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हाईकोर्ट ने खारिज की HCS परीक्षा परिणाम चुनौती, कहा- HPSC की चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी

चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) प्रारंभिक परीक्षा-2026 की उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालतें शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों की राय का स्थान नहीं ले सकतीं। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि जब तक उत्तर कुंजी में त्रुटि प्रत्यक्ष, स्पष्ट और संदेह से परे साबित न हो, तब तक न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर यदि संदेह या अस्पष्टता हो तो उसका लाभ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को दिया जाना चाहिए, न कि अभ्यर्थी को। हाईकोर्ट एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ताओं ने 26 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या पाया? उनका कहना था कि सामान्य अध्ययन और सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) के कई प्रश्नों के उत्तर गलत हैं तथा प्रमाणिक स्रोतों के विपरीत हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परीक्षा के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने 28 अप्रैल को अस्थायी उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त आपत्तियों को विषय विशेषज्ञों के पास भेजा गया, जिनकी राय के आधार पर कुछ उत्तरों में संशोधन किया गया और 2 मई को संशोधित उत्तर कुंजी जारी की गई। इसके बाद 4 मई को परिणाम घोषित किया गया।हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश देकर यह भी जानकारी मांगी थी कि कुल कितनी आपत्तियां प्राप्त हुईं और उन्हें निपटाने में कितना समय लगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ समिति के सदस्यों की टिप्पणियां भी तलब की गई थीं। आयोग ने जवाब में बताया कि अदालत के निर्देश के बाद विवादित प्रश्नों पर विशेषज्ञों से दोबारा राय ली गई, लेकिन उन्होंने अंतिम उत्तर कुंजी में किसी अतिरिक्त बदलाव की आवश्यकता नहीं बताई।याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि अंतिम उत्तर कुंजी तैयार करने से पहले उन्हें अन्य अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देने का अवसर नहीं दिया गया। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि ऐसा कोई नियम, विनियमन या विज्ञापन की शर्त नहीं है जो आयोग को ऐसी प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य करती हो। जस्टिस बंसल ने अपने फैसले में विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाले अभ्यर्थी पर यह साबित करने का दायित्व होता है कि त्रुटि इतनी स्पष्ट है कि उसके लिए किसी अनुमान या विस्तृत तर्क की आवश्यकता न पड़े। अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह साबित नहीं होता कि विशेषज्ञों द्वारा स्वीकार किए गए उत्तर प्रत्यक्ष रूप से गलत हैं। इसलिए विशेषज्ञों की राय को प्रतिस्थापित करने का कोई आधार नहीं बनता। फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यदि हर आपत्ति पर पुन आपत्ति और फिर पुनर्विचार की अनुमति दी जाए तो भर्ती प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं हो सकेगी। चूंकि यह केवल प्रारंभिक परीक्षा थी और मुख्य परीक्षा इसी माह के अंत में प्रस्तावित है, इसलिए कुछ असफल अभ्यर्थियों की मांग पर पूरी चयन प्रक्रिया रोकना सार्वजनिक हित और सफल उम्मीदवारों दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इसी आधार पर सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

