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नौरादेही जंगल में बढ़ेगा रोमांच, बाघों के साथ दौड़ेंगे अफ्रीकन चीते, बाड़ा बनाने के लिए तैयारियां शुरु

सागर   मध्य प्रदेश का वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, एक ऐसा जंगल है जहां बाघों की दहाड़ गूंजती है, हिरणों की छलांगें दिखती हैं और पेड़ों की छांव में सैकड़ों कहानियां छुपी हैं. लेकिन अब इस जंगल की पहचान और भी खास होने वाली है. क्योंकि यहां आने वाले हैं अफ्रीका से आए मेहमान, यानी रफ्तार के सौदागर चीते.वन्यजीव विशेषज्ञों की एक टीम ने नौरादेही का दौरा किया उन्होंने यहां के मोहली, सिंगपुर और झापन रेंज में करीब 600 वर्ग किलोमीटर का इलाका चुना जहां चीतों का नया घर बनाया जाएगा. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व भले ही नया हो, लेकिन जल्द ये पूरे देश में मशहूर होने वाला है. क्योंकि यहां बाघों की आबादी तो बढ़ ही रही है, वहीं दूसरी तरफ वहां अफ्रीकन चीतों का नया बसेरा बसने वाला है. पिछले दिनों मई माह में चीता प्रोजेक्ट से जुडे़ विशेषज्ञों के दल ने नौरादेही का दौरा किया था और चीतों को बसाने की संभावनाओं के साथ-साथ चीतों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए थे. इसी सिलसिले में प्रबंधन द्वारा तैयारियां तेज कर दी गयी है. यहां चीतों के लिए बाड़ा बनाने के लिए प्रबंधन ने योजना बनाने का काम शुरू कर दिया है. मई में विशेषज्ञों के दौरे के बाद चीतों को बसाने हरी झंडी देश में बसाए जा रहे चीतों के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून को नोडल एंजेसी बनाया गया है. मई महीने की शुरूआत में एंजेसी के विशेषज्ञों ने नौरादेही टाइगर रिजर्व का तीन दिनों का दौरा किया था. जिनमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के डीआईजी डॉ. वी बी माथुर और डब्ल्यूआईआई के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए ए अंसारी के साथ दौरा किया था. उसके बाद 19 मई 2025 को नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन को चिट्ठी लिखकर चीता बसाने के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं. ये व्यवस्थाएं करने कहा विशेषज्ञों ने भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों ने नौरादेही टाइगर रिजर्व के मोहली, सिंगपुर और झापन रेंज में चीतों को बसाने के लिए कहा है. ये करीब 600 वर्ग किमी का एरिया होगा, जहां चीतों को बसाया जाएगा. यहां पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन को ये तैयारियां करने कहा गया है. बाड़ा बनाने की तैयारियों में लगा नौरादेही प्रबंधन जहां तक भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की बात करें, तो उन्होंने नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए डेढ साल का समय इन तैयारियों को पूरा करने के लिए कहा है. माना जा रहा है कि 2026 के अंत या 2027 की शुरूआत में यहां चीतों की शिफ्टिंग की जाएगी. इस लिहाज से यहां अन्य काम तेजी से शुरू हो गए हैं. बाघ की दहाड़ से टकराएगी चीतों की