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गंगा एक्सप्रेसवे दो महीने में होगा तैयार, मेरठ से प्रयागराज का सफर आसान, बस यह काम बाकी है

प्रयागराज  प्रयागराज-मेरठ के बीच 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार ने मेरठ में निरीक्षण के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक्सप्रेसवे को शीघ्र ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  मेरठ पहुंचे सीईओ ने मंडलायुक्त भानुचंद्र गोस्वामी और डीएम डॉ. वीके सिंह के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रगति के साथ ही औद्योगिक गलियारा विस्तार और टोल प्लाजा की तकनीक के बारे में जानकारी ली।  साइड की दीवार का मामूली काम अधूरा उन्होंने खड़खड़ी टोल प्लाजा पर अशोक के पौधे भी लगाए। सीईओ ने बताया कि तीसरे चरण में केवल एक्सप्रेसवे की साइड की दीवार का मामूली काम अधूरा है। यह काम भी एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। मेरठ जिले में 22 किमी एक्सप्रेसवे अक्तूबर 2025 में ही पूरा हो गया था।    खड़खड़ी में टोल प्लाजा भी बनकर तैयार बिजौली के निकट खड़खड़ी में टोल प्लाजा भी बनकर तैयार है और इसका परीक्षण भी हो चुका है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का विस्तार कर आठ लेन का किया जा सकेगा। मेरठ से बदायूं तक के प्रथम सेक्टर में 130 किलोमीटर की लंबाई में 129 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे पर चार जगह लड़ाकू विमानों के लिए हवाई पट्टियां गंगा एक्सप्रेसवे पर केवल वाहन ही नहीं दौड़ेंगे, बल्कि आपातकाल की स्थिति में लड़ाकू विमानों को भी उतारा जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे पर चार स्थानों पर लड़ाकू विमानों के उतरने के लिए हवाई पट्टियां बनाई जा रही हैं। इनमें से शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किलोमीटर लंबी पट्टी तैयार कर दी गई है।    एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार की सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे रखी जाएगी। तीसरे चरण के अधूरे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सीईओ ने यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के परियोजना निदेशक राकेश मोघा और गंगा एक्सप्रेसवे की संचालन एजेंसी आईआरबी के मुख्य प्रबंधक अनूप सिंह से एक्सप्रेसवे की प्रगति की जानकारी जानी। उन्होंने टोल पर बिना बैरियर के वाहनों के प्रवेश को लेकर अपनाई जा रही तकनीक को भी जाना। टोल पर बिना रुके गुजरेंगे वाहन गंगा एक्सप्रेसवे पर बिजौली के निकट खड़खड़ी में बनाए गए टोल प्लाजा पर वाहनों का प्रवेश बिना बैरियर के ही होगी। यह एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके तहत वाहनों को टोल प्रवेश के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। यह जानकारी आईआरबी के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में निकास के दौरान भी इसी प्रकार टोल कट जाएगा। इस नई व्यवस्था से गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन नहीं लगेगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार ने निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी हापुड़ और अन्य अधिकारियों के काफिले के साथ गंगा एक्सप्रेसवे का बदायूं तक निरीक्षण करने के लिए निकल गए। औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा मनोज कुमार ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे शीघ्र ही औद्योगिक गलियारा आकार लेता दिखेगा। इसके लिए काफी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। विदेशी कंपनियां भी इस औद्योगिक गलियारे में अपनी यूनिट स्थापित करने के लिए आ रही हैं। आने वाले समय में यूपी उद्योग प्रदेश बन जाएगा। पूरा देश गंगा एक्सप्रेसवे किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारे की तरफ देखेगा। यह गलियारा प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  

गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने से मेरठ-प्रयागराज का सफर केवल 8 घंटे में पूरा

