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World Cup 2026 में इतिहास दोहराया गया, 68 साल बाद एक दिन के सभी मैच बेनतीजा रहे

लॉस एंजिल्स  फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन का आखिरी मैच ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया. लॉस एंजिल्स स्टेडियम में ग्रुप G का ये रोमांचक मैच 2-2 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ. जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक शेयर करना पड़ा।  यह मैच न केवल मैदान पर रोमांचक खेल के लिए यादगार रहेगा, बल्कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले जाने वाले आखिरी मैच के तौर रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज करा दिया, क्योंकि वो दिन का चौथा ड्रा मैच था. जिसके साथ टूर्नामेंट के इतिहास में एक दिन में चार मैच ड्रॉ होने का अनोखा रिकॉर्ड बन गया।  ऐसा फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में केवल दूसरा बार हुआ है. इससे पहले ऐसी घटना 68 साल पहले 1958 में स्वीडन में हुए टूर्नामेंट में देखने को मिला था. जब 15 जून के दिन खेले गए चार मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए थे. उन मैच का नतीजा नीचे देख सकते हैं।  फीफा वर्ल्ड कप 1958 (15 जून)     स्वीडन बनाम वेल्स (0-0)     इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया (2-2)     पराग्वे बनाम यूगोस्लाविया (3-3)     वेस्ट जर्मनी बनाम नॉर्दर्न आयरलैंड (2-2) 68 साल बाद फिर हुआ ऐसा अब 68 साल बाद दूसरी बार ऐसा हुआ है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन यानी कि 15 जून को खेले गए वर्ल्ड कप के चार मुकाबले बिना किसी विजेता के समाप्त हुए. दिन के पहले मैच में केप वर्डे ने स्पेन को बिना किसी गोल के ड्रॉ पर रोका. बेल्जियम और मिस्र का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा, जबकि सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच भी मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा और दोनों ने अंक बांटे. दिन के आखिरी मैच में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा।  फीफा वर्ल्ड कप 2026 (15 जून)     केप वर्डे बनाम स्पेन (0-0)     बेल्जियम बनाम मिस्र (1-1)     सऊदी अरब बनाम उरुग्वे (1-1)     ईरान बनाम न्यूजीलैंड (2-2)

USA vs Paraguay: बालोगुन बने जीत के हीरो, अमेरिका ने वर्ल्ड कप में दर्ज की शानदार 4-1 की जीत

