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बीजापुर में नक्सली आतंक: ग्रामीणों की हत्या से दहशत का माहौल

बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छुटवाई निवासी कवासी जोगा उम्र करीब 55 वर्ष और बड़ा तर्रेम निवासी मंगलू कुरसम उम्र करीब  50 वर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक घटना 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। 4-5 अज्ञात नक्सलियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। थाना तर्रेम द्वारा घटना की जांच कर रही है। विस्तृत जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। बीते दिन बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के ग्राम कोण्डापडगु में आईईडी ब्लास्ट में 16 साल का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद घायल हालत में नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना उस वक्त हुई जब कृष्णा गोटा पिता फकीर निवासी कोण्डापडगु के जंगल में मवेशी चराने गया था। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यहां आईईडी लगाया था। आइये जानतें हैं छत्तीसगढ़ में कब-कब हुए नक्सली हमले-     अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले के तेर्रम जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी बलिदान को प्राप्त हुए थे।     मार्च 2018 को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     18 फरवरी 2018 को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में पुलिस के दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     24 अप्रैल 2017 को नक्सलियों के साथ सुकमा में मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 24 जवान बलिदान हुए थे।     12 मार्च 2017 को सुकमा में माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 12 जवानों ने शहादत दी थी।     11 मार्च 2014 में नक्सलियों के हमले में सुकमा सुरक्षा बलों के 15 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     28 फरवरी 2014 को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा में छह पुलिस ऑफिसर्स ने  शहादत दी थी।     25 मई 2013 को सबसे बड़े नक्सली हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा, नेता उदयमुदलियार, योगेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के 25 नेता मारे गये थे।     29 जून 2010 को नारायणपुर जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     8 मई 2010 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में वाहन विस्फोट सीआरपीएफ के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     6 अप्रैल 2010 को नक्सलियों ने घात लगतार दंतेवाड़ा जिले में हमला किया। सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद शहादत को प्राप्त हुए थे।     27 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।     9 जून 2025 को सुकमा में आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाशराव गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त, एसडीओपी और टीआई बुरी तरह से घायल  

श्रावण की आस्था के बीच महाकाल की दूसरी सवारी, मनमहेश हाथी पर सवार, चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी ने मोहा मन

