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गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों की जांच के लिए पंजाब सरकार ने बनाई SIT, 16 पर दर्ज है FIR

अमृतसर  पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पावन सरूपों से जुड़े मामलों की जांच को तेज करने के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह एसआईटी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब की ओर से गठित की गई है। ये जांच कमेटी पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की देखरेख में कार्य करेगी। ये टीम 7 दिसंबर 2025 को दर्ज एफआईआर 168 के तहत दर्ज मामलों की जांच करेगी। यह केस अमृतसर के पुलिस स्टेशन ‘सी’ डिवीजन में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 295, 295-ए, 120-बी, 409 और 465 के तहत दर्ज है। SIT का काम 7 दिसंबर 2025 को दर्ज FIR नंबर 168 के तहत दर्ज मामलों की जांच करना है। यह केस अमृतसर के पुलिस स्टेशन ‘C’ डिवीजन में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 295, 295-A, 120-B, 409 और 465 के तहत दर्ज किया गया है। SIT के चेयरमैन जगतप्रीत सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी टीम में शामिल SIT के चेयरमैन के रूप में एआईजी विजिलेंस मोहाली, जगतप्रीत सिंह, पीपीएस को नियुक्त किया गया है। टीम में अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जिनमें डीसीपी (जांच) अमृतसर रविंदरपाल सिंह संधू, अतिरिक्त डीसीपी अमृतसर हरपाल सिंह संधू, एसपी/डी पटियाला गुरबंस सिंह बैस, एसीपी लुधियाना बेअंत जुनेजा और एसीपी/डी अमृतसर हरमिंदर सिंह शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी SIT में जोड़ा जा सकेगा।इस FIR में कुल 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें एसजीपीसी के 10 प्रमुख सदस्य शामिल हैं। इनमें डॉ. रूप सिंह (पूर्व मुख्य सचिव), मंजीत सिंह (धर्म प्रचार समिति पूर्व सचिव), गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह और दलबीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, एक अन्य गुरबचन सिंह, एक अन्य सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह का नाम भी FIR में शामिल है। SIT का गठन निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए SIT का गठन इस बात का संकेत है कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चोरी हुए पवित्र स्वरूपों की जांच निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि धार्मिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। विशेष जांच टीम के चेयरमैन एआईजी विजिलेंस मोहाली जगतप्रीत सिंह पीपीएस को नियुक्त किया गया है। उनके साथ टीम में डीसीपी (जांच) अमृतसर रविंदरपाल सिंह संधू, अतिरिक्त डीसीपी अमृतसर हरपाल सिंह संधू, एसपी-डी पटियाला गुरबंस सिंह बैस, एसीपी लुधियाना बेअंत जुनेजा और एसीपी-डी अमृतसर हरमिंदर सिंह को सदस्य बनाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी एसआईटी में शामिल किया जा सकेगा। 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में जमानत खारिज, कोर्ट ने बेल आवेदन ठुकराए यह FIR भाई बलदेव सिंह वडाला, भाई बलदेव सिंह सिरसा और अन्य लोगों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। आरोपियों ने इसके बाद जमानत (बेल) के लिए आवेदन दायर किए, जो अमृतसर की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरबीर सिंह की कोर्ट में लंबित थे। हाल ही में इस मामले में अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह फैसला 20 दिसंबर 2025 को सुनाया गया। राज्य की ओर से इस मामले की पैरवी अमृतपाल सिंह खेहरा, जिला अटॉर्नी प्रॉसीक्यूशन अमृतसर, और अमरपाल सिंह, जिला अटॉर्नी लीगल अमृतसर ने की।  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दंपति ने प्रकाश उत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब के आगे झुकाया शीश

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पीपी कंपाउंड स्थित गुरु नानक स्कूल में 556वें “प्रकाश उत्सव” में शामिल हुए। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के विचार समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख समाज ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रकाश उत्सव में शामिल होकर मुझे हर बार अपार हर्ष की अनुभूति होती है। यह आयोजन सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक है। सीएम हेमंत ने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मानवीय दृष्टिकोण आज भी मार्गदर्शन देता है। उनके बताए रास्तों और आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।