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ग्वालियर मेले में छूट का असर, फॉर्च्यूनर सहित कारों की बुकिंग बंद, ग्राहक उमड़े शोरूम्स में

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में आकर्षक ऑफर और आरटीओ टैक्स छूट के बावजूद ग्राहकों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुकिंग के दो-दो महीने बाद भी गाड़ियों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। मेले में छूट की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने कार बुक कराई, लेकिन अब डिलीवरी में देरी से असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई शोरूमों पर ग्राहकों को यह तक कहा जा रहा है कि मेला छूट जल्द खत्म होने वाली है, जबकि परिवहन विभाग की छूट पूरी मेला अवधि तक लागू है। इस भ्रमित जानकारी से ग्राहक और अधिक परेशान हैं। एक से दो महीने तक की वेटिंग लोकप्रिय मॉडलों पर एक से दो महीने तक की वेटिंग बताई जा रही है। ग्राहक मेले के ऑफर के भरोसे तुरंत कार लेने पहुंचते हैं, लेकिन लंबी प्रतीक्षा अवधि सुनते ही निराश हो जाते हैं। टाटा शोरूम के सीईओ श्रवण सिंह के अनुसार, बढ़ती मांग के कारण कई मॉडलों पर वेटिंग बढ़ी है, जिससे ग्राहक असंतोष जता रहे हैं। रोड टैक्स में छूट से बदला माहौल ग्वालियर व्यापार मेले में सरकार की ओर से रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट का ऐलान भले ही कुछ देर से हुआ हो, लेकिन इसका असर तुरंत नजर आने लगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में अचानक रौनक लौट आई और कार-बाइक खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई. ग्राहक लंबे समय से इस छूट का इंतजार कर रहे थे. ऑटोमोबाइल सेक्टर में उमड़ी भीड़ मेले में अब देशी ही नहीं, विदेशी कारों और बाइकों के शोरूम भी सज चुके हैं. टैक्स छूट के साथ-साथ जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव का भी फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इसी वजह से लोग बड़ी संख्या में मेले का रुख कर रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं. चार दिन में 4000 गाड़ियों की बिक्री टैक्स में छूट लागू होने के बाद सिर्फ चार दिनों में करीब 4000 गाड़ियों की बिक्री हो चुकी है. इन वाहनों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है. इससे मेले में कारोबार पहले से कहीं ज्यादा तेजी पकड़ चुका है. लाखों रुपये की हो रही सीधी बचत रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के चलते 20 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर करीब डेढ़ लाख रुपये तक की सीधी बचत हो रही है. यही वजह है कि मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग दोनों ही बड़ी संख्या में वाहन खरीद रहे हैं. पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट का फायदा उठाकर वाहन लेकर लौट रहे ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. कई लोग परिवार के साथ मेले में पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद की कार या बाइक खरीद रहे हैं. व्यापारियों और डीलरों का कहना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो इस साल ग्वालियर व्यापार मेला नए रिकॉर्ड बना सकता है. लग्जरी कारों की बिक्री गुरुवार को मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर से चार लग्जरी वाहन बिके, जिनमें