उज्जैन  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को हाथी पर मनमहेश स्वरूप में व रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर मंदिर से शाम 04 बजे निकलेंगे. खास बात ये है बाबा की सवारी में 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल का मंदिर के सभामंडप में पूजन अर्चन करेंगे. बता दें कि कुल 6 सवारी श्रावण और भाद्रपद में निकलना है. सभी की अलग-अलग थीम है. रोजाना एक लाख भक्त आ रहे हैं दर्शन करने महाकाल की नगरी में भक्तिमय माहौल है. एक ओर कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए नगरी में प्रवेश कर रहे हैं तो रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर के लड्डू प्रसादी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले सोमवार को ढाई लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. इसके अलावा सवारी मार्ग में लाखों की संख्या अलग थी. सावन के दूसरे सोमवार को लोगों की आस्था देखते हुए ये रिकॉर्ड टूट सकता है. सवारी का वैभव बढ़ाते है ये खास दृश्य महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "बाबा महाकाल की सवारी में सबसे आगे विशाल भगवा ध्वज और शंखनाद होगा. भगवान मनमहेश हाथी पर तो भगवान चंदमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होंगे. कहार बाबा की पालकी उठाएंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर होमगार्ड पुलिस के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे. घुड़सवार, कड़ा बिन(तोप), पुलिस बैंड व प्राचीन परंपरा अनुसार बाबा के आगे उद्घोष करता सेवक. 9 भजन मंडली, झांझ डमरू दल, 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार व अन्य सवारी का वैभव बढ़ाएंगे. पूरे मार्ग में फूलों की वर्षा होगी. रंगोली बनाते कलाकार होंगे." ये है नगर भ्रमण का परंपरागत मार्ग बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी. जहां मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक होगा. आरती पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी. भक्तों को रथ पर लगी LED में होंगे लाइव दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों में कई भक्त बाबा को नजदीक से भीड़ के कारण देख नहीं पाते, ऐसे श्रद्धलुओं के लिए मंदिर समिति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाइव व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भगवान के दर्शन की व्यवस्था रहेगी. मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्तों से आग्रह मंदिर समिति, जिला व पुलिस प्रशासन ने सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि उल्टी दिशा में न चलें, सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें. दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन खड़े न रखें. श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंके. सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें. इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें. सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें. बिजली के खंभे से दूर रहें व प्राशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें. जानिए कब कौन सी थीम पर बाबा की सवारी पहले सोमवार में 500 बटुकों का शिप्रा नदी किनारे वैदिक उद्घोष हुआ. दूसरे सोमवार को 7 राज्यों के लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुतियां. उड़ीसा का जोड़ी शंख, छत्तीसगढ़ का पंथी लोक नृत्य, महाराष्ट्र के नासिक का सोंगी मुखोटा, गुजरात के राठवा आदिवासी जनजातीय होली नृत्य, मध्यप्रदेश के छतरपुर का बरेदी लोक नृत्य, हरियाणा का हरियाणवी घूमर, मध्यप्रदेश के धार का भील जनजातीय नृत्य, राजस्थान का गैर घुमरा जनजातीय नृत्य. पुलिस व आर्मी बैंड देंगे आकर्षक प्रस्तुति तीसरे सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी स्कूलों के बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएंगी. चौथे सोमवार को पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी. पांचवें सोमवार को सवारी में धार्मिक थीम रहेगी, जिसमें कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी. छठे सोमवार को 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएंगी. इस प्रकार होता है श्रावण महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष अनुसार श्रावण महोत्सव हर शनिवार शाम मंदिर के समीप ही 07 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन 13 जुलाई से शुरू हुए जो 16 अगस्त तक 23 दिन तक (श्रावण महोत्सव शनिवार के दिन, सवारी सोमवार के दिन, नाग पंचमी 29 जुलाई और 15 अगस्त का दिन छोड़कर) महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनकी प्रस्तुति महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के पास शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जा रही है, इसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति दे रहे हैं. कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी सवारी 28 जुलाई, चौथी सवारी 4 अगस्त, पांचवीं सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी.    हर सवारी में कैसा रहेगा बाबा महाकाल का स्वरूप पहली सवारी में भगवान मनमहेश, दूसरी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश, तीसरी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, चौथी सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश, पांचवीं सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और रथ पर होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में चंद्रमोलेश्वर हाथी पर मन महेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश, रथ पर होलकर स्टेट और रथ पर सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे.

मुंबई ट्रेन विस्फोट मामला: दो दशकों बाद नहीं मिला न्याय, 11 आरोपी सबूतों के अभाव में रिहा

 मुंबई    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 11 जुलाई 2006 को हुए भयावह मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए 12 में से 11 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. एक आरोपी की अपील प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो गई थी. यह फैसला 19 साल बाद आया है. हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने फैसले में कहा कि 'मामले में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय नहीं थे' और 'कई गवाहों की गवाही संदेह के घेरे में थी'. अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपियों से जबरन पूछताछ कर उनके बयान लिए गए, जो कानूनन मान्य नहीं हैं. अदालत ने कहा, 'प्रॉसिक्यूशन पूरी तरह असफल रहा' अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए सबूतों में गंभीर खामियां थीं. पहचान परेड को चुनौती देने के बचाव पक्ष के तर्कों को न्यायसंगत माना गया. कुछ गवाह वर्षों तक चुप रहे और फिर अचानक आरोपियों की पहचान की, जो 'असामान्य' है. कई गवाह ऐसे मामलों में पहले भी पेश हुए थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए. कथित आरडीएक्स और अन्य सामग्री की बरामदगी को लेकर कोई पुख्ता वैज्ञानिक सबूत नहीं पेश किया गया. 'सबूत पुख्ता नहीं थे' न्यायालय ने कहा, 'गवाही, जांच और सबूत पुख्ता नहीं थे. आरोपी यह साबित करने में सफल रहे कि उनसे जबरदस्ती कबूलनामे लिए गए थे.' न्यायाधीशों ने कहा, 'हमने अपना कर्तव्य निभाया है. यह हमारी जिम्मेदारी थी.' वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े दोषी अमरावती, नासिक, नागपुर और पुणे की जेलों से रोते हुए दिखे. किसी ने खुशी नहीं जताई, सभी की आंखों में आंसू थे. सरकारी वकील ने फैसले को बताया 'मार्गदर्शक' वरिष्ठ अधिवक्ता युग मोहित चौधरी, जो इस केस में आरोपियों की तरफ से पेश हुए, ने कहा, 'यह फैसला उन सभी के लिए उम्मीद की किरण है, जो सालों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं.' सरकारी वकील राजा ठकारे ने भी फैसले को 'मार्गदर्शक' बताया.

