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भोपाल के सरकारी स्कूल में हादसा, एमएलबी स्कूल की क्लास में गिरा प्लास्टर, दो बच्चियों को चोट

भोपाल भोपाल के एक पीएमश्री स्कूल में चलती कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर छात्राओं पर गिरने से हड़कंप मच गया। सभी छात्राएं और शिक्षक कक्षा से निकलकर बाहर आ गए। इस हादसे में दो छात्राएं घायल हो गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला भोपाल के बरखेड़ा स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल (एमएलबी) का है। इस स्कूल का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में तीन साल पहले हुआ था, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत और सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बता दें कि इसी स्कूल में बीते शुक्रवार 11 जुलाई को भी एक कक्षा में छत का प्लास्टर गिरा था। शुक्र है कि उस दौरान कक्षा में कोई विद्यार्थी या शिक्षक उपस्थित नहीं था।   बारिश के बाद सीलन की समस्या इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को एक शिकायत पत्र लिखा था, इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं किया गया। बल्कि यह निर्देश दे दिए गए कि इन कमरों में कक्षाएं न लगाई जाएं। स्कूल प्राचार्य स्मिता मेश्राम ने बताया कि स्कूल की कक्षाओं में वर्षा के बाद से ही सीलन की समस्या बनी हुई है, जिसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन विभाग कोई सुधार कार्य नहीं कर रहा है। शौचालय भी खराब स्थिति में छात्राओं ने बताया कि स्कूल में बने शौचालयों की भी हालत बेहद खराब है, वह गंदे पड़े रहते हैं। लोहे के दरवाजे नीचे से गल गए हैं, दीवारों पर भी सीलन है। हर साल वर्षा में यही स्थिति होती है। वहीं, शिक्षकों ने बताया कि पूरे स्कूल में सीलन की समस्या है। कई कमरों की छत का प्लास्टर गिर रहा है।  

मध्य प्रदेश: कुछ दिन राहत भरा रहेगा मौसम, बारिश के सिस्टम हुए निष्क्रिय

भोपाल  अवदाब का क्षेत्र अब राजस्थान की तरफ चला गया है। मानसून द्रोणिका भी ऊपर की तरफ चली गई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण अभी दो-तीन दिन तक बारिश बारिश के आसार नहीं हैं। वातावरण में बड़े पैमाने में नमी रहने के कारण कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं। उधर, शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिर्फ श्योपुर में दो मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि पूर्वी राजस्थान और उससे लगे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र पर अवदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके कमजोर पड़कर गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका अवदाब के क्षेत्र से होकर फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर, बांकुरा, कोंटाई से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।   पूर्वी और उत्तरी इलाकों में हुई भारी बारिश एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव मध्य प्रदेश पर अब नहीं है। इस वजह से दो-तीन दिन तक भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। इस वजह से उस क्षेत्र में काफी नमी बरकरार है। इस कारण तापमान बढ़ने की स्थिति में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक श्योपुर में 48.2, शिवपुरी में 36, गुना एवं ग्वालियर में 33.2, नौगांव में 28, दतिया में 14.2, पचमढ़ी में 8.2, टीकमगढ़ में छह, जबलपुर में पांच, खजुराहो में चार, सिवनी में 3.2 और मलाजखंड में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई।

माओवादियों की बिछाई मौत की राह में फंसा किशोर, गंभीर रूप से घायल

 बीजापुर  छत्तीसगढ़ की जमीन से माओवाद के खातमे को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच माओवादी भी रह-रहकर कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीजापुर के भोपालपटनम थाना क्षेत्र के माओवाद प्रभावित कोंडापडगु में शनिवार की शाम माओवादियों का एक और अमानवीय कृत्य सामने आई, जिसमें जंगल में मवेशी चराने गया एक 16 वर्षीय किशोर माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार शनिवार की शाम को कोंडापडगु निवासी कृष्णा गोटा पिता फकीर मवेशी चराने जंगल गया हुआ था, तभी जमीन में दबे हुए प्रेशर आइईडी पर उसका पैर पड़ गया। जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कृष्णा के पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। इलाज जारी, स्थिति गंभीर घायल बालक को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, परंतु समय पर चिकित्सा मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर तलाशी अभियान प्रारंभ कर दिया है। माओवादियों के लगाए हुए अन्य विस्फोटकों की खोज के लिए विशेष टीम भेजी गई है। माओवादी अपनी जान बचाने खतरे में डाल रहे निर्दोषों की जान बस्तर में सुरक्षा बलों के अभियान से डरे माओवादी अपनी जान बचाने जंगलों में बारूद बिछा रहे हैं, पर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक दर्जन से अधिक ग्रामीण माओवादियों के लगाए विस्फोटक की चपेट में आकर घायल हुए हैं, या मारे गए हैं। पुलिस ने जनता से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें तथा यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

