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Argentina vs Egypt: मेसी की टीम क्वार्टर फाइनल में, VAR विवाद पर मिस्र का बड़ा आरोप- FIFA नहीं चाहता था बाहर हों अर्जेंटीना

अटलांटा फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना का शानदार प्रदर्शन जारी है. 7 जुलाई (मंगलवार) को अटलांटा के अटलांटा स्टेडियम में आयोजित राउंड ऑफ 16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराया. इस जीत के साथ ही अर्जेंटीना की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई. क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना 12 जुलाई को कैनसस सिटी के कैनसस सिटी स्टेडियम में कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।  इस मुकाबले में 78वें मिनट तक अर्जेंटीना 0-2 से पिछड़ रहा था, लेकिन इसके बाद लियोनेल मेसी की अगुवाई में मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन टीम ने जोरदार वापसी की. 13 मिनट के अंदर तीन गोल कर अर्जेंटीना ने मिस्र की टीम पूरी तरह पस्त कर दिया।  अर्जेंटीना की जीत के हीरो कप्तान लियोनेल मेसी रहे, जिन्होंने एक गोल दागने के अलावा एक गोल में असिस्ट दिया. मेसी ने 79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो को गोल करने में असिस्ट दिया. इसके बाद मेसी ने 83वें मिनट में गोंजालो मोंटिएल के पास पर बेहतरीन गोल दागा. वहीं इंजरी टाइम (90+2वें मिनट) में एनजो फर्नांडीज ने लौटारो मार्टिनेज के पास पर गोल दाग अर्जेंटीना को 3-2 की निर्णायक लीड दिला दी।  FIFA नहीं चाहता था अर्जेंटीना बाहर हो फुटबॉल में साजिश की कहानियां नई नहीं हैं, लेकिन जब बात लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की होती है तो यह बहस खत्म होने का नाम नहीं लेती. 2022 के कतर विश्व कप में शुरू हुई 'रेफरी की मेहरबानी' वाली चर्चा अब 2026 फीफा विश्व कप में फिर भड़क उठी है. इस बार वजह बना प्री-क्वार्टर फाइनल, जहां अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. लेकिन मुकाबले के बाद जीत से ज्यादा चर्चा रेफरी और VAR (Video Assistant Referee) के फैसलों की होने लगी।  मिस्र का आरोप- FIFA मेसी को बाहर नहीं होने देना चाहता था मुकाबले में मिस्र ने 2-0 की बढ़त बनाने वाला गोल कर दिया था. 58वें मिनट में मुस्तफा जिको ने गेंद नेट में पहुंचाई, लेकिन VAR ने बिल्ड-अप में मारवान अटिया द्वारा लिसांद्रो मार्टिनेज पर कथित फाउल दिखाया. रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर ने ऑन-फील्ड रिव्यू के बाद गोल रद्द कर दिया।  यहीं से विवाद शुरू हुआ. अर्जेंटीना ने इसके बाद अंतिम 13 मिनट में तीन गोल दागकर मैच पलट दिया। मैच के बाद मिस्र के कोच होसम हसन ने बेहद गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था, 'शायद वे चाहते थे कि विश्व चैम्पियन टूर्नामेंट में बना रहे. शायद वे चाहते थे कि मेसी की दौड़ जारी रहे.' उन्होंने यहां तक कह दिया, 'अब मैं कभी विश्व कप नहीं देखूंगा, क्योंकि इस प्रतियोगिता में न्याय नहीं है।  गोल करने वाले मुस्तफा जिको भी रेफरी पर भड़क उठे. उनका कहना था कि रेफरी के फैसलों ने मिस्र की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया और टूर्नामेंट को अर्जेंटीना की ओर मोड़ दिया गया।  क्या VAR प्रोटोकॉल का गलत इस्तेमाल हुआ? विवाद सिर्फ गोल रद्द होने तक सीमित नहीं है. पूर्व प्रीमियर लीग रेफरी ग्राहम स्कॉट ने माना कि यह सामान्य फुटबॉल संपर्क था और इतनी दूर हुई घटना पर VAR को दखल नहीं देना चाहिए था. उनके अनुसार जिस फाउल के आधार पर गोल रद्द किया गया, उसके बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के पास गेंद वापस हासिल करने के कई मौके थे. ऐसे में इसे Attacking Possession Phase (APP) का हिस्सा मानना VAR प्रोटोकॉल के खिलाफ था।  पूर्व FIFA रेफरी फर्नांडो ग्युरेरो ने भी इसी राय का समर्थन किया. उनका कहना था कि रेफरी और VAR दोनों ने प्रोटोकॉल की गलत व्याख्या की, जिसका सीधा नुकसान मिस्र को हुआ।  यही नियम बाकी टीमों पर क्यों नहीं? यहीं से बहस और गहरी हो जाती है. कुछ ही दिन पहले FIFA के रेफरिंग प्रमुख पियरलुइजी कोलिना ने कहा था कि अधिकारियों को सामान्य शारीरिक संपर्क पर खेल नहीं रोकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मैच की रफ्तार बनी रहे।  लेकिन अगर यही मानक है, तो फिर मिस्र का गोल क्यों रद्द हुआ? इसी सवाल ने पुराने विवाद भी फिर जिंदा कर दिए हैं।  कतर से शुरू हुई बहस, 2026 में फिर भड़की     2022: पोलैंड के खिलाफ मेसी को मिला विवादित पेनल्टी     2022: सऊदी अरब मैच में लंबे स्टॉपेज टाइम पर सवाल     2026: ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी के गोल से पहले कथित फाउल पर VAR ने दखल नहीं दिया     2026: अल्जीरिया के खिलाफ मेसी की चुनौती पर रेड कार्ड की समीक्षा नहीं हुई इन सभी घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह नैरेटिव बनाया जाता रहा है कि अर्जेंटीना को अहम मौकों पर रेफरी का फायदा मिलता है।  मिस्र को पेनल्टी भी नहीं मिली मिस्र का दावा है कि मैच के अंतिम दौर में मोहम्मद सलाह बॉक्स के अंदर संपर्क के बाद गिरे थे, जबकि एक अन्य खिलाड़ी की जर्सी भी खींची गई थी. इसके बावजूद VAR ने समीक्षा तक नहीं की।  पूर्व इंग्लैंड स्टार इयान राइट ने कहा कि यदि अर्जेंटीना के खिलाफ दूर हुई घटना पर गोल वापस लिया जा सकता है, तो मिस्र की पेनल्टी अपील की भी कम से कम समीक्षा होनी चाहिए थी।  क्या सचमुच अर्जेंटीना को मिल रही है विशेष छूट? फिलहाल इसका कोई ठोस सबूत नहीं है कि FIFA किसी टीम का पक्ष ले रहा है. बड़े टूर्नामेंटों में विवादित फैसले हमेशा बहस का विषय रहे हैं. लेकिन जब एक जैसी परिस्थितियों में अलग-अलग फैसले दिखते हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।  मिस्र की हार के बाद यह बहस पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है. अब अर्जेंटीना के हर बड़े मैच में रेफरी और VAR के फैसले पहले से ज्यादा बारीकी से परखे जाएंगे. सवाल सिर्फ इतना है कि यह महज संयोग है या फिर वास्तव में विश्व चैम्पियन टीम को बाकी देशों से अलग नजरिए से देखा जा रहा है।  मेसी ने मिस की पेनल्टी मुकाबले के पहले हाफ में अर्जेंटीना को कई मौके मिले, लेकिन गोल दागने में मिस्र की टीम कामयाब रही. यासर इब्राहिम ने 15वें मिनट में गोल कर मिस्र को 1-0 से आगे कर दिया. इस गोल में असिस्ट मरवान अत्तिया ने दिया था. इसके बाद लियोनेल मेसी 21वें मिनट में पेनल्टी मिस कर गए।  मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने इस मौके पर शानदार बचाव किया. दूसरे हाफ में … Read more