एक करोड़ 44 लाख रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर सहित ऑडी और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियां शामिल रहीं। हालांकि इस बार लग्जरी वाहनों की बिक्री देरी से शुरू हुई है। फारच्यूनर की बुकिंग बंद टोयोटा शोरूम के प्रतिनिधि के अनुसार, अधिक मांग और लंबी वेटिंग के चलते फारच्यूनर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। समय पर डिलीवरी न होने से विवाद की स्थिति बन रही थी। महंगी एसेसरीज और बीमा की शर्तें कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि मेले में एसेसरीज बाजार से तीन से पांच हजार रुपये तक महंगी दी जा रही हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि वे केवल कंपनी की ओरिजिनल और वारंटी वाली एसेसरीज उपलब्ध करा रहे हैं। पार्किंग में भी अव्यवस्था मेला परिसर की पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। अब तक तीन वाहन चोरी हो चुके हैं और ठेकेदार पर सात-आठ नोटिस तथा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्राहकों की प्रतिक्रिया महिंद्रा थार के एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले बुकिंग कराई थी, तब जाकर डिलीवरी मिली। वहीं एक अन्य ग्राहक ने कहा कि वे तुरंत कार लेने की उम्मीद से आए थे, लेकिन एक महीने की वेटिंग सुनकर निराश लौटना पड़ा। पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट … Read more

ग्वालियर मेले में 1000 गाड़ियों की डिलीवरी रुकी, खरीददारों ने छूट के नोटिफिकेशन के कारण नहीं लिया डिलीवरी

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला वर्षों से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है. खासकर इस मेले में दशकों से वाहन खरीदारों को फायदा होता आया है. इसकी वजह है मेले में मिलने वाली विशेष 50 प्रतिशत आरटीओ टैक्स छूट जो ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मेला को गुलजार कर देती है. इस साल भी ग्वालियर में छूट का ऐलान हो चुका है. लेकिन व्यापारियों को इस बात की खुशी के साथ-साथ इस बार व्यापार कम होने चिंता भी सता रही है. इस बार मेले में वाहन खरीदी पर डबल मुनाफा असल में ग्वालियर व्यापार मेला में प्रतिवर्ष वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलती आई है. जिसकी वजह से कई ग्राहक साल भर अपनी पसंदीदा गाड़ी खरीदने का इंतजार करते हैं. क्योंकि छूट की वजह से उन्हें वाहन आम दिनों के अपेक्षा सस्ता मिलता है. इस बार तो जीएसटी की कटौती और फिर आरटीओ की छूट ग्राहकों के साथ साथ वाहन डीलरों के लिए भी त्योहार से कम नहीं होने वाला था. क्योंकि उम्मीद जतायी जा रही थी कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ज़्यादा गाड़ियों की बुकिंग होगी. अब गाड़ियां तो बुक हो रही हैं लेकिन अभी तक ग्राहक उनकी डिलीवरी नहीं ले रहे. वजह है लोगों को अभी भी छूट के नोटिफिकेशन का इंतजार है. जिससे उन्हें पता चल सके उनकी गाड़ी कितनी सस्ती मिलने वाली है. 