अहमदाबाद में जहर खाकर एक ही परिवार के 5 लोगों ने दी जान, शहर में सनसनी

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक ही परिवार के पांच लोगों ने कथित रूप से जहर खाकर जान दे दी। मृतकों में पति-पत्नी उनकी दो बेटियां और एक बेटा शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं। सामूहिक खुदकुशी की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ने बताया कि बावला स्थित किराए के मकान में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने जहरीला तरल पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण अभी पता नहीं चल सका है। सभी मूल रूप से ढोलका के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान विपुल वाघेला (32), उसकी पत्नी सोनल (26) और उनके बच्चों करीना (11), मयूर (8) और राजकुमारी (5) के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस को सामूहिक आत्महत्या का शक भाषा के मुताबिक, अहमदाबाद जिले में शनिवार देर रात एक दंपती और उनके तीन बच्चों के शव उनके घर से बरामद किए गए। पुलिस को शक है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है। पुलिस अधीक्षक अहमदाबाद (ग्रामीण) ओम प्रकाश जाट ने बताया कि यह घटना बगोदरा गांव में हुई और पुलिस को इसकी सूचना देर रात करीब 2 बजे मिली। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘ एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उसके तीन बच्चों ने बगोदरा स्थित अपने किराए के मकान में जहर खाकर जान दे दी। व्यक्ति ऑटो-रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करता था और परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।’’ पुलिस और फॉरेंसिक टीम घर की तलाशी लेने के साथ ही सबूत इकट्ठे कर रही हैं। इसके साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं 8 जून 2025 : इससे पहले गुजरात के मेहसाणा जिले में आर्थिक तंगी के चलते एक दंपती ने अपने 9 साल के बेटे के साथ कडी कस्बे के पास नर्मदा नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मृतकों में 38 साल के धर्मेश पंचाल, 36 साल की उनकी पत्नी उर्मिला और 9 साल के बेटे प्रकाश शामिल था। पुलिस ने धर्मेश की कार से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, परिवार आर्थिक संकट के कारण तनाव में था। 13 अप्रैल 2025 : गुजरात के साबरकांठा जिले के वडाली कस्बे में एक किसान ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रात में जहर खा लिया था। पति-पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वडाली थाना पुलिस ने बताया था कि दंपती, उनके दो बेटों और एक बेटी को शनिवार सुबह उल्टियां होने लगी, जिसके बाद पड़ोसियों ने एम्बुलेंस बुलाई और परिवार के पांचों सदस्यों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां किसान की शाम के वक्त और उनकी पत्नी की रविवार सुबह मौत हो गई। मृतकों की पहचान विनू सागर (42) और उनकी पत्नी कोकिलाबेन (40) के रूप में हुई थी।  

जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, मानसून सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा

 नई दिल्ली संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले आज (20 जुलाई) सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11:00 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक में सरकार सभी राजनीतिक दलों से संसद के दोनों सदनों के सुचारु संचालन चलाने को लेकर बात कर रही है। इस सत्र में केंद्र सरकार 8 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भाग ले रहे हैं, जहां सरकार का प्रतिनिधित्व संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कर रहे हैं। कांग्रेस के गौरव गोगोई और जयराम रमेश, राकांपा-शरद पवार की सुप्रिया सुले, द्रमुक के टी.आर. बालू और आरपीआई (ए) नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी बैठक में शामिल हो रहे हैं। मानसून का यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। गौरतलब है कि 12 अगस्त से 18 अगस्त के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है। सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद आप सांसद संजय सिंह कहते हैं, मैं सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे जेपी नड्डा से अनुमति लेकर किसी अन्य महत्वपूर्ण बैठक में जा रहा हूं। मैंने अपनी पार्टी की ओर से जो मुद्दा उठाया है, वह यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कह रहे हैं कि उन्होंने ट्रेड डील के नाम पर सीजफायर करवाया, सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। दिल्ली में झुग्गियां तोड़ी गईं और मैंने यह मुद्दा उठाया है और सरकार को इसे रोकना चाहिए।  बिहार में एसआईआर की यह कवायद बंद होनी चाहिए… अगर सरकार जवाब नहीं देती है, तो हम सदन के अंदर और बाहर सवाल उठाएंगे। इससे पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री रिजिजू ने कहा था कि सरकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मामलों और लंबित विधेयकों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, संसद शुरू होने वाली है। संसद में जो भी मुद्दा आएगा, हम उसे सुनेंगे। कल खरगे जी और राहुल जी के साथ मेरी बहुत अच्छी बैठक हुई। मैं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नियमित बैठकें करता रहता हूं। एक संसदीय मंत्री होने के नाते, सभी के साथ समन्वय बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है। आठ नये विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार केंद्र सरकार सोमवार (21 जुलाई 2025) से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कुल आठ नये विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है जिनमें भू-विरासत स्थलों और भू-अवशेषों के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित एक विधेयक भी शामिल है। मानसून सत्र के लिए प्रस्तावित विधेयकों में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक शामिल है।

