samacharsecretary.com

चांदी का बुलबुला फूटा! एक झटके में ₹1 लाख की गिरावट, सोने के भाव भी टूटे

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट (Gold-Silver Price Crash) देखने को मिली है. एक ही दिन में जहां चांदी का भाव 1 लाख रुपये से ज्यादा टूट गया है, तो वहीं सोना भी एक झटके में 33000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है. न सिर्फ वायदा कारोबार में, बल्कि घरेलू मार्केट में भी इन कीमती धातुओं के दाम में अचानक तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक्सपर्ट पहले से ही ऐतिहासिक लेवल पर पहुंचे कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट का अनुमान जता रहे थे और हुआ भी कुछ ऐसा है. आइए जानते हैं गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश के पीछे के बड़े कारणों के बारे में…  देखते ही देखते फूटा चांदी का बुलबुला एक्सपर्ट्स के अनुमान सच साबित हुए हैं और आखिर चांदी का बुलबुला फूट गया (Silver Bubble Burst) है. जी हां, सिर्फ एक ही दिन में 1 Kg Silver Price एक लाख रुपये से ज्यादा कम हो गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते गुरुवार को तूफानी तेजी के साथ उछाल भरते हुए अपना नया हाई लेवल छूने के बाद अंत में 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई थी, वहीं शुक्रवार को वायदा कारोबार बंद होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट क्रैश (Silver Price Crash) हो गया और ये तेजी से गिरते हुए 2,91,922 रुपये पर आ गई. यानी एक झटके में ये 1,07,971 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई.  हाई से इतना टूटा चांदी का भाव  इससे ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही चांदी की कीमतों ने रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और ये 4,20,048 रुपये प्रति किलो के हाई लेवल पर पहुंच गई थी. लेकिन झटके में बुलंदियों पर पहुंची चांदी ने अचानक ही निवेशकों को तगड़ा झटका दिया और इस हाई लेवल से 1,28,126 रुपये महज एक दिन में ही सस्ती हो गई.  Silver ही नहीं, Gold भी धड़ाम न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने का बुलबुला भी फूटा है. 10 Gram 24 Karat Gold Rate में सिर्फ एक कारोबारी दिन में ही 33,113 रुपये की बड़ी गिरावट आई है. सिल्वर प्राइस बुरी तरह फिसलने के साथ-साथ गोल्ड रेट भी क्रैश हो गया. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव गुरुवार को 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और शुक्रवार को क्लोजिंग तक ये फिसलकर 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.  अगर सोने के हाई लेवल से इसकी कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो गुरुवार को ही Gold Rate भी चांदी की तरह ताबड़तोड़ तेजी लेकर 1,93,096 रुपये के अपने लाइफ टाइम हाई पर पहुंचे थे और फिर अचानक इसमें ऐसी गिरावट आई कि सोना इस हाई से 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.  अचानक क्यों आई ये बड़ी गिरावट?  सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बीच एक्सपर्ट्स पहले सी ही अनुमान जता रहे थे कि ये इस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद तेजी से फिसल भी सकता है और उनके अनुमान शुक्रवार को सच भी साबित हो गए. अगर इन कीमती धातुओं के भाव में आई गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई वजह नजर आती हैं.  Gold-Silver Crash का एक बड़ा कारण मुनाफासूली रही, ऐतिहासिक लेवल पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने सोना-चांदी में प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी और बिकवाली के दबाव में झटके में दोनों के दाम बिखर गए. न सिर्फ सोना-चांदी, बल्कि इनके ईटीएफ (Gold-Silver ETF Crash) भी बिखरे हुए नजर आए. इसमें अमेरिकी डॉलर में आई तेजी का भी बड़ा रोल रहा. आमतौर पर जब US  Dollar मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए गोल्ड- सिल्वर खरीदना महंगा पड़ता है और इनकी डिमांड घट जाती है, जिससे कीमतें भी कम होती है. डॉलर के साथ ही US Treasury की यील्ड भी बढ़ी है और निवेशकों को सुरक्षित बॉन्ड में ज्यादा रिटर्न नजर आने लगा है, जिससे ये बिकवाली देखने को मिली. वहीं डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से ग्लोबल टेंशन में कमी और US Fed में जेरोम पॉवेल की जगह उनके पसंदीदा व्यक्ति केविन वार्श की एंट्री से जुड़ी खबरों ने भी सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाया है. 

