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रायपुर में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की 24वीं बैठक, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की अध्यक्षता

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक संपन्न रायपुर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में महाविद्यालय में आयोजित की गई। आज की बैठक में संस्था के छात्र – छात्राओं से जुड़े विभिन्न सुविधाओं की स्वीकृति प्रदान की गई।  बैठक में महाविद्यालय के कक्षाओं को वातानुकूलित करने, फर्नीचर की खरीदी तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं में माड्यूलर लैब लगाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा  छात्रों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस खरीदने तथा पुस्तकालय को स्मार्ट बनाने आर‌एफ‌आईडी सिस्टम लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  बैठक में महाविद्यालय के विभिन्न भवनों का नामकरण आयुर्वेद के आचार्यों के नाम पर करने की सहमति देते हुए चिकित्सालय में 200 किलोवाट के डीजल जेनरेटर सेट लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए महाविद्यालय चिकित्सालय हेतु आवश्यक मशीनो एवं उपकरणों सहित अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए वो तत्पर  हैं और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय भी प्रतिबद्ध हैं। बैठक में  विभागीय सचिव  अमित कटारिया, संचालक आयुष सु संतन जांगड़े,  प्राचार्य डॉ. प्रवीण जोशी, रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा, स्वास्थ्य मंत्री ने किया साजा केंद्र का निरीक्षण

रायपुर , प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार  को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साजा का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचार ले रहे मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा की और उनसे मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सेवाओं के विस्तार का सकारात्मक परिणाम आज स्वास्थ्य संस्थानों में दिखाई दे रहा है। मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और जहां आवश्यक हो, वहां स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन को दिए।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले—आज का छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेयी की देन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा आज का छत्तीसगढ़ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की देन: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल हजारों साल पुरानी है छत्तीसगढ़ की संस्कृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा को आज का छत्तीसगढ़ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। हालांकि छत्तीसगढ़ का इतिहास सिर्फ 25 साल पुराना नहीं है बल्कि ये हजारों साल पुरानी संस्कृति है। पहली बार पंद्रहवीं सदी में कवि दलपत राव ने पहली बार छत्तीसगढ़ का जिक्र किया था।  कल्चुरियों के 1 हजार साल के शासन में रतनपुर और रायपुर के राजधानी रहते हुए 36 गढ़ों की वजह राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत सदियों पुरानी है जिसको देखकर और सुनकर इस क्षेत्र के विशाल महत्व को समझा जा सकता है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा आया जब मध्य प्रदेश का हिस्सा रहते हुए आज का छत्तीसगढ़ भुखमरी और पलायन के लिए जाना जाता था। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के शासन काल में छत्तीसगढ़ ने दिनों दिन तरक्की की और 15 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ राज्य ने तरक्की की रफ्तार में देश के बड़े राज्यों की बराबरी की। स्वर्गीय  अटल जी ने जिस उद्देश्य के साथ राज्य की स्थापना की थी , ये राज्य उसी दिशा में पिछले 25 वर्षों से लगातार तरक्की कर रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के उन महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के बिना आज के छत्तीसगढ़ का निर्माण कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें ताकि आने वाली पीढ़ियों इस विरासत को देख के ये जान सके कि हमारा इतिहास कितना समृद्ध रहा है।

मेकाहारा में सस्ती मेडिकल जांच, MRI 2 हजार और CT-स्कैन 1 हजार में, डीन को CGMSC NOC की आवश्यकता नहीं

 रायपुर  छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में  रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉडीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध अस्पताल में लोगों को अविलंब स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, रीएजेंट एवं कंज्यूमेबल की खरीदी तथा आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था स्वशासी मद से करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वशासी सभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने मरीज हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के लिए अति आवश्यक सामाग्रियों उपकरण/रियेजेन्ट/केमिकल/ डिस्पोजेबल सामाग्रियां इत्यादि जिनके मांगपत्र सीजीएमएससी को प्रेषित किये गए हैं, उन सामाग्रियों की आपातकालीन आवश्यकता होने पर सीजीएमएससी से एनओसी प्राप्त होने एवं राशि मिलने की प्रत्याशा में अधिष्ठाता स्तर पर छ.ग. भंडार क्रय नियमानुसार आवश्यकता के अनुरूप सामाग्री क्रय किये जाने की वित्तीय शक्ति प्रदत्त करने का अनुमोदन किया।  स्वास्थ्य मंत्री ने पेट सीटी स्कैन तथा गामा कैमरा की सुविधा मरीजों को प्रदान किये जाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तीन महीने के अंदर इस सुविधा को प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। विभिन्न विभागों को दिए जाने वाले इंप्रेशन मनी की राशि को प्रति मांगपत्र ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने अस्पताल में आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर किए जाने वाले छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए अस्पताल स्तर पर ऑटोनॉमस फंड का उपयोग करने के निर्देश दिये। समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज के 200 छात्रों के लिए चयन किए गए छात्रावास भवन पर सहमति दी गई। शीघ्र ही यह छात्रावास संचालन में आ जाएगा। बैठक में डीकेएस अस्पताल के एमसीएच छात्रावास का शुल्क 5 हजार से घटाकर 2 हजार 5 सौ रुपए करने का निर्णय लिया गया। ओपीडी में आने वाले मरीजों के सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच की दर को पुनरीक्षित करते हुए एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले) मरीजों को एमआरआई जांच हेतु ₹2000 एवं सीटी स्कैन जांच हेतु ₹1000 राशि प्रावधानित करने का निर्णय लिया। वहीं बीपीएल मरीजों तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ओपीडी में जाँच सुविधा निशुल्क रहेगी। जबकि अंत: रोगी यानी अस्पताल में भर्ती एपीएल एवं बीपीएल दोनों मरीजों के लिए ये दोनों जांच निशुल्क है। सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल एवं विधायक सुनील सोनी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, संभाग आयुक्त महादेव प्रसाद कांवरे, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. यू. एस. पैंकरा, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, डीकेएस अस्पताल प्रबंधन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।