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मंत्री सारंग ने किया कई विकास योजनाओं का भूमि-पूजन, जनता को बड़ी सौगात

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री सारंग ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नरेला के समग्र विकास का संकल्प हमारी प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र को विकास, सुशासन और जनकल्याण की मुख्यधारा से जोड़ रही है। मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला के हर घर में नर्मदा जल के साथ ही सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले इसके लिए हम कटिबद्ध हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे। विकास कार्यों की सौगात नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 के पुरुषोत्तम नगर, सेमरा, शिव मंदिर के पास सड़क निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।  

सशक्तिकरण की ओर कदम: अब महिलाएं करेंगी जलकर संग्रहण, मिलेगा प्रोत्साहन राशि

उज्जैन  उज्जैन जिले में गांवों में जल कर राशि जमा करवाने का चुनौतीभरा काम अब महिलाएं अपने हाथों में लेने वाली हैं। वे हर महीने जल जीवन मिशन के उपभोक्ताओं के घर पहुंचेंगी और उनसे जल कर की राशि लेंगी। इसके एवज में उन्हें भी जमा जलकर राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। जल जीवन मिशन अंतर्गत अधिकांश गांवों के कई घरों में नल कनेक्शन हैं। इनमें से कई परिवार रोज नलों से पानी भी लेते हैं लेकिन इसके बदले में जलकर जमा करने वालों की संया बहुत ही कम है। जलकर वसूली के लिए अभी तक प्रभावी व्यवस्था भी नहीं बनी है। ऐसे में पंचायत को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है वहीं राशि की कमी में योजना का मेंटिनेंस भी नहीं हो पाता है। स्वसहायता समूह की महिलाएं देंगी दस्तक गांवों में राजस्व वसूली बढ़ाने अब जिले में नवाचार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब महीने की 1 से 10 तारीख के बीच नल जल के उपभोक्ताओं के घर स्वसहायता समूह की महिलाएं दस्तक देंगी। वे उपभोक्ताओं को जलकर की जानकारी देने के साथ इसकी बकाया राशि जमा करवाएंगी। राशि क्यूआर कोड से भी जमा करवाई जाएगी ताकि पादर्शिता बनी रहे। साथ ही तीन रसीद बनेगी जिनमें एक उपभोक्ता, दूसरी पंचायत व तीसरी महिला सदस्य के पास रहेगी। जलकर वसूली की नई व्यवस्था जल्द ही लागू होने वाली है। शुरुआत उज्जैन जनपद के 57 व अन्य जनपदों की 10-10 योजनाओं (एक योजना में एक गावं) से होगी। व्यवस्था कारगर होने पर जिले की सभी योजनाओं में इसे लागू कर दिया जाएगा। महिलाओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा जल कर संग्रहित करने के लिए प्रत्येक गांव में स्वसहायता समूह की तीन-चार महिलाओं को अधिक्रत किया जाएगा। महीने की 1 से10 तारीख तक कर जमा करने के बाद इसकी 20 प्रतिशत राशि महिला के बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी। बता दें कि वर्तमान में पंचायत में 60 से 100 रुपए प्रतिमाह जलकर निर्धारित है। अभी इसे जमा करवाने की ठोस व्यवस्था नहीं है। हालांकि नलजल मिशन अंतर्गत ग्राम जल स्वच्छता समिति पहले से गठित है। जनपदवार दे रहे प्रशिक्षण जिले में नई व्यवस्था लागू करने से पूर्व जिला पंचायत के माध्यम से जनपदवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत की जिला समन्यक व ट्रेनिंग कार्यक्रम की नोडल अधिकारी कविता उपाध्याय ने बताया, कलेक्टर के निर्देश व जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। समूह की चिन्हित महिलाओं व संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जल जीवन मिशन अंतर्गत जलकर राशि संग्रहण के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसमें स्वसहायता समूह की महिलाओं को जोडक़र उन्हें इसकी जिमेदारी दी जा रही है। इससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। – जयति सिंह, जिपं. सीईओ

मध्यप्रदेश में जनप्रतिनिधियों को मिलेगा लग्जरी ठिकाना, 3 स्टार होटल जैसे फ्लैट्स पर 159 करोड़ खर्च

भोपाल  राजधानी में विधायकों के लिए नए फ्लैट बनने जा रहे हैं। इसके लिए भूमिपूजन भी हो चुका है। 159 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे, जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। यह फैसला विधायकों की शिकायत पर लिया गया है, क्योंकि 67 साल पहले बने विश्रामगृह में बारिश का पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या आ रही थी। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। 67 साल पहले बना था विश्रामगृह 1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था। सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। ‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’ भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे. विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है। तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे। उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए। विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी। उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा 18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज … Read more