मेक्सिको  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. कैलिफोर्निया के इंगलवुड स्थित सोफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी का मजबूत संदेश दिया।  1994 के बाद पहली बार घरेलू सरजमीं पर वर्ल्ड कप मैच खेल रही अमेरिकी टीम शुरुआत से ही आक्रामक नजर आई. मैच के शुरुआती चरण में ही पराग्वे के डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल ने अमेरिका को बढ़त दिला दी और यहीं से मुकाबले की दिशा तय हो गई।  इसके बाद फोलारिन बालोगुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया. 31वें मिनट में क्रिस्टियन पुलिसिक ने बेहतरीन थ्रू बॉल खेली, जिस पर बालोगुन ने पहला गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इससे पहले उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द भी हो चुका था।  पहले हाफ के इंजरी टाइम में बालोगुन ने मैच का सबसे खूबसूरत गोल किया. मलिक टिलमैन के पास को हासिल करने के बाद उन्होंने दो डिफेंडरों को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ अमेरिका ने हाफ टाइम तक 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली।  दूसरे हाफ में पराग्वे ने वापसी की कोशिश की. 73वें मिनट में जूलियो एन्सिसो ने ढीली गेंद पर तेजी दिखाते हुए मौरिसियो को पास दिया, जिन्होंने गोलकीपर मैट फ्रीज को छकाते हुए टीम का पहला गोल दागा. हालांकि यह गोल केवल अंतर कम करने तक ही सीमित रहा।  अमेरिका ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा. सब्स्टीट्यूट रिकार्डो पेपी के पास भी गोल करने का मौका था, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव किया।  मैच के स्टॉपेज टाइम में जियो रेयना ने शानदार अंदाज में मुकाबले का चौथा गोल दागा. तेज काउंटर अटैक के बाद रेयना ने बाहरी पैर से ऐसा शॉट लगाया जिसे गिल रोक नहीं सके. इस गोल ने अमेरिकी प्रशंसकों की खुशी को और बढ़ा दिया।  यह मुकाबला डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स की वापसी के लिए भी यादगार रहा. क्रिस्टल पैलेस के लिए खेलते समय लगी टखने की चोट के कारण वह अमेरिका के आखिरी वॉर्म-अप मैचों से बाहर रहे थे. वहीं गोलकीपर मैट फ्रीज को मैट टर्नर पर प्राथमिकता दी गई, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में अमेरिका के सभी मैच खेले थे।  इस जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप-डी में मजबूत शुरुआत की है. अब उसकी अगली भिड़ंत 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया से होगी. वहीं पराग्वे की टीम उसी दिन तुर्की के खिलाफ मैदान में उतरेगी।  78वें मिनट में चला लारिन का जादू, कनाडा ने बचाई लाज, कनाडा-बोस्न‍िया मैच ड्रॉ  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने अभियान की शुरुआत हार से बचते हुए की. टोरंटो में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट का अपना पहला अंक हासिल किया।  मुकाबले की शुरुआत कनाडा के लिए अच्छी नहीं रही. बोस्निया-हर्जेगोविना ने 21वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किए गए जोवो लुकिच ने कॉर्नर किक पर शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।  पहला हाफ और दूसरे हाफ का बड़ा हिस्सा कनाडा के लिए संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन कोच का दांव आखिरकार काम कर गया. 76वें मिनट में मैदान पर उतरे काइल लारिन ने सिर्फ दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया।  78वें मिनट में प्रॉमिस डेविड ने बेहतरीन पास दिया, जिस पर लारिन ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया. इस गोल के साथ स्टेडियम में मौजूद कनाडाई प्रशंसक खुशी से झूम उठे।  यह गोल कनाडा के लिए बेहद खास रहा. वर्ल्ड कप इतिहास में यह टीम का सिर्फ दूसरा गोल था. इससे पहले कनाडा 1986 के वर्ल्ड कप में अपने तीनों मैच हार गया था. वहीं 2022 में कतर वर्ल्ड कप में भी टीम को जीत नहीं मिली थी. बोस्निया-हर्जेगोविना भी अपने इतिहास में दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है. 2014 में टीम पहली बार टूर्नामेंट में उतरी थी, लेकिन ग्रुप राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी थी।  हालांकि कनाडा जीत हासिल नहीं कर पाया, लेकिन घरेलू मैदान पर खेले जा रहे अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में वापसी करते हुए एक पॉइंट हासिल करना टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला र‍िजल्ट साबित हुआ. काइल लारिन के देर से किए गए गोल ने कनाडा को हार से बचाया और टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास भी दिया।   

मेक्सिको का दमदार प्रदर्शन, क्विनोनेस और जिमेनेज चमके; दक्षिण अफ्रीका 2-0 से पराजित

मेक्सिको  फुटबॉल प्रेमियों के इंतजार का पल का समाप्त हो गया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (Fifa World Cup 2026) के महाकुंभ का आगाज हो गया है. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका (Mexico vs South Africa) के बीच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला गया. जहां मेक्सिको की टीम जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज के शानदार गोलों के बदौलत 2-0 से कामयाबी हासिल करने में कामयाब रही. मैच के दौरान मैक्सिको की टीम काफी आक्रामक नजर आई. जिसका परिणाम यह रहा कि मेजबान टीम पूरे मैच के दौरान विपक्षी टीम के ऊपर हावी नजर आई. मैक्सिको के आक्रामक खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोनेस ने गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. हालांकि, इसके बाद टीम को दूसरे गोल के लिए कुल 57 मिनटों का इंतजार करना पड़ा. टीम की तरफ से दूसरा गोल 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने हेडर के जरिए हासिल किया।    मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से दिखी अनुशासनहीनता मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से अनुशासनहीनता भी देखने को मिले. अफ्रीकी टीम की तरफ से जहां स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को अनुशासनहीनता के लिए रेड कॉर्ड दिखाया गया. वहीं इंजरी टाइम के दौरान मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला. मैच के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब अफ्रीकी टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. जिसका परिणाम यह रहा कि टीम को 2-0 की हार के साथ पहला मुकाबला गंवाना पड़ा।  राउल जिमेनेज ने हासिल की विशेष उपलब्धि मैच के दौरान राउल जिमेनेज ने एक विशेष उपलब्धि भी हासिल की. 66वें मिनट में गोल दागते हुए इंटरनेशनल करियर में उनके कुल 46 गोल हो गए हैं. जिसके साथ ही वह अब मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे फुटबॉलर बन गए हैं. खास मामले में उन्होंने पूर्व फुटबॉलर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी की है. बॉर्गेटी ने भी अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 46 गोल दागे थे. पहले स्थान पर जेवियर हर्नांडेज काबिज हैं. जिन्होंने 109 मुकाबलों में कुल 52 गोल लगाए हैं। 

