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युवाओं के भविष्य को संवार रहा ग्लोबल स्किल पार्क, साकार हो रहा CM डॉ. यादव का सपना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन को साकार कर रहा ग्लोबल स्किल पार्क कौशल प्रशिक्षण से अंतर्राष्ट्रीय रोजगार तक पहुंच रहे मध्यप्रदेश के युवा तीन प्रशिक्षणार्थियों को मिला हंगरी जॉब भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क कौशल विकास की उस नई कार्य संस्कृति का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जहां प्रशिक्षण केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में कौशल विकास को औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं के लिए नए अवसर निर्मित किए जा रहे हैं। इसी दिशा में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश में कौशल आधारित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को अधिक उद्योगोन्मुख और रोजगारपरक बनाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। इसी क्रम में संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। हंगरी में रोजगार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम के विद्यार्थी लकी साहू तथा एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज पाठ्यक्रम के विद्यार्थी रौशन कुमार एवं मयंक जांगिड़ शामिल हैं। सिवनी, चंपारण और दौसा जैसे क्षेत्रों से आने वाले इन विद्यार्थियों ने यह सिद्ध किया है कि अवसर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने पर युवा वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। एसएसआरजीएसपी में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक मशीनों, सिम्युलेशन आधारित प्रशिक्षण, व्यवहारिक अभ्यास और उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ कार्यस्थल अनुशासन, व्यावसायिक व्यवहार, सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की समझ पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि संस्थान से प्रशिक्षित युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की अपेक्षाओं पर खरे उतर रहे हैं। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हंगरी में विद्यार्थियों का चयन प्रदेश के कौशल विकास मॉडल की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक कौशल, व्यवहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार मानव संसाधन ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला बनेंगे। इन विद्यार्थियों की सफलता उस व्यापक परिवर्तन का संकेत है जिसमें मध्यप्रदेश के युवा अब स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आने वाले समय में एसएसआरजीएसपी प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां स्थापित करेगा। हंगरी में इन तीनों विद्यार्थियों का चयन वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह SRF Limited में हुआ है। SRF विशेष रसायन, फ्लोरोकेमिकल्स, पैकेजिंग फिल्म्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में कार्यरत भारत की अग्रणी विनिर्माण कंपनियों में से एक है, जिसकी उत्पादन इकाइयाँ भारत के साथ-साथ यूरोप के हंगरी सहित कई देशों में संचालित हैं। कंपनी अपनी उन्नत तकनीक, वैश्विक गुणवत्ता मानकों और नवाचार आधारित कार्य संस्कृति के लिए जानी जाती है। ऐसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनी में रोजगार प्राप्त करना विद्यार्थियों के कौशल, प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता का प्रमाण है तथा यह दर्शाता है कि एसएसआरजीएसपी से प्रशिक्षित युवा वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित कर रहे हैं।  

कौशल प्रशिक्षण में ग्लोबल स्किल पार्क बना युवाओं की नई दिशा—मंत्री टेटवाल

ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को दे रहा है नई दिशा: मंत्री टेटवाल वर्ष 2026 बैच के स्वागत समारोह में 750 बच्चे एवं पेरेन्ट्स हुए शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की निरंतर बढ़ती प्रतिष्ठा के पीछे उसके तीन मूल स्तंभ गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्टता हैं, जिनके मार्गदर्शन में संस्थान का प्रवेश और प्लेसमेंट रिकॉर्ड प्रतिवर्ष नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य शासन के निरंतर सहयोग से प्रदेश के युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि रोजगार-योग्यता प्रदान की जा रही है, जिससे कौशल भारत मिशन को नई दिशा और गति मिल रही है। मंत्री टेटवाल ने यह बात संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में 2025–26 बैच के नए प्रशिक्षु छात्रों के लिए आयोजित स्वागत समारोह के अवसर पर कही। मंत्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था का दृढ़ संकल्प है कि हर विद्यार्थी को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। ज्ञान और कौशल का यह संगम हमारे युवाओं को न केवल नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें कुशल भारत के अग्रदूत के रूप में स्थापित करते हुए एक उज्ज्वल, समर्थ और सशक्त भविष्य के निर्माण में सक्षम बनाएगा। उन्होंने छात्रों से परिवार के सपनों का सम्मान करने, गुरुजनों के प्रति आदर बनाए रखने तथा संस्थान की विश्व-स्तरीय सुविधाओं का पूर्ण उपयोग कर स्वयं को प्रतिदिन अपग्रेड करने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम नए सत्र की शुरुआत के साथ छात्रों में कौशल विकास, अनुशासन और भविष्य की संभावनाओं के प्रति नई ऊर्जा उत्पन्न करेगा। सीईओ डॉ. गिरीश शर्मा ने बताया कि ग्लोबल स्किल पार्क में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या ने नए कीर्तिमान स्थापित किए है। पहली बार संस्थान में पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक छात्रों ने नामांकन किया, जो ग्लोबल स्किल पार्क की बढ़ती प्रतिष्ठा और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस बार असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड सहित अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र पहुँचे। परिसर में लगभग 750 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति ने एक उत्सवमय वातावरण उत्पन्न कर दिया। कई विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ पहुँचे, जिससे यह और स्पष्ट हुआ कि ग्लोबल स्किल पार्क राष्ट्रीय स्तर पर उन युवाओं की पहली पसंद बन रहा है, जो कौशल, अनुशासन और व्यापक करियर अवसरों के आधार पर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ना चाहते हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि संस्था के क्लब्स, समिति और मजबूत एलुमनी नेटवर्क विद्यार्थियों को उद्योगों से जुड़ने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था की प्राथमिक नीति "स्टूडेंट फर्स्ट" है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक निर्णय, प्रत्येक सुविधा और प्रत्येक प्रक्रिया का केंद्र बिंदु विद्यार्थी ही है। संस्थान का लक्ष्य हर विद्यार्थी को सुरक्षित, सहयोगी और विकास-उन्मुख वातावरण प्रदान करना है, जहाँ उनकी ज़रूरतें, सीखने की गति और करियर उन्नति सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहती है। स्वागत समारोह नए बैच के लिए संस्था की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण और सफल भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरक शुरुआत साबित हुआ।