रफ्तार  अब चीतों के लिए बाड़ा बनाने की तैयारी करने कहा गया है. इसके लिए नौरादेही टाइगर रिजर्व की एक टीम जल्द कूनो नेशनल पार्क पहुंचेगी और वहां बाड़ा बनाने की जानकारी और प्रशिक्षण लेगी. क्योंकि वन्यप्राणियों को अलग-अलग तरह के बाडे़ बनाए जाते हैं और चीतों के लिए किस तरह बनाना होगा, इसके लिए टीम को कूनो भेजा जाएगा. चीतों के लिए क्यों खास है नौरादेही टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व नौरादेही टाइगर रिजर्व है. यह तीन जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले में फैला हुआ है. इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है. जिसमें 1414 वर्ग किमी कोर एरिया और 925.12 किमी का बफर एरिया है. इस विशाल वनक्षेत्र में बडे़-बडे़ घास के मैदान है और इनकी संख्या बढ़ती जा रही है. क्योंकि जिन गांवों का विस्थापन हो रहा है, वहां खेती की जगह पर प्रबंधन द्वारा घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं. वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के लिए बड़े घास के मैदान हैं. घास के मैदान ज्यादा होने से शाकाहारी जानवर बहुत हैं यहां शाकाहारी प्राणी होने से चीतों को शिकार करने में आसानी होगी. 600 वर्ग किमी क्षेत्र में बसेंगे अफ्रीकन चीते      चीतों ने खुद किया मनपसंद लंच का इंतजाम, बाड़े में आराम फरमाते सामने आया वीडियो     श्योपुर के थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे चीते, कूनो पार्क की आवोहवा से हैं नाखुश     एमपी के खेतों की खाक छान रहे चीते, अच्छी लग रही आजादी, कूनो जाने का नहीं मन सबसे पहले नौरादेही में हुआ था चीता बसाने के लिए सर्वे जहां तक चीतों की बसाहट की बात करें, तो नौरादेही जब वन्यजीव अभ्यारण्य हुआ करता था. तब 2010 में यहां पर चीतों को बसाने के लिए डब्ल्यूआईआई (Wildlife Institute of India) ने यहां सर्वेक्षण किया था. उस वक्त भी मोहली, सिंहपुर और झापन को चीतों की बसाहट के लिए अनूकूल माना गया था. जानकारों के मुताबिक, ये तीनों रेंज चीतों की बसाहट के लिए आदर्श हैं. करीब 600 वर्ग किमी में फैली इन तीनों रेंज में बडे़ और लंबे ग्रासलैंड है. जो चीतों के लिए काफी उपयुक्त माने जाते हैं. क्या कहना है प्रबंधन का नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डाॅ. ए ए अंसारी बताते हैं कि, ''हम लोगों को चीता के लिए शुरूआत करनी है. हमें कहां फेसिंग करनी है, कहां चीतों के लिए कौन से बाडे़ बनाने हैं, अभी हम लोगों को जैसे निर्देश मिलेगा, तो हम लोग उसी अनुसार यहां पर काम शुरू करेंगे. जो तीन रेंज मोहली, सिंगपुर और झापन के लगभग 600 वर्ग किमी क्षेत्र में चीतें बसाएं जाएंगे.'' ''बाड़े को लेकर हमें जैसे निर्देश होंगे, वैसे हम आगे काम करेंगे. वन्यप्राणियों के लिए कई तरह के बाडे़ बनाए जाते हैं. एक क्वारनटाइन बाड़ा होता है, जब वन्यप्राणी बाहर से आते हैं, वहां करीब 20 दिन के लिए उन्हें रखा जाता है. एक एसआरव्ही बाड़ा होता है. हमें जिस तरह के बाडा बनाने के निर्देश मिलेंगे, हम वहां वैसा काम शुरू करेंगे.