कीमती धातुओं की उछाल, जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर की वित्त मंत्री से मांगें क्या हैं

नई दिल्ली भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग बजट 2026-27 से कुछ ठोस कदमों की उम्मीद कर रहा है ताकि बढ़ती कीमतों, वैश्विक अनिश्चितता और बदलती ग्राहक पसंद के दौर में इस क्षेत्र को मजबूती मिल सके। सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जिससे गहने आम उपभोक्ता की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल इस साल अब तक सोने की कीमतों में लगभग 17% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल 64% के उछाल के बाद आई है। चांदी की कीमतों में पिछले साल 147% का भारी उछाल देखा गया। इसका कारण सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, अमेरिकी मौद्रिक नीति में ढील और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में रिकॉर्ड निवेश है। उपभोक्ता मांग स्थिर, लेकिन सतर्क सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद उपभोक्ताओं की मांग बनी हुई है, हालांकि अब वे ज्यादा सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारत में गहने सिर्फ एक भावनात्मक खरीद ही नहीं, बल्कि पैसे जमा करने का एक जरिया भी हैं। सेंको गोल्ड के सीईओ की सलाह सेंको गोल्ड के एमडी एवं सीईओ सुवांकर सेन का कहना है कि आने वाले साल में गहनों की किफायती पहुंच अहम होगी। उन्होंने छोटे टिकट वाले ईएमआई विकल्पों को विनियमित करने और ज्वेलरी पर मौजूदा 3% जीएसटी दर की समीक्षा का सुझाव दिया है। साथ ही, 6% सोना आयात शुल्क पर पुनर्विचार, कारीगरों के लिए प्रशिक्षण, तकनीक अपनाने और घरेलू मांग पूरी करने के लिए एसईजी इकाइयों को लचीलेपन की जरूरत बताई है। निर्यातकों की चिंता और मांग स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के एमडी मंगेश चौहान के मुताबिक, उद्योग वैश्विक चुनौतियों के बीच लागत कम करने और व्यवसाय में आसानी के लिए समझदारी भरी सुधारों की मांग कर रहा है। आयात शुल्क में तर्कसंगत कमी, सीमा शुल्क प्रक्रिया को आसान बनाने, जीएसटी को घटाकर 1 से 1.25% करना और टूरिस्ट जीएसटी रिफंड स्कीम को जल्द लागू करना उनकी प्रमुख मांगें हैं। मलाबार ग्रुप के अध्यक्ष का नजरिया मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद उम्मीद जताते हैं कि पिछले साल सोने के आयात शुल्क में कटौती के बाद इस बार भी नीतिगत निरंतरता बनी रहेगी। वह सोने के मुद्रीकरण योजना को और आकर्षक बनाने पर जोर देते हैं ताकि घरों में पड़े सोने को अर्थव्यवस्था में लगाया जा सके और आयात निर्भरता घटे। हीरे के कारोबार की अपेक्षाएं डिवाइन सॉलिटेयर्स के एमडी जिग्नेश मेहता कहते हैं कि नेचुरल डायमंड पर 5% आयात शुल्क घटाकर 2.5% किया जाना चाहिए, जिससे निर्यात, रोजगार और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्राकृतिक और लैब-ग्रोन डायमंड में अंतर स्पष्ट करने वाली बीआईएस अधिसूचना एक सही कदम थी। लैब-ग्रोन डायमंड को बढ़ावा लुकसन के सीईओ आनंद लुखी मानते हैं कि बजट में लैब-ग्रोन डायमंड को एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। कच्चे माल और मशीनरी पर शुल्क में कमी, अपग्रेडेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहन और एमएसएमई को आसान कर्ज मुहैया कराना इसके विकास के लिए जरूरी है। भविष्य की राह जेन डायमंड के चेयरमैन नील सोनावाला आशा करते हैं कि बजट में समकालीन और हल्के डिजाइन वाले हीरे के गहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए संगठित खुदरा कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। एक ऐसा बजट जो डिजिटल समर्थन, मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाए, ज्वेरी सेक्टर के अगले चरण के विकास का रास्ता खोलेगा। कुल मिलाकर, उद्योग एक संतुलित बजट की उम्मीद कर रहा है जो गहनों को किफायती बनाए, निर्माण और निर्यात को मजबूत करे और भारत को वैश्विक गहना बाजार में एक ताकत के रूप में स्थापित करने में मदद करे।

