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जितनी बेहतर तैयारी होगी होगी, उतने प्रभावी ढंग से होगा चुनौती का समाधान: मुख्यमंत्री

लखनऊ. प्रदेश में संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को व्यापक तैयारी और प्रभावी समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जितनी बेहतर तैयारी होगी, उतनी ही तेजी और सफलता से चुनौती का समाधान किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बाढ़/अतिवृष्टि पूर्व प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी तटबंधों, ड्रेनों और संवेदनशील स्थानों की समयबद्ध मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और निगरानी को अनिवार्य बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सतर्कता, समन्वय और तय समयसीमा में काम पूरा करना ही सुरक्षित बाढ़ प्रबंधन की मूल कुंजी है। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गंगा, सरयू (घाघरा) राप्ती, रामगंगा, गंडक, यमुना, गोमती और सोन नदी बेसिन के आस-पास के जनपद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। नदी-पट्टी और वर्षा पैटर्न का विश्लेषण करते हुए इस वर्ष 12 जनपदों में 18 तटबंधों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 241.58 किमी है। 11 जनपद के 19 तटबंधों को अति संवेदनशील चिन्हित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 464.92 किमी है। इन सभी स्थानों पर अग्रिम सुरक्षा कार्य प्राथमिकता पर चल रहे हैं। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण इलाकों में जल-निकासी को सुचारु रखने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रेनों की सफाई और ड्रेजिंग कराई जा रही है। विभाग के अधीन कुल 10,727 ड्रेन हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई 60,047 किमी है। कई महत्त्वपूर्ण रूटों की सफाई पूरी हो चुकी है और शेष कार्य तय समय में पूरे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित ड्रेजिंग परियोजनाएं जनपदवार लागू की जा रही हैं, जिससे नदी प्रवाह सुधरेगा और तटीय इलाकों में जलभराव कम होगा। इसके साथ ही वर्ष 2026 की संभावित बाढ़ स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई सुरक्षा परियोजनाएं भी प्रस्तावित की गई हैं, जिनके परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तटबंधों और बैराजों पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन-मैपिंग, वाटर लेवल सेंसर और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कहीं नदी के मेन स्ट्रीम में सिल्ट की अधिकता हो, नदी उथली हो, वहां ड्रेजिंग को प्राथमिकता दी जाए और नदी को चैनलाइज किया जाए। यदि ड्रेजिंग से समाधान होना संभव न हो, तब ही तटबंध अथवा कटान निरोधी अन्य उपायों को अपनाया जाये।

उद्योग से जुड़े लोगों को दिया गया पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान, ‘रेशम मित्र’ पत्रिका का विमोचन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सिल्क उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का शुभारंभ हुआ। एक्सपो का उद्घाटन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इस मौके  पर ‘रेशम मित्र-2025’ पत्रिका के विमोचन के साथ ही उद्योग से जुड़े लोगों को सम्मानित भी किया गया। एक्सपो के आयोजन से सिल्क उत्पादकों व उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही प्रदेश में सिल्क उत्पादन तथा इससे जुड़े उद्योगों व व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्री राकेश सचान ने इस अवसर पर रेशम उत्पादकों व उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के तहत प्रदेश सरकार का लक्ष्य दस वर्षों में लगभग 13,500 उत्पादकों को लाभ पहुंचाना है। योजना के तहत अब तक 1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी जा चुकी है, जिससे उत्पादन में अच्छी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 9,000 एकड़ में शहतूत पौधरोपण का कार्य जारी है, जिससे 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में रेशम उद्योग उत्पादकों व बुनकरों को नियमित रोजगार के अवसर दे रहा है। मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से प्रसंस्करण की सुविधाएं मजबूत हुई हैं। रेशम मित्र पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन, निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समर्थन से उत्तर प्रदेश में रेशम उद्योग ने अभूतपूर्व प्रगति की है। प्रदेश में रेशम उत्पादन 27 मीट्रिक टन से बढ़कर अब 450-500 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को मजबूती दे रहा है। साथ ही प्रदेश गरीब और पिछड़े तबके के लोगों को आय और रोजगार के नये अवसर प्रदान कर रहा है।  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) के मरकरी हॉल में आयोजित सिल्क एक्सपो के उद्घाटन अवसर पर प्रदेश के रेशम उद्योग से जुड़े 16 उत्पादकों, बुनकरों, उद्यमियों और अन्य योगदानकर्ताओं को पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही रेशम निदेशालय की विभागीय उपलब्धियों पर आधारित ‘रेशम मित्र-2025’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। सिल्क एक्सपो, 06 फरवरी 2026 तक चलेगा, जहां देशभर के बुनकर और व्यापारी हाथ से बने रेशमी वस्त्र, साड़ियां, दुपट्टे और अन्य उत्पाद लेकर आए हैं। यह आयोजन प्रदेश के रेशम उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के साथ यूपी को रेशम उत्पादन व निर्यात का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

