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फालसे का ठंडा शरबत: गर्मी में लू से राहत देने वाली आसान और नेचुरल रेसिपी

गर्मी में पारा चढ़ते ही शरीर को हाइड्रेटेड और एक्टिव रखने के लिए हम अक्सर फ्रिज में रखे ठंडे ड्रिंक्स, लस्सी या छाछ की तरफ भागते हैं. लेकिन रोज वही छाछ और नींबू पानी पीकर मन भर जाता है. अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी में कोई ऐसा ड्रिंक ढूंढ रहे हैं जो पूरी तरह नेचुरल हो और जिसका स्वाद बेहद चटपटा और लाजवाब हो तो आपको मशहूर शेफ कुणाल कपूर की रेसिपी से घर पर फालसे का शरबत जरूर बनाना चाहिए. छोटे-छोटे जामुनी बेर जैसे दिखने वाले फालसे गर्मियों के मौसम का एक बेहतरीन सुपरफूड हैं. जब इन्हें काले नमक, भुने जीरे और पुदीने के साथ मिलाकर ठंडे-ठंडे शरबत का रूप दिया जाता है तो यह न सिर्फ आपके गले को तर करता है, बल्कि लू और पेट की गर्मी से भी तुरंत राहत दिलाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की एकदम आसान विधि. फालसा शरबत बनाने की साम्रगी ताजा फालसा: 500 ग्राम चीनी या मिश्री: 100 ग्राम (आप स्वादानुसार कम या ज्यादा भी कर सकते हैं) काला नमक और सफेद नमक भुना हुआ जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच पुदीने की पत्तियां: 5-6 (सजावट और खुशबू के लिए) ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका सबसे पहले फालसा को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. एक बाउल या परात में फालसा लें और उसमें चीनी और दोनों नमक डालकर उन्हें हाथों से मसलें (मिक्सर का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे बीज पिस सकते हैं जो स्वाद कड़वा कर देते हैं). अब इसे एक छलनी में डालकर मसलें. बीच-बीच में ठंडा पानी मिलाते रहें और तब तक उसे मसलते रहें जब तक कि फालसे का सारा गूदा रस के रूप में निकल आ जाए. अच्छी तरह मिक्स करें. जब पूरा रस निकल आए तो गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें, ऊपर से शरबत डालें और पुदीने की पत्तियों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. फालसा शरबत के फायदे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फालसा शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचाने का एक प्राकृतिक तरीका है. उत्तर भारत में इसका शरबत बनाकर पीने का खूब चलन है. जाने-माने सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर इसकी आसान रेसिपी बताई थी जिसे हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं.

