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ड्रीम प्रोजेक्ट नियोम की रफ्तार पर ब्रेक! सऊदी अरब में 20% कर्मचारियों की छुट्टी तय

रियाद सऊदी अरब के ड्रीम प्रोजेक्ट नियोम सिटी संकट में फंसता दिख रहा है। सेमाफोर ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में बताया है कि निओम 1,000 कर्मचारियों की छंटनी करने पर विचार कर रहा है। यह इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे कुल कर्मचारियों का 20 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि सऊदी अरब सरकार अपनी अपनी प्रमुख गीगा प्रोजेक्ट को छोटा कर रहा है। सेमाफोर ने बताया है कि निओम एक व्यापक बदलाव के तहत छंटनी पर विचार कर रहा है। इसके तहत 1,000 से ज्यादा कर्मचारी उत्तर-पश्चिमी लाल सागर तट पर स्थित नियोम की साइट को छोड़कर रियाद ट्रांसफर हो सकते है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह योजनाएं अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं। इनमें और बदलाव हो सकते हैं। नियोम सऊदी सरकार की योजना सेमाफोर की यह रिपोर्ट उन लेखों की श्रृंखला में सबसे नई है। इससे पता चलता है कि सऊदी अरब सरकार नियोम के मामले में अपनी महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगा रही है। नियोम का उद्देश्य सऊदी अरब के लाल सागर तट को लग्जरी होटलों, स्की रिसॉर्ट, द लाइन नाम का 170 किलोमीटर लंबा शहर और एक औद्योगिक पार्क बनना है। निओम ग्रीक शब्द नियोस (नया) और अरबी शब्द मुस्तकबाल (भविष्य) के मिश्रण से बना है। ऐसे में नियोम का अर्थ नया भविष्य है। यह मोहम्मद बिन सलमान के प्रोजेक्ट 2030 का हिस्सा है। नियोम शहर 2,63,000 हेक्टेयर में फैला होगा। इसके जरिए मोहम्मद बिन सलमान का मकसद सऊदी की अर्थव्यवस्था की तेल से निर्भरता कम करनी है। प्रोजेक्ट पर संदेह! सेमाफोर से पहले ब्लूमबर्ग ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि सऊदी अरब ने कई कंस्लटिंग फर्म से 'द लाइन' की व्यवहार्यता की समीक्षा करने के लिए कहा है। द फाइनेंशियल टाइम्स ने इस साल की शुरुआत में दावा किया था कि सऊदी अरब ने नियोम की व्यापक समीक्षा शुरू की है क्योंकि इस पर कई सवाल हैं। नियोम की व्यावहारिकता लंबे समय से बहस का विषय रही है। खासतौर उन निवेशकों के बीच संदेह है, जिन्हें लगता है कि सऊदी अरब शायद ही इस भविष्यवादी दूरस्थ शहर में लोगों को रहने के लिए आकर्षित कर पाएगा। सऊदी अरब का 1 ट्रिलियन डॉलर का सार्वजनिक निवेश कोष (पीआईएफ) से फिलहाल नियोम की फंडिंग हो रही है। हालांकि विदेशी निवेशकों की सीमित रुचि के कारण इस परियोजना को असफलताओं का सामना करना पड़ा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 दिन की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं। अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।  

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा: जानिए 8वें वेतन आयोग की तिथि और सैलरी बढ़ोतरी का स्केल

