samacharsecretary.com

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर

रायपुर : स्कूलों के प्रति प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की जरूरत, संसाधनों की कोई कमी नहीं – गजेंद्र यादव स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर शाला निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा निर्मित ऐप को लांच किया बिलासपुर संभाग के शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणाम आधारित कार्य हमारी प्राथमिकता – मंत्री गजेंद्र यादव रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। यादव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर मंत्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके। शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है। बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया। सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें बैठक में मंत्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए। पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का जिम्मा मंत्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के स्कूलों का किया आकस्मिक निरीक्षण

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। प्राथमिक शाला धवलपुर में शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा          शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। अधोसंरचना और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा        इसके बाद श्री यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। विद्यार्थियों की सहभागिता और सुझाव           निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। छात्राओं से मुलाकात-मांगों पर दिया आश्वासन          शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री श्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण से बढ़ा विश्वास         शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। 6245

मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया शीतला माता मंदिर में नए विकास कार्यों का शुभारंभ

रायपुर : स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया शीतला माता मंदिर में विकास कार्यों का भूमिपूजन रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने  शीतला माता मंदिर में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मंत्री  यादव ने माता शीतला मंदिर पहुंचकर माता का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर डोमशेड, मंच एवं अहाता निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की लागत से होने वाले कार्य का शुभारंभ किया।     माता शीतला मंदिर जो वार्ड क्रमांक 09 और 05 के समीप स्थित है, आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केन्द्र माना जाता है। इस अवसर पर मंत्री  यादव ने कहा कि चण्डी माता मंदिर और शीतला माता मंदिर दुर्ग जिले की आस्था और शक्ति के प्रतीक हैं। माता शीतला के चरणों का जल यदि बच्चों पर छिड़का जाए, तो बीमारियां दूर होती हैं। मंत्री  यादव ने आगे कहा कि डोमशेड का निर्माण भव्य और दिव्य रूप में किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसकी सुंदरता और आस्था की भावना को अनुभव कर सकें। इस अवसर पर महापौर मती अलका बाघमार, पार्षद  निलेश अग्रवाल एवं  ज्ञानेश्वार ताम्रकार, सभापति  श्याम शर्मा, कार्यपालन अभियंता  जे.के. मेश्राम तथा अनुविभागीय अधिकारी  सी.के. सोने तथा  कमलेश फेकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व नागरिक गण उपस्थित थे।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने सरकार कृत संकल्पित- शिक्षा मंत्री यादव

रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूरवासियों को नवनिर्मित शाला भवन की सौगात मिलने पर बधाई दी और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा  “जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।”          शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित शाला भवन का लोकार्पण के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह भवन 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मंत्री  यादव ने गुरूर के शाला परिसर में डोम सहित कला मंच, सायकल स्टैण्ड तथा प्रार्थना स्थल में डोम निर्माण की घोषणा की। साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उत्कृष्ट विद्यालय गुरूर के प्रार्थना स्थल में भी डोम निर्माण की घोषणा की।        शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से परीक्षा ली जाएगी। साथ ही 9 वीं से 12 वीं तक के लिए सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ई-कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालंदा परिसरों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी ई-कोचिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की नई शिक्षा प्रणाली को दूरदर्शी बताते हुए  यादव ने कहा कि इसे दुनिया के 13 देशों में अपनाया जा चुका है। हाल ही में गुजरात जाकर वहाँ के उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में इसरो के सैटेलाइट के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है, जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।            कार्यक्रम में स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी मंत्री ने सराहना की। कार्यक्रम में विधायक मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष  प्रदीप साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  यशवंत जैन,  चेमन देशमुख, पूर्व विधायक  प्रीतम साहू एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं गण्मान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने ग्रामोद्योग मंत्री का बुनकर संघ गोदाम दौरा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या., रायपुर द्वारा संचालित महामाया गृह निर्माण प्रा. लि. डुमरतराई स्थित एल.के. लॉजिस्टिक पार्क फेस–02, धमतरी रोड, रायपुर में स्थापित गोदाम का अवलोकन आज माननीय ग्रामोद्योग मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े ने मंत्री जी को जानकारी दी कि राज्य के बुनकरों द्वारा गणवेश वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, धागा चादर, दरी, सेलुलर डील मच्छरदानी, जेकार्ड पर्दा, बस्ता, क्लॉथ, पोलिएस्टर साड़ी, मेडिकल चादर और ग्रीन क्लॉथ सहित लगभग 60 प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में संघ के पास रंगीन चादर लगभग 4.00 लाख नग, उलन कंबल 1.69 लाख नग, पोलिएस्टर साड़ी 1.90 लाख नग, दरी 18 हजार नग तथा अन्य हाथकरघा वस्त्र एवं सामग्री सहित कुल 225 करोड़ रुपये का वस्त्र स्टॉक उपलब्ध है। माननीय मंत्री  यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में आपूर्ति हेतु केवल राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के कुटीर एवं हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।अवलोकन के दौरान मंत्री जी के ओ.एस.डी एवं  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित  थे।

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में ली समग्र शिक्षा विभाग की अधिकारियों की समीक्षा बैठक व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव  भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री यादव रायपुर   स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त की व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए।  भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए। बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा: मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। मंत्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है, इसलिए विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करना शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विद्यालयों की स्थिति पर गहन जानकारी आवश्यक    यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की सम्पूर्ण और अद्यतन जानकारी रखना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और शिक्षकों से संवाद करते रहें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। शिक्षकीय प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर बनेगा     शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकीय प्रशिक्षण हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में ही आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यालयीन शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना आवश्यक है। विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय पर जोर     यादव ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों को तभी प्रभावी बनाया जा सकता है, जब अधिकारी, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन मिलकर एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें।     बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय संरचना, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी पावर पाइ्रट पेजेन्टेशन के माध्यम से दी। इस दौरान विभाग में संचालित प्रमुख योजनाओं और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष सुरेणु जी पिल्ले भी उपस्थित थीं। बैठक में समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, माध्यमिक शिक्षा मंडल, पाठ्य पुस्तक निगम, मदरसा बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय, संस्कृत विद्या मंडलम, स्काउट-गाइड, एनसीसी एवं स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।