य प्रस्ताव में वन कोर्ट वन प्रॉसिक्यूटर नीति के अंतर्गत 610 नए प्रॉसिक्यूटर के पदों का सृजन करने का फैसला किया है। आत्म निर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाना होगा। मिट्टी, गोबर के गणेश बनाने वालो से संपर्क किया है। भारत खिलोने बनाने में विश्व में आगे बढ़ा है। उन्‍होंने कैबिनेट की निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में नगर निगम (Municipal Corporation) और नगर पालिका अध्यक्ष (Municipal Council) के डायरेक्ट चुनाव (Direct Election) कराएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के लिए अध्यादेश लाया जाएगा, अगली कैबिनेट के लिए। प्रदेश के सभी थाने सीसीएनटीएस प्रोजेक्ट के तहत छोटे टेबलेट साथ में लेकर जांच करने जाएगा। एनलाइन पंचनामा से लेकर जांच की जाएगी। जीपीएस आधारित होगा टेबलेट। 1732 टेबलेट खरीदे जा रहे 25 हजार का लक्ष्य है। पुलिस को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 75 करोड़ शुरुआती लागत है। प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। इसी तारतम्य में पुरानी व्यवस्था में शिकायतों के जरिये नगर पालिका नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने से रोकने के लिए सरकार अध्यादेश लाएगी। अभी जो निर्वाचन व्यवस्था है, उसमें अराजकता की स्थिति बनती है। आर्थिक लेन देन भी होता है और विवाद की भी स्थिति बनती है। 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीएनएस की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत थानों को टैबलेट देने का फैसला किया है। ये टैबलेट लेकर जांच अधिकारी विवेचना और जांच के लिए जा सकेंगे। इन टैबलेट के जरिये वीडियो, फोटो लिए जा सकेंगे। हर टैबलेट जीपीएस से लैस होगा। पुलिस अनुसंधान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। शुरुआत में 1732 टैबलेट खरीदे जाएंगे। कुल 25 हजार टैबलेट खरीदे जाना है। इसके चलाने के लिए पुलिसकर्मी को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 75 करोड़ रुपए इस पर खर्च होंगे। शहरी क्षेत्रों में जहां अच्छी कनेक्टिविटी है, पहले वहां इसे चालू किया जाएगा। हर कोर्ट में होगा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर विजयवर्गीय ने कहा कि वन कोर्ट, वन प्रॉसिक्यूटर की नीति के अंतर्गत प्रॉसिक्यूटर बढ़ा रहे हैं। न्यायालयीन मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे लोगों को जल्दी न्याय मिलेगी और सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर हारने से बचेगी। अतिरिक्त लोक अभियोजन के 185 पद, जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 225 और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 100 सहित कुल 610 कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं। इस पर 60 करोड़ 24 लाख 72 हजार का खर्च आएगा। थर्मल पावर में बिजली प्रोडक्शन के लिए कोयला कम नहीं होगा ताप विद्युत गृह का पूरा उपयोग करने के लिए यहां कोयले की आपूर्ति पूर्ण रखने का निर्णय लिया गया है। ग्रीन शो योजना ऊर्जा विभाग की ला रहे हैं। कोयले की भरपाई के लिए भारत सरकार से बात करेंगे। कोयला संग्रहीत कर रखेंगे ताकि बिजली की कमी न होने पाए। गांवों में 100 मेगावाट के सोलर,60 मेगावाट के विंड एनर्जी प्लांट लगेंगे पीएचई विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि गांवों में बिजली बिल कम करने के लिए एमपी जल निगम के माध्यम से नल जल योजना के अंतर्गत विंड और सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। जहां संभावना है, वहां पवन ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। सोलर से 100 मेगावाट और विंड एनर्जी से 60 मेगावाट के संयंत्र लगाने की तैयारी है। इस ऊर्जा का उपयोग नल जल योजना के बिजली बिल कम करने में किया जा सकेगा। उज्जैन-पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने सर्वे होगा उज्जैन से लेकर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सर्वे का काम दिया है। अभी डीपीआर बनाने का काम हो रहा है, जिसमें नौ लाख रुपए प्रति किमी अभी खर्च हो रहे हैं। उज्जैन से पीथमपुर की दूरी 84 किमी तक मेट्रो ट्रेन के लिए काम हो रहा है। सर्वे सिंहस्थ तक हो जाएगा और लेकिन काम नहीं हो पाएगा। इसमें देरी हो गई है। डीपीआर बनाने का काम अभी किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर रहेगा सामान्य अवकाश मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश घोषित किया। उन्होंने कहा कि अब से प्रदेशभर में गणेश चतुर्थी पर अवकाश रखा जाएगा। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को अवकाशों व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि गणेश चतुर्थी पर पहले सामान्य अवकाश दिया जाता था। अभी कलेक्टरों को इस पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित करने के अधिकार दिए गए हैं। यह भी लिए गए निर्णय     अतिरिक्त लोक अभियाजन सहित 610 कर्मचारी पद सृजन 60 करोड़ 24 लाख 672 करोड़ व्यय होंगे। ताप विद्युत गृह के लिए कोयला उपलब्ध कराने भारत सरकार के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाएंगे। ग्रीड शू परियोजना ला रहे हैं। कोयले का संग्रहण करेंगे।     मध्य प्रदेश जल निगम के तहत नल जल योजना के तहत बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट और विंड एनर्जी प्लांट लगाएंगे। 100 और 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे।     उज्जैन इंदौर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मेट्रो के लिए डीपीआर बना रहा है। यह 84 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट होगा।     जीतू पटवारी के महिलाओं के ज्यादा शराब पीने वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं धार्मिक हैं। जीतू पटवारी के इस बयान की मैं निंदा करता हूं।  