नई दिल्ली  देशभर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स आगामी 8वें वेतन आयोग से जुड़े खबरों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इससे वेतन और पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। एम्बिट कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, नए सैलरी स्ट्रक्चर से कुल पारिश्रमिक में 30-34% की वृद्धि हो सकती है, जिसका असर देश भर के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों पर पड़ेगा। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह संशोधन 2026 या वित्तीय वर्ष 2027 तक लागू हो सकता है, और इससे सरकारी खजाने पर 1.8 लाख करोड़ रुपये का भारी बोझ पड़ सकता है। क्या है डिटेल वर्तमान वेतन और पेंशन संरचना सातवें वेतन आयोग पर आधारित है, जो जनवरी 2016 में लागू हुआ था। जीवन-यापन की लागत, मुद्रास्फीति और आर्थिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में संशोधन के लिए आमतौर पर हर दस साल में एक नया आयोग गठित किया जाता है। उम्मीद है कि आठवें वेतन आयोग द्वारा भी यह परंपरा जारी रहेगी और रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान की पेशकश की जाएगी। वेतन बढ़ोतरी को गति देने वाला फिटमेंट फैक्टर अपेक्षित संशोधन के मुख्य कंपोनेंट में से एक फिटमेंट फैक्टर है—एक गुणक जिसका उपयोग नए बेसिक सैलरी को तय करने के लिए किया जाता है। एम्बिट कैपिटल का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। इसका अर्थ है कि वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन बढ़कर 32,940 रुपये (1.83 पर) या 44,280 रुपये (2.46 पर) हो सकता है। उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये का मौजूदा आधार वेतन, फिटमेंट फैक्टर के निचले सिरे पर 91,500 रुपये और ऊपरी सिरे पर 1.23 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। संशोधित ढांचे से महंगाई भत्ते को मुद्रास्फीति के साथ और अधिक सटीक रूप से संरेखित करने और पेंशन भुगतान को तदनुसार अद्यतन करने की भी उम्मीद है। उपभोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन आयोग आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन से उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच, बेहतर आवास और मनोरंजन पर अधिक खर्च हो सकता है। इतने बड़े कर्मचारी आधार पर वेतन वृद्धि का व्यापक प्रभाव खुदरा, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।  

संस्कृति और कला को मिलेगा नया आयाम, MP में बनेंगे थीम पार्क : यादव

  बार्सिलोना/भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के दौरान बार्सिलोना में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और कहा कि वहां का माहौल उन्हें उनके अपने शहर उज्जैन जैसा लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भारतीय जाते हैं, वे अपनी परंपराओं और त्योहारों से गहराई से जुड़े रहते हैं। यह केवल संवाद नहीं, बल्कि आत्मीय जुड़ाव है। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने स्पेन की राजधानी में स्थित विश्वप्रसिद्ध "पार्क गेल" का दौरा किया और कहा कि इसी प्रकार के आकर्षक थीम आधारित सांस्कृतिक और कलात्मक पार्क मध्यप्रदेश में भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने इस पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला की समरसता की सराहना की। मुख्यमंत्री 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियों का प्रचार प्रसार किया। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि निवेश के लिए एक ठोस मंच बन चुका है, जहां नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहनों से जुड़ी व्यापक सुधार योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार चिकित्सा कॉलेज स्थापित करने वाले संस्थानों को मात्र 1 रुपये में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये तक के होटल परियोजनाओं को 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचा विकसित किया जा सके। आईटी सेक्टर को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पृथक नीति व सहायता तंत्र विकसित किया गया है। पार्क गेल के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्किटेक्ट एंटोनी गौदी की कला की सराहना करते हुए कहा कि वहां की "ड्रैगन सीढ़ियां", 86 स्तंभों वाला हाइपोस्टाइल हॉल और रंग बिरंगे मोजैक से सजा सर्पाकार बेंच जैसे कलात्मक तत्व शहरी सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक सजीवता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी पारंपरिक कला और आधुनिक शिल्प के समन्वय से ऐसे थीम आधारित आर्ट पार्क विकसित किए जा सकते हैं जो पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाते हुए जन सहभागिता को बढ़ावा दें।  

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मॉनसून सत्र का एजेंडा तय: सर्वदलीय बैठक में उठा पहलगाम हमला, SIR विवाद और सुरक्षा अभियान का मुद्दा

