samacharsecretary.com

सोमेश सोरेन ने विधायक पद की शपथ ली, जानें क्या बोले दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता और घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के नवनिर्वाचित विधायक सोमेश चंद्र सोरेन में आज शुक्रवार को शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद सोमेश ने कहा कि वे अपने पिता के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे। वहीं, झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। सूत्रों के मुताबिक शीतकालीन सत्र से पूर्व हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है और मंत्रिमंडल विस्तार में घाटशिला उप चुनाव जीतने वाले सोमेश सोरेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इसको लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। बता दें कि घाटशिला में झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 38524 मतों से पराजित किया। तीसरे स्थान पर जेएलकेएम प्रत्याशी रामदास मुर्मू रहे। सोमेश सोरेन को कुल 104794 वोट मिले। सोमेश ने अपने पिता के 2024 के चुनावी रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन ने बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 22 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था, लेकिन 11 नवंबर 2025 को हुए उपचुनाव में सोमेश सोरेन ने यह अंतर बढ़ाकर 38 हजार से अधिक कर दिया। इस बार JMM उम्मीदवार सोमेश सोरेन और JLKM प्रत्याशी रामदास मुर्मू को 2024 की तुलना में अधिक वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन के वोटों में गिरावट दर्ज की गई। ज्ञात हो कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से यह सीट खाली हो गई थी। वैसे तो 13 प्रत्याशियों ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ा, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच था।  

चंपई सोरेन के बेटे को बड़ा झटका, घाटशिला में JMM ने बनाई मजबूत बढ़त

 घाटशिला  घाटशिला उपचुनाव के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से ही जारी है। मतगणना कुल 15 टेबल पर 20 राउंड में की जा रही है। वहीं, आज इंतजार खत्म हो जाएगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है और यह सीट किसके नाम जाएगी। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव 2025 की मतगणना में छठे राउंड के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिसमें इंडिया गठबंधन (जेएमएम) के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने भाजपा के प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन पर मजबूत बढ़त बना ली है। छठे राउंड के बाद वोटों के बाद झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन 27,467 वोट, बाबूलाल सोरेन (BJP): 21,250 वोट, रामदास मुर्मू (JLKM): 6,061 वोट मिले। वर्तमान में, सोमेश चंद्र सोरेन (जेएमएम) अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बाबूलाल सोरेन (BJP) से 6,217 मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं। मतगणना – राउंड 05     1. बाबूलाल सोरेन, भाजपा- 16794     2. सोमेश चंद्र सोरेन, झामुमो- 23898     3. पंचानन सोरेन, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) -203     4. पार्वती हांसदा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) – 89     5. रामदास मुर्मू, जेएलकेएम-5652     6. नारायण सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी-70     7. परमेश्वर टुडू, निर्दलीय-53     8. बसंत कुमार तोपनो, निर्दलीय-37     9. मनसा राम हांसदा, निर्दलीय प्रत्याशी-331     10. मनोज कुमार सिंह, निर्दलीय- 123     11. रामकृष्ण कांति माहली, निर्दलीय- 76     12. विकास हेम्ब्रम, निर्दलीय-236     13. डॉ. श्रीलाल किस्कू, निर्दलीय- 379     14. NOTA- 712  

बंपर वोटिंग के बाद CM हेमंत सोरेन बोले—घाटशिला की जनता का दिल से धन्यवाद

घाटशिला  झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर बीते मंगलवार को हुए उपचुनाव में शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग संपन्न हुई। सुबह 7 बजे से मतदान की शुरुआत हुई और शाम 5 बजे तक मतदाता उत्साह के साथ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सीएम हेमंत ने घाटशिला के लोगों का धन्यवाद दिया है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "घाटशिला उपचुनाव को लेकर हुए मतदान में सभी वर्गों – खासकर हमारी मईयां, भाइयों-बहनों, बड़े-बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। आप सभी का लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदार बनने के लिए हार्दिक आभार और जोहार। आज इस अवसर पर झामुमो परिवार के जुझारू सिपाहियों को भी मैं हार्दिक धन्यवाद देता हूं। साथ ही उपचुनाव प्रक्रिया के शामिल सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को भी बहुत-बहुत आभार और जोहार।" बता दें कि घाटशिला विधानसभा सीट पर कुल 73.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत से अधिक है। इस उपचुनाव में कुल 2,55,823 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 1,30,921 और पुरुष मतदाता 1,24,899 रही। यानी इस बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान कर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। इस उपचुनाव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत अब EVM (Electronic Voting Machine) में कैद हो चुकी है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है। मतगणना 14 नवंबर को होगी।  

