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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

सरकार ने जारी किया आदेश: होटल और पेट्रोल पंप के टॉयलेट अब आम लोगों के लिए खुलेंगे

भिंड जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की पहल पर अब नगर निकाय क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंपों में स्थित शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस संबंध में डूडा कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय को आदेशित किया गया है। अगर इनका उपयोग करने से कोई रोकता है तो संबंधित पर चालानी कार्रवाई भी की जा सकती है। नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान बता दें कि डूडा कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ वार्डों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप आदि पर बने सार्वजनिक शौचालयों को नागरिकों के लिए उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, इन संस्थानों पर स्थित शौचालयों की नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। नपा अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता मिशन एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। साफ-सफाई न रखने पर भी कार्रवाई करने का नियम स्थानीय निकायों को साफ-सफाई की नियमित जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शहरी सीमा क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। नपा टीम कर रही निरीक्षण शहर में इन दिनों प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया, नरेंद्र गुप्ता के द्वारा शहर में रेस्टोरेंट, होटल व पेट्रोल पंप का सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को नपा टीम के द्वारा शहर के इटावा रोड स्थित पेट्रोल पंप, 17वीं बटालियन सहित अन्य पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया गया। प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिन पेट्रोल पंप पर टॉयलेट नहीं बने हुए हैं या फिर उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे टॉयलेट को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है। जिन पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट में टॉयलेट नहीं हैं, उनमें टॉयलेट का निर्माण कराए जाने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। टॉयलेट में ताला डालकर नहीं कर सकते बंद बाजार व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, रेस्टोरंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट के गेट पर ताला डालकर बंद नहीं किया जा सकता। इस टॉयलेट का उपयोग आम नागरिक कभी भी कर सकते हैं। साथ ही टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी। अगर किसी टॉयलेट में गंदगी मिलती है या ताला डला मिलता है तो उस पर दो हजार या इससे अधिक तक का चालान भी किया जा सकता है। राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा – भिंड  ने बताया- होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट उपयोग करने लायक हैं या नहीं इसके निरीक्षण को लेकर स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इनमें से अगर कोई आम लोगों को टॉयलेट का उपयोग करने से रोकता है तो संबंधित के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। 

प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन

"प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

महू में CDS चौहान ने कहा, सुरक्षा के लिए सतत युद्ध की तैयारी जरूरी

इंदौर भारत को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनना है। हमें अब महाभारत की तरह शस्त्र और शास्त्र दोनों को साथ में लेकर चलना होगा। महाभारत का सबसे अच्छा योद्धा अर्जुन शस्त्र तो चला सकता था। परंतु शास्त्र का ज्ञान श्रीकृष्ण ने दिया तब जाकर पांडव युद्ध जीत सके। भारत एक शांतिप्रिय देश है। परंतु लेटिन में एक कहावत है। यदि शांति बनाए रखना है, तो हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहो। ये बातें चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने महू के आर्मी वार कॉलेज में मंगलावार को शुरू हुई दो दिवसीय ‘रण संवाद‘ कार्यक्रम में कही। तकनीक का युद्ध पर प्रभाव थीम पर आयाेजित इस संवाद कार्यक्रम में देश के तीनो सैन्य ईकाईयों के अधिकारी शामिल हुए। शुभारंभ मौके पर सीडीएस चौहान ने कहा कि पिछले दो साल से हम रणसंवाद जैसे कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। जिससे हम हमारी सेनाओं को पुन: आकार दे सकें। इस तरह के आयोजन में मिलने वाले सुझाओं को अमल में लाकर हम आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए कहा कि हर दिशा से आने वाली जानकारी व सुझावों पर ध्यान देकर विशलेषण करने की आवश्यकता है। तकनीक के साथ आधुनिकता को अपनाने वाला ही जीतेगा रेस     सीडीएस चौहान ने कहा कि सबसे बड़े अर्थशास्त्री कौटिल्य व चाणक्य ने कहा कि किसी भी युद्ध को जीतने के लिए शक्ति, उत्साह और युक्ति की आवश्यकता होती है।     हमें यह अभी भांपने की जरुरत है कि भविष्य में किस तरह के युद्ध हो सकते है। ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा लेकिन उसने हमें बहुत कुछ सिखाया और भविष्य के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।     तकनीकी रूप से युद्ध में मजबूती से डटे रहने की यह एक रेस है जिसमें सभी देश दौड़ रहे हैं। इसमें वही जीतेगा जो सबसे अधिक आधुनिक होगा।     भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए हमें तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा।     ऐसे में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), सायबर, क्वांटम और इलेक्ट्रानिक वारफेयर का समावेश कर अपनी सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण देने की जरूरत है।     राष्‍ट्र की सुरक्षा सभी के लिए सर्वाेपरि है। इसमें टेक्नोलाजी पार्टनरशिप, अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध व कूटनीति का अहम रोल है। रक्षा मंत्री समापन समारोह में होंगे शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार देर रात महू पहुंचे। वे महू में आयोजित रण संवाद कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को महू में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बुधवार को सैन्य रणनीति के इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा     दूसरे दिन युद्ध में इंटीग्रेट तकनीक के महत्व संबंधित प्रशिक्षण     भविष्य के लिए भारतीय नौसना तकनीकी तैयारी     जमीन युद्ध में मानव रहित प्रणाली का एकीकरण व 2035 तक बल संरचनाओं व सामरिक संचालन की पुनर्कल्पना।     अंतरिक्ष पर आधारित निगरानी और सेटकाम-ए ढांचे काे एकीकृत करना     डिजिटल युग में प्रतिद्वंदी की सप्लाय चैन को बाधित करना