गर्मी में पेट के लिए रामबाण: चुकंदर-राई कांजी बनाने की आसान रेसिपी

 उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी दस्तक दे चुकी है और तेज धूप और लू कहर बनकर लोगों को सता रही है. इस मौसम में अक्सर हमारा पेट सुस्त पड़ जाता है, भूख कम लगती है और कुछ ठंडा-खट्टा पीने का मन करता है. आज के समय में लोग पेट को ठीक रखने के लिए बाजार के महंगे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद जूस की तरफ भागते हैं, मगर हमारी रसोई में छुपा एक पुराना खजाना आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है. रसोई में मौजूद कुछ चीजें पेट से जुड़ी बीमारियोंं में बहुत असरदार साबित होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी में शरबत, जूस के अलावा कांजी भी लोग खूब पीते हैं, लेकिन इस गर्मी आप चुकंदर-राई की कांजी ट्राई कीजिए. यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि दादी-नानी के जमाने का एक ऐसा पारंपरिक अमृत है, जो टेस्ट में जितना चटपटा है, सेहत के लिए उतना ही वरदान. आइए जानते हैं चुकंदर और राई के पोषण से भरपूर इस देसी प्रोबायोटिक ड्रिंक को बनाने का आसान तरीका. चुकंदर-राई कांजी के लिए आपको यह सारी चीजें लेनी हैं.     काली राई : 2 बड़े चम्मच     पीली सरसों : 1 बड़ा चम्मच     गाजर (लंबे टुकड़ों में कटी हुई): 1 कप     चुकंदर (लंबे टुकड़ों में कटा हुआ): 1 कप     हरी मिर्च: 2 (स्वादानुसार)     हींग: एक चुटकी     काला नमक: 1 ½ छोटा चम्मच     सादा नमक: स्वादानुसार     पानी: 4 कप     सर्विंग के लिए: 2 बड़े चम्मच खारी बूंदी और कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां कांजी बनाने का आसान तरीका कांजी बनाने की असली खूबसूरती इसके फर्मेंटेशन में है, अगर आप घर पर देसी स्टाइल में राई वाली कांजी बनाना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को जरूर फॉलो करें. मसाला तैयार करें: सबसे पहले काली राई और पीली सरसों को मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें. इसका बारीक पाउडर नहीं बनाना है, क्योंकि दरदरा टेक्सचर ही इसे असली स्वाद देता है. पानी गुनगुना करें: पानी को अच्छी तरह उबाल लें और फिर उसे थोड़ा ठंडा होने दें. पानी गर्म होना चाहिए, लेकिन खौलता हुआ नहीं. जार में सामग्री मिलाएं: एक कांच के साफ और सूखे जार में कटी हुई गाजर, चुकंदर, हरी मिर्च, हींग, काला नमक, सादा नमक और पिसी हुई राई-सरसों का पाउडर डालें. फर्मेंटेशन की शुरुआत: अब इस जार में गुनगुना पानी डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें. जार के मुंह को एक साफ मलमल के कपड़े से बांध दें. धूप का जादू: इस जार को दो दिनों के लिए तेज धूप में रख दें. धूप की गर्मी से राई एक्टिव होगी और पानी में खट्टापन आना शुरू होगा. देखभाल: इन दो दिनों के दौरान रोजाना जार को एक बार हिलाएं और अगर ऊपर कोई सफेद झाग या परत दिखे, तो उसे साफ चम्मच से हटा दें. सर्विंग: 2 दिन बाद कांजी का कलर गहरा गुलाबी हो जाएगा और इसमें से एक तीखी-खट्टी खुशबू आने लगेगी. अब इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें, सर्व करते समय ऊपर से कुरकुरी खारी बूंदी और पुदीने की पत्तियां डालें.

गर्मी में एनर्जी और ठंडक देने वाला सत्तू शरबत, सोशल मीडिया पर बना ट्रेंड

भारत में पुराने जमाने से ही गर्मी में सत्तू का सेवन किया जाता रहा है. लेकिन जब से सोशल मीडिया पर इंफ्ल्यूएंसर्स और सेलिब्रिटीज ने इसके फायदे बताने शुरू किए हैं, तब से सत्तू इंटरनेट पर गर्मी से राहत दिलाने और एनर्जी देने के तौर पर खूब ट्रेंड कर रहा है. भुने हुए चने से तैयार होने वाले सत्तू की तासीर ठंडी होती है जो चिलचिलाती गर्मी में पेट की जलन और एसिडिटी को कम करने में मदद करता है. सत्तू के फायदे सत्तू में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता जिससे यह वजन घटाने में भी सहायक है. यह आयरन, मैग्नीशियम और प्रोटीन का एक प्राकृतिक स्रोत है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. बिना चीनी और अधिक मसालों के बना यह शरबत डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है. सत्तू का खट्टा-मीठा ठंडा शरबत सत्तू दही गुड़ नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच काला नमक और सफेद नमक चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर भुना हुआ जीरा पाउडर लाल मिर्च पाउडर ठंडा पानी – 2 गिलास हरे धनिए की ताजी पत्तियां बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन या जग में 4 चम्मच सत्तू डालें. इसमें थोड़ा सा ठंडा दही और फिर स्वादानुसार गुड़ डालें. अब पानी डालकर मिक्सर में ग्राइंड कर लें. अब इसमें काला नमक, सफेद नमक, चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर, भुना हुआ जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नींबू का रस और नींबू का रस डालें. इसके बाद इसे अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब गिलास में सत्तू का शरबत डालें, इसमें बर्फ के टुकड़े डालें और ऊपर से कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें.