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हरपाल चीमा का दावा: पंजाब में वैट और पीएसडीटी राजस्व में हुई बड़ी वृद्धि

चंडीगढ़  वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने आज चंडीगढ़ में राजस्व उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि का दावा करते हुए कहा है कि राज्य ने इस वर्ष अप्रैल में वैट और पीएसडीटी प्राप्ति में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने इन दोनों क्षेत्रों से लगभग 265 करोड़ रुपये का कुल अतिरिक्त राजस्व हासिल किया है, जो बेहतर निगरानी प्रणालियों और पारदर्शी कर प्रशासन के कारण संभव हुआ है। वित्त मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल में वैट संग्रह में 23.28% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे राज्य के खजाने में लगभग 230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इजाफा हुआ है। यह कर प्रशासन और अनुपालन में निरंतर सुधार का परिणाम है। पीएसडीटी संग्रह के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भी 20.43% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लगभग 35 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई है। यह वृद्धि बेहतर निगरानी और सख्त प्रवर्तन प्रणाली का प्रत्यक्ष परिणाम है। हरपाल सिंह चीमा ने इस आर्थिक प्रगति का श्रेय उन्नत निगरानी रणनीतियों और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दिया। उन्होंने कहा कि वैट और पीएसडीटी में यह मजबूत प्रदर्शन तकनीक-आधारित प्रवर्तन और करदाताओं को दी जा रही सुविधाओं के संतुलन का परिणाम है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और साथ ही ईमानदार करदाताओं के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली सुनिश्चित की जाती रहेगी।

पंजाब में सब्सिडी योजनाएं जारी रखने का वित्तमंत्री हरपाल चीमा का बड़ा ऐलान

 चंडीगढ़  वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की दी जा रही सब्सिडी वापस नहीं होगी और सभी सब्सिडियां जारी रहेंगी। वीरवार को यहां अपने निवास पर कुछ चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार की एक सामाजिक जिम्मेवारी भी होती है जो समाज के सभी वर्गों को एक समान लाने के लिए निभानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सब्सिडी की जरूरत को पूरा करने के लिए आमदनी को लगातार बढ़ा रही है। मार्च के महीने में जीएसटी की ग्रोथ 12.5 प्रतिशत बढ़ने का उदाहरण देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राजस्व के हर सेक्टर के निर्धारित लक्ष्यों को हमने पूरा किया है। विपक्षी पार्टियों की ओर से पंजाब की आर्थिक हालत को लेकर की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने पूर्व वित्तमंत्रियों को पंजाब के वित्तीय हालात पर बहस करने की खुली चुनौती दी। चीमा ने दावा किया कि देश में वित्तीय सुधारों के मामले में पंजाब ने कई पहलकदमियां की हैं की है, जिसके चलते राज्य को हाल ही में संपन्न हुए वित्त वर्ष में 400 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है। मां-बेटी सत्कार योजना के तहत जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये देने के लिए रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स देने वालों, सरकारी कर्मचारियों, सांसदों, विधायकों आदि की पत्नियों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जबकि आंगनवाड़ी, मिड-डे मील वर्कर और प्राइवेट जाब करने वाली महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों को डीए की किस्त देने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान लंबित 14,191 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं और सरकार अपनी सरकार के दौरान डीए देने और पुरानी पेंशन स्कीम पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से कर्ज लेने पर चीमा ने कहा कि दूसरे राज्य भी लगातार कर्ज ले रहे हैं। केंद्र सरकार पर 2014 में 55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था जो अब बढ़कर 212 लाख करोड़ रुपये हो गया है। चीमा ने कहा कि जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तो कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 2,980 करोड़ रुपये थे और अब यह 10,738 करोड़ रुपये हो गया है। चीमा ने कहा कि आप सरकार के दौरान खजाना कभी बंद नहीं हुआ।