सोना-चांदी की रफ्तार तेज, आज फिर बढ़े दाम, जानें ताजा कीमतें

इंदौर   देशभर में सोने-चांदी के भाव साल के पहले महीने जनवरी में ही सारे रिकॉर्ड तोड़ते नजर आ रहे हैं. बीते दिन ही जहां सोने में ₹3 हजार रुपये की गिरावट दर्ज हुई थी तो वहीं चांदी भी ₹10 हजार सस्ती हुई थी. लेकिन इसके अगले हीं दिन एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (23 जनवरी) को फिर सोने-चांदी ने रफ्तार पकड़ ली है.  फिर बढ़े सोने-चांदी के दाम राजधानी भोपाल समेत देशभर में बीते दिन सोने-चांदी के भाव में तेज गिरावट दर्ज हुई थी लेकिन इसके अगले ही दिन यानी आज फिर सोने के रेट में बाजार खुलते ही ₹1,930 की बढ़त दर्ज हुई है. इसके साथ ही आज चांदी भी सुबह ही ₹9,440 रुपये महंगी हुई है. अब बाजार शुरू होने के साथ ही सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं. भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 1,59,080 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल में चांदी का भाव आज: 3,36,470 रुपए प्रति 1 किलो देशभर में सोने-चांदी फिर महंगे सोने-चांदी के दाम की बात करें तो आज फिर देशभर के बाजारों में सोने-चांदी के भाव ने रफ्तार पकड़ ली है. इसी बीच जानें नई दिल्ली में सोने-चांदी का ताजा भाव, जो कुछ इस प्रकार हैं. नई दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 1,58,710 रुपए प्रति 10 ग्राम भारत में चांदी का भाव आज: 3,35,510 रुपए प्रति 1 किलो हालमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs में आई बड़ी गिरावट, 12% तक गिरे भाव, जानें क्यों हुआ क्रैश

