samacharsecretary.com

कनावनी झुग्गियों में आग का तांडव, गैस सिलेंडर धमाकों से मचा हड़कंप

गाजियाबाद  लखनऊ के बाद गाजियाबाद की झुग्गियों में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। ये आग इंदिरापुरम क्षेत्र में कनावनी के पास मौजूद झुग्गियों में लगी है। झुग्गियों में मौजूद गैस सिलेंडरों में धमाके होने की भी खबर सामने आ रही है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद से 20 से ज्यादा बच्चे गायब हैं, उनकी तलाश जारी है। भयंकर आग को देखते हुए मौके पर दमकल गाड़ियां मौजूद हैं, आग बुझाने का काम जारी है। 250 से ज्यादा झुग्गियों में लगी आग जानकारी के मुताबिक, इंदिरापुरम इलाके में कनावनी के पास सैकड़ों की संख्या में झुग्गी-झोपड़ी मौजूद हैं। इनमें से करीब ढाई सौ से ज्यादा झुग्गियों में आग लगने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में कबाड़ के गोदाम भी हैं, जिनमें आग फैलने के कारण और भी भयानक हो गई है। झुग्गियों में लोगों के खाना बनाने वाले गैस सिलेंडर मौजूद हैं, जिनमें आग के चलते लगातार धमाके हो रहे हैं। इधर बचाव दल पूरी ताकत के साथ आग बुझाने में जुटा हुआ है। गाजियाबाद में आगगाजियाबाद में आग धुएं का गुबार और खोए बच्चों की तलाश करते परिवार सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में काला धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। इसे सड़क पर दूर से देखा जा सकता है। झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। झुग्गीवासियों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन परिवारों के बच्चे लापता हैं, वो अपने खोए हुए बच्चों को इधर-उधर खोजने में जुटे हुए हैं। इधर दमकल की गाड़ियां स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी हुई हैं। लखनऊ की आग में 200 झुग्गियां खाक, 2 बच्चों की मौत आपको बताते चलें कि लखनऊ के विकास नगर में रिंग रोड के पास एक झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम लगी आग ने तेजी से करीब 200 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया और सारा का सारा सामान जलकर राख हो गया। सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर घरेलू काम करने वाले और दिहाड़ी मजदूर थे, बेघर हो गए। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यहां विकास नगर इलाके में एक झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग में दो बच्चों की मौत हो गई। आग में जलने वाले बच्चों की उम्र 2 साल पुलिस डिप्टी कमिश्नर (ईस्ट) दीक्षा शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों की लाशें बुधवार देर रात बरामद की गईं थीं। इनकी उम्र करीब दो साल बताई गई है। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, “लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके माता-पिता को बता दिया गया है और पहचान की प्रक्रिया चल रही है।”  

एक हजार झुग्गियां जलकर खाक: सिलेंडर धमाकों से फैली आग

लखनऊ लखनऊ के विकास नगर में बुधवार की शाम लगी आग आठ घंटे की मशक्कत के बाद देर रात बुझा तो ली गई लेकिन कई अपनों की तलाश अब भी जारी है। इस बीच पुलिस ने आग बुझाने के बाद दो बच्चों की लाश बरामद की है। दोनों बच्चों की उम्र दो साल के आसपास बताई जा रही है। लगभग एक हजार झुग्गी झोपड़ियों में लगी आग से सबकुछ खाक हो गया है। सौ के करीब एलपीजी सिलेंडर और बाइकों की टंकियां फटने से आग भड़कती रही। इससे करीब दस किलोमीटर के इलाके में धुएं का गुबार देखा गया। विकास नगर में मुंशीपुलिया से आगे सीतापुर बाईपास किनारे सैकड़ों झुग्गी झोपड़ियां लंबे समय से आबाद थीं। बस्ती के विशाल गौतम का दावा है कि शाम करीब चार बजे देशी शराब ठेके के बगल में बनी कैंटीन से आग की लपटें एकाएक उठीं और विकराल होने लगीं। उनके साथ ही पड़ोसी धर्मेंद्र, बबलू, विमलेश, राम स्वरूप, मंत्री, मो. आसिफ कुरैशी, रहमान, सुनीता और करन की झोपड़ियां जलने लगीं। लोगों ने पानी फेंककर काबू पाने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। इस बीच, झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर ताबड़तोड़ धमाकों के साथ फटने लगे और पूरी बस्ती धू-धूकर जलने लगी। करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल और पुलिस पहुंची। राहत व बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ भी पहुंच गए। मौके पर कोई कह रहा था कि मेरा बच्चा गायब है तो कोई बेटी को खोज रहा था। किसी को पिता तो कोई भाई को तलाश रहा था। पुलिस और सिविल डिफेंस के लोग उन्हें रोक रहे थे लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। सिविल डिफेंस ने मानव शृंखला बनाकर लोगों को रोका। इस बीच, दम घोंटू धुएं से आसपास के लोग बेचैनी महसूस करने लगे। सभी अपने घरों को सुरक्षित करने की कोशिश में थे। बस्ती के लोग नम आंखों से अपने आशियाने राख होते देख रहे थे। देर रात तक कोहराम जैसी स्थिति बनी रही। फायर ब्रिगेड ने चारों तरफ से पानी डाल कर किसी तरह देर रात आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद शुरू हुई तलाशी में दो बच्चों की लाश मिली है। डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया आग पर काबू पा लिया गया था। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ अब भी राहत कार्य में लगी है। इस पूरी घटना में दो बच्चों की मौत हुई है। फोटो के जरिए उनके पैरेंट्स की पहचान कराई जा रही है। कुछ लोगों को रात में रैन बसेरे में रखा गया तो काफी लोग सड़क किनारे ही खुले में रातभर रहे। सुबह होते ही लोग अपने बचे सामानों को बंटोरने और अपनों को खोजने में जुटे रहे। हालांकि भीषण आग में सबकुछ राख होने से खाने के भी लाले पड़ने की आशंका हो गई है।