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समाज का सेवा भाव देखना अत्यंत आनंददायी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल जांच शिविर में कहा भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक एक भी बच्चा आनुवंशिक सिकल सेल रोग के साथ जन्म नहीं ले, यह संकल्प लिया है। सिकल सेल को खत्म करने में जन और जन प्रतिनिधि को सरकार का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का सेवा भाव अत्यंत आनंददायी होता है। रोगियों के पोषण और अन्य जरूरतों में सहयोग मानवता की उत्तम सेवा है। राज्यपाल श्री पटेल खरगोन जिले के कसरावद के ग्राम पानवा में आयोजित सिकल सेल जांच शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग को खत्म करने के लिए जागरूकता का प्रसार जरूरी है। सिकल सेल के रोगियों को ठंडे पानी से नहाने और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, नियमित दवा के सेवन के साथ व्यायाम करना और अधिक पानी पीना चाहिए। डिजिटल कार्ड का मिलान करने के बाद ही विवाह तय किए जाएँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 89 पेसा समितियों द्वारा जन जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में आम जन और जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खरगोन जिले में 10 लाख व्यक्तियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री श्री मोदी की निर्धन और जनजातीय वर्ग के लिए संवेदनशीलता का परिणाम पीएम आवास योजना, बिरसा मुंडा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना है। सरकार योजनाबद्ध रूप से योजनाओं पर कार्य कर रही है। नागरिकों को भी प्रयास करना होगा कि उनके आसपास के शासकीय योजनाओं के पात्रों को अनिवार्य रूप से लाभ मिले। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं सिकल सेल पेंशन प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, निक्षय मित्र आहार किट, जाति प्रमाण पत्र, नवनिर्मित पीएम आवास की चाबी, लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रमाण पत्र आदि के हितलाभ वितरित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी जांच, कुष्ठ जांच, बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन जांच और औषधि वितरण सहित आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा का अवलोकन किया और शिविर में किए गए पंजीयन और जांच की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा मैक्रम उत्पाद, महेश्वर हैंडलूम साड़ी, मिर्च मसाले, शहद, जैविक हल्दी और जैविक तुअर दाल, फूलबत्ती, चायपत्ती उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और समूह की दीदियों से उनके उत्पादों की विशिष्टता जानी। राज्यपाल के स्वागत में जनजातीय कार्य विभाग की छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सांसद खरगोन श्री गजेंद्र सिंह पटेल, डीएटीसीसी सदस्य श्रीमती नंदा ब्रह्मणे ने भी संबोधित किया। सीईओ जिला पंचायत श्री आकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रधानमंत्री आवास हितग्राही के घर किया भोजन राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम पंचायत खलबुजुर्ग के प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही श्रीमती अन्नूबाई और अशोक मेवाड़े के नवनिर्मित आवास में पारंपरिक निमाड़ी भोजन ग्रहण किया। राज्यपाल के आगमन पर मेवाड़े दंपत्ति ने पुष्प-वर्षा और ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया। राज्यपाल को तिलक लगाकर, पारंपरिक धनुष-बाण भेंट किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल, निमाड़ रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक श्री रविंद्र वर्मा, पूर्व विधायक कसरावद श्री आत्माराम पटेल, खलबुजुर्ग सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल मानद उपाधियाँ ले. जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह और डॉ वाई.के. मिश्रा को भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक देश को विश्वगुरू और आधुनिकतम विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी है। युवा अपनी प्रतिभा, लगन और देशभक्ति से इस संकल्प पूरा करने के लिए दृढ़-प्रतिज्ञ रहे। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के तेरहवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की। लेफ्टिनेंट जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह को डी. लिट तथा प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युगल किशोर मिश्रा को डी.एस.ई. की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के नव निर्मित रिसर्च, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का और विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का लोकार्पण किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी दीक्षांत शपथ को आत्मसात करें। उसका आजीवन अनुसरण करें। शिक्षक, विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा देने के साथ ही भारतीयता के संस्कार और जीवन जीने की कला अवश्य सिखाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय द्वारा रामायण पीठ की स्थापना की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि पीठ रामायण पर शोध करने वाले विद्यार्थियों और विद्वानों को नए अवसर प्रदान करेगी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में देश के प्राचीन ज्ञान और परंपराओं का आधुनिक विज्ञान के साथ समावेश किया गया है। इससे देश की शिक्षा प्रणाली को भारतीयता का मजबूत आधार मिला है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कारों की शिक्षा मिल रही है। समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरदास ने कहा कि जात-पात और धर्म का भेद मिटाकर हम सब सच्चे मन से भारतीय बनकर भारत माँ की सेवा करें। भारत के प्राचीन दर्शन और शिक्षा के महान संस्कारों को आत्मसात करें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के समक्ष विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्री रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के आचार्यगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।                            

चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप होता है : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान सभी जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक बनायें हैं। भगवान का दूसरा रूप चिकित्सक ही होता है। सम्मेलन आयोजन की सराहना करते हुए अपेक्षा की है कि चार दिवसीय सम्मेलन का निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) द्वारा आयोजित 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। विद्वान चिकित्सकों को सम्मानित किया। विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव शरीर का मुख्य संचालक मस्तिष्क होता है। मस्तिष्क ही सभी इंद्रियों का नियंत्रणकर्ता है। हमारा मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहे, इस दिशा में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका है। न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उन्नत चिकित्सा, प्रमाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क का ईलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और मन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक तंदुरूस्ती भी जरूरी है। इसके लिए मस्तिष्क का स्वस्थ और शांत रहना बहुत जरूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हम सभी अच्छी सेहत के लिए मोटे अनाज का सेवन करें। खूब पानी पीयें, अच्छी नींद लें और नियमित व्यायाम करें। फास्ट फूड खाने से बचे। मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर स्वास्थ्य की राजधानी है। यहाँ के चिकित्सक मरीजों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। सेवा भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं। चिकित्सा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, डॉ. मानस  पाणिगही, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही,  अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा और बड़ी संख्या में न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने सुपुत्र का पाणिग्रहण संस्कार सामूहिक विवाह समारोह में कर मिसाल प्रस्तुत की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधे योग गुरू स्वामी रामदेव ने मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया 21 जोड़ों का विवाह संस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आमंत्रण पर सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने उज्जैन पहुंचे कई विशिष्ट अतिथि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक सरोकार, समरसता और सादगी की मिसाल प्रस्तुत करते हुए अपने छोटे पुत्र का पाणिग्रहण संस्कार उज्जैन में हुए सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न कराया। योग गुरू स्वामी रामदेव ने 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह संस्कार कार्यक्रम का संचालन किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने ऐसी मिसाल प्रस्तुत की है। देश के प्रभावशाली, राजनीतिक और धनी व्यक्तियों के लिए यह एक अनुकरणीय पहल है। विवाह की इस प्रक्रिया के अनुसरण से शादियों में होने वाले अपव्यय को रोका जा सकेगा और मध्यम तथा निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह भाव "सबका साथ-सबका विकास" की भावना के अनुरूप है। उज्जैन में रविवार को सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र चिरंजीव डॉ. अभिमन्यु का डॉ. इशिता के साथ विवाह यादगार बन गया। एक ही पंडाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र के साथ जन-सामान्य के पुत्र-पुत्रियों के विवाह ने अद्भुत आत्मीयता और समानता के भाव का संचार किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समस्त नव-दंपतियों को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सामूहिक विवाह स्थल पर पधारे अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में सनातन की परंपरा के अनुसार विवाह के कार्यक्रम हो रहे हैं। सामूहिक विवाह समारोह में समाज के सभी वर्गों के नव-दंपति सम्मिलित हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के वर-वधू भी शामिल हैं। सामूहिक विवाह समारोह में पधारे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने कहा कि ऐसे सामूहिक एवं कम खर्च वाले विवाह समारोहों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। समाज का हर वर्ग इस प्रकार की व्यवस्था को स्वीकार करते हुए आगे बढ़े। वर्तमान समय में देश को नवाचारी ढंग से सोचने की आवश्यकता है। पं. शास्त्री ने कहा कि इस विवाह समारोह के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश जीवंत हो रहा है। सामूहिक विवाह समारोह में भेदभाव से परे सामाजिक समरसता का दृश्य नजर आ रहा था। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष एवं महंत श्री रवींद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री पूज्य स्वामी हरि गिरि महाराज की ओर से सभी नव दंपतियों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु और पुत्रवधु डॉ. इशिता सहित सभी नव दंपतियों ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भावना के अनुरूप भोजन व्यवस्था सामूहिक विवाह समारोह की भावना के अनुरूप रही। सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति के आयोजकों ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहयोग दिया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय मामले श्री दुर्गादास उईके, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, अन्य मंत्रीगण, विधायक और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया और उनके मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।  