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 लागू करने पर लगी कैबिनेट की मुहर

बिहार में उद्योगों को नए तरीके से प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार  बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 लागू करने पर लगी कैबिनेट की मुहर  कैबिनेट में 26 एजेंडे मंजूर, 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को मुफ्त जमीन पटना राज्य में उद्योगों को नए सिरे से गति प्रदान करने के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति की घोषणा की गई है। इससे संबंधित बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईआईपीपी) 2025 की मंजूरी राज्य कैबिनेट की बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 26 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण उद्योग से जुड़े इस खास प्रोत्साहन पैकेज और इंडस्ट्रियल पार्क को मंजूरी दिया जाना है। कैबिनेट की बैठक के बाद इससे संबंधित विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव (सीएस) अमृत लाल मीणा ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। गौरतलब है कि 15 अगस्त गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई रियायतों की घोषणा की थी। इन्हें ही अमलीजामा पहनाते हुए कैबिनेट की मुहर लगाई गई है।         मुख्य सचिव श्री मीणा ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक सूबे में निवेश करने वाले उद्योगों के लिए मुफ्त औद्योगिक क्षेत्र की जमीन, टैक्स में छूट समेत अन्य खास प्रोत्साहन शामिल हैं। राज्य में 100 करोड़ या इससे अधिक का निवेश और 1 हजार रोजगार देने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक जमीन् मुफ्त जमीन मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही 1 हजार करोड़ या इससे अधिक रुपये का निवेश करने वाली कंपनियों को 25 एकड़ तथा फॉर्च्युन 500 की श्रेणी में आने वाली कंपनियों को मुफ्त 10 एकड़ जमीन दी जाएगी। इन्हें 1 रुपये के टोकन मनी पर बियाडा के स्तर से चिन्हित औद्योगिक पार्क या क्षेत्र में जमीन दी जाएगी। इससे कम निवेश करने वाली या इस दायरे से बाहर की कंपनियों को बियाडा की जमीन दर पर 50 फीसदी की छूट पर औद्योगिक जमीन मुहैया कराई जाएगी।   तीन तरह की वित्तीय सहायता उद्योग लगाने वालों को श्री मीणा ने बताया कि बिहार में उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तीन तरह के विकल्प दिए गए हैं। इन तीनों में किसी एक विकल्प को कोई भी औद्योगिक इकाई अपना सकती हैं। पहला विकल्प के तौर पर बैंक से लिए लोन पर ब्याज दर में 40 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता एवं स्टेट जीएसटी पर सौ फीसदी तक की छूट देना शामिल है। दूसरा, 14 वर्षों तक कुल एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति, जो अनुमोदित प्रोजेक्ट का 300 फीसदी तक होगा। अनुमोदित परियोजना का 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। तीसरा है, कैपिटल सब्सिडी प्रदान करना, जो स्वीकृत प्रोजेक्ट की लागत का 30 फीसदी तक हो सकता है। कुछ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी सूबे में निवेश करने वाली कंपनियों को कुछ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। इसमें निर्यात करने वाली कंपनियों को निर्यात प्रोत्साहन के तहत 14 वर्षों तक 40 लाख प्रति वर्ष की छूट देना। टेक्सटाइल इकाईयों के लिए 5 हजार रुपये प्रति महीने प्रति कर्मी देने वाली इकाईयों को ईएसआई एवं ईपीएफ में 300 प्रतिशत तक का लाभ। वहीं, दूसरी श्रेणी की कंपनियों के लिए 2 हजार रुपये मासिक देने वाले कर्मियों के लिए ईएसआई एवं ईपीएफ में 100 प्रतिशत तक का लाभ। इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण अनुदान, रिन्यूअल एनर्जी उपयोग, सीएफसी डेवलपमेंट प्रोत्साहन प्रदान की जाएगी। राज्य में विकसित किए जाएंगे 32 औद्योगिक पार्क सीएस अमृत लाल मीणा ने कहा कि पिछले वर्ष 2024 में सभी जिलों खासकर जहां औद्योगिक पार्क नहीं है या जमीन समाप्त हो गई है, तो वहां नए सिरे से इसे विकसित किया जा रहा है। राज्य में पिछले एक से सवा साल के दौरान 32 औद्योगिक पार्क विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके लिए 14 हजार 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बियाडा के माध्यम से किया गया है। इसमें 2 हजार 700 एकड़ सरकारी जमीन है, जिसमें 700 एकड़ का स्थानांतरण किया जा चुका है। 2 हजार जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बियाडा की तरफ से 8 हजार एकड़ जमीन अर्जित किया गया है। वहीं, पिछले एक-सवा वर्ष के दौरान 14 हजार 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है।        जहां-जहां औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, वहां से रेल और सड़क मार्ग की सुगम कनेक्टिविटी का खासतौर से ध्यान रखा गया है। पूर्णिया एक्सप्रेसवे के पास पूर्णिया के के-नगर अंचल में 66 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 279.65 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। दरभंगा के बहादुरपुर मौजा में 376 करोड़ रुपये की लागत से 385.45 एकड़, शिवहर के तरियानी अंचल में 105 करोड़ से 270 एकड़, रोहतास के शिवसागर अंचल में 154 करोड़ की लागत से 492.85 एकड़, शेखपुरा के चेवड़ा अंचल में 42 करोड़ 16 लाख रुपये से 250 एकड़ और भोजपुर के तरारी अंचल में 52 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से 249.48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। गिफ्ट सिटी की तर्ज पर बनेगा फिनटेक सिटी गुजरात के अहमदाबाद एवं गांधीनगर के बीच मौजूद गिफ्ट सिटी की तर्ज पर पटना जिला के फतुहां अंचल में फिनटेक सिटी को बनाया जाएगा। फतुहां के जैतीया मौजा के पास मल्टी मॉडल हब से सटे 408 करोड़ रुपये की लागत से 242 एकड़ का अधिग्रहण कर इस सिटी का निर्माण कराया जाएगा। इसका उदेश्य नवाचार आधारित उद्यमों, उन्नत तकनीक और निर्यात उन्नुख उद्योगों को एक ही परिसर में समावेशित कर एक प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाएगा। इससे राज्य में लॉजिस्टिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ‎