प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा

श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर के लिये डी.पी.आर. बनाने परामर्श शुल्क की स्वीकृति प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय का निर्णय "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के साथ देश की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

गेहूं उत्पादन पर संकट, शिवराज बोले- जलवायु परिवर्तन और गर्मी है बड़ी वजह

ग्वालियर   एक तरफ देश में गेहूं का उत्पादन बढ़ रहा है. भारत गेहूं उत्पादन में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है. लेकिन अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बयान देकर देश के गेहूं उत्पाादकों को चौंका दिया है. शिवराज के अनुसार "देश में गेहूं का उत्पादन घट सकता है. इसका सबसे बड़ा कारण है जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान." ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय में गेहूं पर सेमिनार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही. शिवराज का कहना है "भले ही हम गेहूं के क्षेत्र में नए मुकाम स्थापित कर रहे हैं लेकिन बदलते माहौल में नई चुनौतियों पर चर्चा करना जरूरी हो जाता है." राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 64वें अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी कार्यक्रम में शामिल होने शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर पहुंचे. लाल गेहूं पर आत्मनिर्भर बन रहा भारत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा " एक जमाना था जब हम अमेरिका से PL480 लाल गेहूं आयात कर खाते थे, लेकिन हमारे किसान और वैज्ञानिकों की बदौलत और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत उत्पादन फसलों का बढ़ा है. गेहूं के उत्पादन में भी भारत ने नए रिकॉर्ड बनाये हैं." शिवराज ने कहा "आने वाले समय में चुनौतियां हमारे सामने हैं. उनका मुक़ाबला करते हुए हम ऐसी किस्मों को विकसित करें, जिससे गेहूं का उत्पादन लगातार बढ़े. गेहूं की कई नई किस्मे भी वैज्ञानिकों ने विकसित की हैं, जिनमे बायो फोर्टीफाइड फ़सलें भी शामिल हैं, जो पोषण के लिए भी बहुत उपयुक्त है. ग्लूटिन की मात्र कम करने पर भी काम किया जा रहा है." अगले महीने दिल्ली में होगी रबी फसलों पर कॉन्फ्रेंस शिवराज ने बताया "फसल चक्र के अनुसार अब रबी की फ़सलें आने वाली हैं. रबी फसलों में कैसे बेहतर उत्पादन कर सकें, इस पर मंथन के लिए दिल्ली में आने वाली 14-15 सितंबर को रबी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमे कृषि वैज्ञानिकों के साथ ही राज्य सरकारों के कृषि मंत्री, कृषि विशेषज्ञ और केंद्र सरकार के सभी अधिकारी और वैज्ञानिक इस पर विचार करेंगे." अक्टूबर में विकसित कृषि संकल्प अभियान होगा शुरू केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आने वाले समय में कृषि संकल्प अभियान के बारे में भी जानकारी दी. लैब में जो अनुसंधान होते हैं, उन्हें सीधा किसान तक किस तरह लेकर जाएं, इसके लिए आने वाले 3 अक्टूबर से खरीफ की तरह ही अब रबी फसलों के लिए विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं. भारत में गेहूं का उत्पादन लगातार बढ़ा दुनिया में भारत गेहूं उत्पादन के मामले में तीसरे नंबर पर है. हाल के वर्षों में देश में गेहूं उत्पादन लगातार बढ़ा है. रबि की गेहूं मुख्य फसल मानी जाती है. एक रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में भारत में गेहूं उत्पादन 112.18 मिलियन टन तो 2023-24 में बढ़कर लगभग 114 मिलियन टन तक पहुंचा. भारत गेहूं उत्पादन का बड़ा हिस्सा घरेलू खपत में इस्तेमाल करता है. विश्व के गेहूं उत्पादक प्रमुख देश अमेरिकी कृषि विभाग की फॉरेन एग्रीकल्चर सर्विस (FAS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार चीन दुनिया में सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन करता है. दुनियाभर में गेहूं उत्पादन का 18 फीसदी हिस्सा चीन में होता है. दूसरे नंबर पर आता है यूरोपीय यूनियन (EU). इनमें कई विकसित देश शामिल हैं. यहां अगर विश्व पटल से तुलना करें तो कुल मिलाकर गेहूं का उत्पादन 15 फीसदी होता है. दुनिया में गेहूं उत्पादन में भारत तीसरे नंबर तीसरे नंबर पर आता है भारत. गेहूं भारत की मुख्य फसल मानी जाती है. अगर विश्व पटल से तुलना करें तो भारत की हिस्सेदारी करीब 14 फीसदी है. चौथे नंबर पर आता है रूस. रूस ने पिछले साल वैश्विक स्तर पर लगभग 10 फीसदी गेहूं का उत्पादन किया. वहीं, अमेरिका का स्थान दुनिया में 5वां है. इससके बाद कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, यूक्रेन और फिर तुर्की का स्थान आता है. 