एमपी सदन में गूंजे नाराजगी के सुर, बीजेपी विधायकों ने सरकार की खोली पोल

 भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी में सब ठीक है? ये सवाल, बीजेपी विधायकों के सवाल से ही खड़े हो रहे हैं। दरअसल, विधानसभा के सत्र में जिस तरह के सवाल बीजेपी के विधायकों ने उठाए, उसकी उम्मीद तो सरकार को नहीं थी। एक दर्जन से अधिक विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सत्तापक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी। इस दौरान कानून व्यवस्था लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक न पहुंचना, जैसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी की तरह सवाल किए बीजेपी विधायक सदन में बीजेपी विधायक, सत्ता पक्ष में विपक्षी MLA की तरह सवाल कर रहे थे। विधायकों के तेवर देख सरकार पूरी तरह से बैक फुट पर आ गई। वहीं विपक्षी विधायक फ्रंट फुट पर सियासी बल्लेबाजी करने लगे, और तीखे सवाल पूछने लगे। कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के अपने ही विधायक संतुष्ट नहीं हैं, तो साफ है सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक के आरोपों पर प्रेदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यही कारण है इसके विधायक जनता के मुद्दों को उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस सकारात्मक राजनीति करने और जनहित में सहयोग करने की सलाह दी। बीजेपी के इन विधायकों ने उठाए सवाल बता दें कि सदन में सवाल उठाने वाले बीजेपी विधायकों में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव भी है। उन्होंने आदिवासियों को दिए गए पट्टों पर कब्जे का मुद्दा उठाया है। उमाकांत शर्मा ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण और उनके न हटाए जाने पर चिंता जताई। वहीं गायत्री राजे पवार ने उज्जैन की शिप्रा नदी में फैक्ट्रियों के दूषित पानी का मामला उठाकर सरकार को सकते में डाल दिया। इन विधायकों के अलावे संजय पाठक ने खाद वितरण में अनियमितताओं, आशीष शर्मा ने लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं, रमेश खटीक ने बिजली बिलों में ब्याज माफी न होने, नीना वर्मा ने शांति समितियों के गठन में देरी और भूपेंद्र सिंह ने गिरते भूजल स्तर पर ठोस नीति की मांग कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

अद्भुत योग: रक्षाबंधन पर 297 साल बाद महाकालेश्वर को पहले चढ़ेगी राखी

उज्जैन  9 अगस्त शनिवार को रक्षाबंधन पर्व खास संयोग के साथ मनेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ऐसा योग लगभग 297 सालों बाद बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार पर्व का विशेष महत्व रहेगा। देशभर में सबसे पहले शनिवार तड़के 3 बजे बाबा महाकाल को राखी अर्पित की जाएगी। यह खास राखी हर वर्ष पुजारी परिवार की महिलाएं तैयार करती हैं। इस बार की राखी मंदिर समिति के अमर पुजारी के परिवार की महिलाएं बीते तीन दिनों से बना रही है। ऐसी मानता है कि ये महिलाएं बाबा महाकाल को अपना भाई मानकर ये राखी तैयार करती हैं। इस बार की राखी में मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग कर राखी पर भगवान गणेश जी को विराजित किया है। मान्यता है की हिन्दू रीति-रिवाज से मनाए जाने वाले सभी पर्व की शुरुआत महाकाल मंदिर से होती। सुबह मंदिर में राखी अर्पित होने के बाद देश भर में राखी का पर्व मनाया जाएगा। इसके साथ वर्षों से चली आ रही भव्य परंपरा के तहत भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। ये लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफ्रूट्स से तैयार किए जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष अनुसार त्योहारों और पर्वों पर ग्रहों के विशेष संयोग बनते हैं, जिसका प्रभाव मानव जीवन और देश- दुनिया पर देखने को मिलता है। आपको बता दें कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर 297 वर्ष बाद दुर्लभ ग्रहों का संयोग बनेगा। इस साल सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ऐसा संयोग 1728 में बना था। उस समय भी भद्रा पृथ्वी पर नहीं थी और ग्रहों की स्थिति ऐसी ही थी। इस बार भी भद्रा रहित वैसा ही योग बन रहा है। जिससे कुछ राशियों की किस्मत चमक सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं। जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। वहीं, देशभर में सबसे पहले शनिवार तड़के 3 बजे बाबा महाकाल को राखी अर्पित की जाएगी। यह खास राखी हर वर्ष पुजारी परिवार की महिलाएं ही तैयार करती हैं। वे बाबा महाकाल को अपना भाई मानकर ये राखी बनाती हैं। सवा लाख लड्‌डुओं का भोग लगेगा महाकाल को अर्पित की जाने वाली राखी इस बार मंदिर समिति के अमर पुजारी के परिवार की महिलाएं बना रही हैं। वे तीन दिन से इसमें जुटी हैं। मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग कर राखी पर भगवान गणेश को विराजित किया गया है। मान्यता है कि हिंदू रीति-रिवाज से मनाए जाने वाले सभी पर्वों की शुरुआत महाकाल मंदिर से