20 दिन की देरी ने घटाया छूट का समय इस छूट को लेकर डीलर भी चिंता में दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि पहले के मुकाबले इस बार छूट मिलने में दो हफ़्ते देरी हो चुकी है और ऊपर से अब जब कैबिनेट में आरटीओ छूट को मंजूरी मिल गई है तो अब तक नोटिफिकेशन नहीं आया. वाहन कंपनियों के डीलरों ने अपने शोरूम में गाड़ियां सजा ली हैं और ग्राहक भी बुकिंग कराने लगे हैं. लेकिन इन व्यापारियों का मानना है कि, आरटीओ टैक्स में छूट देरी से मिल रही इसकी वजह से अब ग्वालियर मेले में छूट के साथ गाड़ियां बेचने के लिए महज 1 महीने का ही समय मिलेगा. दूसरा उज्जैन मेले में भी आरटीओ छूट दिए जाने से कुछ हद तक इसका प्रभाव ग्वालियर मेला की बिक्री पर भी पड़ेगा. छूट नोटिफिकेशन के चलते अटकी गाड़ियों की डिलीवरी ग्वालियर के निकुंज मोटर्स की और से मेले में शोरूम मैनेजर सुजा-उल-रहमान का कहना है कि, ''ग्वालियर व्यापार मेला में अभी शोरूम लगाए कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन 1 हज़ार से ज़्यादा गाड़ियां बुक हो चुकी हैं. कई लोग हैं जो 50 प्रतिशत आरटीओ की छूट की वजह से फाइनल पेमेंट के लिए रुके हैं. अब जब अनाउंसमेंट हो गया है तब कई लोग पेमेंट भी कर रहे हैं. नोटिफिकेशन आने के बाद आरटीओ मेले में बैठने लगेंगे तो वेरिफिकेशन शुरू हो पाएंगे और गाड़ियां डिलीवर होने लगेंगी.'' उज्जैन मेले में भी छूट से पड़ेगा व्यापार पर सीधा असर शो रूम मैनेजर रहमान का कहना है कि, "उज्जैन में भी कुछ समय से गाड़ियों पर आरटीओ छूट दी जाने लगी है. इसका इंपैक्ट ग्वालियर में भी पड़ा है, क्योंकि उज्जैन, इंदौर, भोपाल, रीवा, सतना से आने वाले ग्राहक रुक गए. अब ये ग्राहक उज्जैन मेले से ही गाड़ी ले लेते हैं. अब ये मेला ग्वालियर के आसपास के क्षेत्रीय ग्राहकों तक सीमित हो गया है. उज्जैन मेले से अब ग्राहकी पर सीधे 25 फ़ीसदी तक इंपैक्ट आयेगा. लग्जरी ब्रांड पर फायदा, ग्वालियर नहीं आयेगा बाहर का ग्राहक ग्वालियर के ऑटो डीलर अनंत टोयोटा के मेला शोरूम मैनेजर आशीष कौशल भी कहते हैं, ''उनके पास अब तक 400-500 गाड़ियों की बुकिंग आ चुकी है, लेकिन डिलीवरी आरटीओ छूट के लागू होने के इंतज़ार में रुकी हुई हैं." वहीं उज्जैन मेले में आरटीओ की छूट की वजह से ग्वालियर में भी ग्राहकी पर असर की बात आशीष ने भी कही. उनका कहना था कि, "पहले ग्वालियर व्यापार मेले में इंदौर मालवा क्षेत्र से लोग मर्सेडीज, रेंज रोवर, ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां खरीदने आते थे. क्योंकि उन पर आरटीओ टैक्स की अच्छी बचत हो जाती थी. लेकिन अब इनके ग्राहक उज्जैन ही रुक जाते हैं. उज्जैन मेले से ग्वालियर में भी 20 से 30 प्रतिशत का डाउन सेल का असर देखने को मिल सकता है. मेला छूट पर एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स की अपनी राय आरटीओ टैक्स छूट पर मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स की भी अपनी राय है. एमपी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ग्वालियर के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि, ''हर साल ही सरकार से आरटीओ की छूट ग्वालियर व्यापार मेला में मिलती आई है. लेकिन उसके लिए हर बार प्रतिनिधि मंडल मिलते हैं. बार बार ज्ञापन दे रहे हैं तब छूट पर फैसला होता है क्यों सरकार इन चीज़ों का इंतज़ार करती है. मेला 25 दिसंबर को शुरू होता है, दिसंबर के पहले हफ़्ते में ही सरकार को ऐलान कर देना चाहिए कि मेले के साथ ही आरटीओ छूट लागू हो जाएगी. आज के समय में इस छूट को एक एक महीने तक टालना कहीं से उचित नहीं है. क्योंकि इससे ऑटो मोबाइल सेक्टर के डीलर भी टेंशन में रहते हैं उसे पहले से अपना स्टॉक मांगना पड़ता है. उन्हें बहुत दिक्कतें आती हैं, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.''