ट्रेलर की टक्कर से बड़ा हादसा: बाबा धाम जा रहे चार श्रद्धालुओं की जान गई

बलिया बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

सड़क पर बिछीं लाशें, उजड़ गया परिवार: भंडारे में शामिल होने जा रहे थे सभी

मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई। धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।   अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था। भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई। जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।  

यात्रियों को राहत: भोपाल-सागर मार्ग पर रफ्तार और सुविधा दोनों मिलेगी

भोपाल/सागर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है। मोरीकोड़ी-विदिशा बायपास तक काम पूरा रायसेन जिले के मोरीकोड़ी से विदिशा तक 20.5 किलोमीटर के खंड में फोरलेन सड़क का निर्माण 85 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक 95 प्रतिशत से अधिक कार्य कर लिया गया है। ज्यादातर कार्य विदिशा बायपास से मिर्जापुर तक बाकी है। इस हिस्से में अभी पांच से छह महीने का वक्त लगेगा। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक के हिस्से में अधिकतम तीन से चार महीने में आवागमन शुरू हो जाएगा। करीब 320 करोड़ से स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर न केवल विदिशा से रायसेन की बल्कि भोपाल की दूरी भी सांची व सलामतपुर से होकर जाने की तुलना में 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।

E20 फ्लाइंग टैक्सी डील: UAE और चीन ने मिलाया हाथ, इलेक्ट्रिक एविएशन में बड़ी छलांग