ही होती है। भगवान महाकाल को राखी बांधने के बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। ये लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफ्रूट्स से तैयार किए जा रहे हैं। पूरे दिन बांधी जा सकेगी राखी पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि रक्षाबंधन पर शनिवार को दोपहर 2:43 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह किसी भी काम को सफल बनाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार ये भी खास है कि रक्षाबंधन भद्रा काल से मुक्त रहेगा। मुहूर्त और चौघड़िए के अनुसार रक्षा सूत्र या राखी बांधी जा सकेगी। इस दृष्टि से सुबह से दोपहर 2:40 तक शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी इसी दिन शनिवार को श्रवण नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। इस योग का समय मध्याह्न 2:40 तक रहेगा। इस दौरान पर्व काल तो मनेगा ही इसके बाद भी सायं काल में शुभ योग रहेंगे, जिनमें रक्षा सूत्र बांधा जा सकेगा। इसके अलावा कुल परंपरा के अनुसार समय के निर्धारण से रक्षा सूत्र बांधना उचित होगा।  297 वर्षों बाद का अद्भुत ग्रह संयोग ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस दिन सूर्य और बुध 'कर्क राशि' में होंगे, वहीं चंद्रमा 'मकर राशि' में स्थित होंगे, मंगल 'कन्या राशि' में स्थित होंगे, गुरु और शुक्र 'मिथुन राशि' में स्थित होंगे, राहु 'कुंभ राशि' में होंगे और केतु 'सिंह राशि' में स्थित होंगे। यह योग इस बात का संकेत है कि इसी प्रकार का ज्योतिषीय योग अंतिम बार 1728 में बना था। साथ ही, भाग्य की बात यह है कि उस समय भी रक्षाबंधन पर भद्राकाल का प्रभाव नहीं था, और 2025 में भी वैसी ही स्थिति दोहराई जा रही है।इसके अलावा, सुबह 5:47 से दोपहर 2:23 तक 'सर्वार्थ सिद्धि योग' रहेगा, जो इस पर्व को और भी मंगलकारी बना देता है। मान्यता है कि इस विशेष योग में बहनों द्वारा राखी बांधने से भाइयों के जीवन में सौभाग्य, सफलता और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही इन राशियों की आय में वृद्धि और नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। वहीं देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। वहीं शुभ समाचार मिल सकता है। आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं… मकर राशि  आप लोगों के लिए 6 ग्रहों का दुर्लभ संयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको आकस्मिक धनलाभ के योग बनेंगे। साथ ही आपकी फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी हो जाएगी। इंवेस्टमेंट से आपको लाभ होगा। से लाभ होने के साथ ही संतान से शुभ समाचार मिल सकते हैं। वहीं इस समय नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति और इंक्रीमेंटो हो सकता है। वहीं इस दौरान साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा मुनाफा हो सकता है। कानूनी मामलों में फैसला आपके पक्ष में आएगा और करियर में नई उपलब्धियां मिलेंगी। वहीं धन की सेविंग करने में सफल रहेंगे।  कुंभ राशि छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग कुंभ राशि के जातकों को अनुकूल सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको मान- सम्मान की प्राप्ति होगी। साथ ही इस अवधि में आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वहीं आप कोई वाहन या प्रापर्टी खरीद सकते हैं। साथ ही इस 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आज से रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर, यूपी में महिलाओं को मुफ्त बस सफर

लखनऊ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए एक खास सौगात दी है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने का ऐलान किया है। यह सुविधा 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान महिलाएं राज्य परिवहन की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इस योजना के तहत न केवल महिलाएं, बल्कि उनके साथ एक सहयात्री भी मुफ्त में यात्रा कर सकेगा। यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को और खास बनाने के लिए की गई है, ताकि महिलाएं अपने भाइयों और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकें। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा सभी प्रकार की बसों, जैसे साधारण, एसी, और जनरथ बसों में उपलब्ध होगी। यात्रा के दौरान किसी भी तरह के टिकट की आवश्यकता नहीं होगी। महिलाओं को बस में चढ़ते समय अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा और भी सुगम होगी। इससे पहले, चार अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह ऐलान कर दिया था कि उनकी सरकार रक्षाबंधन बंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को बस का मुफ्त सफर देने जा रही है। यह कदम रक्षाबंधन को देखते हुए उठाया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने भाई के घर में जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। सीएम योगी ने स्पष्ट किया था कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। बता दें कि रक्षाबंधन के मौके पर बस का मुफ्त सफर देने की शुरुआत साल 2017 में हुई थी, जिसका सिलसिला अब तक जारी है। प्रदेश सरकार के मुताबिक, 1.23 करोड़ महिलाएं इसका फायदा उठा चुकी हैं। वहीं, इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया। साथ ही, परिवहन निगम ने सभी बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि में महिलाओं और उनके सहयात्रियों को पूरी सुविधा और सम्मान के साथ यात्रा कराएं।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