अर्जेंटीना की रोमांचक जीत, केप वर्डे को हराकर फीफा वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची टीम

मियामी  लियोनेल मेसी, लिसैंड्रो मार्टिनेज और डिने बोर्गस के आत्मघाती गोल की मदद से अर्जेंटीना ने  अतिरिक्त समय के बाद केप वर्डे पर 3-2 की नाटकीय जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की की। मैच की शुरुआत के पहले हॉफ में मेसी ने 29वें मिनट में गोल दागा अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत में केप वर्डे के लिए डेरोय डुआर्टे ने 59वें मिनट में बराबरी का गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। दोनों टीमों के बीच 90 मिनट का खेल पूरा होने तक स्कोर बराबरी ही रहा। इसके बाद अतिरिक्त समय में लिसांद्रो मार्टिनेज ने 92वें मिनट में दूसरा गोल कर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। मार्टिनेज के गोल के बाद लगा अर्जेंटीना अब यह मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन 103वें मिनट में सिडनी लोप्स काब्रेल ने गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद फिर 15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया। अतिरिक्त समय में मेसी ने 111वें मिनट में कॉर्नर से गोल करने का प्रयास किया, लेकिन केप वर्डे के डिने बोर्गस ने आत्मघाती गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 से बढ़त दिला दी। केप वर्डे ने इसके बाद 116 और 120वें मिनट में गोल करने के प्रयास किए, लेकिन विफल रहे। अभी एक और नाटकीय मोड़ आना बाकी था जब एमिलियानो मार्टिनेज ने कैब्राल की फ्री किक को शानदार तरीके से रोककर अर्जेंटीना को जीत दिला दी।

World Cup 2026: अंग्रेज टीम वियाग्रा का लेगी सहारा? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