दुबई  चीन ने इलेक्ट्रिक और हवाई तकनीक में एक बड़ी छलांग लगाई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चीन की E20 फ्लाइंग टैक्सियों के लिए 1 अरब डॉलर का सौदा किया है, जिसमें 350 टैक्सियां शामिल हैं. यह अब तक का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) ऑर्डर है. ये टैक्सियां 5 सीटों वाली हैं, 320 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ सकती हैं. 200 किमी की रेंज रखती हैं. यह सौदा चीन के इलेक्ट्रिक विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.  कैसे होगी बुकिंग? लोग मोबाइल ऐप से एयर टैक्सी बुक कर सकेंगे। यह Uber की तरह ही होगा। Joby, Uber का ग्लोबल पार्टनर है। इसलिए मुमकिन है कि लोग एक ही ऐप से टैक्सी बुक कर सकें, उसमें चढ़ सकें और पैसे भी दे सकें। धीरे-धीरे, यह सेवा होटलों और खास जगहों तक भी पहुंच जाएगी। इससे एयरपोर्ट से सीधे अपनी मंजिल तक जाना आसान हो जाएगा। कितना होगा किराया? अभी तक किराये की सही जानकारी नहीं मिली है। लेकिन Conde Nast Traveller के अनुसार Joby का अनुमान है कि एक ट्रिप का किराया लगभग 75 डॉलर (करीब 6464 रुपये) होगा। यह उबर ब्लैक की महंगी राइड जैसा होगा। टैक्सी के अंदर कांच की दीवारें और छत तक विंडशील्ड होगी। इससे उड़ान के दौरान दुबई शहर का शानदार नजारा देखने को मिलेगा। कितने यात्री बैठ सकेंगे? जॉबी का कहना है कि एयर टैक्सी की सैकड़ों टेस्ट उड़ानें हो चुकी हैं। ये उड़ानें 60,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक हुई हैं। सभी विमानों को लाइसेंस वाले पायलट उड़ाएंगे। कंपनी का कहना है कि लोगों के लिए शुरू करने से पहले सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। हर एयर टैक्सी में एक पायलट और चार यात्री बैठ सकेंगे। इसकी टॉप स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। E20 फ्लाइंग टैक्सी क्या है? E20 एक आधुनिक इलेक्ट्रिक विमान है, जो वर्टिकल टेकऑफ कर सकता है. बिना रनवे के उतर सकता है. इसे शंघाई की TCab टेक्नोलॉजी कंपनी ने बनाया है. इसकी खासियतें हैं…     सीटें: 5 लोग (1 पायलट और 4 यात्री).     रफ्तार: अधिकतम 320 किमी/घंटा.     रेंज: 200 किमी तक उड़ान.     वजन: हल्का और पर्यावरण के लिए सुरक्षित.     डिजाइन: टिल्ट-रोटर तकनीक, जो इसे हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज का मिश्रण बनाती है. यह टैक्सी शोर कम करती है. प्रदूषण भी कम करती है, जो इसे शहरों के लिए आदर्श बनाता है. यूएई और चीन का सौदा यह सौदा पिछले साल चीन इंटरनेशनल इम्पोर्ट एक्सपो में शुरू हुई साझेदारी का नतीजा है. यूएई की कंपनी ऑटोक्राफ्ट ने TCab टेक्नोलॉजी के साथ 350 E20 टैक्सियों के लिए करार किया. पहली डिलीवरी तभी होगी, जब चीन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAAC) से एयरवर्थीनेस सर्टिफिकेट मिलेगा. यह सौदा मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में कम ऊंचाई वाले पर्यटन और शहरी हवाई गतिशीलता के लिए होगा. चीन के लिए यह क्यों खास है? चीन ने अपने ‘लो-ऑल्टिट्यूड इकोनॉमी’ प्रोग्राम के तहत इस तकनीक को बढ़ावा दिया है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक 1 लाख ड्रोन और eVTOL विमान हवा में लाना है. E20 का सौदा दिखाता है कि चीन की तकनीक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भरोसा जीत रही है. इसके पीछे चीन की सस्ती एविएशन और बैटरी सप्लाई चेन है, जो इसे यूरोप और अमेरिका से सस्ता बनाती है. यूएई को क्या फायदा? यूएई, जो पर्यटन और आधुनिक तकनीक में आगे है, इस सौदे से कई लाभ लेगा…     पर्यटन: दुबई और अबू धाबी में हवाई पर्यटन को नया रूप मिलेगा.     शहरी यातायात: भीड़भाड़ से बचने के लिए हवाई टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है.     आर्थिक विकास: यह सौदा UAE की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और नई नौकरियां पैदा करेगा. चुनौतियां और भविष्य इस तकनीक को लागू करने में रेगिस्तानी मौसम, नियामक मंजूरी और बुनियादी ढांचे की जरूरतें चुनौती हैं. फिर भी, TCab टेक्नोलॉजी का प्लान अबू धाबी से शुरू कर आसपास के शहरों तक विस्तार करना है. कुछ लोग मानते हैं कि यह सौदा चीन को इलेक्ट्रिक विमानन में विश्व नेता बना सकता है.