नई दिल्ली  संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और पहलगाम आतंकवादी हमले सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कथित चुनावी घोटाले और भारत व पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनावों के लिए है और आप विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ रही है। समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, 'देश अब मुद्दों से भरा हुआ है लेकिन मैंने 4 बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की बात की है। पहला- पहलगाम में जो आतंकवादी हमला हुआ और जिस तरह से उपराज्यपाल ने कहा कि इसमें इंटेलिजेंस फेलियर था, यह बहुत गंभीर मामला है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। दूसरा- जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने युद्ध बंद करवा दिया है। कल उन्होंने यह भी कहा कि 5 जेट गिराए गए थे। तीसरा- हिंदुस्तान की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो गई है। विदेश नीति तब सफल होती है जब हमारे मित्र देशों की संख्या बढ़ती है और दुश्मन देशों की संख्या घटती है। ऑपरेशन सिंदूर या पहलगाम की घटना पर दुनिया के किसी भी देश ने हमारा साथ नहीं दिया। अब कोई भी हमारे साथ नहीं है। इसपर चर्चा होना जरूरी है। सबसे खतरनाक बात यह है कि लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म होने जा रहा है। जिस तरह से बिहार में वोटर लिस्ट का SIR हो रहा है, वो सब देख रहे हैं। बिहार में करोड़ों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। यह कुछ गंभीर बाते हैं और मुझे नहीं लगता कि सरकार इसपर चर्चा कराएगी।' बीजद सांसद ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, 'ओडिशा में स्थिति बेहद गंभीर है। महिलाओं और बच्चियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सच तो यह है कि आज ओडिशा की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम, विफल है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा रही है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसलिए हम राज्य के अन्य मुद्दों के अलावा, इन सभी मुद्दों को संसद में उठाएंगे। हम सभी मुद्दों पर विपक्ष के साथ हैं, विपक्ष जो भी चर्चा चाहता है उसके लिए हम उनके साथ हैं।' सर्वदलीय बैठक में कौन-कौन शामिल केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और उनके जूनियर मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस के गौरव गोगोई व जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के टीआर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के नेता व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे। ऑपरेशन सिंदूर अचानक रोकने पर सवाल विपक्षी गठबंधन इंडिया के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को ऑनलाइन मीटिंग की थी। इसमें फैसला किया था कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बीच मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।  

अमरनाथ यात्रा का 18वां दिन: भारी सुरक्षा घेरे में 4 हजार श्रद्धालु निकले बाबा बर्फानी के दर्शन को

श्रीनगर, अमरनाथ यात्रा के 18वें दिन श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख के पार पहुंचने की संभावना है। रविवार को 4,388 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच हो रही है। अब तक 2.75 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी का दर्शन कर चुके हैं। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,388 तीर्थयात्री कश्मीर पहुंचते हैं, जबकि इससे चार गुना ज्यादा तीर्थयात्री रोजाना सीधे यहां पहुंचते हैं और या तो ट्रांजिट कैंपों में या दोनों आधार शिविरों में, वहीं पंजीकरण कराते हैं। रविवार को यह संख्या तीन लाख को पार कर जाने की संभावना है। जम्मू से बालटाल और पहलगाम के दो आधार शिविरों तक और बालटाल व पहलगाम से अमरनाथ गुफा तक के दो मार्गों पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे पहरा दे रहे हैं। सेना ने यात्रा ड्यूटी पर पहले से तैनात सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियों के अतिरिक्त 8,000 से ज्यादा विशेष बल तैनात किए हैं। यात्रा मार्ग पर हर पांच मीटर पर विभिन्न सीएपीएफ इकाइयों के पूरी तरह से सशस्त्र जवान तैनात हैं, और इस असाधारण सतर्कता के कारण इस साल हिमालयी अमरनाथ गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का विश्वास और भी मजबूत हुआ है। इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए अधिकारियों ने व्यापक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, क्योंकि यह यात्रा 22 अप्रैल के कायराना हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी में आस्था के आधार पर 26 बेगुनाहों की हत्या कर दी थी। एक अधिकारी ने बताया, “आज 4,388 यात्रियों का एक और जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। 64 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 1,573 यात्रियों को लेकर सुबह 3.30 बजे बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 115 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 2,815 यात्रियों को लेकर सुबह 4 बजे नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।” 10 जुलाई को पहलगाम में ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) का पूजन किया गया। छड़ी मुबारक के एकमात्र संरक्षक महंत स्वामी दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में संतों के एक समूह द्वारा छड़ी मुबारक को श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा भवन स्थित उसके स्थान से पहलगाम ले जाया गया। पहलगाम में, छड़ी मुबारक को गौरी शंकर मंदिर ले जाया गया, जहां भूमि पूजन हुआ। इसके बाद छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा भवन में वापस उसके स्थान पर ले जाया गया। यह छड़ी मुबारक 4 अगस्त को श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर से गुफा मंदिर की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करेगी और 9 अगस्त को पवित्र गुफा मंदिर पहुँचेगी, जो यात्रा का आधिकारिक समापन होगा। इस वर्ष, यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का संयोग है। यात्री कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3888 मीटर ऊपर स्थित पवित्र गुफा मंदिर तक या तो पारंपरिक पहलगाम मार्ग से या छोटे बालटाल मार्ग से पहुँचते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं, और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। इस यात्रा में तीर्थयात्री को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। और, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुँचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और दर्शन करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।  

भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं: ट्रंप के बयान पर धनखड़ ने रखी स्पष्ट राय

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया है। अब इसको लेकर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जवाब दिया है। धनखड़ ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को निर्देश नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए। धनखड़ ने कहा कि भारत को पता है कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। शीर्ष नेतृत्व लेता है फैसला उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस देश में सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत आपसी सहयोग से काम करता है, परस्पर सम्मान रखता है और अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संवाद करता है। उन्होंने कहा कि लेकिन अंततः हम संप्रभु हैं, हम अपने फैसले खुद लेते हैं। विपक्ष मांग रहा है जवाब धनखड़ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया भारत-पाकिस्तान झड़प में ‘संघर्ष विराम’ कराने के दावे पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। उन्होंने यहां भारतीय रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी नैरेटिव्स से निर्देशित न हों। इस देश में, एक संप्रभु राष्ट्र में, सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को यह निर्देश दे कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। क्रिकेट का दिया उदाहरण उपराष्ट्रपति ने क्रिकेट की शब्दावली में कहा कि हर खराब गेंद को खेलना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या इस बात पर माथापच्ची करने की जरूरत है कि किसने क्या कहा? जो क्रिकेट पिच पर अच्छे रन बनाता है, वह हमेशा खराब गेंदें छोड़ता है। वे लुभाने वाली होती हैं, लेकिन कोशिश नहीं की जातीं। और जो कोशिश करते हैं, उनके लिए आपके पास विकेटकीपर और गली में किसी के दस्ताने होते हैं।  

रूस में भूकंप का कहर: 7.4 तीव्रता वाला झटका, जारी हुआ सुनामी अलर्ट

रूस रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कामचाटका में रविवार को महज़ एक घंटे के अंदर धरती पांच बार कांपी। इन भूकंपों की तीव्रता 6.6 से 7.4 के बीच रही। सबसे बड़ा झटका 7.4 तीव्रता का था, जिसके बाद अमेरिका और रूस के तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की सलाह दी गई है। सभी भूकंपों का केंद्र पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर के पूर्व में था और इनकी गहराई केवल 10 किलोमीटर रही, जिससे झटकों का असर ज़मीन पर काफी ज्यादा महसूस हुआ। भूकंप से किसी प्रकार के जाल-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सुनामी की चेतावनी अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग (USGS) ने बताया कि 7.4 तीव्रता वाले भूकंप के बाद समुद्र में खतरनाक लहरें उठने की आशंका है। अलर्ट के मुताबिक, भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में सुनामी लहरें आ सकती हैं। हवाई और रूस के तटीय इलाकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। कब, कहां और कितनी थी भूकंप की तीव्रता पांचों बड़े भूकंप झटके पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर के पूर्वी हिस्से में महसूस किए गए। पहला झटका 6.6 तीव्रता का था, जो शहर से 147 किलोमीटर पूर्व में आया। इसके तुरंत बाद 151 किलोमीटर पूर्व में 6.7 तीव्रता का दूसरा झटका दर्ज किया गया। तीसरा और सबसे शक्तिशाली भूकंप 7.4 तीव्रता का था, जिसका केंद्र 144 किलोमीटर पूर्व में था। चौथा झटका 130 किलोमीटर पूर्व में 6.7 तीव्रता का रहा, जबकि अंतिम यानी पांचवां झटका 142 किलोमीटर पूर्व में 7.0 तीव्रता का रिकॉर्ड किया गया। सभी भूकंपों की गहराई करीब 10 किलोमीटर रही। बता दें कि भूकंप की बताती है कि क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल काफी तेज़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ घंटों तक आफ्टरशॉक्स भी आ सकते हैं।