मियामी  FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में इंग्लैंड और मेजबान देशों में से एक मैक्सिको के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि एक अनोखी वजह से भी चर्चा में आ गया है. इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस मैच से पहले जरूरत पड़ने पर व‍ियाग्रा (Sildenafil) लेने की अनुमति दी गई है. पहली नजर में यह फैसला चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन इसके पीछे पूरी तरह मेडिकल वजह है।  इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस टुखेल की टीम 4 जुलाई को मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एस्टाडियो एज़्टेका (Estadio Azteca) में उतरेगी. यह स्टेडियम समुद्र तल से करीब 7,350 फीट (करीब 2,240 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है. इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल कम होने के कारण खिलाड़ियों को जल्दी थकान, सांस लेने में परेशानी और एल्टीट्यूड जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  इसी चुनौती को देखते हुए इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों को विकल्प दिया गया है कि अगर जरूरत महसूस हो तो वे व‍ियाग्रा (Sildenafil) का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह दवा आमतौर पर Erectile Dysfunction के इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन यह शरीर की रक्त वाहिकाओं को फैलाकर (Vasodilation) ब्लड फ्लो बेहतर करने में भी मदद करती है. इसी वजह से माना जाता है कि ऊंचाई वाले इलाकों में इससे शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में कुछ राहत मिल सकती है।  एस्टाडियो में मैक्सिको को हराना आसान नहीं मैक्सिको के लिए एस्टाडियो एज्टेका हमेशा से मजबूत किला रहा है. मौजूदा वर्ल्ड कप में टीम ने अपने सभी चारों मैच जीते हैं. वहीं इस स्टेडियम पर मैक्सिको ने अब तक 89 मुकाबलों में सिर्फ दो हार झेली हैं. खास बात यह है कि यहां उसकी आखिरी हार 2013 में आई थी. यानी इंग्लैंड को सिर्फ मजबूत विपक्षी ही नहीं, बल्कि ऊंचाई और घरेलू माहौल जैसी चुनौतियों का भी सामना करना होगा. टीम नहीं चाहती कि किसी गैर-फुटबॉल कारण का असर मैच के नतीजे पर पड़े।  राउंड ऑफ-32 में भी मुश्किल से मिली थी जीत इंग्लैंड ने राउंड ऑफ-32 में डीआर कांगो को 2-1 से हराया था, लेकिन यह जीत आसान नहीं रही. कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम पलों में दो गोल दागकर टीम को हार से बचाया था. इस वर्ल्ड कप में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं, ऐसे में इंग्लैंड को मैक्सिको के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।  क्या WADA ने Viagra पर प्रतिबंध लगाया है? नहीं. World Anti-Doping Agency (WADA) ने  व‍ियाग्रा (Sildenafil) को प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल नहीं किया है. खिलाड़ी इवेंट के दौरान और उसके बाहर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. WADA ने इस दवा पर कई अध्ययन किए हैं. र‍िसर्च में पाया गया कि समुद्र तल या सामान्य ऊंचाई पर इससे प्रदर्शन में कोई बड़ा या अनुचित फायदा नहीं मिलता. इसी वजह से यह एंटी-डोपिंग नियमों के तहत पूरी तरह वैध दवा मानी जाती है।   

कैब्रल के धमाकेदार गोल से हिली मेसी की टीम, रोमांचक जीत के बाद अर्जेंटीना राउंड ऑफ-16 में मिस्र से भिड़ेगा

 मियामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में डिफेंडिंग चैम्पियन अर्जेंटीना को जीत तो मिल गई, लेकिन इस जीत ने टीम की कमजोरियां भी उजागर कर दीं. लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना को महज 5 लाख की आबादी वाले छोटे से देश केप वर्डे ने 120 मिनट तक जमकर परेशान किया. मुकाबला ऐसा रहा कि आखिरी मिनट तक यह तय नहीं था कि तीन बार की वर्ल्ड चैम्पियन टीम अगले दौर में पहुंच पाएगी या नहीं।  4 जुलाई (शनिवार) को आयोजित इस मुकाबले में लियोनेल मेसी की टीम ने तीन मौके पर बढ़त बनाई, लेकिन केप वर्डे ने दो बार शानदार वापसी कर पूरे स्टेडियम को हैरान कर दिया. आखिरकार एक ओन गोल ने अर्जेंटीना को 3-2 की रोमांचक जीत दिलाई और केप वर्डे का ऐतिहासिक सपना टूट गया।  करीब 65 हजार दर्शकों से खचाखच भरे मियामी स्टेडियम में लियोनेल मेसी का हर टच तालियों से गूंज रहा था. अर्जेंटीना ने भी शुरुआत शानदार की और पहले हाफ में मेसी ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. लेकिन केप वर्डे दबाव में नहीं आया. दूसरे हाफ के 60वें मिनट में डेरॉय डुआर्टे ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंच गया. एक्स्ट्रा टाइम शुरू होते ही लिसांड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर 2-1 से आगे कर दिया. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अब खत्म हो जाएगा, लेकिन केप वर्डे ने फिर कमबैक की ठान ली।  कैब्रल ने किया अविश्वसनीय गोल कुछ ही मिनट बाद सिडनी लोपेस कैब्रल ने बॉक्स के बाहर से ऐसा जोरदार शॉट लगाया कि गेंद सीधे टॉप कॉर्नर में जा समाई. यह गोल इतना शानदार था कि इसे अब 'गोल ऑफ द टूर्नामेंट' का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है. कैब्रल का यह गोल देखकर खुद लियोनेल मेसी भी हैरान रह गए।  मैच जब पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी अर्जेंटीना को कॉर्नर मिला. मेसी के शानदार क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर लगाया, लेकिन गेंद डिफेंडर डाइनी बोर्गेस से टकराकर गोल में चली गई. यह आत्मघाती गोल (ओन गोल) ही मुकाबले का निर्णायक पल साबित हुआ. केप वर्डे के खिलाड़ी मैदान पर ही निराश होकर बैठ गए क्योंकि वे इतिहास रचने से कुछ मिनट दूर थे।  ओन गोल के बाद भी केप वर्डे ने हार नहीं मानी. इंजरी टाइम में सिडनी कैब्रल ने एक और शानदार शॉट लगाया, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने बेहतरीन सेव करते हुए मैच को पेनल्टी शूटआउट में जाने से बचा लिया।  मेसी ने बना दिया खास रिकॉर्ड इस मुकाबले में गोल करने के साथ ही लियोनेल मेसी ने लगातार आठ वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने का अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में कीलियन एम्बाप्पे पर अपनी बढ़त भी बढ़ा ली।  यह केप वर्डे का पहला फीफा वर्ल्ड कप था, लेकिन टीम ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. ग्रुप चरण में उसने स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों को ड्रॉ पर रोककर नॉकआउट में जगह बनाई थी. अब उसने अर्जेंटीना को भी 120 मिनट तक कड़ी टक्कर देकर साबित कर दिया कि फुटबॉल में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बड़ा जज्बा भी मायने रखता है। 