एमपी की दो नगर परिषदों में फिर से भगवा रंग, बीजेपी ने हासिल किया अध्यक्ष पद

भोपाल BJP- एमपी में भगवा दल ने फिर परचम लहराया है। प्रदेश की दो नगर परिषदों में बीजेपी के अध्यक्ष बने हैं। दोनों ही अध्यक्ष महिलाएं हैं। कटनी जिले की नगर परिषद विजयराघवगढ़ में बीजेपी की राजेश्वरी दुबे अध्यक्ष चुनी गई हैं वहीं कैमोर नगर परिषद में बीजेपी की ही पलक ग्रोवर अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। पार्टी की नवनिवार्चित नगर परिषद अध्यक्षों को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बधाई दी है। इससे पहले कटनी जिले की दोनों नगर परिषदों के अध्यक्ष पद के लिए पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा की गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष दीपक टण्डन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विजयराघवगढ़ से राजेश्वरी दुबे व कैमोर से पलक ग्रोवर को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया। नगर परिषद अध्यक्षों के इस्तीफों के कारण पद रिक्त थे कटनी की कैमोर तथा विजयराघवगढ़ में नगर परिषद अध्यक्षों के इस्तीफों के कारण पद रिक्त थे जिस पर आज निर्वाचन हुआ। दोनों जगहों पर एक ही नामांकन दाखिल होने की उम्मीद थी और आखिरकार वही हुआ भी, दोनों अध्यक्षों का सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ। नगर परिषदों में चुनाव को लेकर गहमागहमी बनी रही। निर्वाचन प्रक्रिया आज करीब 12 बजे से प्रारम्भ हुई। कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव ने नगर परिषद कैमोर में निर्वाचन हेतु पीठासीन अधिकारी एसडीएम विजयराघवगढ़ महेश मंडलोई को बनाया। वहीं नगर परिषद विजयराघवगढ़ के लिए पीठासीन अधिकारी संयुक्त कलेक्टर संस्कृति मुदित लटोरिया बनाई गईं। पीठासीन अधिकारियों को पूरी चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। परिषद के नोटिस बोर्ड पर एक प्रति प्रदर्शित करने का निर्देश अध्यक्ष के चुनाव को देखते हुए कैमोर और विजयराघवगढ़ नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सभी निर्वाचित पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस और आदेश की प्रतियां तामील करने को कहा गया था। इस संबंध में पावती प्राप्त करने और संबंधित परिषद के नोटिस बोर्ड पर एक प्रति प्रदर्शित करने का निर्देश भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तामोट, रायसेन में 416 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब निरंतर हो रहा है उद्योगों का लोकार्पण और भूमिपूजन भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी अभियान के जरिए हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत और बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायसेन जिले में हो रहा औद्योगिक निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नया आयाम देगा। यह न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा, बल्कि यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और गतिशील भी बनायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रायसेन जिले के ग्राम तामोट में 416 करोड़ रुपये की लागत वाली नवीन औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 300 करोड़ रू लागत से 12 हैक्टेयर में 06 नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हुआ और 116 करोड़ रू लागत की 06 इकाइयों का लोकार्पण हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी औद्योगिक परियोजनाओं से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य में स्वदेशी अभियान के तहत स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शनिवार को रक्षाबंधन है। हमारी परंपरा "यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे" जैसी है। अब दुनिया रिसर्च करके हमारी परंपराओं को जान रही है। उन्होंने कहा कि जिन अंग्रेजों ने कभी हमारे भारत पर 300 वर्ष तक शासन किया, अब हमारी कंपनियां उन्हीं को नौकरी पर रख रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश को अनेकों सौगातें मिली हैं। भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश में वंदेभारत ट्रेन और मेट्रो का नेटवर्क बना है। अब भोपाल के पास उमरिया गांव में रेलवे के आधुनिक और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह बीईएमएल रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे, जो मध्य भारत में ट्रेन कोचेस के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 25 अगस्त को पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करने मध्यप्रदेश (धार) आने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 300 करोड़ रुपये की लागत से 12 हेक्टेयर रकबे में 6 नई औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हुआ है, जिसमें जेबीएम ऑटो, बालाजी रोटोमैक आदि शामिल हैं। इनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दो नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र बांटे गए हैं, जिनमें लगभग 150 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश का समय बदला है। पहले जहां नाली-सड़क और बिजली के खंबे जैसे कामों का लोकार्पण होता था, वहीं अब रोजाना नये-नये उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर देश के समक्ष का समय है, परन्तु भारत दुनिया के किसी देश के आगे नहीं झुकेगा। हम सदैव 'भारत प्रथम' की नीति पर चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी अर्थव्यवस्था 15वें नम्बर से अब चौथे नम्बर पर आ गई है। हम भारत की अच्छाई और किसानों की उपज दुनिया को बांटना चाहते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था को नंबर 1 बनाने का यही समय है, सही समय है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बदलते दौर में भारत का विकास परिदृश्य भी बदल रहा है। हम किसी का बुरा नहीं चाहते, लेकिन अपना स्वाभिमान भी बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव कीं। उसके बाद भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री सुंदरलाल पटवा के प्रयासों से मंडीदीप में उद्योगों को बढ़ावा मिला। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्रीमती सुषमा स्वराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्री अनंत कुमार ने तामोट में प्लास्टिक पार्क विकसित किया। हमारी सरकार ने रायसेन के लोगों को पिछले साल और अधिक सौगातें दीं। यदि कोई उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो रायसेन इसके लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बड़े उद्योगों के साथ स्टार्टअप और छोटे उद्यमों को भी प्रोत्साहित कर रही है। म.प्र. में सर्विस सेक्टर और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन का विकास हो रहा है। टेक्सटाईल इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। मध्यप्रदेश को जल्द ही एयर कार्गो की सुविधा भी मिलेगी। प्रदेश का रोड नेटवर्क पहले ही बेहतर हुआ है। राज्य सरकार रोजगारपरक उद्योग लगाने पर प्रति श्रमिक वेतन में 5000 रुपए का अनुदान उद्योगपतियों को देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि एविएशन कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रदेश की नई नीतियों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए प्रति फ्लाइट 15 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान है। भारत सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत हम प्रदेश की एयर टूरिज्म पॉलिसी पर कार्य कर रहे हैं। जबलपुर, रीवा, सीधी को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से बड़ा है। इसीलिए हमारी सरकार ने गरीब, श्रमिक और जरूरतमंदों को एयर एंबुलेंस की सुविधा दी है। सरकार मानवता के प्रति लोगों को जागरुक करते हुए सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर राहवीर योजना में 25 हजार रुपए का पुरस्कार देगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जो निवेशकों को मेडिकल कॉलेज/अस्पताल खोलने के लिए नगण्य लीज रेंट पर जमीन दे रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति अपने प्रयासों कई लोगों को रोजगार, आवास, भोजन और जरूरत से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। उद्योगपति जरूरतमंदों को रोजगार देकर बड़े पैमाने पर समाजसेवा भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई हो या छोटे उद्योग, जो हमारे प्रदेश के नागरिकों को रोजगार दे, हमारे लिए वे सभी महत्व रखते हैं। भोजपुर विधायक श्री सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को निवेश करने के लिए मध्यप्रदेश लेकर आ रहे हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र का दिनों-दिन विस्तार हो रहा है। भोपाल के मेट्रोपोलिटन सिटी बनने का लाभ रायसेन के औबेदुल्लागंज और गौहरगंज को भी मिलेगा। … Read more

श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फिलहाल रोक आदेश