संसद सत्र से पहले पीएम का प्रहार: आतंक पर लोकतंत्र भारी, पाकिस्तान का चेहरा उजागर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले अपने संबोधन में कहा कि मानसून नवसृजन और नवीनता का प्रतीक है। मानसून सत्र विजयोत्सव राष्ट्र उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस सत्र के दौरान अच्छी चर्चा और कामकाज होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अबतक जो खबरें मिली हैं देश में मौसम बहुत ही अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक मौसम की खबरें हैं। बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अब तक जो मुझे जानकारी दी गई है उस हिसाब से पिछले 10 वर्ष में जो पानी का भंडार हुआ, इस बार करीब करीब तीन गुना हुआ है। इसका आने वाले दिनों में देश के अर्थतंत्र को काफी लाभ होगा। ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है… पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है। ये मानसून सत्र राष्ट्र के लिए अपने आप में विजयोत्सव का रूप है और जब मैं कहता हूं कि ये सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का सत्र है तो सबसे पहले मैं पहली बार इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर भारत का तिरंगा झंडा वहां लहराना ये हर देशवासी के लिए गौरव के पल हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में साइंस तकनीक के प्रति इनोवेशन के प्रति नया उमंग और उत्साह भरने वाली ये सफल यात्रा रही है और पूरी संसद लोकसभा राज्यसभा दोनों सदन देशवासी जिस गौरव का अनुभव कर रहे हैं। उसमें एक स्वर से जुड़ेंगे एक स्वर से इसका यशगान होगा जो भारत को अंतरिक्ष में नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले जो भावी कार्यक्रम है उनके लिए भी प्रेरक बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने सभी टारगेट पूरे किए- पीएम प्रधानमंत्री ने कहा कि ये मानसून सत्र एक विजयोत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का भारत के सैन्य के सामर्थ्य का रूप देखा है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सेना ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उसे 100 फीसदी अचीव किया। आतंकियों के आकाओं के घर में जाकर 22 मिनट के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसको जमींदोज कर दिया गया। मैंने बिहार के कार्यक्रम में इसकी घोषणा की थी कि हमारी सैन्य शक्ति ने बहुत ही कम समय में सिद्ध करके दिखा दिया और इसमें मेन इन इंडिया सैन्य शक्ति का ये नया स्वरूप पर दुनिया आकर्षित हुई है। 21 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। यह सत्र 32 दिन तक चलेगा। इस दौरान 21 बैठकें होंगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए संसद के दोनों सदन 12 अगस्त से 17 अगस्त तक स्थगित रहेंगे। इसके बाद 18 अगस्त को सत्र फिर से शुरू होगा। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। सबसे अहम मुद्दा ऑपरेशन सिंदूर है, जिस पर बहस होगी। यह बहस 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हो रही है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के दावे पर विपक्ष मांग रहा जवाब विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की है और साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच शांति मध्यस्थता के बार-बार किए गए दावों पर जवाब मांगा है। सत्र के दौरान बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और समय को लेकर चिंता जताते हुए सरकार पर आगामी राज्य चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। इन विधेयक को पेश करने की तैयारी में सरकार इस सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की भी तैयारी में है। इनमें जीएसटी सुधार, टैक्सेशन कानून, सार्वजनिक विश्वास नियमन, खेल प्रशासन, बंदरगाह और खनिज और भू-विरासत स्थलों के संरक्षण से संबंधित प्रस्तावित कानून शामिल हैं। लोकसभा में नए आयकर विधेयक, 2025 पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, संसद में एक न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। संसद सत्र से एक दिन पहले ही हुई सर्वदलीय बैठक संसद सत्र की शुरूआत से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ये राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे हैं। सरकार इनसे पीछे नहीं हट रही और ना कभी हटेगी, बल्कि नियमों और परंपराओं के दायरे में चर्चा के लिए हमेशा खुली है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के लिए नियम और परंपराएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, अबतक जो खबरें मिली हैं देश में मौसम बहुत ही अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक मौसम की खबरें हैं। बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक अहम अबतक जो मुझे जानकारी दी गई है उस हिसाब से पिछले 10 वर्ष में जो पानी का भंडार हुआ है इस बार जो करीब करीब तीन गुना हुआ है जिसका आने वाले दिनों में देश के अर्थतंत्र को काफी लाभ होगा. राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण है यह सत्र: पीएम मोदी ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है ये मॉनसून सत्र राष्ट्र के लिए एक अपने आप में विजयोत्सव का रूप है। मैं जब यह कहता हूं कि ये सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का सत्र है, तो सबसे पहले तो मैं पहली बार इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर भारत का तिरंगा झंडा वहां लहराना ये हर देशवासी के लिए गौरव के पल हैं। देश में साइंस तकनीक के प्रति ,इनोवेशन के प्रति, नई उमंग और उत्साह भरने वाली ये सफल यात्रा रही है। आज पूरी संसद लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन, देशवासी जिस गौरव का अनुभव कर रहे हैं उसमें एक स्वर से जुड़ेंगे। एक स्वर से इसका यशगान होगा जो भारत को अंतरिक्ष में नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले जो भावी कार्यक्रम है उनके लिए भी प्रेरक बनेगा। भारतीय सेना ने टारगेट का 100 प्रतिशत किया एचीव प्रधानमंत्री ने कहा, ये मॉनसून सत्र एक विजयोत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति … Read more

दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश के लिए खोलेगी विकास के नए द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में होगी सहायक दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित दुबई और स्पेन यात्रा से मध्य प्रदेश को 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के साथ किये अपनी विदेश यात्रा के अनुभव साझा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश में विकास के नए द्वार खोलेगी। दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। इस यात्रा से मध्यप्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे पूर्व भी जर्मनी, जापान और यूके आदि की यात्रा के दौरान वहां से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश में निरंतर देश-विदेश से आ रहे निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे। यह अत्यंत आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दुबई और स्पेन की यात्रा से लौटने पर स्टेट हैंगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम एवं मीडिया संवाद में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा में 11 हजार 119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिससे 14 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बदलना आवश्यक है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए भरसक प्रयत्न कर रहे हैं। गरीब, युवा, महिला,किसान सभी वर्गों को साथ लेकर विरासत सहेजने से लेकर विकास की गति बढ़ाने का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई को बनाया प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने अपने ग्यारह वर्ष के कार्यकाल में सात बार दुबई की यात्रा कर दो तरफा व्यापारिक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने का कार्य किया है। दुबई एक लघु विश्व की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री जी की नीतियों का अनुसरण करते हुए उद्योग एवं व्यापार वर्ष 2025 में देश-विदेश से निवेश लाने के प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में दुबई और स्पेन की यात्रा महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री के संकल्प को पूर्ण करने के लिए इस यात्रा को सार्थक बनाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का एक-एक निर्णय विश्व में भारत की साख बढ़ाने का कार्य कर रहा है। प्रदेश में 20 वर्ष में बदला वातावरण, अब विकास की गति तीव्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत दो दशक विकास के दशक रहे हैं। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में जो स्थिति रही उसमें निर्णायक परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल को मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन वर्षों में नागरिकों को यह अनुभव करवाया गया है कि सरकार क्या होती है। देश में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य होगा जो प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार सरोवर परियोजना में सबसे बड़े बांध को पूर्ण करवाकर राष्ट्र को समर्पित किया वहां मध्यप्रदेश के हित में अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की स्वीकृति देकर उल्लेखनीय कदम उठाया। अब प्रदेश के विकास की गति तीव्र से तीव्रतम होगी। भारत स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार ने भारत-स्पेन सांस्कृति सहयोग वर्ष की घोषणा की है। इस नाते उनकी स्पेन यात्रा अधिक प्रासंगिक हो गई है। इस वर्ष में अन्य गतिविधियों के साथ मध्यप्रदेश में स्पेन के कला और सांस्कृतिक जगत के प्रतिनिधियों और कलाकारों के मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निवेश बढ़ाने के निरंतर प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई और स्पेन की यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। प्रदेश में सम्पन्न संभाग स्तरीय उद्योग कॉनक्लेव, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, दुबई और स्पेन यात्रा के पूर्व इंग्लैंड, जर्मनी और जापान की यात्राओं में नए निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रयास किए गए हैं। भारत के प्रमुख नगरों कोलकाता, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना में भी सेक्टर वाइज बैठकों और संगोष्ठियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में नई इकाईयों की स्थापना के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। बहनों को देंगे रक्षा बंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा बंधन 9 अगस्त से पहले लाड़ली बहनाओं के खाते में 1500 रुपए पहुंचने वाले हैं। योजना में दी जाने वाली 1250 रुपए की मासिक राशि के अलावा रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में अतिरिक्त 250 रुपए दिए जाएंगे। दुबई एवं स्पेन प्राप्त निवेश प्रस्ताव   क्र. संगठन संपर्क व्यक्ति पदनाम क्षेत्र प्रस्तावित निवेश (करोड़ रू.) प्रस्तावित रोजगार देश 1 बीएनडब्ल्यू डेवलपर्स श्री अंकुर अग्रवाल सीईओ संस्थापक इंफ्रॉस्ट्रक्चर 2750 3575 दुबई, यूएई 2   श्री प्रवीण मेहता   प्रपोजल टू सेट सीनियर केयर सस्टेनेबल सिटी 1100 1430 दुबई, यूएई 3 कोनारेस मेटल सप्लाई भरत भाटिया सीईओ और चेयरमैन इस्पात निर्माण 640 832 दुबई यूएई 4 स्पेन कम्यूनिकेशन श्री नरेश खेतरपाल निदेशक हॉस्पिटैलिटी और मीडिया 500 650 दुबई, यूएई 5 अल्फा मेआ जनरल ट्रेडिंग       500 500 दुबई, यूएई 6 सराफ ग्रुप श्री इब्राहिम सराफ चैयरमैन वेयरहाउस 250 300 दुबई, यूएई 7 रिलायंस डिफेंस श्री दिनेश   रक्षा क्षेत्र 250 325 दुबई, यूएई 8 रेडियंट एजेस श्री मिलिंद सुरेश गोकर्ण   नेट जीरो एआईडेटा सेंटर 200 260 दुबई, यूएई 9 माविप ग्रुप श्री प्रत्यूष शास्त्री   इंदौर सिविक आई, हेल्थ्केयर सिटी और ग्रिड में निवेश प्रस्ताव 170 221 दुबई, यूएई 10 तौरानी ग्रुप ऑफ कंपनिज श्री उमेश सहजवानी निदेशक इस्पात निर्माण 100 130 दुबई, यूएई 11 ब्रावो फार्मा श्री राकेश पांडे संस्थापक और निदेशक फार्मा 100 130 दुबई, यूएई 12   श्री राजीवभार्गव   टायर रिट्रीडिंग 100 130 दुबई, यूएई 13 फॉर्च्यून … Read more