रोनाल्डो, मेसी, एमबापे और नेमार पर टिकी दुनिया की नजरें

 नई दिल्ली  48 देश, 1248 खिलाड़ी और लक्ष्य एक फीफा विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी। वो ट्रॉफी जो आज तक सिर्फ आठ देश जीत पाए हैं। अमेरिका की उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहां औसत तापमान 32 डिग्री रहेगा, वहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपने खेल से तापमान को और बढ़ाने के लिए जी जान लगा देंगे। अगले 39 दिन तक दुनिया फुटबॉल के मैदान पर सिमट जाएगी। गुरुवार रात मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की भिड़ंत के साथ शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का अंत 19 जुलाई को न्यूजर्सी में फाइनल के साथ होगा। अब तक के सबसे बड़े और भ‍व्य फुटबॉल विश्व कप में सभी की नजरें पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अर्जेंटीना के लियोन मेसी, फ्रांस के काइलियन एमबापे और ब्राजील के नेमार पर सभी की नजरें होंगी। रोनाल्डो के लिए विश्व कप जीतने का ये छठा प्रयास होगा। नेमार की झोली में भी ये बहुमूल्य ट्रॉफी नहीं है। तो वहीं मेसी और एमबापे चाहेंगे कि वो इसे दूसरी बार अपने नाम कर लें, लेकिन ये आसान नहीं होने वाला। मौजूदा विश्व कप में शामिल किसी भी खिलाड़ी ने ऐसे गरम मौसम में फुटबॉल विश्व कप नहीं खेला। इससे पहले सिर्फ एक बार इतनी गर्मी में फीफा विश्व कप खेला गया था। वो साल था 1994 और मेजबान, यही अमेरिका। उस विश्व कप को याद करने वाले आज भी गर्मी से बेचैन हो जाते हैं। उस बार के चैंपियन ब्राजील के सामने एक बार फिर से मौका होगा कि वो दुनिया को सांबा के मोहपाश में बांध लें। शकीरा और बर्ना बाय देंगे रंगारंग प्रस्तुति उद्घाटन मुकाबले से 90 मिनट पहले रंगारंग समारोह होगा, जिसमें शकीरा, बर्ना बाय, जे बैल्विन, टायला, माना, अलेहांद्रो फर्नांडेज, बेलिंडा जैसे दिग्गज सितारे प्रस्तुति देंगे। नंबर गेम 104 मैच खेले जाएंगे इस बार विश्व कप में जो सबसे ज्यादा हैं, पहले 64 मैच होते थे 3 अलग अलग विश्व कप मैचों की मेजबानी करने वाला मेक्सिको का एज्टेका पहला स्टेडियम बनेगा 17 वर्षीय मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा सबसे युवा खिलाड़ी होंगे जबकि स्काटलैंड के गोलकीपर क्रेग गार्डन सबसे उम्रदराज 357 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहले भी किसी न किसी विश्व कप टीम का हिस्सा रह चुके हैं 891 खिलाड़ी पहली बार फीफा विश्व कप का अनुभव करेंगे पहली बार खेलेंगे ये देश कैप वेर्डे, कुराकाओ, जार्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार फीफा विश्व कप में खेलेंगे अब तक के विजेता     ब्राजील : 1958, 1962, 1970, 1994, 2002     जर्मनी : 1954, 1974, 1990, 2014     इटली : 1934, 1938, 1982, 2006     अर्जेंटीना : 1978, 1986, 2022     उरुग्वे : 1930, 1950     फ्रांस : 1998, 2018     इंग्लैंड : 1966     स्पेन : 2010 फीफा विश्व कप के मैच मेक्सिको बनाम दक्षिण अफ्रीका स्थान : मेक्सिको सिटी समय : 12:30 एएम दक्षिण कोरिया बनाम चेकिया स्थान : गुअलदहारा समय : 7:30 एएम प्रसारण : युनाइट8 1 व 2 स्पोर्ट्स, जी5