मथुरा  सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस अध्यादेश, 2025 पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत सरकार मथुरा-वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथों में ले रही थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले को अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि अध्यादेश की वैधता पर निर्णय लिया जा सके। निगरानी के लिए समिति का गठन अध्यादेश की कानूनी वैधता तय होने तक, उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति मंदिर के मामलों की निगरानी करेगी। इस समिति में जिला कलेक्टर, राज्य सरकार के अधिकारी और हरिदासी संप्रदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि मंदिर का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके और किसी भी पक्ष के अधिकारों का हनन न हो।   गलियारा विकास और फंड का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट ने अपने 15 मई के उस फैसले को भी वापस ले लिया है, जिसमें राज्य सरकार को गलियारा विकास परियोजना के लिए मंदिर के फंड का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। पिछली सुनवाई के दौरान, पीठ ने राज्य सरकार द्वारा मंदिर के फंड के उपयोग की अनुमति मांगने के "गुप्त तरीके" पर कड़ी आपत्ति जताई थी।याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलीलें : इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें यूपी सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह अध्यादेश सरकार का धार्मिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप है, जिससे मंदिर प्रबंधन की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। सरकार ने मंदिर प्रशासन को अपने नियंत्रण में लेने का कोई ठोस और मजबूत कारण नहीं बताया है। वकील संकल्प गोस्वामी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह अध्यादेश हरिदासी/सखी सम्प्रदाय के अपने धार्मिक मामलों को खुद संभालने के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं का यह भी मानना है कि इस अध्यादेश से धार्मिक रीतियां और परंपराएं बदलने की कोशिश की जा रही है, जो देवता को नाराज कर सकता है और पूरे सम्प्रदाय के अस्तित्व पर खतरा पैदा कर सकता है। यह मंदिर 1939 से पारंपरिक रूप से निजी प्रबंधन के अधीन है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विस्तृत आदेश जल्द ही अपलोड करेगा।

MP में HSRP नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे वाहन के कई काम, जल्द करें लगवाना जरूरी

इंदौर प्रदेश में पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसमें बीते छह साल में पंजीकृत हुए सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट की जांच और डीलरों के यहां इसकी पेंडेंसी की पड़ताल भी की जाएगी। परिवहन कार्यालय इंदौर द्वारा सभी डीलरों के पास नंबर प्लेट की पेंडेंसी की पड़ताल की जाएगी और छूटे हुए वाहनों में नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी कर वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए है। सभी वाहनों में HSRP नंबर प्लेट जरूरी एक अप्रैल 2019 के बाद के सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जाना है। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को इस आशय के आदेश दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ को निर्देश जारी कर नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इंदौर में भी वाहन डीलरों के यहां पर परिवहन विभाग की टीमें पहुंचकर पेंडेंसी की पड़ताल करेंगी। दल गठित कर संबंधित वाहन डीलरों के माध्यम से एनआईसी वाहन पोर्टल पर अद्यतन स्थिति दर्ज की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।   बगैर नंबर प्लेट के नहीं होंगे कार्य जिन वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं होगी, उन वाहनों के परिवहन कार्यालय में कार्य नहीं होंगे। एचएसआरपी नहीं होने पर पीयूसी प्रमाण पत्र भी नहीं बनेगा। इसके अलावा आरसी, पता बदलना, आरसी विवरण देखना, स्वामित्व बदलना, नवीन और डुप्लीकेट परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं जारी होंगे। परिवहन विभाग की सेवाओं की जानकारी के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट आवश्यक होगी। परिवहन कार्यालय में प्रवेश होगा प्रतिबंधित एआरटीओ राजेश गुप्ता का कहना है कि वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। वाहनों में यह नंबर प्लेट की पेंडेंसी की जांच वाहन डीलरों के यहां पर की जाएगी। वहीं नंबर प्लेट नहीं होने पर परिवहन कार्यालय में भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में नंबर प्लेट होने के बाद ही परिवहन कार्य हो सकेंगे।  

सरकार LPG दाम स्थिर रखने के लिए तेल कंपनियों को ₹30000Cr की सब्सिडी देगी