केरला फेस्ट: सांस्कृतिक एकीकरण का शानदार प्रतीक — राज्यपाल मंगुभाई पटेल

केरला फेस्ट: सांस्कृतिक एकीकरण का शानदार प्रतीक — राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगुभाई पटेल बोले: केरला फेस्ट भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव प्रेरणादायी- विधानसभा अध्यक्ष  तोमर भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि “केरला फेस्ट” सांस्कृतिक एकीकरण और भाईचारे की भावना का जीवंत उदाहरण हैं। मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शन के अवसर के साथ ही केरल और मध्यप्रदेश के बीच समरसता का सशक्त सेतु है, जो मध्यप्रदेश को अपनी कर्म भूमि बनाने वाले मलयाली बहनों-भाइयों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव और हमारे देश की विविधता में एकता की भावना का सुंदर प्रतीक है। राज्यपाल  पटेल केरला फेस्ट सेकण्ड ऐडिशन के शुभारंभ कार्यक्रम में जन समुदाय को  स्थानीय दशहरा मैदान में गुरूवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव अपनी भूमि संस्कृति और निष्ठा का आग्रह सभी के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। कार्यक्रम में सचिव जल संसाधन विकास  जॉन किंगस्ली भी मंचासीन थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास में मलयाली समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और सराहनीय रहा है। मलयाली समुदाय ने प्रशासन और सेवा क्षेत्र में भी अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी से प्रदेश मे विशिष्ट पहचान कायम की है। प्रदेश में डॉक्टर, नर्स और शिक्षक के रूप में अनुशासन, परिश्रम, शिक्षा और सेवा की उत्कृष्ट भावना के साथ असंख्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में उनकी सक्रिय भूमिका ने राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी है। मलयाली समुदाय ने सामाजिक और मानवता की सेवा में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश के मलयाली समुदाय ने राज्य के विकास में योगदान के साथ ही अपने सांस्कृतिक मूल्यों को सहेज कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। समाज के साथ-साथ समग्र मानवता की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए युनाईटेड मलयाली एसोसिएशन को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय कर्तव्यनिष्ठ समाज है इसीलिए साक्षरता और स्वच्छता में देश में अग्रणी है। समुदाय ने सेवा, समर्पण, रचनात्मक सृजनशीलता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्य क्षेत्र में कर्तव्य परायणता से विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी नेक नियति और कार्य संस्कृति ने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश कॉडर के पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी के द्वारा भोपाल जहाँ नौकरी के लिए आने वाले लोग बस जाते हैं वैसे शहर में बसने के बजाए अपने केरल स्थित छोटे से घर में बसने के निर्णय की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मलयाली समुदाय का अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण का ही प्रमाण केरल से इतनी दूर रहकर भी उन्होंने अपने जीवन मूल्यों और परंपराओं को जीवंत बनाएं रखा है। मुख्य महाप्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबाश कुमार सुबुदि ने कहा कि गोड्स ओन कन्ट्री के कलर्स और फ्लेवर का प्रतीक केरला फेस्ट है। उन्होंने कहा कि मलयाली समुदाय जहाँ भी जाता है अपने सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को लेकर जाता है। वह भारत की विविधता में एकता के सच्चे राजदूत हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया विकास में सहयोग के लिए सामुदायिक प्रगति और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ाने के हर गतिविधि को सदैव प्रोत्साहित करता है।  नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने कहा कि मलयाली समुदाय सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य, कला, परंपरा, अनुशासन और सोहार्द्र के लिए प्रसिद्ध है। केरल के वस्त्र, व्यंजन, कलाओं ने भारत की सांस्कृति धरोहर को समृद्ध किया है। समुदाय अपनी जड़ो को किस प्रकार जीवंत रख सकता है केरला फेस्ट का आयोजन उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने ग्रामीण कौशल, सृजनशीलता को बढ़ाने और स्व-सहायता समूहों के आत्म विश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए फेस्ट में 10 स्टाँलो को एस.एच.जी के लिए प्रायोजित किया है। युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.टी. जोसेफ ने स्वागत उद्बोधन में बताया की संस्था चार दशकों से संस्कृति संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका के क्षेत्रों में सहयोग के साथ ही मानवता की सेवा प्रयासों, विद्यालयों, आश्रय गृहों की मरम्मत, मोबाइल मर्च्युरी और अंत्येष्टी सहायता भी प्रदान करती है। आभार प्रदर्शन ऐसोसिएशन के उपाध्यक्ष  अनिल कुमार ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मलयाली समुदाय की महिलाओं ने केरल के लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों को केरल के सांस्कृतिक प्रतीक हाथी के मस्तक पर शोभित किए जाने वाले आभूषण नेट्टी-पट्टम स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। स्वागत पुष्प गुच्छ से किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से शुभारंभ हुआ।       

