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फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बड़ा ऐलान: अर्जेंटीना बनाम अल्जीरिया ओपनिंग मैच, एमबापे–हालैंड आमने-सामने

नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है। इस बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वॉशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ का आयोजन हुआ। इस दौरान 12 ग्रुप में कौन-कौन सी टीमें होंगी और मैचों के शेड्यूल का निर्धारण किया गया। ड्रॉ के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उपस्थित थे। उन्हें फीफा पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।  विश्व कप का पहला मुकाबला मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक एस्टाडियो अज्टेका में खेला जाएगा। वहीं फीफा विश्व कप 2022 की विजेता अर्जेंटीना विश्व कप 2026 के अपने पहले मैच में अल्जीरिया से भिड़ेगी। बता दें कि दोनों टीमों को ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ ग्रुप 'जे' में रखा गया है। मौजूदा फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना और प्रमुख दावेदार स्पेन और इंग्लैंड को 2026 वर्ल्ड कप के लिए आसान ग्रुप मिले। वहीं, फ्रांस को मुश्किल ग्रुप मिला। फुटबॉल के दो सबसे बड़े सुपरस्टार किलियन एमबापे (फ्रांस) और एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे) की टीम एक ही ग्रुप का हिस्सा है। यूरोपीय चैंपियन स्पेन ग्रुप एच में केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। 2026 का टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। इस बार 16 नई टीमें जुड़ रही हैं, जिससे टीमों की कुल संख्या 48 हो गई है। कतर में खेले गए पिछले विश्व कप में टीमों की संख्या 32 थी। पिछली बार 64 मैच हुए थे। इस बार कुल 104 मैच खेले जाएंगे। ज्यादातर मैच अमेरिका में होंगे। फाइनल न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। विश्व कप के सभी 12 ग्रुप ग्रुप ए: मेक्सिको, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, यूईएफए प्लेऑफ डी ग्रुप बी: कनाडा, यूईएफए प्लेऑफ ए, कतर, स्विट्जरलैंड ग्रुप सी: ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड ग्रुप डी: यूएसए, पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, यूईएफए प्लेऑफ सी ग्रुप ई: जर्मनी, कुराओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर ग्रुप एफ: नीदरलैंड, जापान, यूईएफए प्लेऑफ बी, ट्यूनीशिया ग्रुप जी: बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूजीलैंड ग्रुप एच: स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे ग्रुप आई: फ्रांस, सेनेगल, फीफा प्लेऑफ 2, नॉर्वे ग्रुप जे: अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन ग्रुप के: पुर्तगाल, फीफा प्लेऑफ 1, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया ग्रुप एल: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

कुराकाओ का FIFA में कमाल, छोटे देश ने बड़े मुकाबले में मारी बाजी

नई दिल्ली  कुराकाओ दक्षिणी कैरिबियन सागर में स्थित छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत द्वीप देश है. यह नीदरलैंड साम्राज्य का स्वायत्त देश है. रंगीन इमारतों और शानदार समुद्री तटों के लिए जाना जाने वाला यह द्वीप हाल ही में अपनी ऐतिहासिक खेल उपलब्धि के कारण अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आया है. कुराकाओ पहले डच उपनिवेश था. अब यह संपन्न पर्यटन स्थल और ऑयल रिफाइनिंग सेंटर बन चुका है. यहां की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वॉलिफाई किया है. कुराकाओ की आबादी महज 1,56,000 है. यह दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है. इसकी आबादी दिल्ली के लाजपत नगर और नोएडा से भी कम है. इस छोटे से देश ने खेल के सबसे बड़े मंच पर अपनी जगह बनाकर सबको चौंका दिया है. यह कहानी सिर्फ एक खेल की जीत नहीं, बल्कि छोटे समुदायों के बड़े सपने और अटूट लगन की भी कहानी है. यह द्वीप वेनेजुएला के तट से केवल 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और भौगोलिक रूप से ‘एबीसी द्वीप समूह’ (रूबा, बोनेयर, कुराकाओ) का हिस्सा है. कुराकाओ चर्चा में क्यों है? कुराकाओ के चर्चा में आने का सबसे बड़ा कारण उनकी फुटबॉल टीम का फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के लिए क्वॉलिफाई करना है.     सबसे छोटा देश: अपनी 1.56 लाख की आबादी के साथ कुराकाओ फीफा विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने वाला इतिहास का सबसे छोटा देश बन गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड आइसलैंड के नाम था, जिसकी आबादी 2018 में लगभग 3.5 लाख थी.     अभूतपूर्व उपलब्धि: यह उपलब्धि तब मिली, जब कॉनकाकाफ (CONCACAF) क्वॉलिफायर में कुराकाओ ने जमैका के खिलाफ 0-0 का स्ट्रेसफुल ड्रॉ खेला, जिससे वे ग्रुप बी में टॉप पर रहे और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली.     डच कनेक्शन: कुराकाओ की सफलता का बड़ा हिस्सा इसके डच प्रवासी खिलाड़ियों (Diaspora Players) को जाता है, जिनमें से ज्यादातर नीदरलैंड में जन्मे और पले-बढ़े हैं लेकिन कुराकाओई विरासत रखते हैं. इस स्ट्रैटेजी ने टीम को शानदार मजबूती दी है.     ट्रेनर की भूमिका: दिग्गज डच कोच डिक एडवोकाट (Dick Advocaat) ने टीम के बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई. इससे ‘द ब्लू वेव’ (टीम का निकनेम) ने एक दशक में दुनिया की टॉप फुटबॉल टीम्स में जगह बना ली. कुराकाओ से जुड़े रोचक तथ्य कुराकाओ सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और अनूठी खासियत के लिए भी जाना जाता है:     राजधानी और वास्तुकला: इसकी राजधानी विलेमस्टैड (Willemstad) यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) है. यह अपने रंग-बिरंगे डच औपनिवेशिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें इमारतों को पेस्टल रंगों में रंगा गया है.     भाषा का मिश्रण: कुराकाओ में लोग औसतन 4 भाषाएं बोलते हैं! यहां की आधिकारिक भाषाएं- पापियामेंटू (Papiamentu), डच और अंग्रेजी हैं. पापियामेंटू एक अनूठी क्रियोल भाषा है, जो स्पैनिश, पुर्तगाली और डच भाषाओं का मिश्रण है.     झूले वाला पुल: यहां क्वीन एम्मा ब्रिज (Queen Emma Bridge) है, जिसे ‘झूलती बूढ़ी महिला’ (Swinging Old Lady) भी कहा जाता है. यह फ्लोटिंग पोंटून पुल है, जो जहाजों के गुजरने के लिए खुलता और बंद होता है.     हरिकेन से बचाव: यह द्वीप कैरिबियन के तूफान वाले बेल्ट के दक्षिण में स्थित है, जिसके कारण यह आमतौर पर बड़े तूफानों से बचा रहता है.