आरटीओ टैक्स छूट पर रोक से ग्वालियर व्यापार मेले में कारोबार ठप, करोड़ों का नुकसान

 ग्वालियर  ग्वालियर शहर का मान कहे जाने वाले ऐतिहासिक व्यापार मेले का शुभारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मेले का सबसे मुख्य आकर्षण आटोमोबाइल सेक्टर फिलहाल सन्नाटे की आगोश में है। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मेले के भव्य उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा तत्काल हो जाएगी, लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी ने कारोबारियों और खरीदारों दोनों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि शोरूम्स पर गाड़ियां तो सजी हैं, लेकिन उनकी बिक्री का पहिया पूरी तरह थम गया है। पिछले तीन साल से हो रही है टैक्स छूट मिलने में देरी ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट देरी से दिए जाने का सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। लेकिन इसके बाद 2023-24, 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट आरटीओ टैक्स में मिल पाई। यानि मेला शुरू होने के बीस दिन बाद। अब व्यापार मेला 2025-26 को शुरू हुए भी 10 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी नहीं हुआ है। क्या असर होता है मेले पर     छूट में में देरी होने से वाहनों की बिक्री भी कम होती है और जिससे कारोबारियों को तो नुकसान होता है, शासन को भी राजस्व का नुकसान होता है।     ग्वालियर व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। इस सेक्टर में रौनक ही टैक्स छूट मिलने के बाद आती है। दूसरे टैक्स छूट न मिलने से आटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार भी प्रभावित होता है।     बुकिंग वाले वाहनों की डिलिवरी न होने से शोरूम मालिक डिमांड के मुताबिक कारों का स्टाक नहीं मंगा पा रहे हैं। यह भी बताई जा रही वजह 2023-24 में ग्वालियर के साथ उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत हुई थी। जब जनवरी मध्य में ग्वालियर के लिए छूट मिली थी तभी मार्च से शुरू होने वाले विक्रम व्यापार मेला के लिए छूट जारी हो गई। 2024-2025 में भी जनवरी मध्यम में ग्वालियर के साथ ही उज्जैन मेले के लिए टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी हुआ था। इसके पीछे बताया जाता है कि इसके पीछे उज्जैन मेला को प्रमोट करना अधिक है। ऐसे में ग्वालियर मेले के लिए टैक्स छूट देरी से दी जा रही है। बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। सभी को आरटीओ टैक्स की 50 प्रतिशत की छूट का इंतजार है। यही वजह है कि पिछले चार दिनों में नाममात्र के वाहनों की ही बिक्री हुई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार ज्यादा होगा     मेला जब से शुरू होता है, टैक्स में छूट उसी दिन से मिलना चाहिए। इससे न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार अधिक होगा, बल्कि ग्राहक सहित शोरूम संचालक भी हड़बड़ी में नहीं रहेंगे और ग्राहकों को डिलिवरी समय मिल पर मिलेगी। – रवि गुप्ता, अध्यक्ष कैट वाहनों की बिक्री प्रभावित होती है     समय पर टैक्स में छूट मिलती है तो ग्राहकों को भी समय पर वाहन मिल जाता है। साथ ही चूंकि कंपनी से वाहनों का स्टाक मंगाने में भी समय लगता है। ऐसे में डिलीवरी लेट होती है। साथ ही वाहनों की बिक्री भी प्रभावित होती है। – संजय गर्ग, ऑटोमोबाइल कारोबारी कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा प्रस्ताव     व्यापार मेला के लिए आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव आगामी छह जनवरी को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा। संभवत मीटिंग में प्रस्ताव पास हो जाएगा। इसके बाद टैक्स छूट की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। – उदयप्रताप सिंह, मंत्री परिवहन व शिक्षा।  

ग्वालियर व्यापार मेला में वाहन खरीद पर मिल सकती है 50% रोड टैक्स छूट, परिवहन विभाग का प्रस्ताव