एक क्लिक पर शिक्षा, स्कॉलरशिप, करियर, सरकारी अवसरों की जानकारी देने वाली वेबसाइट बनाई, 84 लाख से अधिक युवाओं ने किया इस्तेमाल

लखनऊ  कभी साइकिल पर अखबार बेचकर घर का खर्च चलाने वाला लड़का आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तर प्रदेश और भारत का नाम रोशन कर रहा है। यूपी के बागपत जनपद के छोटे से गांव ट्यौढी का रहने वाला अमन कुमार संघर्ष, संकल्प और योगी सरकार के सहयोग से ऐसा उदाहरण बन चुका है, जो लाखों युवाओं को प्रेरणा दे रहा है। बचपन में गरीबी और बाल मजदूरी की पीड़ा झेलने वाले अमन कुमार ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनकी पहचान इंटरनेशनल यूथ आइकॉन के रूप में होगी। अमन कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की युवा केंद्रित नीतियों, डिजिटल पहल और जनभागीदारी आधारित योजनाओं ने उनके जैसे युवाओं को न केवल अवसर दिए, बल्कि आगे बढ़ने का भरोसा भी दिया। 12वीं के बाद बढ़ाई सक्रियता अमन कुमार आज यूपी सरकार के युवा कल्याण विभाग से संबद्ध उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष हैं। खुद अवसरों के अभाव में पले-बढ़े अमन ने ठान लिया कि अब कोई भी होनहार युवा सिर्फ जानकारी न होने की वजह से पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी सोच से 12वीं के बाद व्हाट्स-ऐप ग्रुप बनाया और उसे विस्तार देकर वेबसाइट प्रोजेक्ट ‘कॉन्टेस्ट 360’ तैयार किया। एक क्लिक पर शिक्षा, स्कॉलरशिप, करियर और सरकारी अवसरों की जानकारी देने वाली इस वेबसाइट को अब तक 84 लाख से अधिक युवा देख चुके हैं। कांवड़ यात्रा से लेकर चुनाव तक डिजिटल समाधान कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए अमन ने वर्ष 2022 में प्रशासन के साथ मिलकर कांवड़ यात्रा ऐप तैयार किया। यात्रा मार्ग, चिकित्सा सहायता, शिविर, आपात संपर्क और प्रशासनिक सहयोग जैसी सुविधाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गईं, जिसे साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उपयोग किया। इसके बाद उन्होंने लोकसभा निर्वाचन में स्वीप बागपत ऐप बनाकर भारत निर्वाचन आयोग की सेवाएं सवा लाख मतदाताओं तक पहुंचाईं। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में सरकारी योजनाओं को जोड़ने का मॉडल बनाया बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल के मार्गदर्शन में अमन प्रशासन के कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सूचना विभाग के सहयोग से सूचना सेतु ऐप तैयार कर एक क्लिक पर अधिकारियों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का मॉडल बनाया। यहीं नहीं, बागपत फॉर एनिमल्स ऐप के जरिए पशु कल्याण और ग्राम पंचायत फैजपुर निनाना की वेबसाइट बनाकर डिजिटल पंचायत की दिशा में भी अहम पहल की। अब वह अगले चरण में वेबसाइट और इनोवेशन के जरिए प्रदेशभर के युवाओं को जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। युवाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका अमन के जुनून और नवाचार को राष्ट्रीय पहचान तब मिली, जब यूपी सरकार ने उन्हें स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित किया। आज अमन कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े हैं। वह यूनेस्को ग्लोबल यूथ कम्युनिटी, यूनेस्को इन्क्लूसिव पॉलिसी लैब नेटवर्क, यूनेस्को मीडिया इन्फॉर्मेशन लिटरेसी एलायंस, यूनिसेफ नेशनल यू एंबेसडर, हंड्रेड फाउंडेशन, नेचर पॉजिटिव यूनिवर्सिटीज, क्लाइमेट कार्डिनल्स, यांगो जैसे संस्थानों से जुड़कर युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2026 में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में अमन को टीम यूपी का ग्रुप कैप्टन बनाया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राष्ट्रीय मंच पर युवाओं की अगुवाई की। इसके अलावा, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ भी काम किया। सम्मान और पहचान अमन कुमार को वर्ष 2025 में देश के स्वयंसेवा क्षेत्र का प्रतिष्ठित आई वॉलंटियर अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही यूनिसेफ इंडिया में इंडियाज मोस्ट वैल्यूएबल यू रिपोर्टर अवॉर्ड, यंग ट्रांसफॉर्मर्स अवॉर्ड, शिक्षा रत्न सम्मान सहित कई राष्ट्रीय उपलब्धियां उनके नाम हैं। भारत सरकार के माई भारत संस्थान ने उन्हें यूपी में यूथ मेंटर बनाया है।