FIFA World Cup 2026: भारत में अभी तक नहीं मिला आधिकारिक ब्रॉडकास्टर

 नई दिल्ली  फीफी वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉकास्टिंग को लेकर भारत में अब तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और भारतीय दर्शकों को अब तक ये पता नहीं कि वे इसे कहां पर देख पाएंगे। भारत की तरफ से किसी भी ब्रॉकास्टर ने इसके राइट्स को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था प्रसार भारती इसका प्रसारण करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका की मांग का जवाब देते हुए प्रसार भारती ने साफ इनकार कर दिया है। प्रसार भारती का कहना है कि वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी के साथ अब सस्पेंस और भी बढ़ गया है क्या भारतीय फीफा विश्व कप नहीं देख पाएंगे। दूरदर्शन ने किया इनकार प्रसार भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ-साफ कहा है कि फीफा विश्व कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। कोर्ट में चल रही एक याचिका के सुनवाई के दौरान प्रसार भारती ने ये बात रखा। याचिका में मांग की गई थी कि टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच जैसे उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को फ्री-टू-एयर पर दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स के जरिए दिखाया जाए। 19 मई को याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश बैरवा ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे उचित राहत के लिए किसी अन्य अदालत में जा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। भारत में फुटबॉल का बढ़ता क्रेज 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भारत ने फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई थी, भले ही भारतीय टीम क्वालीफाई न कर पाई हो। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, उस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दर्शकों ने लगभग 74.57 करोड़ इंटरैक्शन किए थे। इतने बड़े पैमाने के बावजूद 2026 विश्व कप के लिए अभी तक भारत में कोई आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हुआ है। ब्रॉडकास्टर्स ने नहीं दिखाई दिलचस्पी याचिका में बताया गया कि फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत अधिकारों की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर रखी थी, जिसे बाद में घटाकर करीब 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी। रिपोर्ट्स में जियोस्टार की 2 करोड़ डॉलर की बोली को ठुकराए जाने का भी जिक्र था। विश्व कप को 2007 के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व की खेल घटना माना जाता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना प्रसारण के भारतीय नागरिकों को इस वैश्विक महोत्सव से वंचित रखना उचित नहीं होगा। क्यों नहीं मिल रहे हैं प्रसारक? फीफा वर्ल्ड कप 2027 इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला है। ऐसे में भारत में लगभग मैच देर रात या फिर सुबह जल्दी शुरू होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडकास्टर्स मीडिया अधिकार खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।  

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ऑफिशियल गाना ‘दाई दाई’ रिलीज, शकीरा और बर्ना बॉय ने दी आवाज