उज्जैन में महाकाल की दूसरी सवारी आज एकादशी पर निकली, गूंजा हर हर महादेव

उज्जैन   सावन के पवित्र महीने में आज एकादशी के शुभ अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी धूमधाम से निकल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह सवारी न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी जब निकलती है तो लौकिक रूप से निराकार से साकार को धारण करती है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे प्रदेश, देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज सावन का दूसरा सोमवार है और कामिका एकादशी भी है। इस अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकल रही है। श्रावण सोमवार के दिन महाकाल के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व होता है। बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। इस दौरान सवारी के मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तगण श्रद्धापूर्वक इसमें शामिल होते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री ने दी मंगलकामनाएं आज के दिन सीएम मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सावन का महीना है एकादशी का दिन है। एकादशी का पर्व मतलब हमारी शुचिता के साथ आत्मा से परमात्मा के बीच संबंध जोड़ने के संकल्प का दिन भी है। सौभाग्य की बात है कि आज बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का भी दिन है। जैसे तिरूपति बालाजी का, जगन्नाथ जी का उनकी यात्राओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन के द्वारा उन राज्यों ने अपनी पहचान बनाई है..वैसे ही हमने भी बाबा महाकाल की सवारी को धार्मिक पर्यटन के माध्यम से और वृहद रूप दे रहे हैं। हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी निकलती है तो लौकिक रूप से आज निराकार से साकार को धारण करते हैं। ये दिन हमारे प्रदेश देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह धार्मिक आयोजन के साथ ही आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है।’

गणेश मूर्तियों को लेकर इंदौर में हंगामा, आपत्तिजनक मूर्तियों पर तीन कलाकार गिरफ्तार

इंदौर भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाने को लेकर इंदौर में हंगामा खड़ा हो गया। भगवान गणेश को एक लड़की के संग दिखान पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भड़क उठे और कलाकारों के मुंह पर कालिख पोत दी। बाद में हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मूर्तिकारों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। शहर में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्ति निर्माण का कार्य जोरों पर है। बड़ी संख्या में बंगाल से मूर्तिकार इंदौर समेत मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मूर्तियां बनाते हैं। खजराना इलाके में एक स्थान पर भगवान गणेश की कुछ मूर्तियां देखकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान की मूर्तियों से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें लड़कियों के साथ दिखाकर उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं। हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब हंगामा किया। उन्होंने तीन कलाकारों के चेहरों पर कालिख पोत दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति कलाकार आरोपी कलाकार राजू पाल, चंद्रपाल और रतनलाल पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है। बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर ने कहा कि यह सामान्य गलती नहीं है, बल्कि सोच-समझकर हिंदू आस्था के प्रतीक गणेश भगवान की छवि को विकृत किया जा रहा था। मूर्तियों में ऐसे आकृति और, रंगरूप दिए जा रहे थे जो पूरी तरह से अशोभनीय हैं। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की मूर्तियां बनाई गईं या किसी भी रूप में देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम गंभीर होगा। बजरंगदल से जुड़े लक्की रघुवंशी ने कहा कि मूर्तियां बनाने के लिए 50 से अधिक कलाकार पश्चिम बंगाल से आए हैं, जिनमें से कई की पहचान स्पष्ट नहीं है। न तो इनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। संगठन को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए या संदिग्ध मजहबी मानसिकता वाले भी हो सकते हैं। बजरंगदल के विजय पटेल, रघुवीर गुर्जर, राकेश चौहान, विजय यादव, कौशल ठाकुर, अमर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खजराना थाने पहुंचकर आरोपियों के केस दर्ज करवाया है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव का कहना था कि अमित पाल सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कल हिंदूवादी संगठन ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के ऊपर आपत्ति जताई थी जिसको लेकर धार्मिक भावना आहत होने की धारा में प्रकरण पंजीबद किया जाए, वही तीनों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।    

मानसून देगा रफ्तार पकड़, 23 जुलाई से नए सिस्टम के चलते शुरू होगा तेज़ बारिश का सिलसिला

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही बारिश का दौर थम गया है हालांकि अगले 48 घंटे बाद फिर नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। फिलहाल 21 और 22 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।जुलाई अंत में पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है। आज सोमवार को जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।बता दे कि रविवार को मलाजखंड में सात, खजुराहो में दो, उज्जैन में एक मिलीमीटर बारिश हुई।दिन का सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। नदियों में उफान के बाद क्या है प्रशासन की तैयारी? भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील गांवों को अलर्ट पर रखा है। राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल में कैसा है मौसम का हाल? भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों में दिन में हल्की धूप और उमस बनी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बादल छा गए और बौछारें शुरू हो गईं। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 23 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो 23 जुलाई से एक बार फिर मूसलधार बारिश की शुरुआत होगी। नागरिकों को चाहिए कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में मानसून द्रोणिका गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर चुरू, आयानगर (दिल्ली), शाहजहांपुर, लखनऊ, पटना, बांकुरा, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना हुआ है जिसके पश्चिम दिशा में कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। 24 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से फिर मानसून एक्टिव होगा और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। अबतक कहां कितनी हुई है वर्षा प्रदेश में अब तक औसत 20.5 इंच बारिश हो चुकी है। इस सीजन में एक जून से लेकर 20 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में कुल 521.9 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (323.2 मिमी.) की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। 3 जिले निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इन जिलों के रास्ते वापसी करेगा मानसून मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 23 जुलाई से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में एक नया मानसूनी द्रोणिका और अवदाब सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण भारी बारिश (heavy rainfall) की वापसी संभव है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे पूर्वी भागों को प्रभावित कर सकता है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जैसे जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावनाएं बनेंगी। कहां हुई बारिश, कितने मिमी दर्ज पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले के धुंधरका में पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। परसवाड़ा (बालाघाट) में 16 मिमी, मलाजखंड (बालाघाट) में 14.4 मिमी, कायमपुर (मंदसौर) में 13 मिमी, सीतामऊ (मंदसौर) में 12.4 मिमी और सौसर (छिंदवाड़ा) में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।