फार्मा कॉन्क्लेव में निवेशकों ने यूपी को माना देश का उभरता फार्मा पावरहाउस

लखनऊ  ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में देश और दुनिया की दिग्गज फार्मा कंपनियों के चेयरमैन व शीर्ष नेतृत्व ने खुलकर राज्य की बदलती तस्वीर, मजबूत शासन व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की। कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी और संरचनात्मक बदलाव किए हैं, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को दिशा देने वाले साबित हो रहे हैं। यूपी के वर्तमान व भविष्य का रोडमैप स्पष्ट: अयोध्या रामी रेड्डी राज्यसभा सदस्य एवं रामकी ग्रुप के चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को देश और समाज के लिए “उत्कृष्ट कमिटमेंट” करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो बुनियादी परिवर्तन देखने को मिले हैं, वे अभूतपूर्व हैं। उत्तर प्रदेश जो है और जो होने जा रहा है, सबका रोडमैप योगी जी ने स्पष्ट कर दिया है। यह न केवल राज्य, बल्कि देश को भी नई दिशा दिखाएगा। उन्होंने अपने चार दशक के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों में उन्होंने यूपी में ऐसा सकारात्मक माहौल पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने यूपी की कानून-व्यवस्था, अकाउंटेबिलिटी और इंटीग्रिटी को दीर्घकालिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा नेता किस तरह पूरे सिस्टम को बदल सकता है, उत्तर प्रदेश इसका जीवंत उदाहरण है। निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल व पारदर्शी प्रशासन आज यूपी की पहचान है। रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट ट्रीटमेंट: जीनल मेहता टोरेंट ग्रुप के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमने यूपी के 20 जिलों में काम किया है, लेकिन कहीं भी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या या रेड टेप का सामना नहीं करना पड़ा। यूपी आज निवेशकों को रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट ट्रीटमेंट दे रहा है। यह सब योगी जी के नेतृत्व में संभव हुआ है। कभी छोड़ना पड़ा था प्रदेश, अब लौटने का समय: रमेश जुनेजा मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा ने यूपी के पुराने दौर की कड़वी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि 1995 में कंपनी शुरू की थी, तब माहौल ठीक नहीं था। 2001 में मेरे भाई का बेटा किडनैप हो गया, जिसके बाद हमने तय किया कि प्रदेश छोड़कर दिल्ली में रहना चाहिए, लेकिन कहते हैं ना कि हर रात के बाद एक अच्छी सुबह होती है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद यूपी में वह सुबह आई है। आज देर रात भी प्रदेश में लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, यही वजह है कि निवेशक यहां आ रहे हैं और लगातार निवेश कर रहे हैं। उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है। मेरा दिल यूपी के लिए धड़कता है और सरकार के प्रोत्साहन के साथ निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। वैश्विक फार्मा लीडर्स की यूपी में रुचि: सतीश रेड्डी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी ने कहा कि फार्मा सेक्टर में भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है, जिसका उदाहरण कोविड काल में देखने को मिला। भारत ने कोविड के समय लाखों जिंदगियां बचाईं। उत्तर प्रदेश की नीतियां बेहद प्रभावी हैं और हम यहां काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर यूपी की ताकत: पंकज पटेल जाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पद्मभूषण पंकज रमनभाई पटेल ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री को भूमि, बिजली, पानी और प्रशिक्षित मैनपावर की जरूरत होती है और ये सभी संसाधन उत्तर प्रदेश में भरपूर उपलब्ध हैं। यही वजह है कि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए यूपी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। देश का सबसे सुरक्षित स्थान है यूपी: दिलीप सांघवी पद्मश्री से सम्मानित और सन फार्मास्यूटिकल के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि आज सन फार्मा देश की सबसे बड़ी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है। उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश है, जहां पर हम अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहते हैं। कुछ वर्षों में यहां पर लॉ एंड ऑर्डर की जो स्थिति में सुधार हुआ है, वो इसे देश का सबसे सुरक्षित स्थान बनाता है।