बदले पैटर्न ने बढ़ाई मुश्किल, अभ्यर्थियों ने बताया पेपर रहा कठिन

अंबाला  हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को हुई। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बातचीत में अधिकांश परीक्षार्थियों ने स्वीकार किया कि इस बार का पेपर न सिर्फ कठिन था बल्कि सवालों का पैटर्न पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। वहीं एलाइड सर्विस के प्रश्नपत्र से विद्यार्थी खुश नजर आए। इस परीक्षा के लिए दोनों पालियों में 8712 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। यह आया कठिन अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य अध्ययन के पेपर में सीधे सवाल पूछने के बजाय कथन और निष्कर्ष और जोड़े मिलाओ वाले सवालों की भरमार थी। भूगोल में महासागरीय धाराओं और खनिज क्षेत्रों कुद्रेमुख, बालाघाट पर आधारित सवालों ने अभ्यर्थियों को परेशानी में डाला। रसायन विज्ञान में मेथनॉल की विषाक्तता और कोलाइड्स से जुड़े तकनीकी सवालों का स्तर काफी ऊंचा रहा। वहीं राज्य की संस्कृति से जुड़े सवालों में लूर नृत्य और झाड़ू फिरी जैसी रचनाओं के मिलान ने भी परीक्षार्थियों को उलझाए रखा। पेपर काफी विस्तृत था। खासकर कथन-1 और कथन-2 वाले सवालों में बहुत समय बर्बाद हुआ। अगर कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं है, तो तुक्का लगाना नामुमकिन था।  अमित कुमार, अभ्यर्थी उकलाना एचपीएससी अब पूरी तरह यूपीएससी के पैटर्न को फॉलो कर रहा है। इकोनॉमिक्स में बेरोजगारी और जीडीपी से जुड़े सवाल बेसिक लग रहे थे लेकिन उनके विकल्प बहुत उलझाने वाले थे।  स्नेहा, अभ्यर्थी पिंजौर नेगेटिव मार्किंग का डर परीक्षा में 0.25 अंकों की नेगेटिव मार्किंग और पांचवें विकल्प (ई) की अनिवार्यता ने भी छात्रों पर मानसिक दबाव बनाए रखा। कई छात्रों ने बताया कि समय कम होने के कारण वे भूगोल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कुछ सवाल हल नहीं कर पाए। वहीं कोचिंग विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने बताया कि पेपर का स्तर काफी कठिन श्रेणी में था। ऐसे में इस बार सामान्य श्रेणी की कट-ऑफ पिछली बार के मुकाबले कम रहने का अनुमान है। कुल 100 सामान्य अध्ययन के प्रश्नों के उत्तर के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इस बार की परीक्षा में हरियाणा की संस्कृति और वैश्विक पर्यावरण समझौतों पर अधिक ध्यान दिया गया। प्रशासन ने की थी हाई-टेक व्यवस्था जिले के 31 केंद्रों पर रविवार को एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा तकनीक के चक्रव्यूह में संपन्न हुई। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार हाई-टेक व्यवस्था अपनाई। केंद्रों के गेट पर अभ्यर्थियों का पहले फेस स्कैन किया गया, फिर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान मिलने के बाद ही एंट्री दी गई। केंद्रों के पास धारा 163 लागू रही और फोटोस्टेट की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल और कंट्रोल रूम के जरिए परीक्षा पर नजर रखी गई। एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा रही आसान जिले में रविवार को आयोजित एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा उम्मीद से कहीं ज्यादा सरल रही। प्रश्नपत्र का स्तर आसान होने के कारण अधिकतर अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले ही अपनी ओएमआर शीट जमा कर दी। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही युवा अपने साथियों के साथ उत्तरों का मिलान करने और अंकों का गणित जोड़ने में व्यस्त हो गए। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी संतुलित था। विशेषकर इतिहास और डाक विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी। बंगाल का विभाजन और सुभाष चंद्र बोस के नारे जैसे सीधे सवालों ने स्कोरिंग को आसान बना दिया। वहीं, डाक नियमों से जुड़े तकनीकी सवाल भी विभागीय तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सरल रहे।  

14616 अभ्यर्थियों की परीक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, होटल-धर्मशाला की होगी चेकिंग

करनाल  हरियाणा लोक सेवा आयोग की 26 अप्रैल को जिले में 48 केंद्रों पर एचसीएस की परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जिला पुलिस करनाल ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने सभी थाना प्रबंधकों व पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित होटल, धर्मशाला, सराय आदि स्थानों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित करें। साइबर सेल करनाल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के मिलने पर गहनता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अतिरिक्त होटल, धर्मशाला व सराय संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक ठहरने वाले व्यक्ति के वैध पहचान दस्तावेज प्राप्त कर नियमानुसार रिकॉर्ड में दर्ज करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के आने की सूचना तुरंत संबंधित थाना या पुलिस चौकी को दें। 14616 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा करनाल में 48 केंद्रों पर दो चरणों में परीक्षा होगी, जिसमें 14616 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षा के समय से 10 मिनट पहले तक प्रवेश दिया जाएगा। सुबह के सत्र की परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के रहने के इंतजाम भी प्रशासन करेगा। केंद्रों तक पहुंचने और वापस लाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। यह रहेगा समय सुबह का सत्र : सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा होगी। सुबह 8.30 से 9.50 बजे तक केंद्र में प्रवेश मिलेगा। शाम का सत्र : दोपहर 3 से 5 बजे तक परीक्षा होगी। दोपहर 1.30 से 2.50 बजे तक केंद्र में प्रवेश मिलेगा।