नई दिल्‍ली गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. दोपहर के कारोबार के दौरान सिल्‍वर ईटीएफ 12 फीसदी तक और गोल्‍ड ईटीएफ 8 फीसदी तक गिर गए. यह गिरावट सुबह के कारोबार के दौरान सोने-चांदी के रेट में बड़ी गिरावट के कारण आया है.  वायदा बाजार MCX पर सोना और चांदी के दाम गुरुवार की सुबह तेजी से गिरे थे. चांदी 20 हजार रुपये तक टूट गई थी और सोने की कीमतों में 4000 रुपये तक की गिरावट आई. हालांकि कुछ देर बाद सोने और चांदी के दाम रिकवर कर गए. दोपहर 12.20 बजे एमसीएक्‍स पर सिल्‍वर 600 रुपये गिरकर 3,17,951 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था. वहीं गोल्‍ड के दाम 400 रुपये टूटकर 1,60,029 रुपये पर था. लेकिन सोना और चांदी ETFs अभी भी बड़ी गिरावट पर थे.  इंट्राडे के दौरान टाटा सिल्‍वर ईटीएफ करीब 25 फीसदी टूट गया था, लेकिन अभी 13 फीसदी गिरकर कारोबार कर रहा है. सिल्‍वर बीस में 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 285 पर करोबार  कर रहा है.  गोल्‍ड बीस में भी 8 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. टाटा गोल्‍ड 9 फीसदी टूट गया है. HDFC, ICICI, SBI जैसे सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ भी करीब 9 प्रतिशत त‍क गिरे हैं.  सोना-चांदी के दाम क्‍यों गिरे?  सोने और चांदी के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट की वजह ट्रंप को माना जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत की अच्‍छी डील जल्‍द होने जा रही है. उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्‍छा दोस्‍त बताया है. Donald Trump ने कहा कि PM Narendra Modi को लेकर उनके मन में बहुत सम्मान है, वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है. इस बयान के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी आई और गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम क्रैश हो गए, जिस कारण ईटीएफ भी तेजी से टूटे.  ग्रीनलैंड पर क्‍या दिया बयान?  अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर ऐसा समझौता किया जाएगा, जो अमेरिका और नाटो दोनों के लिए अच्‍छा हो. हालांकि उन्‍होंने यह भी स्‍वीकार किया है कि ग्रीनलैंड पर कब्‍जे की कार्रवाई से अमेरिका में यूरोपीय देशों के निवेश पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ सकता है.  ग्‍लोबल टेंशन में कटौती  ट्रंप के इन दोनों बयान के कारण ग्‍लोबल टेंशन थोड़ा कम होते हुए दिखाई दे रहा है. जिस कारण सेफ असेट माने जाने वाले Gold Silver के दाम में गिरावट आई है और सिल्‍वर-गोल्‍ड ईटीएफ के दाम में बिखर गए हैं.  मुनाफावसूली भी वजह  गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए थे, लेकिन जैसे ही सोने और चांदी के दाम में गिरावट शुरू हुई निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग करनी शुरू कर दी. सोने और चांदी में प्रॉफिट बुकिंग के साथ ही इनके ईटीएफ में भी प्रॉफिट बुकिंग जारी है. 

गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs के दाम पहुंचे रिकॉर्ड हाई, अब बेचें या खरीदें? जानें क्या करना सही रहेगा