भारत पर ट्रंप टैरिफ का असर, शेयर बाजार बुरी तरह प्रभावित, बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के साथ जो गिरावट शुरू हुई, वो मार्केट क्लोज होने तक बढ़ती ही चली गई और अंत में दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर बंद हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 849 अंक की तगड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 255 अंक टूटकर क्लोजिंग की. इस बीच लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप कंपनियों तक के शेयर भरभराकर टूटे. बाजार में अचानक ये बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा 25% टैरिफ की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद आई.  849 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी धराशायी बीएसई का सेंसेक्स मंगलवार को 81,377.39 पर ओपन होने के बाद दिनभर गिरावट में कारोबार करता हुआ नजर आया और 80,685.98 के स्तर तक फिसला. हालांकि शेयर मार्केट के बंद होते-होते मामूली रिकवरी देखने को मिली फिर भी Sensex अंत में 849.37 अंक या 1.04% की गिरावट लेकर 80,786.54 पर बंद हुआ. इसके अलावा Nifty ने भी बड़ी गिरावट लेकर कारोबार खत्म किया. एनएसई का ये इंडेक्स 24,899.50 पर ओपन होने के बाद कारोबार के दौरान 24,689.60 के स्तर तक टूटा और अंत में 255.70 अंक या 1.02% फिसलकर 24,713.05 पर बंद हुआ. इन बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे शेयर मार्केट में मंगलवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच देश की बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. मार्केट क्लोज होने पर लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SunPharma Share (3.40%), Tata Steel Share (2.88%), Bajaj Finance Share (2.67%), Trent Share (2.45%), M&M Share (2.02%), Bajaj Finserve Share (2%), Reliance Stock (2%) और Axis Bank Share (1.86%) गिरकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप में ये स्टॉक टूटे बात करें मिडकैप कैटेगरी पर ट्रंप टैरिफ के असर की, तो इसमें शामिल PEL Share (4.81%), Gillette Share (3.49%), Solar Inds Share (3.44%), Bandhan Bank Share (3.30%), MRF Share (3.28%) फिसलकर बंद हुआ. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल Infobeam Share (8.38%), JK Paper Share (7.38%) तक गिरकर बंद हुए.  ट्रंप के टैरिफ अटैक से सहमा बाजार गौरतलब है कि US President डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और ये 1 अगस्त से प्रभावी है. इसके भारत की रूसी तेल और हथियार खरीद को मुद्दा बनाते हुए उन्होंने एक्स्ट्रा 25% टैरिफ का ऐलान किया था और ये अतिरिक्त टैरिफ कल यानी 27 अगस्त 2025 से लागू होने वाला है. भारत से आयातित वस्तुओं पर इस अतिरिक्त टैरिफ लगाने की औपचारिक अधिसूचना अमेरिका की ओर से जारी कर दी गई है. इसके बाद भारत ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा 50% Trump Tariff झेलने वाला देश बन जाएगा. इसका असर प्रभाव एनर्जी से लेकर फाइनेंस स्टॉक, बैंकिंग और स्टील शेयरों में गिरावट के रूप में देखने को मिला.  टूटते बाजार में भी उछले ये शेयर इस गिरावट के दौर में भी Eicher Motor के शेयर 2.65 फीसदी चढ़कर, HUL के शेयर 2.38 फीसदी और मारुति के शेयर 1.85 फीसदी चढ़कर बंद हुए. हालांकि रेनुअल एनर्जी के स्टॉक्स में थोड़ी तेजी दर्ज की गई. मिडकैप स्टॉक्स Waree एनर्जी के शेयर 3.45 फीसदी, VMM के शेयर 2.89 फीसदी और प्रीमियर एनर्जी के शेयर करीब 1 फीसदी चढ़कर बंद हुए. स्मॉलकैप कैटेगरी में Craftsman के शेयर साढ़े 5 फीसदी चढ़कर बंद हुए.