प्रदेश के सभी शासकीय भवन दिसम्बर-2025 तक किये जाने हैं सौर ऊर्जीकृत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर रहे है। इसी क्रम में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को दिसम्बर-2025 तक सौर ऊर्जीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये RESCO द्वारा सभी जिलों में पृथक-पृथक निविदाएँ जारी कर दर आमंत्रित की गयी है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाने हैं। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए RESCO विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। रेस्को द्वारा लगाये गये संयंत्र की प्रति यूनिट दर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निर्धारित व्यवसायिक दर (जिसमें शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं) से काफी कम होगी। इस प्रकार शासकीय कार्यालय “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत, नेट जीरो’’ के सिद्धांत पर कार्य कर सकेंगे।  RESCO परियोजना अंतर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक निविदा जारी की गई है। इसमें RESCO विकासकों से प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक दर माँगी गई है। प्रत्येक जिले की न्यूनतम दर के आधार उस जिले में RESCO परियोजनाएँ स्थापित होंगी। भोपाल जिले में अधिकतम 15.6 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जबकि ग्वालियर जिले में 5.26 MW, इंदौर जिले में 3.12 MW, छिंदवाड़ा जिले में 1.43 MW, दतिया जिले में 1.4MW, धार जिले में 1.34 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। शासकीय विभागों/संस्थाओं के भवन पर RESCO इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिये सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफ़टॉप संयंत्र का रख–रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। RESCO की आय पूरी तरह से 25 वर्ष तक सौर ऊर्जा के उत्पादन पर आधारित है। इससे RESCO विकासक सौर संयंत्र से अधिकतम उत्पादन की कोशिश करेंगे, जिससे शासकीय विभागों को अधिकाधिक लाभ होगा। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा राज्य में 133 शासकीय कार्यालयों में सफलतापूर्वक RESCO पद्धति से सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाए, जो सफलतापूर्वक संचालित हैं। इसमें IIM Indore, CAPT भोपाल, शासकीय मेडिकल कॉलेज (रीवा, शिवपुरी, खण्डवा, दतिया, विदिशा), NLIU भोपाल, AG कार्यालय ग्वालियर, SAI भोपाल, भारत सरकार का पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आदि शामिल हैं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से निश्चित ही प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में होगा।  