नई दिल्‍ली ग्‍लोबल अनिश्चितता और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण कीमती धातुओं के दाम में उछाल रुक नहीं रही है. सोना और चांदी के दाम अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं. इस बीच, सिल्‍वर और गोल्‍ड ETF में भी खरीदारी तेजी से बढ़ रही है. ज्‍यादातर निवेशकों ने तो इन मेटल में SIP तक शुरू कर दी है. दूसरी ओर, सालाना आधार पर सोने की कीमतों में 80 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है, जबकि चांदी की कीमतें 190 फीसदी बढ़ी हैं. वहीं पिछले एक साल में सिल्‍वर ETF में 188% की उछाल आई है और गोल्‍ड ईटीएफ ने 80 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है.  सिल्‍वर और गोल्‍ड ETFs अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए हैं. आइए जानते हैं क्‍या इसमें प्रॉफिट बुक करने का सही मौका है.    अभी निवेशकों को क्‍या करना चाहिए?  बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेजी के बाद लॉन्‍गटर्म प्रॉफिट की उम्मीदों के लिए नए निवेश आदर्श नहीं हो सकते हैं. उनका कहना है कि लॉन्‍गटर्म निवेशक निवेशित रह सकते हैं, लेकिन अधिक समझदारी भरा तरीका यह होगा कि अतिरिक्त निवेश को कम किया जाए और पोर्टफोलियो को फिर से रिस्‍ट्रक्‍चर करें. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि अभी निवेशकों को थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग कर लेनी चाहिए और जब करेक्‍शन आए तो खरीदारी करनी चाहिए.   क्‍यों अभी नहीं करना चाहिए निवेश?  इसके पीछे का तर्क समझाते हुए एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी चीज की अत्यधिक मांग होने पर,  कुछ छूट जाने का डर (FOMO) बन जाता है, जिस कारण लोग हाई रेट पर भी खरीदारी कर लेते हैं. यह सबसे बड़ी गलती होती है, क्‍योंकि रिकॉर्ड हाई के बाद जब गिरावट आती है तो निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. अपने अनुभव को शेयर करते हुए सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (सीएफपी) और फाइनेंशियल रेडियंस के संस्थापक राजेश मिनोचा ने ईटीएम्यूटुअलफंड्स को बताया कि चांदी लॉन्‍गटर्म मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म के दौरान इसमें गिरावट का रिस्‍क है.  उन्‍होंने कहा कि सिल्‍वर प्राइस में करीब 200 फीसदी की उछाल के बाद अभी निवेश करना उचित नहीं होगा. हालांकि लॉन्‍ग्‍टर्म निवेशक अभी भी बाजार में बने रह सकते हैं, लेकिन अतिरिक्‍त निवेश को कम करना और एक लक्ष्‍य के साथ सीमित अमाउंट तक ही निवेश करना सही फैसला होगा.  फिस्डम के रिसर्च उपाध्यक्ष सागर शिंदे ने ET को बताया कि चांदी के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण रिस्‍क बढ़ गया है. तेज उछाल के बाद अब बड़ा लाभ कमाने वाले निवेशक इसमें शॉर्टटर्म प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं. इसी तरह सोने के रिकॉर्ड हाई पर होने के कारण एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी निवेशकों को स्थिरता का इंतजार करना चाहिए, फिर इसमें निवेश बढ़ाया जा सकता है. लॉन्‍गटर्म नजरिए के लिए गोल्‍ड में निवेशित रह सकते हैं, लेकिन अभी नए निवेश से बचना चाहिए.  क्‍यों इतनी तेज से भाग रही चांदी?      चांदी की कीमतों में उछाल के कई कारण सामने आए हैं, जिसमें औद्योगिक मांग सबसे बड़ी वजह है, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स से लेकर सोलर एनर्जी तक में चांदी की डिमांड तेजी से बढ़ी है. चांदी को अब सोने के विकल्प के बजाय एक वैल्‍यूवेबल औद्योगिक सामग्री के रूप में देखा जा रहा है.      दूसरा सबसे बड़ा कारण ग्‍लोबल जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी खरीदी जा रही है. जिस कारण सिल्‍वर ईटीएफ का वेटेज बढ़ा है.      चांदी के रेट में बढ़ोतरी का तीसरा बढ़ा कारण आपूर्ति की कमी, खनन में सीमित निवेश है.   MCX पर सोने-चांदी के रेट्स  5 मार्च वायदा के लिए चांदी के दाम गुरुवार को करीब 600 रुपये चढ़कर 292152 रुपये प्रति किलो पर थे, जो इसके रिकॉर्ड हाई के काफी करीब है. 5 फरवरी वायदा के लिए गोल्‍ड के रेट करीब 70 रुपये टूटकर 143056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. 

