samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा अभियान: जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचेंगे

रायपुर. भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 6 से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और सांसद गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे। पार्टी की योजना के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 गांवों का चयन किया गया है, जहां जनप्रतिनिधि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के प्रयास करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है। तीन से चार गांवों में हर सांसद-विधायक जाएगा हर सांसद और विधायक को तीन से चार गांवों में जाना होगा। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी बैठक, उसमें अपेक्षित श्रेणी सहित अन्य तमाम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह देश में विकास की राजनीति का आगाज किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है। भाजपा का राजनीति मॉडल शोध का विषय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी का 46वां स्थापना दिवस हम सबको पूरे जोश के साथ मनाना है। इस मौके पर कार्यालयों से लेकर अन्य स्थानों पर पार्टी के झंडे फहराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने विकास की राजनीति का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वो वैश्विक स्तर पर शोध का विषय है। हर जिले में होंगे सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे और ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान होगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। भाजपा ने बुधवार को 5 से 12 अप्रैल तक अपना 46वां स्थापना दिवस भव्य पैमाने पर मनाने का फैसला किया। 5 से 7 अप्रैल तक, पार्टी के पदाधिकारी दफ़्तरों को सजाएंगे और 6 अप्रैल को सभी दफ़्तरों में एक 'विकास यात्रा' निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, कई जोनों में क्षेत्रवार कार्यक्रम प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है। इस पहल के तहत, पंचायत स्तर और उससे ऊपर के जन प्रतिनिधियों सहित पार्टी कार्यकर्ता, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांवों का दौरा करेंगे ताकि लोगों के साथ संबंधों को मज़बूत किया जा सके।

सीएम भजनलाल शर्मा का ऐलान: 18 सितंबर से गांव चलो अभियान, राजस्व प्रकरण होंगे निस्तारित

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुड गवर्नेन्स के मानकों पर खरा उतरते हुए आमजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारी उनकी नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही, संबंधित विभागों से समन्वय कर भूमि आवंटन, डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, जिससे विकास कार्यों का लाभ लोगों को समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से काश्तकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में किसानों को स्वयं फसल गिरदावरी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एग्रीस्टेक मोबाईल ऐप विकसित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए इस ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव चलो अभियान से ग्रामीणों तक सुलभ होंगी सरकारी सेवाएं शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 सितम्बर से प्रदेशभर में सप्ताह में तीन दिन ‘गांव चलो अभियान’ संचालित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत ग्रामीणों के सीमाज्ञान, सहमति विभाजन, नामांतरण आदि लंबित प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति अभियान के लाभों से वंचित ना रहे। पुराने भवनों की मरम्मत करें, गुणवत्ता का रखें ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी गत दो वर्ष के बजट में घोषित भवन निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समय में पूरा करें। साथ ही नियमित निगरानी कर इनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने भवनों का भी आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण एवं मरम्मत की जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। शर्मा ने कहा कि जैसलमेर जिले के सामान्य आवंटन के लंबित आवेदनपत्रों के निस्तारण के लिए योजना बनाई जाए, साथ ही 15 दिन का अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान नियमों में यथासंभव संशोधन कर नियमों के सरलीकरण के निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि फार्मर रजिस्ट्री योजना के माध्यम से किसानों के आधार नम्बर को राजस्व रिकॉर्ड के साथ मेपिंग का कार्य समस्त जिलों में प्रारम्भ कर दिया गया है। अब तक 87 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 48 हजार 463 गांवों की जिओ रेफरेंस शीट फाइल भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर 4.49 करोड़ यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नम्बर (ULPIN) जारी किए जा चुके हैं। बैठक में राजस्व न्यायालयों के लिए रेवेन्यू कोर्ट मॉर्डनाइजेशन सिस्टम, राजस्व इकाइयों का पुर्नगठन, पूर्णकालिक सरकारी अधिवक्ताओं को रिटेनर शुल्क, उपनिवेशन क्षेत्र में भूमि आवंटन की दर में परिवर्तन, ग्राम दान एवं भूदान अधिनियम सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा एवं मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।