ग्वालियर   प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है। सैद्धांतिक सहमति के साथ परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप के अनुमोदन के बाद वित्त विभाग इसका परीक्षण करेगा। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा सरकार के सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष महंगी और कीमती गाड़ियों से रोड टैक्स की पात्रता समाप्त भी की जा सकती है या कम की जा सकती है। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा। संभावना है कि शीघ्र ही इस निर्णय हो सकता है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी मुख्यमंत्री से वाहन पंजीयन में छूट देने का अनुरोध किया। सांसद ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा इधर ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा है। ग्वालियर व्यापार मेले में हर साल राज्य सरकार वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देती है। जिससे 10 लाख रुपये तक के वाहन पर 80 से 90 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेले के शुभारंभ अवसर 25 दिसंबर को ही रोड टैक्स छूट की घोषणा हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद कारोबारी और ग्राहक आशान्वित हैं कि जनवरी में सरकार यह राहत देगी, जिससे मेले में वाहनों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior Vyapar Mela) में वाहन खरीदी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का आग्रह कर चुके हैं। ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने से न केवल ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि मेले में रिकॉर्ड बिक्री भी होगी। हमें पूरा भरोसा है कि जनवरी में सरकार यह घोषणा करेगी।- हरिकांत समाधिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी मेले में सुरक्षा को लेकर सख्ती, अधिकारी रोज करेंगे निरीक्षण व्यापार मेले में आने वाले सैलानियों को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माहौल देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम ने निर्देश दिए हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिदिन पुलिस और मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मेले का भ्रमण करें, ताकि झूला सेक्टर सहित सभी सेक्टरों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद बनी रहें। यह निर्देश बुधवार शाम मेला प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। प्रभारी कलेक्टर ने मेले में अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए फायर माकड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें। मेले के फूड सेक्टर में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित फूड सैंपलिंग कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जाए। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रतीक राव, एडीएम सीबी प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला प्राधिकरण के सचिव उपस्थित रहे। राजस्व और पुलिस का संयुक्त भ्रमण रोज प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रतिदिन संयुक्त रूप से भ्रमण करें, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेले में आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पार्किंग में रेट लिस्ट अनिवार्य मेले में स्थापित सभी पार्किंग स्थलों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। तय दर से अधिक राशि वसूलने की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए, इसके लिए सख्त निगरानी रखने को कहा गया। 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन ग्वालियर में 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला की तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने गृह जिला उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत की और यहां भी वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। इस वर्ष यह मेला 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक लगा था।

ग्वालियर व्यापार मेले में डबल धमाल, ऑटोमोबाइल ही नहीं इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर भी रहेगा आकर्षण का केंद्र

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला 120 साल से अधिक पुराना हो चुका है और देश के बड़े मेलों में शामिल है। इसकी खास बात यह है कि इस मेले में घर में उपयोग होने वाली सुई से लेकर मोटर कार तक छूट के साथ मिलती हैं। इसलिए इस मेले में खरीदारी करने के लिए देश भर से लोग आते हैं। जब जीएसटी लागू नहीं था तब समान रूप से सभी चीजों पर 50 प्रतिशत वाणिज्यकर में छूट मिलती थी। लेकिन एक जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद मेले की चमक कुछ फीकी पड़ गई। लेकिन ऑटोमोबाइल सेक्टर में सरकार ने रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दे दी। इसके बाद मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर तो चमका, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य सेक्टर में कारोबार उतना अच्छा नहीं रहा। लेकिन इस बार जीएसटी कम होने से ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सेक्टरों में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। क्योंकि जीएसटी कम होने के साथ कंपनियां भी अपने प्रोडक्ट पर तगड़ी छूट देंगी। ऐसे में खरीदारी करने वालों को फायदा होगा। यहां बता दें कि 2024-25 मेले में 3327 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। इसमें 900 करोड़ से अधिक का कारोबार केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर में हुआ।   