samacharsecretary.com

बिहार में गंगा दशहरा पर नई धार्मिक पहल, अब रोज मंदिरों में गूंजेगी गंगा आरती

पटना. राज्य में गंगा तट पर स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद से संबद्ध सभी मठ-मंदिरों में अब प्रतिदिन गंगा आरती होगी। इसको लेकर धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन की ओर से सभी मठ-मंदिरों के महंत, न्यासधारी, न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रबंधकों को पत्र भेजा जा रहा है। रणवीर नंदन ने बताया कि मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर 25 मई से भव्य गंगा आरती की शुरुआत की जाएगी। राज्य में पटना, बक्सर, आरा, छपरा, फतुहां, बख्तियारपुर, मुंगेर, भागलपुर और वैशाली समेत गंगा तट से जुड़े सभी क्षेत्रों के मठ-मंदिरों में आरती की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।  कहा कि इस आयोजन के माध्यम से अविरल गंगा, स्वच्छ गंगा, स्वस्थ गंगा और स्वस्थ बिहार का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही गंगा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। मंदिरों को भेजी जाएगी चिट्ठी – भागलपुर जिला: श्री अजगैबी नाथ मंदिर सुलतानगंज, श्री बुढ़ानाथ मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर गोलाघाट, श्री बटेश्वर स्थान कहलगांव, श्री रामजानकी त्रिमुहान कहलगांव। मुंगेर जिला: श्री जगरनाथ मंदिर कष्टहरणी घाट मुगेर, श्री राम मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री रामजानकी मंदिर सोझी घाट, श्री रामाजनकी मंदिर बेलवाघाट बक्सर जिला: श्री विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया रामरेखा घाट, श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर रामरेखा घाट, श्री चरित्रवन मंदिर बक्सर। पटना: श्री काली स्थान, सती स्थान, श्री शंकर स्थान बांसघाट, श्री विष्णु भगवान मंदिर सुमति पथ रानी घाट महेन्द्रु, श्री भगवती सीता मंदिर सीता घाट, श्री जल गोविंद स्थान कछुआरा, श्री मौनी बाबा का आश्रम गाढ़ोचक कृपाल टोला फतुहां, श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी फतुहां, श्री गंगा मंदिर रिकाबगंज मालसलामी पटना सिटी।

गंगा आरती की तैयारी पूरी, 19 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का खास इंतजाम

वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद काशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंच रहे हैं, जिसके चलते दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 मार्च से ललिता घाट पर भव्य गंगा आरती शुरू करने का निर्णय लिया है। 45 मिनट तक होगी गंगा आरती हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन इसका शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, ललिता घाट पर सात अर्चकों द्वारा प्रतिदिन शाम 6:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक गंगा आरती की जाएगी। इस आरती के माध्यम से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा द्वार से ही गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सितंबर 2025 में नमो घाट पर भी सात अर्चकों द्वारा गंगा आरती की शुरुआत की गई थी। उसी तर्ज पर अब ललिता घाट पर भी भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा   काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह पहल बाबा विश्वनाथ के भक्तों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की जा रही है। श्रद्धालु गंगा द्वार की सीढि़यों पर बैठकर आराम से गंगा आरती का दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ के दरबार और सामने मां गंगा की आरती का द्दश्य भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि काशी में दशाश्वमेध, अस्सी, शीतला और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई श्रद्धालु समय पर आरती स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में 19 मार्च से ललिता घाट पर शुरू होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने में सहायक साबित होगी। 

इस घाट पर 19 मार्च से शुरू होगी भव्य गंगा आरती, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद काशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंच रहे हैं, जिसके चलते दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 मार्च से ललिता घाट पर भव्य गंगा आरती शुरू करने का निर्णय लिया है। 45 मिनट तक होगी गंगा आरती हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन इसका शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, ललिता घाट पर सात अर्चकों द्वारा प्रतिदिन शाम 6:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक गंगा आरती की जाएगी। इस आरती के माध्यम से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा द्वार से ही गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सितंबर 2025 में नमो घाट पर भी सात अर्चकों द्वारा गंगा आरती की शुरुआत की गई थी। उसी तर्ज पर अब ललिता घाट पर भी भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा   काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह पहल बाबा विश्वनाथ के भक्तों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की जा रही है। श्रद्धालु गंगा द्वार की सीढि़यों पर बैठकर आराम से गंगा आरती का दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ के दरबार और सामने मां गंगा की आरती का द्दश्य भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि काशी में दशाश्वमेध, अस्सी, शीतला और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई श्रद्धालु समय पर आरती स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में 19 मार्च से ललिता घाट पर शुरू होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने में सहायक साबित होगी।