FIFA World Cup: मेसी का रिकॉर्डतोड़ जलवा, लगातार 8वें मैच में गोल कर गोल्डन बूट की रेस में नंबर-1

म‍ियामी गार्डन्स लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अर्जेंटीना के कप्तान ने फीफा वर्ल्ड कप में लगातार आठवें मैच में गोल कर अपना ही रिकॉर्ड और मजबूत कर दिया. केप वर्डे के खिलाफ शन‍िवार को खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय (Extra Time) में 3-2 से जीत दर्ज कर राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली।  मेसी ने मैच के 29वें मिनट में शानदार गोल दागा. डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने लंबा सटीक पास बॉक्स के अंदर भेजा, जिस पर मेसी ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ रन लगाया. उन्होंने पहला टच शानदार लिया और फिर गोलकीपर वोजिन्हा के ऊपर से गेंद को नेट की छत में पहुंचाकर अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिला दी।  यह मेसी के वर्ल्ड कप करियर का 20वां गोल रहा. इसके साथ ही उन्होंने इस सूची में दूसरे स्थान पर मौजूद फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे पर दो गोल की बढ़त बना ली. मेसी अब वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया है।  यह गोल मौजूदा वर्ल्ड कप में मेसी का सातवां गोल भी रहा. इसी के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में उन्होंने एम्बाप्पे को पीछे छोड़ दिया. एम्बाप्पे के नाम फिलहाल छह गोल हैं, जबकि मेसी सात गोल के साथ सबसे आगे पहुंच गए हैं।  लगातार आठ वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने वाले मेसी इस दौरान 12 गोल दाग चुके हैं. यह सिलसिला उनके शानदार फॉर्म की गवाही देता है।  मैच की शुरुआत से ही मेसी आक्रामक नजर आए. 15वें मिनट में उनका बाएं पैर का शॉट मामूली अंतर से पोस्ट के बाहर चला गया. इसके तीन मिनट बाद उन्हें करीब 25 गज से फ्री-किक मिली, लेकिन केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा ने उसे आसानी से रोक लिया।  इसके बाद मेसी ने मौका नहीं गंवाया और 29वें मिनट में शानदार फिनिश के साथ अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई. गोल करने के बाद उन्होंने हाथ फैलाकर लिसांद्रो मार्टिनेज की ओर इशारा किया और उनके पास की सराहना की. इसके बाद पूरी टीम ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया।  मेसी vs रोनाल्डो के इंटरनेशनल गोल  यह मेसी के इंटरनेशनल करियर का 124वां गोल भी रहा. इंटरनेशनल फुटबॉल में उनसे आगे सिर्फ पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिनके नाम 146 गोल दर्ज हैं।  मैच के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल ने मेसी की तारीफ करते हुए कहा- मेरे लिए उनके साथ दोस्ती बहुत मायने रखती है. दोस्ती जिंदगी की सबसे बड़ी चीजों में से एक है और मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि उनके साथ ये पल शेयर कर रहा हूं।  हालांकि केप वर्डे ने मौजूदा वर्ल्ड चैम्प‍ियन अर्जेंटीना को कड़ी चुनौती दी और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम तक खिंचा, लेकिन आखिरकार अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज कर अंतिम-16 का टिकट पक्का कर लिया।  गोल्डन बूट की रेस हुई और रोमांचक मेसी और एम्बाप्पे के अलावा गोल्डन बूट की दौड़ में कई बड़े नाम शामिल हैं. नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और इंग्लैंड के हैरी केन के नाम पांच-पांच गोल हैं. वहीं फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल, ब्राजील के विनीसियस जूनियर और सेनेगल के इस्माइला सार चार-चार गोल के साथ सूची में हैं. हालांकि सेनेगल के बाहर होने के कारण सार अब इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं।  अगर टूर्नामेंट के अंत में दो खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं तो फीफा पहले असिस्ट और उसके बाद कम मिनट खेलने के आधार पर विजेता तय करेगा. शुक्रवार के मुकाबले से पहले असिस्ट में 2-0 की बढ़त होने के कारण एम्बाप्पे इस टाईब्रेकर में आगे थे, लेकिन अब गोलों के मामले में मेसी ने बढ़त बना ली है।  दिलचस्प बात यह है कि मेसी ने अपने करियर में अब तक कभी गोल्डन बूट नहीं जीता है. 2022 वर्ल्ड कप में उन्होंने सात गोल किए थे, लेकिन एम्बाप्पे आठ गोल के साथ उनसे आगे रहे थे. वहीं 2014 वर्ल्ड कप में मेसी चार गोल के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे थे. इस बार उनके पास पहली बार गोल्डन बूट जीतने का सुनहरा मौका है। 