रियासी में वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन का कहर, चार श्रद्धालु घायल

जम्मू जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले पुराने मार्ग पर सोमवार को भूस्खलन हो गया। चपेट में आने  चार तीर्थयात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह भूस्खलन त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा शहर में हुई भारी बारिश के कारण हुआ है। यह घटना सुबह लगभग 8.50 बजे बाणगंगा के पास गुलशन का लंगर में हुई। यह यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। यहां ज्यादातर टट्टू सवार पुराने मार्ग पर इकट्ठा होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और चार फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बचाव अभियान जारी था। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के बाणगंगा क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, मलबा हटाने का कार्य जारी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुंबई हवाई अड्डे पर खतरे से भरा पल: रनवे से फिसली एअर इंडिया की उड़ान

मुंबई कोच्चि से आ रहा एअर इंडिया का एक विमान सोमवार सुबह मुंबई हवाई अड्डे पर रनवे से आगे निकल गया। इसके बाद विमान को जांच के लिए रोक दिया गया। एक एयरलाइन प्रवक्ता ने बताया कि विमान को सुरक्षित रूप से टैक्सी कर दिया गया है। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य उतर गए हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीएसएमआईए), मुंबई के प्रवक्ता ने बताया कि सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। हवाई अड्डे के मुख्य रनवे 09/27 को मामूली नुकसान की सूचना मिली है। परिचालन जारी रखने के लिए दूसरे रनवे 14/32 को सक्रिय कर दिया गया है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, '21 जुलाई, 2025 को कोच्चि से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली उड़ान संख्या AI2744 की लैंडिंग के दौरान भारी बारिश हुई। इस वजह से लैंडिंग के बाद विमान रनवे से बाहर निकल गया। बाद में विमान सुरक्षित रूप से गेट तक टैक्सी कर गया। सभी यात्री तथा चालक दल के सदस्य सुरक्षित उतर गए हैं।' सूत्रों के मुताबिक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम स्थिति का आकलन कर रही है। विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'विमान को जांच के लिए रोक दिया गया है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' रांची में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट हुई थी कैंसिल इससे पहले एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सोमवार को दिल्ली जाने वाली एक उड़ान के यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया। एक दिन पहले तकनीकी खराबी के कारण इस उड़ान को रद्द करना पड़ा था। विमानन कंपनी ने कहा कि वह परिचालन की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। दरअसल, रांची-दिल्ली मार्ग पर उड़ान रद्द होने से रविवार शाम रांची में हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान यात्री एयरलाइन के कर्मचारियों से समय-निर्धारण को लेकर बहस करते देखे गए। एयरलाइन ने क्या कहा? एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने कहा, 'रांची से हमारी एक उड़ान तकनीकी समस्या के कारण बोर्डिंग के तुरंत बाद रद्द कर दी गई। मेहमानों को विकल्प दिए गए हैं, जिनमें होटल में ठहरने के साथ अगली उपलब्ध उड़ान की व्यवस्था भी है। उन्हें पूर्ण धनवापसी के साथ टिकट रद्द करने का भी विकल्प दिया गया है। हमें असुविधा के लिए खेद है। हम अपने परिचालन के हर पहलू में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।'

बांग्लादेश में वायुसेना का विमान क्रैश: एफ-7 ट्रेनर कॉलेज परिसर में गिरा, एक मृत

ढाका बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को कॉलेज परिसर में हादसे का शिकार हो गया। विमान कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि चार लोग घायल हो गया। हादसे के वक्त माइलस्टोन कॉलेज में बच्चे मौजूद थे। प्लेन क्रैश होने के बाद स्कूल-कॉलेज में अफरातफरी मच गई। मौके पर अग्निशमन और बचाव दलों ने पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि वायुसेना का प्रशिक्षण विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में गिर गया। अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण विमान ने दोपहर लगभग 1:06 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। आग बुझाने के लिए अग्निशमन दल की आठ दमकल मौके पर पहुंच गईं। माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा। स्कूल परिसर में जहां विमान हादसा हुआ, वहां कक्षा चल रही थी। घायलों को एक-एक करके बाहर निकाला जा रहा है।

खेलों से युवा बनते हैं मजबूत और आत्मविश्वासी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।” मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।” मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर श्रीमती रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।