सोने और चांदी के रेट में बदलाव, चांदी में आई भारी उछाल, जानिए ताजे दाम

इंदौर   साल 2026 की शुरुआत भारतीय सर्राफा बाजार के लिए काफी हलचल भरी रही है। जहाँ साल 2025 में कीमती धातुओं की कीमतों ने आसमान छुआ था, वहीं नए साल के दूसरे दिन यानी 2 जनवरी 2026 को बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। आज भारत में सोने और चांदी की कीमतें  पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की चाल लगभग एक जैसी बनी हुई थी, लेकिन आज यह सिलसिला टूट गया। शुक्रवार को देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत ₹1,36,764 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास रही। वहीं, 22 कैरेट सोना, जिसका उपयोग गहने बनाने में सबसे ज्यादा होता है, ₹1,25,367 रुपये के स्तर पर पहुँच गया। दूसरी ओर, चांदी के खरीदारों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। आज एक किलो चांदी का भाव गिरकर 2,37,900 रुपये हो गया है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स और औद्योगिक मांग में बदलाव के कारण चांदी की कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है। एमसीएक्स पर सोना हुआ मजबूत शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.63 फीसदी यानी 856 रुपये की तेजी के साथ 1,36,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। अच्छी हाजिर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। अनिश्चित वैश्विक हालात में सोना एक बार फिर सेफ हैवन एसेट बनकर उभरा है। चांदी में जबरदस्त उछाल आज चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्डतोड़ तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2.76 फीसदी या 6,502 रुपये की छलांग के साथ 2,42,375 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने चांदी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स पर सोना 1.07 फीसदी या 46.60 डॉलर की तेजी के साथ 4,387.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कॉमेक्स पर इसका भाव 3.47 फीसदी बढ़कर 73.05 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट में भी 2.48 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं आगे भी सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकती हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है।

2026 की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, चांदी 227900 रुपये प्रति किलो, गोल्ड 137145 रुपये प्रति 10 ग्राम

इंदौर  नए साल की शुरुआत सोने-चांदी के दाम में गिरावट के साथ हुई। आज चांदी के भाव 2520 रुपये टूटकर 227900 रुपये प्रति किलो पर आ गए। सोने के भाव में महज 44 रुपये की गिरावट हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 234737 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 137145 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। बुधवार को चांदी बिना जीएसटी 230420 रुपये पर बंद हुई। इसी तरह सोना बिना जीएसटी 136781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बिना जीएसटी सोना 133195 रुपये पर बंद हुआ था। सोना 29 दिसंबर 2025 के ऑल टाइम हाई 138181 से 5010 रुपये सस्ता हो चुका है। जबकि, चांदी 243483 से 15538 रुपये टूटी है। यह रेट आईबीजेए द्वारा जारी किए गए हैं। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। Gold-Silver Price Today, 1 January 2026: नए साल की शुरुआत में सोना-चांदी के लेटेस्ट भाव   शुद्धता बुधवार शाम का रेट गुरुवार सुबह का रेट कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 133195 133151 ₹44 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 132662 132618 ₹44 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 122007 121966 ₹41 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 99896 99863 ₹33 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 77919 77893 ₹26 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999 230420 227900 ₹2520 सस्ती कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 44 रुपये टूटकर 132618 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 136596 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 41 रुपये गिरकर 121966 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। जीएसटी संग यह 125624 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 33 रुपये की गिरावट के साथ 99863 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 102858 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 26 रुपये टूटा है। आज यह 77893 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 80229 रुपये पर है। सर्राफा कीमत इससे पहले कमजोर वैश्विक रुख और मजबूत डॉलर को देखते हुए बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमत में गिरावट आई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही और यह 1,300 रुपये टूटकर 1,37,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई और छह दिन की रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला टूट गया। स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2,000 रुपये गिरकर 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम रही।  

सोने में गिरावट, चांदी में उछाल: आज का गोल्ड-चांदी भाव (14 नवंबर)