क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिटायरमेंट पर बहन का बड़ा खुलासा, बोलीं- अब खत्म होने वाला है…

 टोरंटो पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार इंटरनेशनल करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है. स्टार फुटबॉलर रोनाल्डो की बहन कातिया एवेइरो ने दावा किया है कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप उनके भाई का नेशनल टीम की जर्सी में आखिरी टूर्नामेंट होगा. उन्होंने इसे रोनाल्डो का 'लास्ट डांस' बताया है।  यह खुलासा ऐसे समय आया है जब 41 वर्षीय रोनाल्डो लगातार इतिहास रच रहे हैं. उन्होंने क्रोएशिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में गोल दागकर पुर्तगाल को 2-1 की रोमांचक जीत दिलाई और टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया।  बहन ने कहा- अब कह दीजिए अलविदा टोरंटो स्टेडियम के बाहर स्पोर्ट टीवी से बातचीत में कातिया एवेइरो ने कहा-मेरी जानकारी के मुताबिक अब लोग उन्हें अलविदा कह सकते हैं. आज नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि नेशनल टीम के साथ यह उनका विदाई सफर है. भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार यही उनका 'लास्ट डांस' है, यानी वर्ल्ड कप.  हालांकि रोनाल्डो या पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन की ओर से अभी तक संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।  41 की उम्र में फिर बनाया इतिहास क्रोएशिया के खिलाफ गुरुवार (3 जुलाई) को टोरंटो में खेले गए मुकाबले में रोनाल्डो ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर गोल किया. इसके साथ ही वह 41 साल 147 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।  उन्होंने इस मामले में लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इतना ही नहीं, यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट गोल भी रहा, जबकि वह छह वर्ल्ड कप खेल चुके हैं।  अब वर्ल्ड कप इतिहास में उनसे ज्यादा उम्र में गोल करने वाले सिर्फ कैमरून के महान खिलाड़ी रोजर मिला हैं, जिन्होंने 1994 वर्ल्ड कप में 42 साल 39 दिन की उम्र में गोल किया था।  एक और रिकॉर्ड किया अपने नाम मैच शुरू होने से पहले ही रोनाल्डो ने नया रिकॉर्ड बना दिया था. वह पुरुष फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में उतरने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने. इस मैच में क्रोएशिया के लुका मोड्रिक  भी खेल रहे थे।  पहली बार ऐसा हुआ कि वर्ल्ड कप के किसी मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से 40 वर्ष से अधिक उम्र के आउटफील्ड खिलाड़ी मैदान पर उतरे. रोनाल्डो का यह 26वां वर्ल्ड कप मैच था. वह अब जर्मनी के लोथार मथाउस से सिर्फ एक मैच पीछे हैं, जबकि इस सूची में टॉप पर लियोनेल मेसी हैं।  आलोचना के बाद दमदार वापसी टूर्नामेंट की शुरुआत रोनाल्डो के लिए अच्छी नहीं रही थी. डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ हुए मुकाबले में वह गोल तो दूर, एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सके थे. इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई. लेकिन अनुभवी स्ट्राइकर ने जोरदार वापसी की. उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल दागे और फिर क्रोएशिया के खिलाफ निर्णायक गोल कर टीम को जीत दिलाई।  रोनाल्डो की बहन ने आलोचकों को भी दिया जवाब रोनाल्डो की खराब शुरुआत के बाद पुर्तगाल टीम के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं. कातिया एवेइरो ने इससे पहले ब्रूनो फर्नांडिस की आलोचना करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने भाई का खुलकर बचाव किया. कातिया ने कहा- जो लोग फुटबॉल को सही मायने में समझते हैं, वे रोनाल्डो को पसंद करते हैं. अगर कोई उन्हें पसंद नहीं करता तो नुकसान उसी का है. पिछले 20 से ज्यादा वर्षों से वह दुनिया में अपना जलवा दिखा रहे हैं।  आंकड़े जो रोनाल्डो को बनाते हैं महान क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब तक पुर्तगाल के लिए 232 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 146 गोल दाग चुके हैं. वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. यदि कातिया एवेइरो का दावा सही साबित होता है, तो 2026 फीफा वर्ल्ड कप के बाद फुटबॉल इतिहास के सबसे महान इंटरनेशनल करियर में से एक का अंत हो जाएगा। 