1937 में टर्नओवर था 5-6 लाख रुपये मेले से जुड़े लोगों के मुताबिक इस मेले के कारोबार की अगर बात करें तो 1937 में इसका टर्नओवर लगभग 5-6 लाख रुपये था। 1984-85 में जहां मेले में करों की छूट मिलने के बाद टर्नओवर 84 लाख 86 हजार 730 रुपये था वहीं 1990-91 में यह बढकऱ 70 करोड़ 36 लाख रुपये हो गया। 1984 में व्यापार मेले का दर्जा मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमोबाइल सेक्टर इसका प्रमुख आकर्षण बन गए। इस आकर्षण के पीछे इन सेक्टरों में मेले में दी जाने वाली पचास फीसदी विक्रय कर की छूट थी। इसके चलते उस समय सभी बड़ी कंपनियां मेले में भागीदारी करती थीं। 1998 में मेले का कारोबार 350 करोड़ और सैलानियों की संख्या 40 लाख तक जा पहुंची थी। वहीं 2018 में मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट मिलने के बाद इसका टर्नओवर 500 करोड़ के पार हो गया था। इसलिए चमकेगा इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य सेक्टर का कारोबार 22 सितंबर से जीएसटी की दरों में सरकार ने कमी की है। जीएसटी कम होने का असर कारोबार के सभी सेक्टरों पर है और चीजें सस्ती हुई हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोड टैक्स की छूट मिलती है। इसलिए कार व बाइक कंपनियां अपनी तरफ से कम ही छूट देती हैं। लेकिन अभी तक इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर सहित अन्य सेक्टरों में कंपनियां ही छूट दे रही थी। लेकिन इस बार जीएसटी कम होने व कंपनियों से मिलने वाले डिस्काउंट की वजह से ये चीजें मेले में सस्ती मिलेंगी। इसलिए ऑटोमोबाइल सेक्टर सहित अन्य सेक्टरों में कारोबार अच्छा होने की उम्मीद कारोबारियों को है।

भव्य तैयारियों के बीच ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू, दुकानों के आवंटन में देरी

ग्वालियर  ग्वालियर में हर वर्ष के प्रति इस वर्ष भी श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 25 दिसंबर से व्यापार मिलेगा आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी मेला 25 दिसंबर से लेकर 25 फरवरी तक चलेगा। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने तैयारियों की समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को आनन-फानन में काम पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त खत्री द्वारा दिए गए निर्देश से स्पष्ट है कि आवश्यक कार्य अभी भी अधूरे हैं। दुकान आवंटन की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अभी तक कुल 1921 दुकानों के लिए आवेदन किए जा चुके हैं। करीब 521 दुकानदार अब भी आवेदन करने से वंचित हैं। बैठक में संभाग आयुक्त खत्री ने उपायुक्त नगर निगम को मेला परिसर की साफ-सफाई शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के कार्यपालन यंत्री को स्वच्छता परिसर के संधारण कार्य को अविलंब और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश मिला। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (पीएचई) को स्वच्छता परिसर में तत्काल बोरिंग का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की रहेगी पूरी व्यवस्था संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला आयोजन से पूर्व मेले की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मेले में लगने वाले झूलों की सुरक्षा के संबंध में भी पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया था। मेले के दौरान अस्थायी चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस के साथ ही फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को कहा गया था। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बैठक में कहा था कि मेला परिसर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जाए। इसके लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी एवं अपर आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस साल भी मेला सैलानियों के लिए 2 महीने लगेगा कानून व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध किए जाए। बैठक में यह भी तय किया गया था कि फायरब्रिगेड की उपलब्धता के एवज में नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में पुलिस वेलफेयर में मेला प्राधिकरण दो लाख रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय प्रदर्शनियों के लिये सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को समय रहते प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए जाए। जिला प्रशासन की ओर से मेला अवधि में मजिस्ट्रियल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। भव्यता से आयोजित हों सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्वालियर व्यापार मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी समय रहते तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता से करने की बात भी कही गई। स्थानीय कलाकारों को भी मेले में अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करने हेतु मंच एवं सुविधाएं उपलब्ध कराए।

व्यापार मेले के दौरान प्रशासन की चेतावनी, नियम तोड़ा तो आवंटन रद्द और भारी जुर्माना

ग्वालियर  100 साल से भी ज्यादा पुराना रियासतकालीन ग्वालियर व्यापार मेला जल्दी ही शुरू होने वाला है, प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, मेला प्राधिकरण दुकानों को व्यवस्थित करने में लगा है, इस बीच प्रशासन ने मेले की शेष बची दुकानों के आवंटन के लिए एक बार फिर पोर्टल खोलने का निर्णय लिया हैं वहीं दुकान ब्लैक करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले में वर्ष 2025-26 में दुकानों के आवंटन के लिये दुकान आवंटन का कार्य एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 14 अक्टूबर से शुरू किया गया था। निर्धारित तिथि 10 नवम्बर 2025 तक मेले में केवल 60 प्रतिशत दुकानों का आवंटन ऑनलाइन हुआ है। इसलिए प्रशासन ने एक बार फिर पोर्टल ओपन करने के निर्णय लिया है। 14 से 21 नवम्बर तक खुलेगा एमपी ऑनलाइन पोर्टल  मेला प्रशासन ने तय किया है कि मेले की शेष 40 प्रतिशत दुकानों के आवंटन के लिये 14 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल खोला जायेगा। इस अवधि मेले में दुकान लगाने के इच्छुक दुकानदार एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवंटन के लिये आवेदन कर सकते हैं। स्वच्छता में लापरवाही: 5 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, 5 निलंबित, 4 आउटसोर्स सफाई श्रमिकों की सेवा समाप्त दुकान ब्लैक की तो लगेगा 1 लाख रुपये जुर्माना  ग्वालियर संभाग आयुक्त/मेला प्राधिकरण अध्यक्ष  मनोज खत्री ने गुरुवार को ग्वालियर व्यापार मेला के संचालन के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मेले की दुकानों के लिये अंतिम बार 21 नवम्बर तक की अवधि निर्धारित की गई है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी। संभाग आयुक्त ने बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि मेले की दुकानों को ब्लैक करने की शिकायत भी प्राप्त होती है। किसी भी दुकानदार द्वारा अगर दुकान अन्य किसी को ब्लैक में या किराए पर दी जाती है तो आवंटित दुकानदार पर एक लाख रुपए की पैनल्टी लगाई जायेगी। साथ ही 5 वर्ष के लिये दुकान आवंटन ब्लैक लिस्ट में दर्ज किया जायेगा। इन व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश  संभाग आयुक्त ने मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मेले की साफ-सफाई के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तत्परता के साथ साफ-सफाई का कार्य किया जाए। इसके साथ ही प्रचार-प्रसार, विद्युत व्यवस्था, ऑटोमोबाइल सेक्टर, झूला सेक्टर की व्यवस्थाओं के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्वालियर मेला: 25 दिसंबर से 25 फरवरी तक, वाहन खरीद पर टैक्स छूट की सिफारिश

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला इस वर्ष भी 25 दिसम्बर से 25 फरवरी तक आयोजित होगा। पिछले वर्ष मेला में दुकान लगाने वाले ऐसे दुकानदार, जिन्होंने अब तक बकाया राशि जमा नहीं की है, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण ने ऐसे सभी दुकानदारों से शीघ्र ही बकाया राशि जमा कर ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए कहा है। बकायादारों की सूची मेला प्राधिकरण के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है। मेला प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि इस वर्ष दुकान आवंटन के लिए विगत वर्ष का आवंटन आदेश, ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र, स्वयं का फोटो, पैन कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि दुकानदार ऑनलाइन आवेदन से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेला की जान ऑटो मोबाइल सेक्टर रहता है। यह मेला पिछले 120 साल से अंचल की आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उन्नति की पहचान बन चुका