ज्यूरिख  अगले माह अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में शुरू होने वाले फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्व कप के लिए आधिकारिक गीत 'दाई दाई' रिलीज कर दिया गया है। फीफा ने शुक्रवार को बताया कि शकीरा और नाइजीरिया के गायक-गीतकार बर्ना बाय ने इस गाने को गाया है। यह गाना उत्तरी अमेरिका में 11 जून से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का आधिकारिक गीत होगा। फीफा ने कहा कि दाई दाई फुटबॉल, संस्कृति और एकता का जीवंत नमूना है। यह शकीरा और बर्ना बॉय की विश्व भर में जानी पहचानी ओजभरी आवाज और ऊर्जा का शानदार मिश्रण है। शकीरा, बर्ना बॉय ने ही इसे रिलीज किया है। फीफा ने कहा कि वह प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इस गाने से मिलने वाली रॉयल्टी का उपयोग फीफा वैश्विक नागरिक शिक्षा कोष की मदद के लिए करेगा। कुछ इस तरह है दाई दाई गाना इस गाने में एक ही लाइन में दुनिया के कई सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी और इस साल के विश्व कप में हिस्सा लेने वाले देशों के नाम लिए गए हैं। जैसे कि ब्राजील, उरुग्वे, अर्जेंटीना, कोलंबिया। साथ ही शकीरा खुशी से कहती हैं मेक्सिको, जापान, कोरिया, नीदरलैंड्स। इस गाने में पहले कोरस के बाद शकीरा और बर्ना बॉय बारी-बारी से अपने-अपने लाइन गाते हैं। फिर एक-दूसरे की लाइन को गाते हैं। शकीरा ने पिछले हफ्ते पहली बार दाई दाई गाने के छोटे से हिस्से को इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था। इसमें ब्राजील के रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम के मैदान के बीच में उनके डांस का एक मिनट लंबा टीजर क्लिप दिखाया गया था। इससे पहले मार्च में, कोका-कोला ने विश्व कप के लिए अपना आधिकारिक एंथम शेयर किया था। रियल की जीत के बावजूद एमबापे को झेलनी पड़ी हूटिंग स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में रियल मैड्रिड की ओविएडो पर 2-0 से जीत के बावजूद रीयल के फैंस ने एमबापे सहित टीम के अन्य खिलाड़ियों के विरुद्ध हूटिंग की। ओविएडो पहले ही लीग से बाहर हो चुका है। चोट के कारण कुछ समय बाहर रहने के बाद काइलियन एमबापे इस मुकाबले में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए थे। हूटिंग पर एमबापे ने कहा कि मेरे करियर में पहले भी मेरी हूटिंग हुई है। यह खेल का ही एक हिस्सा है। कभी-कभी फैंस खुश नहीं होते। दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान रियल के खिलाड़ियों के बीच बहस से हुई थी, जिसके चलते क्लब ने फेडेरिको वाल्वरडे और आरेलियन टचौमेनी पर भारी जुर्माना लगाया था।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ऑफिशियल एंथम ‘दाई दाई’ रिलीज, शकीरा-बर्ना बॉय की जोड़ी ने मचाया धमाल

16 साल बाद शकीरा एक बार फिर अपने गाने से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने को तैयार हैं। 2010 के फीफा वर्ल्ड कप का एंथम ‘वाका वाका’ से दुनिया हिलाने वाली शकीरा अब फीफा विश्व कप 2026 के एंथम ‘दाई दाई’ के साथ वापस लौटी हैं। बीते दिनों गाने का टीजर जारी होने के बाद से फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ऑफिशियल एंथम ‘दाई दाई’ रिलीज कर दिया गया है। इसे शकीरा ने नाइजीरियन अफ्रोबीट्स के दिग्गज बर्ना बॉय के साथ मिलकर बनाया है। गाने में ये है खास ‘दाई दाई’ लगभग चार मिनट का गाना है, जिसमें अफ्रोबीट्स, डांस-पॉप, वर्ल्ड बीट्स और रेगेटन की भरपूर झलक देखने को मिलती है। ये इस गाने को और भी शानदार बनाती है। गाने के बोल फुटबॉल की भावना को पूरी तरह से दिखाते हैं और खिलाड़ियों व फैंस को उत्साहित करने वाला संदेश भी देते हैं। गाने में फुटबॉल के दिग्गजों का नाम भी लेते हैं, जिनमें माराडोना, माल्डिनी, रोमारियो, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बेकहम, काका और मेस्सी के नाम शामिल हैं। इसके अलावा गाने में इस साल फीफा में भाग लेने वाले देशों जैसे ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और नीदरलैंड्स के नाम भी सुनने को मिलते हैं। ‘वाका वाका’ के बाद फीफा में शकीरा की वापसी ‘दाई दाई’ के जरिए शकीरा ने दूसरी बार फीफा का ऑफिशियल एंथम तैयार किया है। इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में 2010 के फीफा विश्व कप के लिए आइकॉनिक गीत ‘वाका वाका (दिस टाइम फॉर अफ्रीका)’ बनाया था। इसने काफी पॉपुलर्टी पाई थी। जुलाई 2010 में ‘वाका वाका’ बिलबोर्ड हॉट लैटिन सॉन्ग्स, लैटिन एयरप्ले और लैटिन पॉप एयरप्ले चार्ट पर दूसरे नंबर पर पहुंचा। लैटिन रिदम एयरप्ले पर यह आठवें नंबर पर रहा और इसी दौरान बिलबोर्ड हॉट 100 पर 38वें नंबर तक पहुंचा। लैटिन डिजिटल सॉन्ग सेल्स चार्ट पर भी यह 42 हफ्तों तक पहले नंबर पर रहा, जो शाक का उस चार्ट पर सबसे लंबे समय तक रहने वाला गाना है। 11 जून से होगी फीफा 2026 की शुरुआत 2026 फीफा विश्व कप 11 जून को मैक्सिको सिटी के एस्टाडियो एज्टेका स्टेडियम में शुरू होगा। 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में इसका फाइनल होगा। जिसका नाम खेलों के लिए बदलकर न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम कर दिया गया है। फाइनल में शकीरा, मैडोना और बीटीएस फीफा फाइनल के पहले हाफटाइम शो में जबरदस्त परफॉर्मेंस भी देंगे।

