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स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश: DAV कॉलेज में पोस्टर प्रतियोगिता ने खींचा सबका ध्यान

अमृतसर. DAV कॉलेज अमृतसर के नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) डिपार्टमेंट ने वर्ल्ड हेल्थ डे मनाने के लिए पोस्टर मेकिंग कॉम्पिटिशन सक्सेसफुली ऑर्गनाइज़ किया। कॉम्पिटिशन का मेन मकसद स्टूडेंट्स में हेल्थ अवेयरनेस, बैलेंस्ड लाइफस्टाइल और बीमारियों से बचाव का मैसेज फैलाना था। कॉलेज के अलग-अलग डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने कॉम्पिटिशन में जोश के साथ हिस्सा लिया। पार्टिसिपेंट्स ने मेंटल हेल्थ, न्यूट्रिशन, हाइजीन, रेगुलर एक्सरसाइज और तंबाकू और शराब से दूर रहने जैसे ज़रूरी टॉपिक पर पोस्टर के ज़रिए अपने क्रिएटिव एक्सप्रेशन पेश किए। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अमरदीप गुप्ता ने इवेंट की तारीफ़ की और कहा कि ऐसी एक्टिविटीज़ स्टूडेंट्स को सोशल और हेल्थ इशूज़ के प्रति सेंसिटिव बनाती हैं। उन्होंने NSS डिपार्टमेंट की कोशिशों की बहुत तारीफ़ की। NSS ऑफिसर डॉ. स्मृति अग्रवाल ने कहा कि कॉम्पिटिशन का मकसद युवाओं को भारत को हेल्दी बनाने में एक्टिव रोल निभाने के लिए मोटिवेट करना था। उन्होंने सभी पार्टिसिपेंट्स और विनर्स, कशिश सैनी, खुशी लखोत्रा ​​और जशनप्रीत सिंह को बधाई दी। इस मौके पर प्रोफेसर मनीष कपूर, प्रोफेसर मोहित मेहरा और प्रोफेसर निधि कौशल खास तौर पर मौजूद थे।

UTI के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, हाइजीन की कमी और कुछ आदतें इस जोखिम को बढ़ा रही हैं। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। UTI पेशाब के मार्ग में होने वाला गंभीर संक्रमण है, जिसके कारण तेज दर्द, जलन, बुखार हो सकता है। अक्सर महिलाएं यूटीआई के इन लक्षणों को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और फिर ये गंभीर रूप ले लेती है। आज हम आपको बताएंगे कि यूटीआई आखिर क्या है और इसके खास लक्षण क्या होते हैं? क्या है UTI इंफेक्शन? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग काफी छोटा होता है, जिसके कारण किसी भी बैक्टीरिया को यूरिन ट्रैक्ट तक पहुंचने में कम समय लगता है। UTI आमतौर पर बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है, जो बाहर से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उनमें UTI का खतरा अधिक होता है। 3 प्रकार का होता है यूटीआई इंफेक्शन मुख्य तीन प्रकार का होता है, जिसमें ज्यादा लोगों को यूरेथ्रा इंफेक्शन होता है। महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्या होती हैं और वह इसे पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं 3 प्रकार- ब्लैडर इंफेक्शन (Cystitis) – सबसे आम, पेशाब में जलन और दर्द यूरेथ्रा इंफेक्शन (Urethritis) – पेशाब करते समय जलन किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) – गंभीर स्थिति, बुखार और पीठ दर्द 6 शुरुआती लक्षण क्या हैं UTI इंफेक्शन के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। अगर शुरू में इन पर ध्यान दिया जाए, तो समस्या गंभीर होने से पहले ही इलाज हो सकता है। -पेशाब करते समय दर्द, चुभन या जलन महसूस होना। -पेशाब में बदबू आना या पेशाब धुंधला होना। -बार-बार पेशाब महसूस होना। -रात में पेशाब करने की जरूरत होती है। -पेशाब में खून आना। -तेज बुखार, कमर-पीठ दर्द होना। बचाव कैसे करें UTI हाइजीन की कमी, सेक्स के दौरान इंफेक्शन या फिर हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखती हैं, तो ये आपको नहीं होगा। जैसे पब्लिक टॉयलेट यूज करने से पहले उसे पानी से साफ करें। अक्सर टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। इससे बचाव करने के लिए दिन में करीब 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक ना रोकें। टॉयलेट या सेक्स करने के बाद अच्छे से सफाई करें। गंदा टॉयलेट यूज करने से बचें और हाइजीन का खास ख्याल रखें। डॉक्टर को कब दिखाएं- अगर पेशाब में जलन-बदबू आ रही है और साथ में तेज बुखार है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। कुछ केसेस में पेशाब के दौरान खून भी आने लगता है, इसे हल्के में न लें। सही समय पर इलाज न होने पर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, जो खतरनाक होता है।

क्या आपके नाखून भी हो रहे हैं पीले या नीले? जानें शरीर में छिपी किन बीमारियों की ओर है यह इशारा

हमारे नाखून न सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी सेहत का राज भी बताते हैं। जी हां, भले ही ये सुनने में अजीब लगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे आप अपने नाखूनों को देखकर यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका शरीर किस स्थिति में है। जी हां, नाखूनों का रंग, बनावट, मोटाई और आकार सभी महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। अगर आपको इस बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नाखूनों के कौन-कौन से संकेत स्वास्थ्य की गहन जानकारी देते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नाखून का रंग नाखून का रंग हमारे शरीर की आंतरिक स्थिति का संकेत देता है। अगर नाखून पीले हो रहे हैं तो यह अक्सर विटामिन या मिनरल की कमी की ओर इशारा करता है। कभी-कभी यह ज्यादा धूम्रपान, फंगल संक्रमण या लिवर की समस्या का संकेत भी हो सकता है। नाखूनों पर सफेद धब्बे अक्सर जिंक की कमी से जुड़े होते हैं, जबकि नीला रंग ऑक्सीजन की कमी या फेफड़ों की समस्या की तरफ इशारा कर सकता है। नाखून की बनावट और मोटाई नाखून का बहुत नरम होना या बहुत मोटा होना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। नरम या टूटने वाले नाखून एनीमिया या लो ब्लड सेल्स की ओर इशारा कर सकते हैं। बहुत मोटे या उभरे हुए नाखून थायरॉइड या फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। नाखूनों का आकार नाखूनों का आकार और घुमाव स्वास्थ्य की जानकारी देते हैं। अगर नाखून सामान्य आकार से अलग फैल रहे हैं या नीले-गहरे रंग के हो रहे हैं, तो यह दिल की बीमारी या फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। कब डॉक्टर से मिलें ? अगर नाखूनों में अचानक बदलाव आए, दर्द या सूजन हो, लगातार टूट रहे हों, या रंग बदल रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।