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को एक अहम मीटिंग के दौरान 52,667 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी. जिसमें LPG, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दिया गया है. इस पैकेज के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को मजबूत करने के लिए 12,060 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा घरेलू रसोई गैस को सस्ता करने के लिए 30,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 4,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.  कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है.वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. तकनीकी शिक्षा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए ₹4,200 करोड़ मंजूर हुए हैं. इससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और रोजगार के मौके मिलेंगे. इसके अलावा, असम और त्रिपुरा के लिए ₹4,250 करोड़ का विशेष विकास पैकेज भी स्वीकृत हुआ है. मरक्कानम–पुडुचेरी के बीच 4-लेन हाईवे के लिए ₹2,157 करोड़ मंजूर किए गए हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट बैठक हुई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 2025-26 में भी सब्सिडी दी जाएगी, जिसके लिए ₹12,060 करोड़ मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना को समावेशी विकास (सबके लिए विकास) के लिए वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। इसका मकसद लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है। कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है. वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. बैठक में तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को घरेलू एलपीजी बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिए 30000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दी गई.ये मुआवजा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा इन कंपनियों के बीच वितरित किया जाएगा और इसका भुगतान 12 किश्तों में किया जाएगा. घरेलू एलपीजी सिलेंडर सार्वजनिक क्षेत्र की इन कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को नियंत्रित कीमतों पर उपलब्ध कराए जाते हैं. वर्ष 2024-25 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, लेकिन उपभोक्ताओं पर कीमतों का बोझ नहीं डालने के लिए सरकार ने इन्हें स्थिर रखा. इस वजह से IOCL, BPCL और HPCL को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा. इसके बावजूद इन कंपनियों ने देशभर में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रखी. सरकार का मानना है कि ये मुआवजा तेल विपणन कंपनियों को कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद, कर्ज अदायगी और पूंजीगत व्यय जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा. इससे देशभर के घरों तक सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी. रेल मंत्री में बताया कि मीटिंग में तय हुआ है कि घरेलू एलपीजी पर घाटे की भरपाई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को ₹30,000 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए MERITE योजना को ₹4,200 करोड़ की मदद दी जाएगी। इसके अलावा असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज की मौजूदा योजना के तहत 4 नए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिन पर कुल ₹4,250 करोड़ खर्च होंगे। वहीं, तमिलनाडु में मरकानम–पुडुचेरी के बीच 46 किमी लंबा चार लेन हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर ₹2,157 करोड़ की लागत आएगी। 31 जुलाई- बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए इससे पहले 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था, 'मोदी कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें 2 किसानों और फूड सेक्टर से जुड़े हैं। वहीं चार फैसले नॉर्थ-ईस्टर्न सेक्टर में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हैं। 16 जुलाई- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जुलाई को हुई बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी है। 1 फरवरी 2025 को बजट के दौरान वत्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना की घोषणा थी। योजना 2025-26 से शुरू होकर अगले 6 साल तक चलेगी। इसके तहत देश के 100 कम कृषि उत्पादन वाले जिलों के किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें 1.7 करोड़ किसानों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मकसद इन जिलों में ज्यादा उत्पादन, फसल विविधता, टिकाऊ खेती, आधुनिक भंडारण और हर किसान को किफायती कर्ज देना है। कैबिनेट ने 2 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी     सरकार ने नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन (NIPC) को और ताकत देने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का स्पेशल फंड दिया है। इस फंड का इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स जैसे सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश के लिए किया जाएगा।     नेशनल क्लीन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (NCIL) को क्लीन टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव स्टोरेज के लिए 7,000 करोड़ रुपए की नई पूंजी मिलेगी। इससे नई तकनीक, इनोवेटिव एनर्जी स्टोरेज, बैटरी, स्मार्ट ग्रिड में इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।