फिर कर्ज़ पर निर्भर मोहन सरकार! आज बाजार से 4800 करोड़ रुपए जुटाएगी

भोपाल  मोहन सरकार मंगलवार को फिर से 4 हजार 800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। दो पार्ट में 2300 करोड़ और 2500 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 5 अगस्त को 4 हजार करोड़ रुपए और जुलाई में 9100 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया था।  रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सिस्टम के जरिये मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज उठा रही है। आज लिया जा रहा पहला कर्ज 2300 करोड़ रुपए का होगा, जो 18 साल के लिए है। इसकी अदायगी राज्य सरकार ब्याज के जरिये हर छह माह में करेगी। इसी तरह 2500 करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 20 साल के लिए लिया जा रहा है जिसका भुगतान हर छह माह में ब्याज के जरिये किया जाएगा। दोनों ही कर्ज उठाने के बाद सरकार को 4800 करोड़ की रकम 28 अगस्त को मिलेगी। कुल कर्ज 4 लाख 49 हजार 640 करोड़ पहुंचेगा मोहन सरकार ने इसके पहले चालू वित्त वर्ष में 5 अगस्त, 30 जुलाई, 8 जुलाई, 4 जून और 7 मई को कर्ज लिए हैं। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज की राशि 27900 करोड़ रुपए और कुल कर्ज बढ़कर 449640.27 करोड़ रुपए हो जाएगा। 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ 27 लाख रुपए था। राजस्व सरप्लस के चलते लिया लोन सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए जा गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं।     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए थे। मई में ढाई हजार करोड़ का पहला कर्ज 12 साल के लिए लिया था, जिसका ब्याज सात मई 2037 तक चुकाना है। इसी तरह ढाई हजार करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 7 मई को ही 14 साल के लिए लिया है, जिसकी भरपाई सात मई 2039 तक ब्याज के रूप में होगी। एक हफ्ते में दूसरी बार कर्ज लेगी मोहन सरकार मोहन यादव सरकार एक हफ्ते के अंतराल में मंगलवार को फिर बाजार से चार हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होगा। दो-दो हजार करोड़ रुपए के यह कर्ज 22 साल और 6 साल के अवधि के हैं जिसका भुगतान सरकार छमाही ब्याज के रूप में करेगी। इसके साथ ही मोहन सरकार चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी होगी। इसके पहले चार मार्च को छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो-दो हजार की तीन किस्तों में लिया गया था। सरकार ने पिछले माह 20 फरवरी को जीआईएस के पहले भी 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। एक हफ्ते के अंतराल में सरकार दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। अभी कुछ और कर्ज लिए जा सकते हैं।

