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हरियाणा के सीएम सैनी बोले- ‘चुटकुलों से नहीं भरते पेट’

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झूठे वादों और खोखली बातों की राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर करना अब पंजाब के लोगों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता सुख का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम होनी चाहिए, लेकिन पंजाब में मौजूदा सरकार ने इसे मजाक बना दिया है। आप और कांग्रेस ने पंजाब के लोगों को किया निराश: सीएम सैनी रविवार को लुधियाना के समराला में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब में पहले कांग्रेस और अब आम आदमी पार्टी, दोनों सरकारें लोगों से किए वादे निभाने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में डबल इंजन सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान 217 वादे किए थे, जिनमें से एक साल के भीतर 54 वादे पूरे कर दिए गए, जबकि पंजाब में चार साल बीतने के बावजूद घोषणाएं ही घोषणाएं हैं। सीएम सैनी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि चुटकुलों से पेट नहीं भरता है। पंजाब सरकार ने चार साल निकाल दिए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नजर नहीं आता। बुजुर्गों को 2500 रुपये मासिक पेंशन देने का वादा आज तक अधूरा है, जबकि हरियाणा में बुजुर्गों को 3200 रुपये प्रति माह भत्ता दिया जा रहा है। इसी तरह महिलाओं को 1100 रुपये महीना देने का वादा भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। किसानों के मुद्दे पर सीएम सैनी ने कहा कि खराब फसलों के मुआवजे को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री झूठ की राजनीति कर रहे हैं। सीएम ने वीबी-जी राम जी को लेकर पंजाब विधानसभा में पारित प्रस्ताव को बेतुका करार देते हुए कहा कि उसमें न तो कोई तथ्य है, न आंकड़े और न ही सुधार का कोई सुझाव। सीएम सैनी ने सोशल ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि 13,304 ग्राम पंचायतों में से 5,915 पंचायतों के ऑडिट में 10,663 वित्तीय गबन के मामले सामने आए, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। पंजाब का युवा नशे और बेरोजगारी से परेशान होकर अवैध रास्तों से विदेश जाने को मजबूर है, लेकिन सरकार के पास इसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। तो हमारा इतिहास कुछ और ही होता – सीएम सीएम सैनी ने लुधियाना के माछीवाड़ा स्थित गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब में माथा टेका। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आकर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि गुरुओं के बलिदानों ने ही भारत की पहचान गढ़ी है। यदि ये कुर्बानियां न होतीं, तो इतिहास कुछ और ही होता। उन्होंने सभी से गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।इसके बाद सीएम सैनी ने प्राचीन श्री मुक्तेश्वर शिव मंदिर (मुक्तिधाम) चहिला में जाकर पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया।

GST सुधारों से मिलेगा लाभ! हरियाणा CM सैनी बोले- महंगाई पर लगेगी लगाम

हरियाणा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए निर्णय आम जनता, किसानों, उद्योग और मध्यम वर्ग के लिए ऐतिहासिक साबित होंगे। उन्होंने बताया कि अब केवल दो मानक जीएसटी दरें (5 और 18 प्रतिशत) रहेंगी। रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान, खाद्य पदार्थ, दवाइयां, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर टैक्स कम किया गया है। वे शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थ। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने सीमेंट, ट्रैक्टर और कारों पर भी दरें घटाई गई हैं। वहीं हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से महंगाई कम होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।   दो स्लैब में सिमटा जीएसटी जीएसटी काउंसिल ने कर ढांचे को सरल बनाते हुए 12 और 28 प्रतिशत की दरें खत्म कर दी हैं। अब केवल 5 और 18 प्रतिशत की मानक दरें लागू होंगी। अहितकारी वस्तुओं जैसे तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इससे कर प्रणाली सरल होगी और मुकदमेबाजी कम होगी। रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती काउंसिल ने आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं पर टैक्स दरें कम की हैं। कुछ उत्पादों पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। कपड़ा और उर्वरक पर ड्यूटी समाप्त कर दी गई है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाकर तीन दिन में स्वत: पंजीकरण की सुविधा दी गई है। साथ ही प्रोविजनल रिफंड भी समय पर मिलेगा। बैठक में पैकेट दूध और पनीर पर जीएसटी हटा दिया गया है। घी, मक्खन और सूखे मेवों पर दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। रोटी और परांठे पर भी टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेंगे। किसानों को बड़ी राहत कृषि प्रधान हरियाणा के लिए काउंसिल के फैसले अहम रहे। सिंचाई और जुताई उपकरणों पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। उर्वरक इनपुट्स पर भी 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। 1800 सीसी तक की क्षमता वाले ट्रैक्टर पर दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है जबकि इससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर पर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की लागत घटेगी और कृषि का आधुनिकीकरण होगा। नवीकरणीय ऊर्जा और वस्त्र उद्योग को फायदा सौर और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वस्त्र उद्योग में धागे और कपड़े जैसे इनपुट पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। सिलाई मशीन पर भी टैक्स 18 से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। सैनी ने कहा कि इन फैसलों से उत्पादन लागत घटेगी और रोजगार बढ़ेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं पर राहत जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। डायग्नोस्टिक किट पर 5 प्रतिशत और स्वास्थ्य व जीवन बीमा पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे इलाज की लागत कम होगी और गरीब व मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी। वाहन और मकान बनेंगे सस्ते काउंसिल ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए छोटी कारों (पेट्रोल 1200 सीसी और डीजल 1500 सीसी तक) पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। 350 सीसी से अधिक बाइक पर भी दर 18 प्रतिशत कर दी गई है। सीमेंट पर टैक्स 28 से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। इससे मकान और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की लागत कम होगी। हरियाणा में बढ़ा कर संग्रह मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा का शुद्ध जीएसटी संग्रह 2018-19 में 18,910 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 39,743 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य अब देश में जीएसटी संग्रह करने वाले शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह संग्रह 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधार ‘वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट’ की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। इन फैसलों से महंगाई पर नियंत्रण होगा, आमजन की बचत बढ़ेगी और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य और मजबूत होगा।