नेपानगर में पानी की नई क्रांति: 36 करोड़ से घर-घर पहुंचेगा नल कनेक्शन

भोपाल बुरहापुर जिले के नेपानगर में अब हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास के उपक्रम म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक  की सहायता से संचालित हो रही है। परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपये है। इसमें आगामी दस वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। बुरहानपुर जिले की नेपानगर की इस परियोजना के अंतर्गत, ताप्ती नदी से जल लेकर इसे 7.7 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शोधित किया जा रहा है। शोधित जल को संग्रहित करने के लिए नगर में 150 किलोलीटर और 160 किलोलीटर की क्षमता वाले दो ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इसके साथ ही 1900 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर  भी स्थापित किया गया है। इस जल प्रदाय परियोजना से नेपानगर की 35 हजार से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। हर घर तक पहुँचते नल कनेक्शन न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बना रहे हैं। घर में आसानी से जल उपलब्ध होने पर क्षेत्रीय नागरिक भी खासे उत्साहित हैं। नेपानगर वार्ड क्रमांक 22निवासी हेमंत पाटिल का कहना है कि इस योजना के माध्यम से हमें पर्याप्त जल मिल रहा है। स्वच्छ जल मिलने से बीमारियों का खतरा कम हुआ है। वार्ड क्रमांक 23 निवासी भास्कर पवार का कहना है कि नल के माध्यम से जल मिलने से अब समय की बचत हो रही है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह प्रयास  न केवल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर भी अग्रसर है।  

अब नहीं बच पाएंगे दुश्मन: खराब मौसम में भी हमला करेंगे अपाचे हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली  भारतीय सेना को अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था 22 जुलाई को मिलने की उम्मीद है। इसमें 15 महीने से अधिक की देरी पहले ही हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान-अफगानिस्तान) पर सेना की मारक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 2020 में अमेरिका के साथ 600 मिलियन डॉलर का सौदा हुआ। इसके तहत 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों में से पहले 3 की डिलीवरी जल्द हो सकती है, जबकि बाकी तीन इस साल के अंत तक पहुंच जाएंगे। सेना के एविएशन कोर ने मार्च 2024 में जोधपुर में पहली अपाचे स्क्वाड्रन तैयार की थी, लेकिन हेलीकॉप्टर न होने के कारण यह स्क्वाड्रन बिना उपकरणों के थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई चेन में रुकावटों और तकनीकी समस्याओं के कारण डिलीवरी दिसंबर 2024 तक टल गई, जो मई-जून 2024 में होनी थी। इस देरी से पश्चिमी मोर्चे पर बढ़ते खतरे के बावजूद सेना ने तत्परता में कोई कमी नहीं छोड़ी। अपाचे हेलीकॉप्टर की खासियत अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर अपनी चपलता, मारक क्षमता और एडवांस टारगेंटिग सिस्टम के लिए जाने जाते हैं। यह 300 किमी/घंटा की रफ्तार और 20 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें आधुनिक टारगेट एक्विजिशन एंड डिजाइनेशन सिस्टम (TADS) और नाइट विजन सेंसर हैं, जो रात और खराब मौसम में सटीक निशाना साधते हैं। ड्रोन नियंत्रण और डेटा लिंक क्षमता इसे और प्रभावी बनाती है। भारतीय वायुसेना ने 2015 में एक अलग समझौते के तहत 22 अपाचे हेलीकॉप्टर पहले ही शामिल कर लिए हैं, लेकिन सेना को अपने हिस्से के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ये हेलीकॉप्टर सेना की जमीनी हमले की क्षमता को मजबूती देंगे, जो ऑपरेशन सिंदूर के तहत मौजूदा जरूरतों के लिए अहम है। सैन्य तैयारियों को मिलेगा बढ़ावा सेना का एविएशन कोर टोही, घायल सैनिकों की निकासी और दूसरे मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके मौजूदा संसाधनों में स्वदेशी उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव, रुद्र, चीता, चेतक, और हल्का युद्धक हेलीकॉप्टर (LCH) शामिल हैं। अपाचे हेलीकॉप्टरों के आ जान से पश्चिमी सीमा पर आक्रामक और रक्षात्मक अभियानों को मजबूती मिलेगी, जिससे सेना की तैयारियां आगे बढ़ती नजर आएंगी।  