स्वस्थ पर्यावरण की ओर कदम: इंदौर में शुरू होगा मध्यप्रदेश का पहला ऑक्सीजन गार्डन

     इंदौर में बनेगा प्रदेश का पहला ऑक्सीजन गार्डन, लगेंगे लाखों पौधे     अगले एक साल में 50 टन कचरा कम करने का लक्ष्य।     तीन साल पहले सूखा कचरा 650-750 टन था।     अब शहर में सूखा कचरा 450-500 टन हो गया है। इंदौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत देशभर में अब तक 141 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। पीएम मोदी के आव्हान पर यह पर्यावरणीय जनांदोलन निरंतर प्रगति पर है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार के नेतृत्व में यह संकल्प तेजी से धरातल पर साकार होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा और मार्गदर्शन तथा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की सक्रिय पहल से प्रदेश में पहली बार "ऑक्सीजन गार्डन" की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।   इंदौर शहर अब ग्रीन सिटी बनने की तैयारी में जुटा है। दिल्ली में स्वच्छ सर्वेक्षण के सम्मान समारोह के बाद हुई राउंड टेबल कांफ्रेंस में इंदौर निगम ने अपने ग्रीन सिटी बनने वाले का भविष्य का रोडमैप बताया। इसमें कचरे के साथ पानी व ऊर्जा के माडल पर काम किया जाएगा। शहर की लगातार बढ़ती आबादी, भौगोलिक स्तर पर शहर को होते विस्तार के कारण इंदौर बढ़ते कचरे को कम करने के लिए अभी से प्रयासरत है। इंदौर में हर दिन 1250 टन गीला व सूखा कचरा उत्पन्न होता है। पिछले तीन साल में इंदौर ने 250 टन सूखा कचरा कम किया। तीन साल में 19 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कचरा कम किया गया। वहीं अगले एक साल में इंदौर नगर निगम 21 से 22 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कचरा कम करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस तरह इंदौर में अगले एक साल में 250 टन के अलावा 50 टन अतिरिक्त कचरा कम करने की तैयारी है। इंदौर में 11 एकड़ में विकसित होगा ऑक्सीजन गार्डन इंदौर के कनाडिया क्षेत्र स्थित गुलमर्ग परिसर के पीछे 11 एकड़ के पहाड़ी क्षेत्र में इस विशाल हरित परियोजना की शुरुआत की जाएगी। इस संबंध में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यावरणीय केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, इंदौर जनपद अध्यक्ष विश्वजीत सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। औषधीय पौधों और पक्षी विहार से सजेगा हरित क्षेत्र इस पहाड़ी क्षेत्र पर नीम, पीपल, बरगद, अशोक, आम, महुआ, रेन ट्री, जामुन, उंबर सहित लाखों की संख्या में औषधीय एवं छायादार प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। यह ऑक्सीजन गार्डन न केवल नागरिकों को शुद्ध वायु प्रदान करेगा, बल्कि पक्षियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के आगमन से यह स्थल एक प्राकृतिक पक्षी विहार और पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होगा। पौधों की सिंचाई के लिए गुलमर्ग परिसर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट से पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी मंत्री सिलावट ने दिए हैं। जन भागीदारी से बनेगा पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मानित नागरिकों, व्यापारी संगठनों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, किसान संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। यह ऐतिहासिक पहल आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इसी अवसर पर सिलावट ने कनाडिया क्षेत्र की गौशाला का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।  तीन साल में 190 टन गीले कचरे को ट्रेंचिंग ग्राउंड जाने से रोका शहर के घरों व प्रतिष्ठानों से पिछले तीन साल में 190 टन कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचने से रोका गया। इसके लिए इंदौर में 56 हजार घरों के लोगों का विशेष सहयोग मिला। इन घरों में होम कंपोस्टिंग यूनिट के माध्यम से घरों में ही गीले कचरे से खाद बनाई जा रही है। वही शहर के उद्यानों में पिट कंपोस्टिंग, आर्गेनिक वेस्ट वाटर व ड्रम कंपोस्ट के माध्यम से हरित कचरे का निपटान गार्डन परिसर में ही किया जा रहा है। 287 संस्थानों ने 30 टन प्रतिदिन कचरा किया कम शहर में 287 संस्थाएं ऐसी हैं जो प्रतिदिन 30 किलो से ज्यादा कचरा देती हैं। ऐसे संस्थानों में होटल, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान हैं। इन संस्थानों ने गीले कचरे के खाद बनाने के उपक्रम लगाए और सूखे कचरे की छंटाई की यूनिट लगाई। परिणामस्वरूप प्रतिदिन 30 टन कचरा नगर निगम को मिलना कम हुआ। इस तरह कचरे का परिवहन हुआ कम मोबाइल कंपोस्टिंग वैन : चार वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन आठ से नौ टन गीला कचरा एकत्र कर उससे खाद बनाई जा रही है। बायोसीएनजी प्लांट : कबीटखेड़ी व चोइथराम मंडी में बायोसीएनजी प्लांट में 35 टन कचरे से गैस बनाई जा रही है। यह कचरा शहर में खत्म हो रहा है। बढ़ते कचरे के नियंत्रण के लिए भविष्य की तैयारी वर्तमान में ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 550 टन प्रतिदिन गीले कचरे से खाद बनाने का संयंत्र लगाया गया है। इसकी क्षमता बढ़ाकर 800 टन प्रतिदिन करने की योजना है। इस तरह यह विश्व का सबसे बड़ा बायो सीएनजी प्लांट बन जाएगा। ग्रीन इंदौर के लिए ये भी हो रहे प्रयास     इंदौर नगर निगम शहर की वायु गुणवत्ता का स्तर 50 से कम करने के लिए अलग-अलग प्रयास कर रहा है।     सोलर मित्र योजना के तहत अगले तीन साल में शहर के शत-प्रतिशत घरों में सोलर पैनल से बिजली बनाने के संयंत्र लगाने की योजना। फिलहाल एक माह में एक करोड़ से अधिक विद्युत यूनिट बचाई गई।     1 लाख 70 हजार घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे। अगले तीन साल में छह लाख घरों में लगवाने की योजना।     हरित क्षेत्र बढ़ा रहे हैं। अभी शहर में छह स्थानों पर सिटी फारेस्ट विकसित किए गए हैं। शहर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष पौधे लगाए जाएंगे। इंदौर को ग्रीन सिटी बनाएंगे     ग्रीन इंदौर बनाने के लिए इंदौर निगम लगातार काम कर रहा है। भविष्य में इंदौर को ग्रीन सिटी बनाएंगे। हमने … Read more