है। यहां वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट इसे और खास बना देती है। बुधवार को संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला में वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिससे मेला शुरू होने के साथ ही मेला से वाहन खरीद करने वालों को फायदा मिल सके। मेला में ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए 38 दुकानों के ऑनलाइन आवेदन भी आ चुके हैं। ग्वालियर मेला की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। मेले का इंतजार ग्वालियरवासी बेसब्री से करते हैं। इस वर्ष भी मेला अपनी गरिमा और भव्यता के साथ आयोजित हो। इसके लिए संभागीय आयुक्त मनोज खत्री द्वारा मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में निरंतर समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। ग्वालियर व्यापार मेले में देश भर के व्यापारी अपनी भागीदारी कर सकें, इसके लिए मेले की दुकानों का आवंटन भी इस वर्ष ऑनलाइन प्रारंभ किया गया है।मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऑनलाइन दुकानों के आवंटन का कार्य, शिल्प बाजार में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मेला सचिव सुनील त्रिपाठी ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले में 32 बकायदार दुकानदारों द्वारा 4 लाख 79 हजार 660 रुपए जमा कर एनओसी प्राप्त कर ली गई है।साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में दुकान आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर 18 दुकानदारों द्वारा पंजीयन कर 38 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किए हैं। मेले की व्यवस्थाओं के साथ-साथ मेला परिसर की साफ-सफाई रंगाई-पुताई का कार्य भी तेजी के साथ किया जा रहा है।रियासतकाल से आधुनिक युग तक की गौरव यात्रा वर्ष 1905 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक महाराज माधौराव सिंधिया (प्रथम) ने इस मेले की नींव 'मेला मवेशियान' के रूप में रखी थी। पशुधन की नस्ल सुधारने, किसानों और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्वालियर अंचल के उत्पादों को देश के अन्य भागों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मेला शुरू किया था।उस समय यह ग्वालियर मेला सागरताल के 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित होता था, जहां पानी की सुविधा और ग्रामीण संपर्क इसकी बड़ी ताकत थी। बढ़ती लोकप्रियता के साथ, यह मेला व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1918 में इसे वर्तमान रेसकोर्स रोड स्थित 104 एकड़ भूमि पर स्थायी रूप से स्थापित किया गया और इसे नया नाम मिला व्यापार मेला एवं कृषि प्रदर्शनी”। आरंभ में मेला अवधि 20 दिसंबर से 14 जनवरी तक तय की गई। एक ऐसा समय जब ग्वालियर की सर्द हवा व्यापारिक उत्साह से सराबोर हो उठती है। व्यवसाय और संस्कृति का संगम समय के साथ-साथ ग्वालियर मेला केवल व्यापारिक आयोजन तक नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, मनोरंजन और जनसंवाद का महाकुंभ बन गया। ग्रामीण कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का मंच यह मेला बना है। यह आयोजन हर वर्ग को जोड़ता है। वर्ष 1934 में काउंसिल ऑफ रीजेंसी ने इसके प्रबंधन के लिए “मेला व नुमायश ग्वालियर” की रूपरेखा बनाई, जिसे बाद में 'ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल, एग्रीकल्चरल एंड आर्ट्स एग्जीबिशन' के नाम से प्रसिद्धि मिली।राज्य स्तरीय गौरव और ऐतिहासिक पड़ाव ग्वालियर मेला को 23 अगस्त 1984 को राज्य स्तरीय ट्रेड फेयर का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके बाद इसकी पहचान और प्रभाव दोनों कई गुना बढ़ गए। वर्ष 1967-68 में मेले की हीरक जयंती मनाई गई। इसी तरह वर्ष 1982-83 में प्लेटिनम जयंती एवं वर्ष 2004-05 मेले ने अपनी शताब्दी वर्षगांठ मनाई। शासन द्वारा वर्ष 2002 में मेले का नाम 'श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला” घोषित किया गया। इसके बाद 30 दिसंबर 1996 को लागू ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम के तहत इसका प्रबंधन स्वतंत्र प्राधिकरण को सौंपा गया, जिससे मेले के संचालन और विकास को संस्थागत स्वरूप मिला। ग्वालियर मेला: परंपरा से तकनीक तक आज ग्वालियर मेला केवल परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मनिर्भरता और डिजिटल युग की पहचान भी है। ऑनलाइन आवंटन प्रणाली, थीम आधारित पवेलियन और प्रदेशभर के उद्योगों की सहभागिता इसे आधुनिकता से जोड़ते हैं। साथ ही लोककला, हस्तशिल्प, झूले, और सांस्कृतिक कार्यक्रम इसकी जीवंतता को बनाए रखते हैं।