रक्षाबंधन पर रेलवे का गिफ्ट: MP में पहली बार दौड़ेगी तेजस ट्रेन, 23 जुलाई से संचालन शुरू

इंदौर रक्षाबंधन सहित अन्य आगामी त्यौहारों को देखते हुए मध्य प्रदेश में पहली बार इंदौर से मुंबई के बीच सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन का चलेगी। जिससे इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। पश्चिम रेलवे ने लंबे समय से यात्रियों द्वारा की जा रही मांग के बाद सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का संचालन 23 जुलाई से 30 अगस्त तक किया जाएगा। जानें कब-कब चलेगी ट्रेन पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के मुताबिक ट्रेन संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल – इंदौर स्पेशल प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से 11.20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन एक बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 09086 इंदौर–मुंबई सेंट्रल स्पेशल प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम तथा उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर एवं एसी 3-टियर कोच होंगे। सोमवार से इसकी बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी। बता दें कि इसका किराया अभी तक तय नहीं हुआ है। अवंतिका से महंगा होगा तेजस का किराया तेजस स्पेशल ट्रेन का किराया अभी इंदौर से मुंबई के बीच चल रही अवंतिका ट्रेन से अधिक रहेगा। तेजस ट्रेन की स्पीड भी अधिक रहेगी। इससे यह जल्दी गंतव्य तक पहुंचाएगी। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को है। यदि ट्रेन चलने में देरी होती है तो आईआरसीटीसी यात्रियों को रिफंड भी देता है। जानकारी अनुसार इस ट्रेन में पांच से 12 साल के बच्चे का पूरा किराया लगेगा। इमरजेंसी कोटा के तहत यात्री ट्रेन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल-एक्सप्रेस आदि में वेटिंग टिकट के एवज में बर्थ उपलब्ध कराई जाती है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग, गंभीर रोगी, पुरस्कार विजेता आदि किसी को भी रियायती टिकट नहीं दिए जाएंगे। ऐसे सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होगा।

संसद के मॉनसून सत्र में ही आएगा जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव? रिजिजू ने दिया जवाब

नई दिल्ली  संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने एजेंडे तैयार कर लिए हैं। इसी सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने की भी संभावना है। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक बिजनेस एडवाइजरी कमेटी इस मुद्दे को पास नहीं करती और चेयर से मंजूरी नहीं मिल जाती, इस मामले में कोई भी ऐलान करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि महाभियोग को लेकर सांसदों के हस्ताक्षर हो रहे हैं। 100 से ज्यादा सदस्य इसपर साइन कर चुके हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा वर्तमान में इलाहाबाद हाई कोर्ट में कार्यरत हैं। हालांकि उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। दिल्ली हाई कोर्ट में जज रहने के दौरान उनके आवास से जली हुए नोटों की गड्डियां मिली थीं। इससे पहले रीजीजू ने शुक्रवार को कहा था कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। न्यायमूर्ति वर्मा के आवास से नोटों की जली हुई गड्डियां बरामद हुई थीं। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के आदेश पर हुई आंतरिक जांच में उन्हें दोषी ठहराया गया है। न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत कार्य में संलिप्त होने से इनकार किया है, लेकिन सुप्रीम द्वारा गठित आंतरिक जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्यों का उस स्टोर रूम पर गुप्त या सक्रिय नियंत्रण था, जहां नकदी पाई गई थी। इससे यह साबित होता है कि मामला गंभीर है और उन्हें हटाया जाना चाहिए। शुक्रवार को इस मामले को लेकर रिजिजू ने भी कहा था कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’