मेक्सिको की जीत और इंटरनेट पर धमाका! जानिए कौन है हर मैच के बाद वायरल होने वाली ‘सेलिब्रेशन क्वीन’

नई दिल्ली मेजबान मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. यह 1986 के बाद पहली बार है जब मेक्सिको ने विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की. स्टेडियम में 80 हजार से ज्यादा दर्शकों का शोर गूंज रहा था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा किसी खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक फैन की होने लगी।  वह हैं ओलिविया बेथल (Olivia Bethel), जिन्हें सोशल मीडिया पर H-Town Girl के नाम से जाना जाता है।  मेक्सिको के गोल के बाद ओलिविया ने अपना रिएक्शन वीडियो इंस्टाग्राम- @thehtowngirl) और X- @Htownliv पर पोस्ट किया. कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और लाखों व्यूज बटोरने लगा. मेक्सिको के दोनों गोल पर उनका उत्साह, चीखते हुए जश्न, डांस, कैमरे की तरफ मुस्कुराते हुए रिएक्शन और पूरे माहौल की ऊर्जा ने वीडियो को वायरल बना दिया।  दिलचस्प बात यह है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ. पूरे टूर्नामेंट में मेक्सिको की हर जीत के बाद ओलिविया का सेलिब्रेशन वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा है. कई फैन्स तो उन्हें मजाक में मेक्सिको की 'लकी चार्म' भी कहने लगे हैं।  यह वीडियो किसी स्टेडियम का नहीं, बल्कि एक स्पोर्ट्स बार का है, जहां बड़ी स्क्रीन पर मुकाबला चल रहा था. जैसे ही मेक्सिको ने गोल किया, पूरा बार खुशी से झूम उठा और उसी दौरान कैमरे में कैद ओलिविया का जोशीला रिएक्शन इंटरनेट की नई सनसनी बन गया।  उधर, मैदान पर भी मेक्सिको ने इतिहास रच दिया. बारिश और आंधी की वजह से मैच एक घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन इसका असर खिलाड़ियों पर नहीं दिखा. शुरुआत से ही मेक्सिको ने आक्रामक खेल दिखाया और 2-0 की जीत के साथ 1986 के बाद पहली नॉकआउट जीत दर्ज कर ली।  अब मेक्सिको प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुका है. टीम अगला मुकाबला खेलने उतरेगी, जबकि सोशल मीडिया पर फैन्स की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या H-Town Girl का अगला वायरल सेलिब्रेशन फिर इंटरनेट पर धूम मचाएगा। 

वर्ल्ड कप 2026 में उलटफेर पर उलटफेर, ब्राजील आगे बढ़ा लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड्स हुए बाहर