सरकार का फैसला: खरीदी केंद्रों की जगह अब गोडाउन को मिलेगी प्राथमिकता, अनाज खरीद होगी आसान

 भोपाल  प्रदेश में गेहूं, धान, चना और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी को और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब खरीदी केंद्रों की प्राथमिकता गोडाउन को दी जाएगी, जिससे खरीदे गए अनाज को ढोने में लगने वाला अतिरिक्त खर्च रोका जा सके। यह घोषणा अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेट लेवल प्रोक्योरमेंट रिफार्म कार्यशाला में की। शमी के मुताबिक पिछले रबी सीजन में करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। लगभग 20 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए। सरकार ने गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया। इसी तरह 6.50 लाख किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों के पंजीयन में अब आधार नंबर जोड़ा गया है। खरीदी केंद्रों से सीधे मिलर्स को धान देने की व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं के लिए नई पहल अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इंदौर से हो चुकी है। उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जा रही है, जिससे अपात्र लोगों को बाहर किया गया है। लगभग 5.70 लाख नए उपभोक्ता जोड़े गए हैं।

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को झटका, HC ने खारिज की EOW ऐक्शन के खिलाफ याचिका

रायपुर छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए चैतन्य बघेल ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सोमवार को भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य बघेल को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित प्रार्थना हो। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। वहीं एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी की। याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। इससे पहले ED की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। ईडी की कार्रवाई को लेकर भूपेश बघेल पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां से उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में बताया गया था कि ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने कथित शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई कथित घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंची। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED की ओर से उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई जिस पर 26 अगस्त तक ईडी से जवाब मांगा गया है।

रेल हादसा: रायपुर में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, जांच में जुटे अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे इस रूट से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत उरकुरा क्षेत्र में आज एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद, मरम्मत कार्य शुरू किया गया और यातायात बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के दो पहिए पटरी से उतर गए थे, इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रेन को पटरी पर लाने और प्रभावित लाइन को ठीक करने का काम तेजी से किया गया और कई घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार पटरी को क्लियर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उरकुरा से आरएसडी जाने वाली लाइन में हुआ। मालगाड़ी में ऑटो लोड था, जो कि पुणे से निकली थी। मालगाड़ी के डिरेल होने से होने से दो पैसेंजर गाड़ियां प्रभावित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शालीमार मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस शामिल है। जानकारी के अनुसार, रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे। इससे अप और डाउन रुट की सभी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर से चलकर बिलासपुर जानें वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और सालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस शामिल है, जिसे उरकुरा स्टेशन के पास रोक दिया गया था। वहीं मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक सेना का जवान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। इसके बाद जवान के ऊपर से एक के बाद एक 3 ट्रेनें गुजर गईं। हालांकि गश्त कर रहे गैंगमेन और कर्मचारियों की नजर जवान पर पड़ गई, जो बेहोश था। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और फिर जवान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार-शनिवार को देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। भूपेंद्र नासिक से जबलपुर जा रहे थे। इटारसी और सोहागपुर के बीच गुरमखेड़ी में अचानक वह ट्रेन से गिर गए। जानकारी मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और फिर जवान को दूसरी ट्रेन से सोहागपुर रेलवे स्टेशन लाया गया। इसके बाद इलाज के लिए भोपाल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल डॉक्टर की हालत ठीक है।  

रायपुर: गोद ग्राम सोनपूरी में राज्यपाल का जनसंवाद, योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने पर जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने अपने  खैरागढ़ प्रवास के दौरान अपने गोद लिए हुए  ग्राम सोनपूरी का भ्रमण किया और जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका लाभ अंतिम पंक्ति के हितग्राही तक पहुंचे। ग्राम सोनपूरी को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने शासन की योजनाओं का लाभ ले चुके हितग्राहियों से फीडबैक लिया। जनसंवाद के दौरान विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु  राजभवन से 5-5 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा की। इसी तरह ग्रामीणों द्वारा श्मशान घाट के रख-रखाव और बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग पर उन्होंने राजभवन से 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। इस  अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू, ग्राम सोनपुरी सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।