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जवाहर बाल भवन के स्थापना दिवस समारोह का हुआ गरिमामय समापन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सही मंच देना समाज और सरकार दोनों की साझी जिम्मेदारी है। मंत्री भूरिया मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित 'जवाहर बाल भवन, भोपाल' के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक प्रतियोगिताओं के गरिमामय समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने विभिन्न रचनात्मक विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। दशकों से प्रतिभाओं को निखार रहा है जवाहर बाल भवन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री भूरिया ने बच्चों की अद्भुत और बहुमुखी प्रतिभा की जमकर सराहना की। जवाहर बाल भवन वर्ष 1987 (स्थापना 3 जुलाई 1987) से ही लगातार 5 से 16 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की रचनात्मकता और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को बाहर लाने का एक सशक्त और विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है। इस वर्ष आयोजित 'समर कैम्प 2026' के अंतर्गत बच्चों के कौशल विकास के लिए विशेष और अत्याधुनिक कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं, जिससे बच्चों को अपनी कला को नया आयाम देने का मौका मिला। 10 से अधिक विधाओं में बच्चों ने दिखाया हुनर स्थापना दिवस के उपलक्ष में 3 जुलाई से लगातार संगीत, नृत्य, चित्रकला, नाटक, गृह-विज्ञान, मूर्तिकला, हस्तकला, कम्प्यूटर, खेलकूद और आधुनिक अभिनय कला जैसी 10 से अधिक विभिन्न विधाओं के अंतर्गत साप्ताहिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा था। इन प्रतियोगिताओं में शहर के सैकड़ों बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। समारोह में प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभावान बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, विभाग की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता तथा जवाहर बाल भवन भोपाल की संचालक श्रीमती उषा सोलंकी ने संयुक्त रूप से सभी विजेता बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर, अभिजीत सोलंकी भी उपस्थित रहे। मंत्री भूरिया ने सभी पुरस्कार विजेताओं और सहभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

​राजस्व मंत्री ने ग्राम झोंका को दी विकास कार्यों की सौगात, 27 लाख रुपए से अधिक की नई घोषणाएं

​रायपुर  राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के चहुंमुखी विकास और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत झोंका में विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिली। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने यहाँ विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के विकास को और गति देने के लिए 27 लाख रुपये से अधिक की नई विकास योजनाओं की घोषणा भी की।        ​ग्राम झोंका में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री वर्मा ने महामाया मंदिर सामुदायिक भवन, केश डबरी प्रवेश द्वार, पचरी निर्माण, महतारी सदन, मुक्तिधाम शेड, तालाब गहरीकरण तथा रंगमंच भवन सहित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने कुर्मी पारा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण कर उसे आम जनता को समर्पित किया। ​गांवों के चहुँमुखी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों की तरक्की के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना हमारी प्राथमिकता है ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में राशि की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। ​इन महत्वपूर्ण कार्यों की हुई घोषणा    ​ ग्रामीणों की पुरजोर मांग और क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए राजस्व मंत्री ने कार्यक्रम के मंच से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं,जिसमे ​प्राथमिक शाला में सुलभ शौचालय निर्माण हेतु 2 लाख रुपये,​ छापड़ तालाब के गहरीकरण के लिए 10 लाख रुपये,​ मुक्तिधाम में शेड निर्माण के लिए 7 लाख रुपये,​ तालाबों में पचरी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये और ​सामुदायिक भवन एवं ज्योति कक्ष निर्माण हेतु 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए उन्होंने जागृति महिला मंडल को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि देने की भी सहर्ष घोषणा की। ​    ​ इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, बलौदाबाजार जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा ग्राम पंचायत झोंका के सरपंच हरीराम धुव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

चार गुना मुआवजे और ऋण अदायगी की तिथि बढ़ाने के निर्णय प्रशंसनीय कृषकों ने माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर किसान कल्याण के निर्णयों के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कृषकों के कल्याण के कार्य निरंतर होंगे। अन्नदाता को सम्मान के साथ उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रतिनिधि मंडल ने गेहूं खरीदी में मध्यप्रदेश की उपलब्धि के लिए हर्ष व्यक्त करते हुए किसानों के लिए की गई बेहतर व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर 13.42 लाख किसानों से 104.36 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसान संख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत में प्रथम है। उपार्जन की दृष्टि से पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा है। प्रदेश में 9अप्रैल से 28 मई की अवधि में उपार्जन किया गया। समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल के साथ ही 40रुपए बोनस राशि मिलाकर किसान को प्रति क्विंटल 2625 रुपए प्रति क्विंटल के भुगतान की व्यवस्था करवाई गई। किसानों को 27 हजार 196.48 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान प्रदेश में किया जा चुका है। किसानों ने ऋण अदायगी के लिए 31 मार्च की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई किए जाने और विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में 4 गुना मुआवजा देने का प्रावधान करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णय प्रशंसनीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर किसानों ने कृषक हित से संबंधित कुछ सुझाव भी दिए। इनमें मूंग खरीद व्यवस्था और मूंग-उड़द के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करवाने, नहरों को तालाबों से जोड़ने के सुझाव शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल में  कमल सिंह आंजना,  चंद्रकांत गौर के साथ  सर्वज्ञ दीवान,  लक्ष्मी नारायण पटेल,  प्रह्लाद पटेल आदि शामिल थे।  

वनौषधि परंपरा के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध: वन मंत्री केदार कश्यप का बयान जड़ी-बूटी विरासत बचाने पर

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा , विधायक  किरण सिंह देव, विधायक  अनुज शर्मा और विधायक  इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।        वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन  अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।          समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि  शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक  किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि  शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।      कार्यक्रम में  अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग  अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम,  लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण  नंदकुमार साहू , जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य मती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास,  रमेश सिंह ठाकुर,  अशोक पाण्डे,  श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव  सुरेन्द्र पाटनी,  अमित साहू,  आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।