त्रिकोणीय जंग के लिए घाटशिला मैदान में, प्रतिष्ठा बचाने उतरे दिग्गज

घाटशिला झारखंड के घाटशिला अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित विधानसभा उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने यहां बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कल सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान होगा और इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 14 नवंबर को होगी मतगणना चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बीते रविवार शाम पांच बजे प्रचार थमने के बाद से ही क्षेत्र में बाहरी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर ही संपर्क साध सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद घाटशिला के नए विधायक का नाम स्पष्ट हो जाएगा। मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 10 कंपनियों की भी तैनाती की गई है। कुल 300 मतदान केंद्रों पर 1,200 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि 120 कर्मी रिजर्व के रूप में रखे गए है। बिष्टुपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज से कर्मियों को भेजा जा रहा है। मतदान स्थल पर सुबह 5:30 बजे राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल होगा, ताकि वोटिंग प्रक्रिया का परीक्षण किया जा सके। क्षेत्र के 186 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जिन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए 30 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात होंगे। बीते रविवार शाम 5 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह थम चुका है। अब मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू है। इस दौरान किसी भी प्रकार की जनसभा, रोड शो या लाउडस्पीकर से प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्रिकोणीय मुकाबले के लिए घाटशिला तैयार बता दें कि झामुमो ने अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन संगठन की मजबूती और केंद्र सरकार की योजनाओं के भरोसे चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा जेएलकेएम के रामदास मुर्मू भी उपचुनाव में भाग ले रहे हैं जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इसके अलावा पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली उपचुनाव में भाग ले रहे हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र न होने की स्थिति में मतदाता एपिक के अलावा पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए भी मतदान कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के कारण इस क्षेत्र में उपचुनाव कराया जा रहा है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और मतदान कल यानी मंगलवार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक 300 मतदान केंद्रों पर होगा, जहां 2,56,352 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। इस क्षेत्र में पुरुष 1,25,114 और महिलाएं 1,31,235 मतदाता है, साथ ही 372 सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 16,601 नए युवा मतदाता भी पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 2,738 है, जबकि 1 एनआरआई मतदाता का नाम भी सूची में है।  

झारखंड CM हेमंत का विपक्ष को करारा संदेश: घाटशिला में दी सीधी चुनौती

घाटशिला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के नामांकन में शामिल हुए। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला के सर्कस मैदान में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान हेमंत सोरेन ने दिवंगत रामदास सोरेन को याद भी किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला विधानसभा क्षेत्र की जनता से आह्वान किया है कि इस बार वे ऐसा वोट करें कि विरोधी दल का जमानत जब्त हो जाए। उनका खाता भी खुलने नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि घाटशिला में विभिन्न राज्यों से आए एक दर्जन मुख्यमंत्री डेरा डाले हुए हैं, लेकिन वे दो दर्जन भी मुख्यमंत्री लाएं, झारखंड का यह मुख्यमंत्री उन पर भारी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग आग का गोला छोड़ने वाले हैं, लेकिन वह गोले का छक्का छुड़ाने के लिए तैयार हैं। ऐसा छक्का छुड़ाएंगे कि जहां से गोला आएगा, वहां से भी दूर चला जाएगा। इस बार ध्यान देना है, वोट नहीं बंटने देना है मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या संयोग था कि गुरुजी के निधन के कुछ ही दिनों बाद रामदास दा भी उनके साथ चले गए। दोनों का निधन दिल्ली में हुआ। कहीं न कहीं कोई ताकत थी जिसने ऐसी परिस्थिति पैदा की। हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछली बार घाटशिला की जनता ने झामुमो प्रत्याशी रामदास सोरेन को रिकार्ड मतों से विजयी दिलाई थी। 22 हजार मतों से उन्हें जिताया था। इस बार ध्यान देना है, वोट नहीं बंटने देना है।