ह्यूस्टन फीफा विश्व कप 2026 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था- क्या 48 टीमों वाला टूर्नामेंट अपनी गुणवत्ता बचा पाएगा? आलोचकों का दावा था कि ज्यादा टीमें आएंगी, छोटे देशों की भरमार होगी और बड़े देशों की राह आसान हो जाएगी.  लेकिन नॉकआउट दौर के शुरुआती मुकाबलों ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है।  यह वर्ल्ड कप बड़ा जरूर हुआ है, लेकिन कमजोर नहीं. उल्टा, अब यह पहले से कहीं ज्यादा निर्दयी हो गया है. यहां सिर्फ बड़ा नाम होने से कोई सुरक्षित नहीं है. ब्राजील बच तो गया, लेकिन जर्मनी बाहर हो गया. नीदरलैंड्स भी घर लौट गया… और दुनिया ने साफ देख लिया कि अब फुटबॉल का पुराना शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है।  ब्राजील जीता नहीं… किसी तरह बच निकला ह्यूस्टन में पांच बार का विश्व चैम्पियन ब्राजील जापान के खिलाफ उस तरह नहीं खेला, जैसा उससे उम्मीद थी. मैच पर नियंत्रण रखने वाली टीम खुद दबाव में थी।  पहले हाफ में काइशू सानो ने जापान को बढ़त दिलाई. जापान ने अनुशासित डिफेंस, तेज काउंटर अटैक और बेखौफ फुटबॉल से ब्राजील को परेशान कर दिया।  कैसेमिरो ने बराबरी जरूर दिलाई, लेकिन उसके बाद भी ब्राजील का दबदबा नहीं दिखा. समय खत्म होने को था, अतिरिक्त समय लगभग तय था. तभी 95वें मिनट में गैब्रियल मार्टिनेली ने गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाई. 95वें मिनट तक ब्राजील सिर्फ मैच नहीं, अपनी प्रतिष्ठा भी बचाने की लड़ाई लड़ रहा था।  स्कोरलाइन जीत की थी, लेकिन कहानी बच निकलने की थी. जर्मनी… और पेनल्टी की बादशाहत भी खत्म अगर ब्राजील की जीत चेतावनी थी, तो जर्मनी की हार उसका सबसे बड़ा सबूत. चार बार की विश्व चैम्पियन जर्मनी ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पराग्वे ने दिखा दिया कि नॉकआउट में इतिहास नहीं, सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन काम आता है।  जूलियो एनसिसो ने पराग्वे को बढ़त दिलाई. काई हैवर्ट्ज ने बराबरी कराई. इसके बाद मुकाबला धैर्य और अनुशासन का बन गया।  पेनल्टी शूटआउट में वही जर्मनी हार गया, जिसकी पहचान वर्षों तक पेनल्टी में अजेय रहने की रही थी. पराग्वे ने 4-3 से शूटआउट जीतकर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।  मोरक्को ने फिर साबित किया… 2022 कोई इत्तेफाक नहीं था ग्रुप चरण में अपराजित रहने वाला नीदरलैंड्स भी खुद को सुरक्षित समझ रहा होगा।  लेकिन मोरक्को ने फिर वही किया, जो उसने कतर विश्व कप में किया था. उसने दिग्गज को उसकी ही उम्मीदों के बोझ तले दबा दिया. कोडी गाकपो के गोल के बाद लगा कि डच टीम जीत जाएगी. लेकिन इंजरी टाइम में इस्सा डियोप ने बराबरी कर दी. पेनल्टी शूटआउट में यासीन बुनू हीरो बने और मोरक्को ने एक और यूरोपीय महाशक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया।  ये 'अपसेट' नहीं… फुटबॉल की नई हकीकत है अगर ये तीन नतीजे अकेले होते, तो इन्हें संयोग कहा जा सकता था. लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर कुछ और कहानी कह रही है।  ब्राजील ग्रुप चरण में मोरक्को से ड्रॉ खेला. स्पेन को केप वर्डे ने रोका. पुर्तगाल डीआर कांगो और कोलंबिया से बराबरी पर रहा. इंग्लैंड घाना के खिलाफ जीत नहीं सका. जापान अपराजित रहा. पराग्वे तीसरे स्थान से नॉकआउट में पहुंचा और फिर जर्मनी को बाहर कर दिया। यानी यह किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल के बदलते समीकरणों का ऐलान है. 48 टीमों वाला वर्ल्ड कप कमजोर नहीं… ज्यादा खतरनाक है. जिस विस्तार की आलोचना हो रही थी, वही अब इस विश्व कप की सबसे बड़ी ताकत बन गया है।  ज्यादा टीमों का मतलब सिर्फ ज्यादा मैच नहीं है. इसका मतलब है कि अब ज्यादा देशों को नॉकआउट तक पहुंचने का मौका मिल रहा है. और एक बार जब कोई टीम नॉकआउट में पहुंच जाती है, तो वहां नाम नहीं, सिर्फ 90 मिनट का प्रदर्शन मायने रखता है।  छोटी टीमें अब सिर्फ डिफेंड नहीं करतीं. वे रणनीति के साथ खेलती हैं, दबाव झेलती हैं, मौके का इंतजार करती हैं और फिर दिग्गजों को वहीं चोट पहुंचाती हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है।  अब किसी की बारी हो सकती है… ब्राजील की 95वें मिनट की राहत, जर्मनी की विदाई और नीदरलैंड्स का पतन बाकी दिग्गजों के लिए साफ संदेश है. अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के लिए भी संदेश साफ है- अगला शिकार कोई भी हो सकता है।  फीफा विश्व कप 2026 ने नया नियम लिख दिया है- मैच शुरू होने तक इतिहास आपके साथ होता है, उसके बाद सिर्फ आपका फुटबॉल।  ब्राजील बच गया. जर्मनी गिर गया. नीदरलैंड्स भी टूट गया.. और विश्व कप 2026 ने पूरी दुनिया को बता दिया- अब फुटबॉल में 'दिग्गज' जैसी कोई स्थायी उपाधि नहीं बची. हर नॉकआउट मैच में इतिहास फिर से लिखा जाएगा। 

ऑफ-16 में बनाई जगह, रचा बड़ा उलटफेर Canada vs South Africa Highlights: कनाडा की शानदार जीत, दक्षिण अफ्रीका को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में एंट्री