अपराधियों पर योगी का बड़ा बयान: कानून से नहीं मानोगे तो गोली की भाषा समझाई जाएगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुठभेड़ की कार्रवाइयों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिप्पणी की जाती है कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? सीएम योगी ने पूछा कि पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा उसे उसी भाषा में समझाया ही जाएगा। सीएम योगी मंगलवार को लखनऊ में आयोजित पहले फार्मा कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले ही हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में हो रहे हाफ एनकाउंटर (पैर में गोली मारने की घटनाओं) पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का हक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि कानून सभी के लिए बराबर है। कोई अपना या पराया नहीं है। यदि कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा जो किसी माफिया पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा प्रयास किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो, लेकिन अगर सामने वाला अपराधी कानून से भयभीत नहीं है, तो उसे उसी की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग हो जाती है। पुलिस को पिस्तौल और प्रशिक्षण दिया जाता है सीएम योगी ने कहा कि बहुत बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकता। अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसीलिए है कि वह उसका डटकर मुकाबला करे। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का प्रशिक्षण ही इसीलिए होता है कि कोई अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दे सके। सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े-बड़े त्योहार शांति से संपन्न हुए हैं। कहीं कोई अराजकता नहीं है। आज प्रदेश में कहीं दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की बात नहीं होती है। सुरक्षा के इसी माहौल के कारण आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के लिए निवेश का बेहतरीन गंतव्य (Investment Destination) बन चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। जीरो टॉलरेंस का मतलब यह है कि अगर शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। उनके इस बयान को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों को आखिरी चेतावनी देने के तौर पर देखा जा रहा है।  

कवासी लखमा को बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में SC ने दी अंतरिम जमानत

रायपुर  छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. कवासी को ED और EOW मामले में अंतरिम जमानत दी गई है. हालांकि जमानत के लिए बेल बॉन्ड निचली अदालत तय करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कवासी लखमा अंतरिम जमानत के दौरान छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे.  शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद उन्हें जमानत देने का आदेश जारी किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कवासी लखमा को इसी वर्ष 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर थे। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य थे और उनके निर्देशों पर ही पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि लखमा ने शराब नीति में बदलाव और लाइसेंस प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाई थी। ईडी ने अदालत में दलील दी थी कि आबकारी विभाग में हो रही अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि इस कथित घोटाले के दौरान कवासी लखमा को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये मिलते थे। ईडी के अनुसार, 36 महीनों में उन्हें कुल 72 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसका उपयोग उनके बेटे के मकान और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण में किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस सिंडिकेट के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाते हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच वर्तमान में ईडी के साथ-साथ राज्य की एसीबी भी कर रही है। इस मामले में तत्कालीन सरकार के कई अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कवासी लखमा की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। क्या आप इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत के लिए रखी गई शर्तों या शराब घोटाले से जुड़ी एसीबी की आगामी कार्यवाही के बारे में जानना चाहेंगे?