इंदौर  अगर आपके घर में शादी या कोई खास फंक्शन है और आप सोना या चांदी खरीदने के लिए बाजार जाने का सोच रहे है तो पहले ताजा भाव जान लीजिए। आज 14 नवंबर को सोने के दाम में 770 रूपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है वही चांदी की कीमतों में 100 रूपए प्रति किलो का उछाल आया है।आज शुक्रवार को 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1, 17,350 , 24 कैरेट का भाव 1,28,000 और 18 ग्राम सोने का रेट 96,040 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। वहीं 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today) 1, 73, 100 रुपए चल रहा है। आईए जानते है आपके शहर का 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव…… शुक्रवार का 18 कैरेट सोने का ताजा भाव     दिल्ली व जयपुर सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 96,040/- रुपये।     कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 95,890/- रुपये।     इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 96,890 चल रहा है।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 98, 750/- रुपये पर ट्रेड कर रही है। शुक्रवार का 22 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,17,300/- रुपये ।     जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 1,17, 350/- रुपये ।     हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 1 17,200/- रुपये ट्रेंड कर रहा है। शुक्रवार का 24 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,27,900 रुपये     दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1, 28, 000/- रुपये।     हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 1,27, 850/- रुपये ।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,29, 160 /- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है। पढ़िए शुक्रवार का आपके शहर का चांदी का लेटेस्ट रेट     जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 1,73,100 /- रुपये     चेन्नई, मदुरै , विजयवाड़ा, विशाखापटनम, हैदराबाद और केरल सराफा बाजार में कीमत 1,82,100/- रुपये।     भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 1,73,100/ रुपए ट्रेंड कर रही है। कैसे चेक करें प्योरिटी? सोना खरा है या नहीं?     ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।24     कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए।     22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं।22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।     24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।     24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं और इसी के आभूषण बनाते है। चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम     सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्यूलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है। हालांकि चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं।     हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि गहना किस शुद्धता का है और वह असली है या नहीं।     भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और     990 तय किए हैं। 925 या 9250 अंक का मतलब है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।

सोने और चांदी के दामों में तेजी, 22-24 कैरेट गोल्ड की नई कीमतें

इंदौर  अक्टूबर महीने के अंतिम दिन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल आया है. आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार 30 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम 109571 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 अक्टूबर को 110667 रुपये तक पहुंच गया है. Gold-Silver Price Today 31 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                     शुद्धता        गुरुवार शाम का रेट                शुक्रवार सुबह का रेट        कितना महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     119619                                120815                          1196 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     119140                                  120331                       1191 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     109571                                  110667                       1096 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     89714                                   90611                           897 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     69977                                   70677                         700 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                   146783                                 149142                         2359 रुपये महंगी IBJA रेट (गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025) कल गुरुवार, 30 अक्टूबर को भी सुबह के मुकाबले शाम को सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी हुई थी. सोने का भाव(999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹119253  प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹119619 प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹145600 प्रति किलो शाम का रेट: ₹146783 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.  

