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ईरान की जिद पर अड़ा रुख, FIFA में भी टी20 वर्ल्ड कप जैसी राजनीति और धमकियों का सिलसिला

  नई दिल्ली FIFA World Cup 2026 को लेकर ठीक वैसा ही विवाद सामने आया है, जैसा करीब एक महीने पहले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सामने आया था. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए भारत आकर मैच खेलने से इनकार कर दिया था. और अब इसी तरह ईरान की फुटबॉल टीम ने सुरक्षा कारणों से अमेरिका में मैच खेलने पर चिंता जताई है. बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होगा और 19 जुलाई तक चलेगा। क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने भी भारत की बजाय न्यूट्रल ग्राउंड की मांग करते हुए अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान शिफ्ट करने की मांग उठाई थी. और अब फीफा वर्ल्ड कप में भी उसी तरह ईरान ने अपने मैच मैक्सिको शिफ्ट कराने की मांग की है. इसके बाद Mexico ने बड़ा ऑफर देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह ईरान के मैच अपने यहां आयोजित कर सकता है। क्या बोले मैक्सिको के राष्ट्रपति मैक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने कहा कि अगर फुटबॉल की विश्व संस्था FIFA चाहे तो मैक्सिको ईरान के मैच होस्ट करने के लिए तैयार है और इसमें देश को कोई दिक्कत नहीं होगी. ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने पहले ही फीफा से अनुरोध किया है कि उनके मैचों को अमेरिका से बाहर किसी दूसरे देश में शिफ्ट किया जाए. हाल ही में क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और अमेरिका से जुड़े हमलों के बाद ईरान की टीम को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। वर्ल्ड कप तीन देशों में होगा FIFA वर्ल्ड कप 2026 पहली बार तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होना है. अभी ईरान के ग्रुप स्टेज के कुछ मैच अमेरिका के अलग-अलग शहरों में खेले जाने तय हैं। वीजा और राजनीतिक माहौल की भी चिंता सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ईरान को वीजा नियम, यात्रा प्रतिबंध और राजनीतिक माहौल को लेकर भी चिंता है। अधिकारियों का मानना है कि इन कारणों से टीम की तैयारी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर असर पड़ सकता है। मैच शिफ्ट करना आसान नहीं हालांकि इस समय मैचों का शेड्यूल, स्टेडियम और टिकटिंग पहले ही तय हो चुकी है। ऐसे में किसी मैच को दूसरे देश में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. फिलहाल फीफा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। क्या वर्ल्ड कप से हट सकता है ईरान? अगर ईरान की चिंताओं का समाधान नहीं होता है, तो ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के फैसले पर फिर से विचार कर सकती है. यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का असर खेलों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मैक्सिको ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन अंतिम फैसला फीफा को ही लेना होगा. बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप में भी आखिरी में बांग्लादेश को बाहर होना पड़ा था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था।

अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने फीफा वर्ल्ड कप में भाग लेने से किया इंकार, राजनीति में नई टकराव

 नई दिल्ली इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग का असर अब खेल जगत पर भी दिखने लगा है. ईरान की ओर से कहा गया है कि वह 2026 फुटबॉल विश्व कप (फीफा) में हिस्सा नहीं लेगा. यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट के साथ ही लगभग पूरी दुनिया के हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि जिस देश ने उनके सर्वोच्च नेता की हत्या की है, वहां जाकर खेलना संभव नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा हालात में टीम की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की जा सकती। हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद पूरे क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति बन गई है। क्या बोले ईरान के खेल मंत्री ईरान के खेल मंत्री ने कहा कि इन हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और देश युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है. ऐसे में टीम को विश्व कप खेलने के लिए भेजना सही नहीं होगा. 2026 का फुटबॉल विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई के बीच अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में खेला जाना है. इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले फुटबॉल की वैश्विक संस्था के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा था कि उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई है. ट्रंप ने भरोसा दिलाया था कि ईरानी टीम का टूर्नामेंट में स्वागत किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित प्रवेश मिलेगा। पिछले साल हुए ड्रॉ में ईरान को ग्रुप-जी में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया था. इस ग्रुप के सभी मैच अमेरिका में होने थे, जिनमें दो मुकाबले लॉस एंजिलिस और एक सिएटल में तय थे। अगर ईरान टूर्नामेंट से हटा तो क्या होगा हालांकि अगर ईरान आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से हटता है तो नियमों के तहत उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी जगह किसी दूसरी टीम को मौका दिया जा सकता है।