24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन

लखनऊ  भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा: सीएम योगी ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आभारी हैं, जिन्होंने रोलबैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। यह पहले भी हुआ है और आगे भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकसित भारत और बढ़ते भारत की यात्रा का प्रमाण है, जहां भारत एक जिम्मेदार और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि भारत की इस बढ़ती ताकत से कुछ लोग सशंकित भी हैं, इसलिए देश को विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ते हुए सतर्कता और विवेक के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपना नियंता बन रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि आज देश वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बीच आत्मविश्वास, नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब हम लोग सत्ता में आए थे, उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं जमीन ढूंढते हुए नहीं बनती थी। कोई लैंड नहीं मिल पाती थी, क्योंकि उस पर लैंड माफिया ने कब्जा कर रखा था। हमने भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की और मैंने कहा, 24 घंटे का समय दे रहा हूं। उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर जिस भू माफिया ने कब्जा किया है, उसको तत्काल छोड़ दे। 24 घंटे के बाद जब हम कारवाई करेंगे तो उसको जमीन तो छोड़नी ही पड़ेगी, लेकिन साथ-साथ उसने जो कमाई की होगी, उसकी ब्याज सहित वसूली करेंगे। आप आश्चर्य करेंगे कि हमारी 65000 एकड़ लैंड खाली हुई थी। यह हमारा लैंड बैंक बना था। उस लैंड बैंक में हमने निवेश भी करवाए। इनसेट-3 फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान *‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10  हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति बनी है, जिसमें औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का आज मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा व बायोजेंटा लाइफ साइंसेज ने 1,250-1,250 करोड़ रुपये, शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स ने 737 करोड़, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज ने 590 करोड़, झानविका लैब्स ने 553 करोड़, कोरो हेल्थ ने 418 करोड़, मार्क लेबोरेटरीज ने 300 करोड़, हाई ग्लांस लैबोरेटरीज ने 120 करोड़, रासपा फार्मा ने 107 करोड़, रोमसंस मेडवर्ल्ड ने 100 करोड़ और कोटक हेल्थकेयर ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे उत्तर प्रदेश के फार्मा निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को मजबूती मिली है। इन निवेश प्रस्तावों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।

इंडस्ट्री में जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव लें: सीएम

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है। अराजकता से विश्वास तक का सफर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी। जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है। डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। 14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है। फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे। लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में … Read more

दो बड़ी वारदातों से उठा पर्दा, मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, 'डायल-112' की सतर्कता रही निर्णायक विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्‍यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है। खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्‍वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्‍त की है। ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां 'डायल-112' और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका। मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध शराब कारोबार पर कड़ा प्रहार

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध निरंतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। श्योपुर एवं कटनी जिलों में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई कर 67 लाख 34 हजार रूपये की शराब एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्योपुर जिले में की गई कार्रवाई के तहत थाना देहात पुलिस ने राजस्थान–श्योपुर सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक से अंग्रेजी शराब की 635 पेटियां, कुल 4863 बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई, जिसे ट्रक सहित जब्‍त किया गया। जब्‍त की गई शराब और ट्रक की अनुमानित कीमत 58 लाख 90 हजार रूपए है। प्रकरण में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कटनी जिले में मुखबिर से सूचना प्राप्‍त हुई कि एक कार से कुछ व्‍यक्ति अवैध शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी टोला पर वाहन चेकिंग लगाई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक द्वारा वाहन को तेज गति से बायपास रोड मैहर की ओर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर आरोपी वाहन को खड़ा करके फरार हो गए। मौके पर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें देशी मदिरा की 24 पेटियां, कुल 216बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई। जिसे कार सहित (अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजाररूपए), जब्‍त किया गया। विवेचना के दौरान 01 आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों मामलों में अवैध शराब की आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।