फीफा द्वारा कीमत घटाने के बावजूद भारतीय प्रसारकों ने दिखाई कम दिलचस्पी

नई दिल्ली संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), कनाडा और मेक्सिको की सह मेजबानी में होने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2026 भारत में ब्रॉडकास्टिंग के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के मीडिया राइट्स की कीमत को करीब 65 प्रतिशत घटाकर 100 मिलियन डॉलर से 35 मिलियन डॉलर कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स ने रुचि नहीं दिखाई है यह स्थिति 2022 में कतर में आयोति फीफा वर्ल्ड कप से बिल्कुल अलग है, जहां वायकॉम 18 (Viacom18) ने एक ही संस्करण के लिए लगभग 62 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. इस बार टूर्नामेंट उत्तरी अमेरिका में हो रहा है, जिसके चलते भारत में मैच रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच दिखाए जाएंगे. इससे टीवी और डिजिटल व्यूअरशिप पर बड़ा असर पड़ सकता है. भारत में फुटबॉल का विज्ञापन बाजार उतना मजबूत नहीं है. रियल-मनी गेमिंग (RMG) पर बैन ने स्पॉन्सरशिप बजट और कम कर दिया है. स्टार इंडिया (Star India) और Viacom18 के मर्जर के बाद बनी नई कंपनी जियोस्टार (JioStar) बाजार में लीड कर रही है. लेकिन जियोस्टार की वैल्यूएशन करीब 25 मिलियन डॉलर है, जो फीफा की मांग से कम है. ..तो फीफा करेगा मैचों की स्ट्रीमिंग! फीफा वर्ल्ड कप 2022 को भारत में 10 मिलियन डिजिटल व्यूअर्स मिले थे. वहीं 32 मिलियन लोगों ने अर्जेंटीन और फ्रांस के बीच खेले गए फाइनल को देखा था. यानी भारत अभी भी फुटबॉल के लिए एक बड़ा मार्केट है. संभावना है कि फीफा और जियोस्टार के बीच बाद में डील हो जाए. सोनी (Sony) भी विकल्प है, लेकिन इसकी संभावना कम है. छोटे प्लेटफॉर्म जैसे फैनकोड (FanCode) या यूरोस्पोर्ट (Eurosport) भी रेस में आ सकते हैं. अगर कोई डील नहीं होती, तो फीफा अपने प्लेटफॉर्म FIFA+ पर मैच स्ट्रीम कर सकता है फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए भारत में ब्रॉडकास्टर ना मिलना यह दिखाता है कि सिर्फ लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि टाइमिंग, विज्ञापन और मार्केट स्ट्रक्चर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. अब नजर इस बात पर है कि क्या फीफा मीडिया राइट्स के लिए कीमत और घटाएगा या भारत में वर्ल्ड कप देखने का तरीका ही बदल जाएगा.