हापुड़  जनवरी में मेरठ से प्रयागराज तक का सफर सुहाना हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो गया है। इनका ट्रायल दिसंबर में करने की तैयारियां की जा रही हैं। ट्रायल से पहले एक्सपर्ट की टीम निरीक्षण करने के बाद कुछ जरूरी प्रमाण पत्र जारी करेगी। उसके बाद ट्रायल रन की तिथि का एलान कर दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में इसको जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के तीसरे खंड में उन्नाव-हल्द्वानी सेक्शन में मात्र दो प्रतिशत कार्य ही अब बाकी है। इसके अलावा मेरठ-बदायूं सहित पूरा एक्सप्रेस-वे फर्राटा भरने के लिए तैयार है। मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर हैं। इनमें से 1497 स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो गया है। मेरठ से बदायू तक के प्रथम सेक्टर में 129 किमी की लंबाई में कुल बड़े 322 स्ट्रक्चर हैं। इनमें सिंभावली सहित सभी पर कार्य पूरा हो चुका है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार दिसंबर में इसका ट्रायल रन पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद अंतिम परीक्षण करके 15 जनवरी तक प्रधानमंत्री इसका उदघाटन करेंगे। एक्सप्रेस-वे पर पांच स्थानों पर लडाकू विमान उतारने योग्य स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। जिसका प्रयोग आपात स्थिति में किया जा सकेगा। प्रदेश को आने वाले साल में गंगा एक्सप्रेस-वे के रूप में प्रयागराज तक का नया हाईवे मिल जाएगा। इस 594 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हो गया है। इसके बाद मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज के औद्योगिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। इससे प्रदेश के दोनों सिरों के लोगों के आवागमन का एक और सुगम पथ संचालित हो जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा एक्सप्रेसवे के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस 36,230 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए 7453.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अभी इसका विस्तार हरिद्वार किया जा रहा है। छह लेन में बनाए गए इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की सामान्य रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के जलालाबाद में लड़ाकू विमानों के लिए 3.5 किलोमीटर हवाई पट्टी का भी निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं ऐसे तीन और स्थान विकसित करने की तैयारी है।     गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब इसके ट्रायल की तैयारी है। हमारा प्रयास है कि दिसंबर में ट्रायल रन कराकर जनवरी में इसका उदघाटन करा लिया जाएगा। हमारी ओर से उदघाटन के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इस संबंध में यूपीडा व एनएचएआइ के अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक का आयोजन किया जाएगा। – संदीप कुमार, एडीएम गंगा एक्सप्रेस-वे (मेरठ-प्रयागराज) नवीनतम निर्माण स्थिति विवरण                                                                     स्थिति एक्सप्रेस-वे निर्माण की कुल स्थिति                       लगभग 98 प्रतिशत पूरा मुख्य कैरिजवे का काम                                     99 प्रतिशत पूरा हो गया मेरठ और बदायूं के बीच खंड                           130 किलोमीटर का निर्माण ट्रायल के लिए तैयार प्रस्तावित ट्रायल रन का समय                            दिसंबर 2025 का पहला सप्ताह एक्सप्रेसवे का उद्घाटन                                   जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में मेरठ से प्रयागराज यात्रा का समय (एक्सप्रेसवे के बाद)     केवल 6 घंटे

गंगा एक्सप्रेसवे अपडेट: 594 किलोमीटर पर गाड़ियों की रफ्तार कब बढ़ेगी?

मेरठ  मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूरा हो गया है. अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा किया जा चुका है. फिनिशिंग का काम बाकी है, लेकिन वो भी अंतिम फेज में है. एक महीने में वाहन भी यहां दौड़ते दिखेंगे. हसनपुर तहसील इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे पर पूरी सड़क बनकर तैयार हो गई है. लाइटिंग का काम भी किया जा चुका है. हसनपुर तहसील इलाके में 23.60 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 12 अक्टूबर 2025 तक पूरा किया जाना है. गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर से बरसात का पानी नीचे उतारने के लिए पाइप लाइन का काम भी हो चुका है. मंगरौला में हसनपुर रहरा मार्ग के ऊपर ओवरब्रिज और टी प्वाइंट बन चुका है. टी प्वाइंट के दोनों ओर चारों जगहों पर टोल बूथ भी बन चुके हैं. गंगा पर पाइंदापुर में पुल बनाया जा चुका है. गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर है लंबा अधिकारियों ने बताया कि बारिश की वजह से फिनिशिंग काम रुका हुआ था. इस काम को अगले महीने तक खत्म कर लिया जाएगा. हालांकि सुत्रों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के नवंबर में चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है. एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर फर्राटेदार और आसान हो जाएगा. मेरठ से प्रयागराज का सफर होगा आसान मेरठ, हापुड़ और अमरोहा के लोग जो संगम में आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज आने की ख्वाहिश रखते हैं, उनके लिए भी प्रयागराज का सफर काफी आसान हो जाएगा. पश्चिमी यूपी के वादकारियों और अधिवक्ताओं को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने में आसानी होगी. यहां के वादकारी सुबह हाईकोर्ट में अपने मामलों की पैरवी करके रात तक वापस आ सकेंगे.