रायपुर: CM विष्णु देव साय ने ओसाका की SAS सानवा कंपनी को छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण दिया

रायपुर : CM साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित राज्य में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा  होगी स्थापित: कृषि मूल्य शृंखला और रोजगार को मिलेगा नया आयाम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कियामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कियामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – साहित्यकार ही संस्कृति और परंपरा के असली संरक्षक

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के साहित्यकारों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि साहित्य समाज का आईना होता है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से संस्कृति, परंपरा, संवेदना और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। विंध्य की यह गौरवशाली परंपरा है कि यहां के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि विंध्य की साहित्यिक धरती की सामूहिक उपलब्धि है। यह गौरव पूरे प्रदेश का है और साहित्यकारों के इस योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों को मंत्रालय भोपाल में सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र, डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ एवं डॉ. विवेक द्विवेदी का शॉल और श्रीफल प्रदान कर अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि विंध्य क्षेत्र के 6 साहित्यकार/लेखकों को प्रतिष्ठित मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र के 6 लेखकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनमें से 4 लेखक रीवा के निवासी हैं। डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र को ‘रिश्तन केर निबाह’ बघेली कहानी संकलन के लिए विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार वर्ष-2023 से सम्मानित किया गया है। डॉ. चंद्र ने 8 निबंध संग्रह, 1 कविता संग्रह और 2 बघेली कहानी संकलन की रचना की है। डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को ‘मेरा परिचय-मेरी कविता’ गीत संग्रह के लिए वर्ष-2023 का वीरेन्द्र कुमार मिश्र साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डॉ. विवेक द्विवेदी को ‘सुनो कावेरी’ कहानी संकलन पर सुभद्रा कुमारी चौहान साहित्य एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉ. द्विवेदी ने 9 उपन्यास और 10 कहानी संग्रह लिखे हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. प्रमोद जैन को लघु कथा संग्रह ‘सेल्फी’ पर जैनेन्द्र कुमार पुरस्कार और मैहर निवासी सीताशरण गुप्त को बघेली कविता संग्रह ‘जगन्नाथ केर प्रसाद’ के लिए वर्ष-2022 का विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बाल साहित्य पर पाणि पंकज पांडे को वर्ष-2022 का हरिकृष्ण देवसरे मध्यप्रदेश साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।