प्लेऑफ की जंग के लिए इराक का खास इंतजाम, FIFA World Cup 2026 क्वालीफायर खेलने प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको रवाना

बगदाद इराक फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अदनान दिरजल ने पुष्टि की है कि इराक की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 के इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में हिस्सा लेने के लिए मेक्सिको जाएगी। यह मुकाबला 31 मार्च को मेक्सिको के मोंटेरे शहर में खेला जाएगा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने इस अहम मैच के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बंद हवाई क्षेत्र के बीच यात्रा की चुनौती मध्य पूर्व क्षेत्र में 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद है। यह स्थिति अमेरिका और इजराइल के हमलों तथा इसके जवाब में ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पैदा हुई। इन हालात के कारण यात्रा करना मुश्किल हो गया था, लेकिन इसके बावजूद इराक की टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको रवाना होगी। मेक्सिको ने सभी खिलाड़ियों को पहले ही वीजा जारी कर दिए हैं, जिससे टीम की यात्रा संभव हो पाई है। FIFA भी कर रहा है मदद इराक फुटबॉल संघ के प्रमुख अदनान दिरजल ने बताया कि FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने भी इस मामले में मदद के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि FIFA महासचिव मथियास ग्राफस्ट्रॉम को टीम की यात्रा में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए कहा गया है। दिरजल ने बताया कि टीम इस सप्ताह के अंत तक प्राइवेट विमान से मेक्सिको के लिए रवाना होगी। खिलाड़ियों से सिर्फ एक लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील दिरजल ने खिलाड़ियों और स्टाफ से अपील की कि वे सभी कठिन परिस्थितियों के बावजूद केवल एक लक्ष्य पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सिर्फ 17 दिन बचे हैं और हमें पूरी तरह मैच की तैयारी पर ध्यान देना है। हमारा एक ही लक्ष्य है — वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना।' उन्होंने यह भी कहा कि इराक फुटबॉल संघ और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इस महत्वपूर्ण मैच पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। प्लेऑफ में किससे होगा मुकाबला? प्लेऑफ मुकाबले में इराक का सामना बोलीविया या सूरीनाम में से किसी एक टीम से होगा। इस मैच की विजेता टीम को सीधे FIFA वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका मिलेगा। 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद इराक की टीम ने आखिरी बार 1986 में FIFA वर्ल्ड कप खेला था। अब टीम के पास 39 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने का बड़ा मौका है और खिलाड़ी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन इराक ने क्वालिफायर में भी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3-2 से हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में जगह बनाई थी।  

ट्रंप करेंगे ईरान टीम का स्वागत, फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर इन्फेंटिनो ने कही बड़ी बात

नई दिल्ली फीफा चीफ जियानी इन्फेंटिनो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरान का 2026 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए 'स्वागत' है। यह विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में खेला जाएगा। ईरान को अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं, लेकिन बढ़ते क्षेत्रीय युद्ध के बीच उनके हिस्सा लेने पर शक है। ईरानी टीम बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ ग्रुप-जी में है। यह टीम 15 जून को सिएटल में न्यूजीलैंड के खिलाफ टूर्नामेंट की शुरुआत करेगी, और आगे के ग्रुप गेम लॉस एंजिल्स और अटलांटा में होंगे। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में इन्फेंटिनो ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने आने वाले फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों के स्टेटस पर चर्चा की और ईरान के मौजूदा हालात के बारे में भी बात की। इन्फेंटिनो ने लिखा, "मैं आगामी फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों के स्टेटस और सिर्फ 93 दिनों में शुरू होने वाले बढ़ते उत्साह पर चर्चा करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप से मिला। हमने ईरान के मौजूदा हालात और इस बात पर भी बात की कि ईरानी टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए क्वालीफाई कर लिया है। बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि ईरानी टीम का, बेशक, यूनाइटेड स्टेट्स में टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए स्वागत है।" ईरान ने पिछले साल एशियन क्वालिफाइंग के तीसरे राउंड में ग्रुप-ए में टॉप करके लगातार चौथे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था। पिछले हफ्ते, पोलिटिको के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "अगर ईरान हिस्सा लेता है, तो मुझे सच में कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे लगता है कि ईरान बहुत बुरी तरह से हारा हुआ देश है। वे बेकार में काम कर रहे हैं।" मिलिट्री एक्शन शुरू होने के बाद, ईरान फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कथित तौर पर कहा है, "यह तो तय है कि इन हमलों के बाद, वर्ल्ड कप की तरफ उम्मीद से देखना मुश्किल है।"