लॉस एंजिल्स हाल की FIFA वर्ल्ड रैंकिंग में 30वें स्थान पर मौजूद कनाडा टीम पहली बार वर्ल्ड कप के लास्ट-16 में पहुंच गई है. उन्होंने 29 जून को टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से मात दी।  स्टीफन यूस्टाकियो के आखिरी पलों में गोल करके को-होस्ट कनाडा को अगले राउंड में पहुंचा दिया. जहां अब उनका सामना ह्यूस्टन स्टेडियम में नीदरलैंड्स-मोरक्को मैच की विजेता से होगा।  प्रतिभाशाली और जोश से भरी दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाफ यह एक कड़ा मुकाबला था, लेकिन कनाडा ने पूरे मैच में बेहतर मौके बनाए और यूस्टाकियो ने स्टॉपेज-टाइम में विजयी गोल दागा।  यूस्टाकियो ने स्टॉपेज-टाइम में शानदार गोल दागा इनमें से कोई भी टीम पहले कभी नॉकआउट चरण में नहीं पहुंची थी. कनाडा ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहले ही कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर ली थीं, जिनमें FIFA वर्ल्ड कप में अपना पहला पॉइंट और पहली जीत हासिल करना शामिल है. अब, राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की करने के बाद, कनाडा के पास अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और विश्व मंच पर खुद को और मजबूत करने का मौका है।  स्टॉपेज टाइम में हारा दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका ने लॉस एंजिल्स स्टेडियम में पहले हाफ में कुछ बेहतरीन खेल दिखाए, लेकिन आखिरी बॉल पर वे चूक गए. हाफ-टाइम से ठीक पहले दक्षिण अफ्रीका को दो बार गोल करने से रोका गया. ऑब्रे मोदिबा ने मोइस बॉम्बिटो के हेडर को गोल-लाइन से दूर किया, जबकि रोनवेन विलियम्स ने शानदार बचाव करते हुए ताजोन बुकानन को गोल करने से रोका।  FIFA वर्ल्ड कप: दक्षिण अफ्रीका टूर्नामेंट से हूई बाहर मैच दोबारा शुरू होने के बाद कनाडा ने फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया. तानी ओलुवासेयी के शॉट को विलियम्स ने शानदार ढंग से रोका, और इससे पहले कि अटैकर रिबाउंड पर गोल कर पाता, मबेकेजेली मबोकाजी ने गेंद को पीछे धकेल दिया।  75वें मिनट में जब अल्फोंसो डेविस मैदान पर उतरे तो दर्शकों का उत्साह बढ़ गया. उन्होंने अपनी गति और चालाकी से दक्षिण अफ्रीका के लिए खतरा पैदा किया. हालांकि, यूस्टाकियो ने ही मैच का फैसला किया. उन्होंने स्टॉपेज टाइम में बॉक्स के किनारे पर उछलती हुई गेंद को सही ढंग से नियंत्रित किया और निचले कोने में गोल दाग दिया।  सबसे उम्रदराज कोच दक्षिण अफ्रीका पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद गर्व के साथ घर लौटेगा. इसके साथ दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस, 74 साल और 79 दिन की उम्र में, नॉकआउट चरण के इतिहास में सबसे उम्रदराज कोच बन गए. इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑस्कर टबारेज के नाम था, जो 2018 के क्वार्टर फाइनल में उरुग्वे की टीम को आगे ले जाते समय 71 साल के थे।  टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 का दूसरा मैच आज रात 10:30 बजे जापान और ब्राजील के बीच खेला जाएगा। 

नई नवेली केप वर्डे ने रचा इतिहास, FIFA वर्ल्ड कप के नॉकआउट में बनाई जगह; उरुग्वे का सफर खत्म

 ह्यूस्टन FIFA वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन उरुग्वे का सफर ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया है, जबकि पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही केप वर्डे ने इतिहास रचते हुए राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली है।  शनिवार (27 जून) को एस्टाडियो ग्वाडलजारा में आयोजित ग्रुप H के निर्णायक मुकाबले में स्पेन ने एलेक्स बेना के पहले हाफ में किए गए गोल की बदौलत उरुग्वे को 1-0 से हरा दिया. इस हार के साथ उरुग्वे की टीम नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो गई. पिछले वर्ल्ड कप में भी उरुग्वे के साथ ऐसा ही वाकया हुआ था।  दूसरी ओर शनिवार को ही ह्यूस्टन के ह्यूस्टन स्टेडियम में केप वर्डे और सऊदी अरब के बीच खेला गया मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा. यह परिणाम केप वर्डे के लिए पर्याप्त साबित हुआ और टीम ने तीनों ग्रुप मैच ड्रॉ खेलकर तीन अंकों के साथ ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।  स्पेन सात अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि उरुग्वे और सऊदी अरब दो-दो अंकों के साथ FIFA वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गए हैं।  करीब पांच लाख की आबादी वाले छोटे से अफ्रीकी द्वीपीय देश केप वर्डे ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया. टीम ने पहले स्पेन को रोका, फिर उरुग्वे के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला और आखिर में सऊदी अरब के खिलाफ एक अंक लेकर इतिहास रच दिया। अब राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे का सामना मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन अर्जेंटीना से होगा. वहीं स्पेन अगले दौर में ग्रुप J की उपविजेता टीम से भिड़ेगा।