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम्

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत की 150वी वर्षगांठ पर राजभवन में हुआ आयोजन भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल शुक्रवार को राजभवन के बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन किया। राज्यपाल  पटेल ने आज़ादी के संघर्ष, बलिदान और प्रेरणा के प्रतीक  बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्र गीत वंदे मातरम् की वर्षगांठ की सभी को शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कुलगुरू नियुक्त किया

मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल के होंगे कुलगुरू भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल का कुलगुरू प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को नियुक्त किया है। श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, इंदौर (म.प्र.) के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 04 वर्ष की कालावधि या 70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए कुलगुरु नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम- 1 ए के अनुसार शासित होंगी।  

VVIP चेकअप में बड़ी चूक: गवर्नर का बीपी नहीं नाप पाई मशीन, ड्यूटी डॉक्टर पर गिरी गाज

ग्वालियर  मध्य प्रदेश गजब है। कभी आई के हाथों से चोर फोन लूट लेते हैं तो कभी डॉक्टर गवर्नर का ब्लड प्रेशर चेक नहीं कर पाते हैं। राजधानी भोपाल में पुलिस अधिकारी के साथ चोरी की वारदात के बाद अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही का मामले में विभाग एक्शन लेने की तैयारी में है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ नोटिस भेजे जाने की तैयारी है। दरअसल, 22 सितंबर को ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी शामिल हुए थे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ग्वालियर के मुरार गेस्ट हाउस में ठहरे थे। सुबह उनका नियमित चेकअप किया जाना था। जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम पहुंची। जैसे ही बीपी चेक किया गया तो मशीन एरर बताने लगी। कई बार की गई कोशिश जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बार-बार कोशिश की लेकिन राज्यपाल का बीपी कितना था। यह जानकारी नहीं मिल सकी। इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव ने कहा था कि बीपी मशीन की बैटरी खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने मौके पर ही बैटरी बदली लेकिन उसके बाद भी जांच नहीं हो सकी। अब इस मामले में सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया गया है। सिविल सर्जन पर हो सकती है कार्रवाई जिसके बाद सिविल सर्जन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। CMHO ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मांगा गया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में आईजी की फोन हुआ था चोरी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चोरी की वारदात सामने आई थी। अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आईजी इंटेलिजेंस डॉ आशीष से अपराधियों ने मोबाइल छीन लिया। आईजी वीवीआईपी इलाके चार इमली में खाना खाने के बाद रात को टहल रहे थे इस दौरान बाइक से आए अपराधी फोन छीनकर भाग गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश शुरू कर दी।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दतिया शक्तिपीठ में की माँ पीताम्बरा की पूजा अर्चना

प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रविवार को दतिया प्रवास पर थे। उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए। विधि विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने वनखण्डेश्वर बाबा का जलाभिषेक भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने माँ पीताम्बरा से प्रदेश और देश की सुख समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।