गोल्ड 1 लाख से नीचे जा सकता है! चांदी पर भी संकट, जानें कौन से 4 कारण बनेंगे वजह

मुंबई  सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है. जब दुनिया में तनाव या युद्ध का माहौल होता है, तब निवेशक सोने की ओर भागते हैं, क्योंकि बाकी बाजारों में अनिश्चितता बढ़ जाती है. लेकिन जब दुनिया में शांति का माहौल होता है, तो सोने की कीमतें गिरने लगती हैं. इस समय कई ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं, जिससे संभावना है कि आने वाले महीनों में सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क सकता है. आइए जानते हैं वे चार बड़े कारण, जो इस गिरावट की वजह बन सकते हैं. खास बात ये है कि इन चारों के लिए सूत्रधार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही हैं. दरअसल, पिछले कुछ महीनों में मंदी, युद्ध की आहट और टैरिफ टेंशन की वजह से सोने-चांदी की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं. लेकिन अब दुनिया में सबकुछ ठीक होने लगे हैं, जिसके संकेत मिल रहे हैं, देशों के बीच रिश्ते सुधरने लगे हैं. जिससे निवेशकों का शेयर बाजार पर भरोसा लौटने लगा है, यही कारण है कि सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ सकती है.  जानकारों का कहना है कि अगर कुछ बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में सकारात्मक मोड़ आते हैं, तो सोने की कीमतें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क सकती हैं.  आइए जानते हैं वो चार कारण, जिन वजहों से टूट सकती हैं सोने-चांदी की कीमतें…. 1. अमेरिका और चीन में ट्रेड डील  अमेरिका और चीन, दुनिया के दो ताकतवर देश हैं, इन दोनों के बीच कुछ सालों से ट्रेड वॉर, टैरिफ और सप्लाई चेन की खींचतान ने ग्लोबल बाजारों को अस्थिर कर रखा था. लेकिन खबर है कि दोनों ट्रेड डील के करीब हैं. दुनिया राहत की सांस लेने वाली है, खुद चीन अमेरिका से मुकाबले के लिए सोने का भंडार बढ़ा रहा था. जिससे कीमतें बढ़ने लगी थीं.  लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. दोनों देशों के बीच लगातार सकारात्मक बातचीत चल रही है, और एक बड़ा व्यापार समझौता जल्द होने वाला है. अगर ऐसा होता है, तो निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार और उद्योगों में लौटेगा. अमेरिका-चीन ट्रेड डील सोने के लिए एक बड़ा नकारात्मक ट्रिगर साबित हो सकती है, और भाव टूट सकता है. 2. भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता  भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है. ऐसे में अगर भारत और अमेरिका के बीच मजबूत व्यापारिक रिश्ते बनते हैं, तो इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा. एक नए ट्रेड पैक्ट से भारत को विदेशी निवेश मिलेगा, रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा, और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. जब रुपया मजबूत होता है, तो भारत में सोना खरीदना सस्ता पड़ता है, क्योंकि हमें कम रुपये में ही समान मात्रा का सोना मिल जाता है. इसका असर यह होगा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें गिर सकती हैं, भले ही अंतरराष्ट्रीय दरें स्थिर रहें, यानी जो निवेशक सोने में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में राहत मिल सकती है. यह दूसरा बड़ा कारण होगा जो सोने को 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे धकेल सकता है. 3. इजरायल-हमास संघर्ष विराम  मध्य पूर्व की धरती हमेशा से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालती आई है. इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष ने न केवल मानवीय संकट बढ़ाया, बल्कि ग्लोबल बाजार में भी डर का माहौल बनाया. तेल महंगा हुआ, सप्लाई चेन पर असर पड़ा, और निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सोना खरीदा है. लेकिन अब खबर है कि दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बातचीत आगे बढ़ रही है. खुद ट्रंप इसकी अगुवाई कर रहे हैं. अगर यह सच्चाई में बदलता है, तो बाजारों में स्थिरता आएगी. इस वजह से भी सोने की चमक भी मंद पड़ जाती है. निवेशक अपना पैसा शेयर, बॉन्ड और रियल एस्टेट जैसे प्रॉफिट वाले सेक्टरों में लगाने लगते हैं. इससे सोने की कीमतें स्वाभाविक रूप से गिरने लगती हैं. 4. पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सीजफायर दक्षिण एशिया में अस्थिरता की वजह से अंतरराष्ट्रीय निवेशक अक्सर सतर्क रहते हैं. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अगर स्थायी सीजफायर हो जाता है, तो इस क्षेत्र में भी आर्थिक स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा. हालांकि इन दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कोई बड़ा योगदान नहीं है. लेकिन शांति का माहौल व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास के लिए दरवाजे खोल देगा.  निवेशक ऐसे माहौल में जोखिम लेने को तैयार होते हैं और जब निवेशक शेयर बाजारों की ओर लौटते हैं, तो सोने की मांग घट जाती है. यानी दक्षिण एशिया में अगर बंदूकें खामोश होती हैं, तो सोने की कीमतें भी शांत हो जाएंगी.  हालांकि इन चार घटनाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की भूमिका है, ऐसे में अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन चारों पहलुओं को अपने हिसाब से डील कराने में सक्षम रहते हैं, तो सोने का ग्राफ नीचे आना तय है.